मलप्पुरम में रिश्वत के पैसे टॉयलेट में बहाने की कोशिश, विजिलेंस ने पाइप तोड़कर निकाले ₹10 हजार केरल के मलप्पुरम में होटल लाइसेंस के लिए घूस लेने वाले हेल्थ इंस्पेक्टर ने विजिलेंस टीम को देखते ही नोट टॉयलेट में फ्लश कर दिए, जिसके बाद अधिकारियों ने ड्रेनेज पाइप तोड़कर पूरी रकम बरामद की. केरल के मलप्पुरम जिले में भ्रष्टाचार निरोधक कार्रवाई के दौरान एक बेहद अजीबोगरीब वाकया सामने आया है, जहां पकड़े जाने के डर से एक सरकारी कर्मचारी ने रिश्वत के नोट सीधे कमोड में बहा दिए. तिरुरंगडी नगरपालिका में तैनात पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर ने जैसे ही अपने दरवाजे पर विजिलेंस टीम की आहट सुनी, उसने फौरन 10 हजार रुपये के नोट टॉयलेट में डालकर फ्लश चला दिया. हालांकि, अधिकारियों ने भी हार नहीं मानी और प्लंबिंग की मदद से ड्रेनेज सिस्टम को खंगालते हुए पूरे पैसे बाहर निकाल लिए. होटल और जूस स्टॉल के लाइसेंस पर अटका था काम यह पूरा मामला तिरुरंगडी नगरपालिका क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां पब्लिक हेल्थ इंस्पेक्टर श्रीजी पर एक कारोबारी से रिश्वत मांगने का आरोप लगा था. विदेश में रहने वाली एक महिला ने इलाके में एक नया होटल और जूस स्टॉल शुरू करने की तैयारी की थी. किसी भी खाद्य प्रतिष्ठान को शुरू करने के लिए स्थानीय निकाय से अनिवार्य स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी मंजूरी की दरकार होती है. इसी प्रक्रिया के तहत जब महिला ने नगरपालिका में लाइसेंस के लिए आवेदन दिया, तब हेल्थ इंस्पेक्टर ने फाइल आगे बढ़ाने और अनुमति पत्र जारी करने की एवज में 10 हजार रुपये की घूस मांग ली. सरकारी दफ्तर में नाजायज मांग से परेशान होकर उस महिला ने चुपचाप झुकने के बजाय सतर्कता विभाग से संपर्क करने का फैसला किया. उन्होंने पूरे वाकये की लिखित शिकायत विजिलेंस अधिकारियों को दी. मामले की प्राथमिक जांच करने के बाद विजिलेंस विभाग ने आरोपी अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया. तय योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला को आरोपी द्वारा मांगे गए 10 हजार रुपये सौंपने के लिए तैयार किया गया. किराए के मकान में लेनदेन और दरवाजे पर दस्तक विजिलेंस दल के निर्देशों का पालन करते हुए महिला आरोपी हेल्थ इंस्पेक्टर श्रीजी के किराए के आवास पर पहुंची. वहां कमरे के भीतर महिला ने तय रिश्वत की 10 हजार रुपये की रकम श्रीजी को थमा दी. लेनदेन पूरा होते ही महिला योजना के मुताबिक मकान से बाहर निकल आई. बाहर घात लगाकर इंतजार कर रही विजिलेंस की टीम ने इसके तुरंत बाद मकान की तरफ रुख किया और आरोपी के कमरे का दरवाजा खटखटाया. दरवाजे पर सरकारी अधिकारियों की अप्रत्याशित मौजूदगी का अहसास होते ही श्रीजी के होश उड़ गए. उसे समझ आ गया कि वह कानून के शिकंजे में फंस चुका है. घबराहट में उसने रिश्वत के पैसे छिपाने और सुबूत नष्ट करने की अंतिम कोशिश की. उसने जेब से नोट निकाले, उन्हें फौरन टॉयलेट पॉट में डाल दिया और फ्लश का बटन दबा दिया. आरोपी को लगा कि बहता पानी सारे नोटों को सीवर लाइन में बहा ले जाएगा और उसके खिलाफ कोई भौतिक प्रमाण नहीं बचेगा. सख्ती से पूछताछ और पाइपलाइन की जांच कमरे में दाखिल होने के बाद जब अधिकारियों ने पूछताछ शुरू की, तो श्रीजी शुरू में टालमटोल करता रहा. लेकिन विजिलेंस की कड़ी पूछताछ के सामने उसकी चालाकी ज्यादा देर नहीं टिक सकी. उसने स्वीकार कर लिया कि दरवाजे पर दस्तक सुनते ही उसने 10 हजार रुपये की पूरी रकम टॉयलेट में डालकर फ्लश चला दिया था. इस कबूलनामे के बाद विजिलेंस दल ने पंचनामे की औपचारिकता पूरी करने के लिए पैसों