# ड्रग तस्करी पर कसता शिकंजा: कोलंबिया के नए राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने 5 विद्रोही नेताओं के अमेरिका प्रत्यर्पण को दी हरी झंडी

> कोलंबिया के नए राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने पांच विद्रोही और आपराधिक गिरोह के सदस्यों को अमेरिका प्रत्यर्पित करने के फैसले को मंजूरी दे दी है। यह कदम पूर्व राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो की शांति नीति से एक बड़ा बदलाव दर्शाता है।

**Type:** article · **Category:** लैटिन अमेरिका · **Published:** 2026-08-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/latin-america/colombia-ke-nae-rashtrapati-abelardo-de-la-espriella-ne-5-vidrohi-netaon-ke-us-pratyarpana-ko-di-hari-jhndi-23383 · **Language:** Hindi
**Tags:** कोलंबिया, अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला, गुस्तावो पेट्रो, अमेरिका, डोनाल्ड ट्रंप, फार्क, प्रत्यर्पण, ड्रग तस्करी

कोलंबिया के नए राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने पांच विद्रोही और आपराधिक सशस्त्र समूहों के सदस्यों के अमेरिका प्रत्यर्पण को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। अमेरिकी न्याय प्रणाली द्वारा नशीले पदार्थों की तस्करी और अन्य संगीन मामलों में वांछित इन आरोपियों को सौंपने का निर्णय दक्षिण अमेरिकी देश की सुरक्षा रणनीति में एक बुनियादी और कड़ा मोड़ साबित हो रहा है। दक्षिणपंथी विचारधारा वाले राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने पद संभालते ही अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया है, जिससे उनके वामपंथी पूर्ववर्ती गुस्तावो पेट्रो की नीतियों पर विराम लगता दिखाई दे रहा है। पेट्रो ने दशकों से जारी हिंसा को समाप्त करने के उद्देश्य से विद्रोही समूहों और आपराधिक संगठनों को वार्ता की मेज पर लाने की योजना बनाई थी, लेकिन नई सरकार ने साफ कर दिया है कि अपराध के खिलाफ कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

## शांति वार्ता की विफलता और नीतियों में बड़ा बदलाव
नवनिर्मित सरकार के इस फैसले से कोलंबिया की आंतरिक सुरक्षा और शांति प्रक्रियाओं के भविष्य पर गहरा असर पड़ा है। राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि पहले ही दिन से यह बात पूरी तरह स्पष्ट थी कि शांति कभी भी अपराधियों के लिए शरणस्थली या सजा से बचने का माध्यम नहीं बन सकती। उन्होंने बाद में अपने वक्तव्य में पूर्व राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो की व्यापक शांति योजना की तीखी आलोचना की। उनका कहना था कि पेट्रो की बातचीत की पहल ने अपराधियों के लिए दरवाजे तो खोल दिए, लेकिन बदले में उनसे किसी भी प्रकार का वास्तविक सहयोग हासिल करने में विफल रही।

पूर्ववर्ती सरकार की नीतियों के आलोचकों का भी यही मानना है कि विभिन्न सशस्त्र समूहों के साथ बातचीत के प्रयास पूरी तरह नाकाम रहे। इन अवैध संगठनों के सदस्यों ने बार-बार संघर्षविराम के नियमों का उल्लंघन किया और वार्ता की प्रक्रिया को बीच में ही छोड़कर दूर चले गए। आलोचकों के अनुसार, शांति वार्ता का लाभ उठाकर इन आपराधिक तत्वों ने अपनी गतिविधियों को और अधिक मजबूत किया, जिससे देश में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी।

## प्रत्यर्पण का सामना कर रहे आरोपी और उनके आपराधिक समूह
अमेरिका प्रत्यर्पण का सामना कर रहे पांचों व्यक्ति कोलंबिया के प्रमुख विद्रोही और ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। इनमें से कुछ आरोपी 'रिवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस ऑफ कोलंबिया' यानी फार्क (FARC) के विद्रोही गुटों के सदस्य हैं। फार्क एक वामपंथी विद्रोही संगठन है जिसने साल 2016 में कोलंबियाई सरकार के साथ एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन इसके कुछ अलग हुए गुटों ने आपराधिक रास्ते को अपनाए रखा। इसके अलावा, अन्य आरोपी 'गल्फ क्लैन' से संबंध रखते हैं, जिसे कोलंबिया का सबसे बड़ा और खतरनाक ड्रग तस्करी कार्टेल माना जाता है।

