केरल पीएससी भर्ती विवाद गहराया, तीन और परीक्षाओं की होगी आपराधिक जांच केरल लोक सेवा आयोग की तीन नई भर्तियों में गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद क्राइम ब्रांच आपराधिक जांच शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस मामले में पहले ही राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) की कार्यप्रणाली एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। राज्य में तीन और प्रमुख भर्ती परीक्षाओं को लेकर आपराधिक जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है, जिससे यह विवाद और अधिक गहरा गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है और संवैधानिक संस्थाओं की पारदर्शिता पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पीएससी के अध्यक्ष और 15 सदस्यों को पद से हटाने की सिफारिश की थी। उन्होंने इस संबंध में 25 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को एक औपचारिक पत्र भेजा था, जिसमें आयोग के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। क्राइम ब्रांच के दायरे में नई भर्तियां जांच एजेंसियों का शिकंजा अब और कसता जा रहा है। क्राइम ब्रांच की ओर से जिन तीन प्रमुख परीक्षाओं को लेकर नए मामले दर्ज करने की तैयारी की जा रही है, उनमें असिस्टेंट मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर, फिशरीज एक्सटेंशन ऑफिसर और विलेज ऑयल इंस्पेक्टर के पद शामिल हैं। इन सभी परीक्षाओं की चयन प्रक्रियाओं में बड़े पैमाने पर धांधली और अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद जांच का दायरा इन पदों तक फैलाया जा रहा है। प्रश्न पत्रों के लीक होने से लेकर रैंक सूची तैयार करने और अंतिम नियुक्तियों तक में गंभीर खामियां पाई गई हैं, जिनकी अब गहराई से छानबीन की जा रही है। पूर्व राज्यपाल का हस्तक्षेप और आंतरिक रिपोर्ट यह पूरा विवाद अचानक सामने नहीं आया है। मीडिया में आई खबरों और आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, राजेंद्र अर्लेकर ने 15 अक्टूबर को अपना पद छोड़ने से ठीक पहले राष्ट्रपति को यह सिफारिश भेजी थी। इस सिफारिश का मुख्य आधार पीएससी का अपना आंतरिक सतर्कता विभाग था, जिसने परीक्षाओं के संचालन में भारी गड़बड़ियों का खुलासा किया था। हालांकि सतर्कता विभाग की रिपोर्ट में गंभीर खामियां उजागर होने के बावजूद समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी निष्क्रियता और प्रशासनिक लापरवाही से नाराज होकर पूर्व राज्यपाल को इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा और राष्ट्रपति को पत्र लिखना उचित समझा गया। कोचिंग सेंटर से पेपर लीक होने का संदेह असिस्टेंट मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर परीक्षा के मामले में शुरुआती जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांचकर्ताओं को पता चला है कि परीक्षा के प्रश्न पत्र में वही सवाल शामिल किए गए थे, जिन्हें पीएससी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले एक प्रमुख कोचिंग सेंटर ने पहले से तैयार किया था। इस बात की தீவிர जांच की जा रही है कि कोचिंग सेंटर के पास ये प्रश्न कैसे पहुंचे और क्या इसके जरिए कुछ खास उम्मीदवारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया था। इस खुलासे ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और गोपनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। हितों के टकराव और यूनिवर्सिटी कनेक्शन के आरोप फिशरीज एक्सटेंशन ऑफिसर की भर्ती प्रक्रिया भी विवादों के केंद्र में है। इस परीक्षा की रैंक लिस्ट में शीर्ष 100 स्थानों पर रहने वाले सभी उम्मीदवार केरल यूनिवर्सिटी ऑफ फिशरीज एंड ओशन स्टडीज के ही छात्र थे। अन्य परीक्षार्थियों का यह गंभीर आरोप है कि जिस यूनिवर्सिटी के छात्रों ने टॉप किया, उसी संस्थान के शिक्षक प्रश्न पत्र तैयार करने में जुटे थे और वे इंटरव्यू बोर्ड का भी हिस्सा बने थे। इससे स्पष्ट रूप से हितों के टकराव की स्थिति पैदा होती है। इसके अलावा, इस भर्ती प्रक्रिया के दौरान छात्र संगठन एसएफआई के कार्यकर्ताओं और नेताओं को विशेष लाभ दिए जाने के आरोप भी मजबूती से उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों की रिश्तेदारी और नियमों की अनदेखी विलेज ऑयल इंस्पेक्टर की भर्ती में भाई-भतीजावाद