की बरामदगी की योजना बनाई. टीम आरोपी को साथ लेकर किराए के घर के उस हिस्से में पहुंची जहां से ड्रेनेज लाइन गुजरती थी. अधिकारियों ने स्थानीय कारीगरों की मदद से टॉयलेट की फिटिंग हटवाई और मुख्य पाइपलाइन की तलाशी शुरू की. पाइप के भीतर फंसे मलबे और सामान को आगे धकेलने के लिए तेज दबाव के साथ पानी छोड़ा गया. काफी मशक्कत और सावधानीपूर्वक खोजबीन के बाद ड्रेनेज पाइप के एक घुमावदार मोड़ में फंसी हुई 10 हजार रुपये की रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली गई. पैसे बहकर मेन लाइन में नहीं जा सके थे, जिससे विजिलेंस को ठोस सबूत मिल गया और आरोपी के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस दिया गया. इसका आप पर असर यह घटना दिखाती है कि रिश्वतखोरी के खिलाफ तुरंत कानूनी कदम उठाने से भ्रष्ट अधिकारियों पर लगाम लगाई जा सकती है. • भारत में: यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी वैधानिक काम के बदले घूस की मांग करता है, तो नागरिक सतर्कता विभाग में बिना डरे शिकायत कर सकते हैं. इस प्रकार की त्वरित कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि सबूत मिटाने के गैरकानूनी हथकंडे भी कानून के शिकंजे से नहीं बचा सकते. • मलप्पुरम में: तिरुरंगडी और आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक लाइसेंस या परमिट के लिए आवेदन करने वाले कारोबारियों को अब अतिरिक्त सतर्कता मिलेगी. स्थानीय नागरिक निकाय के कर्मचारियों द्वारा बेवजह काम अटकाने या अवैध वसूली करने पर व्यापारी सीधे विजिलेंस सेल से संपर्क साध सकते हैं. ऐसा क्यों हुआ यह घटना नगरपालिका के एक स्वास्थ्य निरीक्षक द्वारा कानूनी प्रक्रिया की आड़ में नए व्यावसायिक प्रतिष्ठान के लाइसेंस के बदले अनुचित लाभ मांगने के कारण हुई. • सीधा कारण: विदेश से लौटी महिला उद्यमी ने अपने नए होटल व जूस स्टॉल के लिए जरूरी म्युनिसिपल लाइसेंस मांगा था, जिसे जारी करने के बदले आरोपी ने 10 हजार रुपये की घूस मांगी थी. • शिकायत और जाल: पीड़िता ने अवैध मांग को स्वीकार करने के बजाय सतर्कता विभाग को सूचित किया, जिसके बाद विजिलेंस टीम ने सुनियोजित तरीके से घूस लेते वक्त अधिकारी को पकड़ने की योजना बनाई. • सबूत मिटाने की कोशिश: अधिकारियों की अचानक दस्तक से घबराए आरोपी ने पकड़े जाने से बचने के लिए नोटों को टॉयलेट में बहाने की सोची, लेकिन पाइप के मोड़ में नोट फंस जाने से उसकी योजना नाकाम हो गई. • आगे की कार्रवाई: रिश्वत की रकम बरामद होने के बाद विजिलेंस विभाग ने आरोपी हेल्थ इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है. सवाल-जवाब 1. आरोपी हेल्थ इंस्पेक्टर पर क्या आरोप है? तिरुरंगडी नगरपालिका के हेल्थ इंस्पेक्टर श्रीजी पर एक होटल और जूस स्टॉल का लाइसेंस जारी करने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है. 2. आरोपी ने रिश्वत के पैसे टॉयलेट में क्यों डाल दिए? घर का दरवाजा खटखटाते ही विजिलेंस अधिकारियों की मौजूदगी भांपकर आरोपी ने सबूत नष्ट करने के इरादे से नोट कमोड में डालकर फ्लश कर दिया था. 3. विजिलेंस टीम ने घूस की रकम कैसे बरामद की? अधिकारियों ने घर का टॉयलेट हटवाया और ड्रेनेज पाइप में पानी का दबाव डालकर तलाशी ली, जहां पाइप के मोड़ में फंसे पूरे 10 हजार रुपये बरामद हो गए. 4. यह मामला किस जिले और नगरपालिका का है? यह पूरा मामला केरल के मलप्पुरम जिले में स्थित तिरुरंगडी नगरपालिका क्षेत्र का है. https://trendkia.com/kerala/malappuram-men-rishvata-ke-paise-toyaleta-men-bahane-ki-koshisha-vigilance-ne-paipa-torakara-nikale-10-hajara-43419 TrendKia — Har trend, sabse pehle.