अमेरिकी अदालतों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा इन पांचों व्यक्तियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों में अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों की तस्करी, नार्को-आतंकवाद और अवैध हथियारों को रखने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। वर्तमान में इन पांच आरोपियों में से केवल दो ही कोलंबियाई अधिकारियों की हिरासत में हैं, जबकि बाकी तीन आरोपी अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। दिलचस्प बात यह है कि इन प्रत्यर्पणों को पूर्व राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने ही साल 2025 में मंजूरी दी थी, लेकिन आरोपियों के शांति प्रयासों में शामिल होने के कारण प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को निलंबित कर दिया गया था। अब नई सरकार ने इस निलंबन को हटाकर प्रत्यर्पण प्रक्रिया को तुरंत आगे बढ़ाने का आदेश दिया है।

## अमेरिका के साथ रणनीतिक संबंधों का पुनर्निर्माण
चालू महीने के मध्य में शपथ लेने वाले राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने अपने चुनावी अभियान के दौरान कोलंबिया में सक्रिय ड्रग तस्करों का पूरी तरह से खात्मा करने का वादा किया था। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आश्वासन दिया है कि वे लैटिन अमेरिका में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ सैन्य और कानूनी कार्रवाई को और तेज करेंगे। डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने भी इस क्षेत्र में सक्रिय ड्रग तस्करों और कार्टेलों को निशाना बनाने को अपनी शीर्ष प्राथमिकता बनाया हुआ है।

कोलंबिया दुनिया में कोकीन का सबसे बड़ा उत्पादक देश है और ऐतिहासिक रूप से लैटिन अमेरिका में वाशिंगटन का सबसे करीबी और मजबूत सहयोगी रहा है। हालांकि, पूर्व राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो के कार्यकाल के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में काफी तनाव आ गया था। पेट्रो ने ड्रग तस्करी से निपटने के वाशिंगटन के पारंपरिक तरीकों को खुले तौर पर चुनौती दी थी और संदिग्ध ड्रग तस्करी नौकाओं पर अमेरिकी सेना के हवाई और समुद्री हमलों की कड़ी निंदा की थी। अब राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला के इस कड़े प्रत्यर्पण फैसले से अमेरिका और कोलंबिया के बीच रणनीतिक और सुरक्षा संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।

## इसका आप पर असर
यह फैसला लैटिन अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था, ड्रग तस्करी विरोधी अभियानों और अमेरिका-कोलंबिया कूटनीतिक संबंधों को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा।

- **भारत में:** अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग तस्करी और नार्को-आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका और कोलंबिया का सख्त रुख वैश्विक सुरक्षा नीतियों को प्रभावित कर सकता है। इससे सीमा पार नशीले पदार्थों के व्यापार पर लगाम लगाने के वैश्विक प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
- **कोलंबिया में:** शांति वार्ता की जगह सख्त सैन्य व न्यायिक कार्रवाई से देश के भीतर विद्रोही गुटों और गल्फ क्लैन जैसे ड्रग कार्टेल के खिलाफ अभियानों में तेजी आएगी। इससे सुरक्षा स्थिति में बदलाव देखने को मिल सकता है।
- **अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर:** वॉशिंगटन और बोगोटा के बीच सुरक्षा साझेदारी दोबारा मजबूत होगी। अमेरिकी न्याय विभाग को नार्को-आतंकवाद के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का रास्ता साफ होगा।
- **आपराधिक गिरोहों पर प्रभाव:** शांति प्रक्रिया का संरक्षण समाप्त होने से विद्रोही समूहों के लिए आत्मसमर्पण या कानून के सामने आने के अलावा विकल्प सीमित हो जाएंगे।

## सवाल-जवाब

### 1. कोलंबिया के किस नए राष्ट्रपति ने विद्रोही नेताओं के प्रत्यर्पण को मंजूरी दी है?
कोलंबिया के नए राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रिएला ने 5 विद्रोही और आपराधिक गिरोह के सदस्यों के अमेरिका प्रत्यर्पण को मंजूरी दी है।

### 2. किन मुख्य संगठनों से जुड़े सदस्यों को अमेरिका प्रत्यर्पित किया जा रहा है?
प्रत्यर्पित किए जाने वाले सदस्य फार्क (FARC) के विद्रोही गुटों और कोलंबिया के मुख्य ड्रग कार्टेल 'गल्फ क्लैन' से जुड़े हैं।

### 3. इन आरोपियों पर अमेरिका में क्या आरोप लगाए गए हैं?
इन आरोपियों पर नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी, नार्को-आतंकवाद और अवैध हथियारों को रखने जैसे गंभीर आरोप हैं।

### 4. पूर्व राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो के समय प्रत्यर्पण क्यों रुका हुआ था?
पूर्व राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो की शांति वार्ता योजना में भाग लेने के कारण 2025 में मंजूरी मिलने के बाद भी प्रत्यर्पण को निलंबित रखा गया था।

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