का एक और मामला सामने आया है। आरोप है कि पीएससी के ही एक बड़े अधिकारी की पत्नी को इस पद पर नियुक्त कर दिया गया, जबकि उनके पास इस नौकरी के लिए जरूरी न्यूनतम योग्यताएं तक नहीं थीं। इस एक मामले ने चयन प्रक्रिया में नियमों के चुनिंदा और मनमाने इस्तेमाल को उजागर कर दिया है। ये सभी नए खुलासे ऐसे संवेदनशील समय में सामने आए हैं, जब पीएससी पहले से ही भारी दबाव से जूझ रहा है। केरल हाईकोर्ट द्वारा परीक्षाओं में व्यापक स्तर पर हुई गड़बड़ियों की जांच के आदेश दिए जाने के बाद से ही आयोग पर दबाव लगातार बना हुआ था। एसआईटी की गति और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई राज्य सरकार की तरफ से मामले की जांच के लिए पहले ही एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जा चुका है, लेकिन इसकी कार्यप्रणाली की गति को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। पूर्व राज्यपाल ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पीएससी के अध्यक्ष और सचिव को राजभवन तलब किया था और उनसे इस पूरी गड़बड़ी पर स्पष्टीकरण मांगा था। हालांकि अधिकारियों के जवाबों से वे संतुष्ट नहीं हुए। उनका मानना था कि इस प्रतिष्ठित संवैधानिक संस्था में आम जनता का खोया हुआ भरोसा वापस पाने के लिए और भी सख्त तथा निर्णायक कदम उठाए जाने की सख्त आवश्यकता है। इसका आप पर असर यह घोटाला केरल में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के भविष्य और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया पर सीधा असर डालता है। • केरल में: उम्मीदवारों को अब अपनी मेहनत पर अधिक भरोसा करना होगा क्योंकि परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए सरकार पर दबाव बढ़ गया है। इन मामलों की आपराधिक जांच से भविष्य की परीक्षाओं में पारदर्शिता आने की उम्मीद की जा सकती है। • भारत में: यह मामला देश भर के विभिन्न राज्यों के लोक सेवा आयोगों में चयन प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इससे अन्य राज्यों के प्रशासनिक आयोग भी अपनी कार्यप्रणाली की समीक्षा करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह प्रशासनिक संकट आंतरिक सतर्कता रिपोर्टों की अनदेखी और चयन प्रक्रियाओं में भाई-भतीजावाद के कारण पैदा हुआ है। • सतर्कता जांच की अनदेखी: आयोग के आंतरिक सतर्कता विभाग ने परीक्षाओं में गंभीर खामियों का खुलासा किया था, लेकिन समय पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। • हितों का टकराव: यूनिवर्सिटी के शिक्षकों और बोर्ड के सदस्यों की मिलीभगत से चुनिंदा उम्मीदवारों को अनुचित लाभ मिलने के रास्ते खुले। • नियमों का चयनात्मक उपयोग: अयोग्य उम्मीदवारों और अधिकारियों के करीबियों को नियुक्तियों में प्राथमिकता देने से प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठे। • बढ़ता संस्थागत दबाव: केरल हाईकोर्ट द्वारा परीक्षाओं की गड़बड़ियों पर दखल दिए जाने के बाद से ही आयोग की कार्यप्रणाली गहन जांच के घेरे में आ गई थी। सवाल-जवाब 1. केरल पीएससी के किन तीन नए मामलों की जांच हो रही है? क्राइम ब्रांच असिस्टेंट मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर, फिशरीज एक्सटेंशन ऑफिसर और विलेज ऑयल इंस्पेक्टर की भर्ती परीक्षाओं की जांच कर रही है। 2. किस पूर्व राज्यपाल ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा था? पूर्व राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने 25 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। 3. असिस्टेंट मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर परीक्षा में क्या गड़बड़ी पाई गई? इस परीक्षा के प्रश्न एक प्रमुख कोचिंग सेंटर द्वारा तैयार किए गए प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए हैं। 4. फिशरीज एक्सटेंशन ऑफिसर भर्ती पर क्या सवाल उठे हैं? रैंक लिस्ट के शीर्ष 100 उम्मीदवार एक ही यूनिवर्सिटी के थे और उसी यूनिवर्सिटी के लोग इंटरव्यू बोर्ड में शामिल थे। 5. विलेज ऑयल इंस्पेक्टर भर्ती में किसका नाम आया है? इस पद पर पीएससी के एक अधिकारी की पत्नी को कथित तौर पर बिना जरूरी योग्यता के नियुक्त किए जाने का आरोप है। https://trendkia.com/kerala/kerala-psc-bharti-vivada-gaharaya-tina-aura-parikshaon-ki-hogi-aparadhika-jancha-51831 TrendKia — Har trend, sabse pehle.