# फॉकलैंड द्वीप के पास तेल निकालने वाली कंपनी नवितास पेट्रोलियम पर आपराधिक मुकदमे की तैयारी में अर्जेंटीना

> अर्जेंटीना की सरकार ने फॉकलैंड द्वीप के पास समुद्री क्षेत्र में तेल गतिविधियों में शामिल होने के कारण नवितास पेट्रोलियम और उसकी सहयोगी कंपनियों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज करने का ऐलान किया है। यह कदम राष्ट्रपति जेवियर माइली द्वारा ब्रिटिश नियंत्रण वाले इस क्षेत्र में तेल खनन करने वाली कंपनियों को सजा देने की चेतावनी के कुछ दिनों बाद उठाया गया है।

**Type:** article · **Category:** लैटिन अमेरिका · **Published:** 2026-09-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/latin-america/argentina-moves-to-file-criminal-charges-against-oil-firm-operating-near-falklands-29798 · **Language:** Hindi
**Tags:** फॉकलैंड द्वीप, अर्जेंटीना, जेवियर माइली, नवितास पेट्रोलियम, सी लायन प्रोजेक्ट, ब्रिटेन

अर्जेंटीना सरकार ने घोषणा की है कि वह फॉकलैंड द्वीप समूह के आसपास के समुद्रों में तेल संचालन करने वाली नवितास पेट्रोलियम कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज करने जा रही है। यह कानूनी कार्रवाई राष्ट्रपति जेवियर माइली के उस हालिया बयान के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने दक्षिण-पश्चिम अटलांटिक महासागर में स्थित इस ब्रिटिश अधिकृत विदेशी क्षेत्र में ड्रिलिंग गतिविधियों में लिप्त तेल कंपनियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी थी।

ब्रिटेन और अर्जेंटीना के बीच इस द्वीप समूह की संप्रभुता को लेकर विवाद चार दशक से भी अधिक पुराना है। साल 1982 में अर्जेंटीना की सेनाओं ने इस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद एक ब्रिटिश सैन्य कार्यबल ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया था। तब से यह भू-राजनीतिक मुद्दा दोनों देशों के बीच लगातार बना हुआ है और समय-समय पर इसमें तनाव और अधिक बढ़ जाता है।

## राष्ट्रपति माइली का कड़ा रुख और ऐतिहासिक दावा
पिछले हफ्ते राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति जेवियर माइली ने इस विवाद को फिर से गरमा दिया था। उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि अब परिवर्तन की बयार बह रही है और यह अनुकूल माहौल अर्जेंटीना के फॉकलैंड पर हक के दावे को मजबूती देता है। स्थानीय समयानुसार गुरुवार शाम को दिए गए अपने संबोधन में उन्होंने इस क्षेत्र पर अपने देश के रुख को दोहराते हुए साफ किया कि मालविनास ऐतिहासिक और कानूनी रूप से अर्जेंटीना का हिस्सा है और इस बात पर किसी भी तरह की बहस की कोई गुंजाइश नहीं है।

माइली ने द्वीप समूह में तेल के लिए ड्रिलिंग करने को अर्जेंटीना की संप्रभुता के लिए एक स्पष्ट और गंभीर खतरा बताया। इसके साथ ही उन्होंने साल 2013 में हुए उस जनमत संग्रह के नतीजों को भी सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें इस द्वीप के 99.8 प्रतिशत निवासियों ने फॉकलैंड के ब्रिटिश अधिकृत क्षेत्र बने रहने के पक्ष में मतदान किया था। माइली का तर्क था कि ये लोग ब्रिटिश शासन द्वारा हड़पी गई भूमि पर रह रहे हैं और इसलिए उन्हें आत्मनिर्णय का कोई वैध अधिकार प्राप्त नहीं है।

## ब्रिटेन की प्रतिक्रिया और कंपनियों की स्थिति
ब्रिटिश सरकार ने राष्ट्रपति माइली के इस भाषण को पूरी तरह खारिज कर दिया और इस बात पर जोर दिया कि फॉकलैंड को लेकर उनका रुख अटूट और अडिग है। इससे पहले ऐसी उम्मीदें जताई जा रही थीं कि माइली का यह भाषण शायद एक क्षणिक बात थी और वे ब्रिटेन के साथ कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने वाले अपने पुराने रुख पर लौट आएंगे। हालांकि सोमवार को इन सारी उम्मीदों पर उस वक्त पानी फेर दिया गया जब राष्ट्रपति कार्यालय ने आधिकारिक रूप से यह घोषणा की कि वह नवितास पेट्रोलियम, उसकी कई सहायक कंपनियों और उनके वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कर रहा है।

तेल कंपनी नवितास, जो तेल अवीव स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध है, नॉर्थ फॉकलैंड बेसिन में साल 2028 से तेल उत्पादन शुरू करने वाली एक अपतटीय परियोजना यानी सी लायन प्रोजेक्ट में 65 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है। यह सी लायन तेल क्षेत्र फॉकलैंड द्वीप से लगभग 130 मील यानी 209 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और इसमें अनुमानित तौर पर 1.7 अरब बैरल तेल का विशाल भंडार मौजूद है।

## कानूनी उल्लंघन के आरोप और कंपनियों का जवाब
सोमवार को जारी किए गए अपने बयान में राष्ट्रपति माइली की सरकार ने आरोप लगाया कि इस क्षेत्र में ड्रिलिंग करना अर्जेंटीना के उस कानून का सीधा उल्लंघन है जो देश के संबंधित अधिकारियों की पूर्व अनुमति के बिना प्राकृतिक संसाधनों के दोहन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाता है। बयान में इस बात पर भी जोर दिया गया कि अर्जेंटीना गणराज्य के संप्रभु अधिकारों का उल्लंघन करने वाले किसी भी कृत्य का मुकाबला करने के लिए राज्य आवश्यक कानूनी कदम उठाना जारी रखेगा।

