मेक्सिको में पूर्व अटॉर्नी जनरल पर राजद्रोह का गंभीर मामला दर्ज, अमेरिकी एजेंटों को दी थी ड्रग्स रेड में एंट्री मेक्सिको के संघीय अभियोजकों ने चिहुआहुआ राज्य के पूर्व अटॉर्नी जनरल सीज़र जौरेगुई मोरेनो पर राजद्रोह का आरोप लगाया है। उन्होंने अमेरिकी एजेंटों को बिना अधिकृत अनुमति के ड्रग्स लैब पर छापेमारी में शामिल होने की अनुमति दी थी। मेक्सिको में संघीय अभियोजकों ने एक पूर्व राज्य अभियोजक पर राजद्रोह के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला तब गर्माया जब उन्होंने अमेरिकी एजेंटों को बिना उचित अनुमति के ड्रग्स लैब पर छापेमारी करने की अनुमति दी। यह पूरा घटनाक्रम देश के राजनीतिक और कानूनी गलियारों में भारी हलचल मचा रहा है। सीज़र जौरेगुई मोरेनो पर लगे आरोप चिहुआहुआ के उत्तरी सीमावर्ती राज्य में साल 2023 से इस साल तक अटॉर्नी जनरल के पद पर अपनी सेवाएं देने वाले सीज़र जौरेगुई मोरेनो को सप्ताहांत के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। अटॉर्नी जनरल अर्नेस्टिना गोदोय रामोस ने जानकारी दी कि सीज़र जौरेगुई ने उन विदेशी एजेंटों को ऐसी गतिविधियों में शामिल होने दिया जो विशेष रूप से केवल मैक्सिकन अधिकारियों के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा, उन्होंने आवश्यक जानकारी भी साझा नहीं की। सीज़र जौरेगुई ने इन तमाम आरोपों से साफ इनकार किया है। रूढ़िवादी विपक्षी पैन पार्टी के सदस्य रहे इस पूर्व अभियोजक की अदालत में सुनवाई शनिवार के लिए तय की गई है। मामले में एक न्यायाधीश को अभी यह तय करना बाकी है कि इस मुकदमे को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं या नहीं। चिहुआहुआ में सड़क हादसे से हुआ खुलासा अमेरिकी एजेंटों की इस संलिप्तता का पर्दाफाश तब हुआ जब सीआईए के लिए काम करने वाले दो अमेरिकी एजेंट चिहुआहुआ में एक भीषण कार दुर्घटना के दौरान मृत पाए गए। इस दर्दनाक हादसे में उनके साथ दो मैक्सिकन कानून प्रवर्तन अधिकारी भी मारे गए थे। यह हादसा 19 अप्रैल को उस समय हुआ जब एक सुदूर पहाड़ी इलाके में संदिग्ध मेथामफेटामाइन लैब को निशाना बनाने वाले ऑपरेशन से लौट रहा काफिला सड़क से भटककर गहरी खाई में जा गिरा। अधिकारियों के मुताबिक, चिहुआहुआ स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के दो सदस्यों की भी इस दुर्घटना में जान चली गई। उस समय राज्य के अटॉर्नी जनरल के रूप में काम करते हुए सीज़र जौरेगुई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि अमेरिकी नागरिक अमेरिकी दूतावास के इंस्ट्रक्टर ऑफिसर थे जो सामान्य आदान-प्रदान के तहत प्रशिक्षण कार्य में जुटे हुए थे। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये दोनों व्यक्ति क्षेत्र में नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने के लिए चलाए जा रहे विस्तारित अभियान के तहत सीआईए के लिए काम कर रहे थे। राजनीतिक दबाव और संप्रभुता का सवाल मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शैनबाम पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ड्रग तस्करी के खिलाफ कड़े कदम उठाने का भारी दबाव बना हुआ है। इसके बावजूद उन्होंने देश में अमेरिकी नेतृत्व वाले मादक पदार्थ विरोधी अभियानों के प्रस्तावों को बार-बार ठुकरा दिया है। वह इस बात को लेकर बेहद सख्त रही हैं कि विदेशी अधिकारी केवल तभी मैक्सिकन धरती पर काम कर सकते हैं जब उन्हें संघीय सरकार से पहले ही मंजूरी मिल चुकी हो। उन्होंने लगातार इस बात पर जोर दिया है कि इस लातीनी अमेरिकी देश की संप्रभुता का किसी भी कीमत पर उल्लंघन नहीं