इस नवीनतम बयान पर नवितास की तरफ से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कंपनी ने पिछले हफ्ते यह जरूर कहा था कि माइली की टिप्पणियों से सी लायन प्रोजेक्ट की विकास गतिविधियों और उसकी समय सीमा पर कोई खास और बुरा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। इसके अलावा, सी लायन परियोजना में आंशिक हिस्सेदारी रखने वाली रॉकहॉप्टल कंपनी ने भी इस ताजा बयान पर अभी तक अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। दोनों कंपनियों ने अपने बयानों में पहले भी यह बात कही है कि सी लायन प्रोजेक्ट के पास फॉकलैंड द्वीप अधिकारियों से वैध लाइसेंस मौजूद हैं।

## इसका आप पर असर
यह भू-राजनीतिक घटनाक्रम लैटिन अमेरिका और यूरोप के बीच कूटनीतिक तनाव को बढ़ा सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों और सीमा पार ऊर्जा निवेश पर असर पड़ सकता है।

- **वैश्विक स्तर पर:** इस विवाद के बढ़ने से फॉकलैंड द्वीप क्षेत्र में तेल खोज और खनन परियोजनाओं से जुड़े निवेशकों के लिए विनियामक और कानूनी जोखिम काफी बढ़ सकते हैं।
- **अर्जेंटीना में:** देश के नागरिकों और राजनीतिक हलकों में यह मुद्दा राष्ट्रवाद को बढ़ावा दे सकता है, जिससे राष्ट्रपति जेवियर माइली की घरेलू राजनीतिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।
- **ब्रिटेन में:** ब्रिटिश प्रशासन पर इस दूरदराज के क्षेत्र की संप्रभुता और वहां के नागरिकों के हितों की रक्षा करने का कूटनीतिक दबाव और अधिक बढ़ जाएगा।
- **ऊर्जा क्षेत्र में:** नवितास पेट्रोलियम और अन्य जुड़ी कंपनियों को अपने शेयर बाजार के मूल्यांकन और भविष्य की परियोजनाओं के निष्पादन में नई कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह विवाद दशकों पुराने औपनिवेशिक दावों और दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित विशाल तेल भंडारों के दोहन के आर्थिक हितों के कारण गरमाया है।

- **ऐतिहासिक संप्रभुता का दावा:** अर्जेंटीना फॉकलैंड द्वीप को अपना भू-भाग मानता है और 1982 के युद्ध के बाद से इस पर ब्रिटेन के नियंत्रण को अवैध मानता है।
- **नए तेल भंडारों की खोज:** नॉर्थ फॉकलैंड बेसिन में अरबों बैरल तेल के विशाल भंडार की मौजूदगी ने ऊर्जा कंपनियों को आकर्षित किया है, जिसका अर्जेंटीना विरोध कर रहा है।
- **राजनीतिक प्रतिबद्धताएं:** राष्ट्रपति जेवियर माइली द्वारा राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने और अपने पूर्ववर्तियों के रुख से हटकर कड़ा रुख अपनाने के चुनावी वादे इस आक्रामक रणनीति के पीछे मुख्य कारण हैं।
- **कानूनी क्षेत्राधिकार का टकराव:** अर्जेंटीना का घरेलू कानून बिना सरकारी मंजूरी के संसाधनों के दोहन को अवैध बनाता है, जिसके तहत विदेशी कंपनियों पर मुकदमे की कार्रवाई की जा रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. अर्जेंटीना किस कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज कर रहा है?
अर्जेंटीना सरकार तेल कंपनी नवितास पेट्रोलियम, उसकी सहायक कंपनियों और उनके अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर रही है।

### 2. फॉकलैंड द्वीप के पास कौन सी तेल परियोजना स्थित है?
फॉकलैंड द्वीप से लगभग 130 मील दूर नॉर्थ फॉकलैंड बेसिन में सी लायन नामक अपतटीय तेल परियोजना स्थित है।

### 3. सी लायन तेल परियोजना से उत्पादन कब शुरू होने की उम्मीद है?
इस परियोजना से वर्ष 2028 में तेल उत्पादन शुरू होने की योजना है।

### 4. सी लायन तेल क्षेत्र में नवितास पेट्रोलियम की कितनी हिस्सेदारी है?
नवितास पेट्रोलियम के पास इस परियोजना में 65 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

### 5. सी लायन क्षेत्र में अनुमानित रूप से कितना तेल मौजूद है?
इस क्षेत्र में लगभग 1.7 अरब बैरल तेल का अनुमानित भंडार है।

### 6. अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली ने इस ड्रिलिंग को क्या बताया है?
राष्ट्रपति माइली ने इस ड्रिलिंग को अर्जेंटीना की संप्रभुता के लिए एक स्पष्ट और तत्काल खतरा बताया है।

### 7. 2013 के जनमत संग्रह में फॉकलैंड के निवासियों ने क्या फैसला दिया था?
जनमत संग्रह में 99.8 प्रतिशत निवासियों ने फॉकलैंड के ब्रिटिश अधिकृत क्षेत्र बने रहने के पक्ष में मतदान किया था।

### 8. नवितास पेट्रोलियम किस देश के स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध है?
नवितास पेट्रोलियम तेल अवीव स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध है।

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