होना चाहिए। सीज़र जौरेगुई को केवल राजद्रोह ही नहीं बल्कि चिहुआहुआ में सार्वजनिक पद के दुरुपयोग जैसे राज्य-स्तरीय आरोपों का भी सामना करना पड़ रहा है। रविवार को हुई एक अदालती सुनवाई में उन्होंने इस बात से पूरी तरह इनकार किया कि उन्होंने कभी अमेरिकी एजेंटों को इस ऑपरेशन में शामिल होने का निर्देश दिया था या अपनी सहमति दी थी। इसका आप पर असर यह घटना मेक्सिको और अमेरिका के बीच सुरक्षा सहयोग और कूटनीतिक संबंधों पर गहरा असर डालती है। • भारत में: इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय संप्रभुता और विदेश नीति के मामलों को प्रभावित करता है। • मेक्सिको में: स्थानीय नागरिकों और सुरक्षा तंत्र पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ेगा क्योंकि सरकार विदेशी एजेंसियों की दखलंदाजी पर और अधिक सख्त रुख अपना सकती है। • सीमा सुरक्षा: सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियानों में अमेरिकी और मैक्सिकन एजेंसियों के बीच समन्वय प्रभावित हो सकता है। • कानूनी कार्रवाई: पूर्व अधिकारियों के खिलाफ इस तरह के कड़े राजद्रोह के आरोप यह संदेश देते हैं कि नियमों का उल्लंघन करने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। • राजनीतिक दिशा: राष्ट्रपति क्लाउडिया शैनबाम पर अमेरिकी दबाव के बीच घरेलू स्तर पर अपनी नीतियों को और अधिक दृढ़ता से लागू करने का दबाव बढ़ेगा। ऐसा क्यों हुआ यह पूरा कानूनी मामला 19 अप्रैल को हुए एक घातक सड़क हादसे और उसके बाद उपजे राजनीतिक विवाद के कारण सामने आया है। • हादसे की पृष्ठभूमि: मेथामफेटामाइन लैब पर छापेमारी से लौटते समय एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिसमें दो अमेरिकी एजेंट और दो मैक्सिकन अधिकारी मारे गए। • अनधिकृत गतिविधियां: संघीय अभियोजकों का आरोप है कि सीज़र जौरेगुई ने बिना विधिवत संघीय अनुमति के विदेशी एजेंटों को प्रतिबंधित अभियानों में हिस्सा लेने दिया। • राजनीतिक दबाव: अमेरिकी प्रशासन की ओर से ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग लगातार बढ़ रही थी, जिससे स्थानीय अधिकारियों पर अनुचित दबाव बना। • संप्रभुता का मुद्दा: मैक्सिकन सरकार विदेशी हस्तक्षेप के खिलाफ कड़ा रुख अपना रही है, जिसके तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। सवाल-जवाब 1. सीज़र जौरेगुई मोरेनो कौन हैं? सीज़र जौरेगुई मोरेनो मेक्सिको के उत्तरी सीमावर्ती राज्य चिहुआहुआ के पूर्व अटॉर्नी जनरल रह चुके हैं। 2. उन पर क्या आरोप लगाए गए हैं? उन पर अमेरिकी एजेंटों को बिना उचित अनुमति के ड्रग्स लैब पर छापेमारी में शामिल होने की अनुमति देने और राजद्रोह का आरोप है। 3. यह मामला कब और कैसे प्रकाश में आया? यह मामला 19 अप्रैल को हुए एक कार हादसे के बाद सामने आया जिसमें दो अमेरिकी एजेंट और दो मैक्सिकन अधिकारी मारे गए थे। 4. हादसे में मारे गए अमेरिकी एजेंट किस एजेंसी के लिए काम करते थे? अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वे क्षेत्र में नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने के लिए सीआईए के लिए काम कर रहे थे। 5. मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शैनबाम का इस मामले में क्या रुख है? उन्होंने जोर देकर कहा है कि विदेशी अधिकारियों को केवल संघीय सरकार की पूर्व अनुमति से ही काम करना चाहिए और देश की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। https://trendkia.com/latin-america/ex-prosecutor-charged-with-treason-in-mexico-over-us-drug-raid-50278 TrendKia — Har trend, sabse pehle.