# जर्मनी के हवाई अड्डे पर पकड़े गए 90 से अधिक जहरीले सांप और छिपकलियां, मैक्सिकन नागरिक वापस भेजा गया

> कोलोन बॉन हवाई अड्डे पर कस्टम अधिकारियों ने एक मैक्सिकन दमकलकर्मी के सूटकेस से 37 जहरीले सांप और 55 छिपकलियां बरामद कीं। इस्तांबुल के रास्ते आए इस व्यक्ति को जर्मनी में प्रवेश से रोककर वापस भेज दिया गया।

**Type:** article · **Category:** लैटिन अमेरिका · **Published:** 2026-10-15 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/latin-america/germany-ke-havai-adde-para-pakare-gae-90-se-adhika-jaharile-sanpa-aura-chhipakaliyan-mexico-nagarika-vapasa-bheja-gaya-47941 · **Language:** Hindi
**Tags:** वन्यजीव तस्करी, जर्मनी, सीमा शुल्क, जहरीले सांप, मेक्सिको, कोलोन बॉन हवाई अड्डा, सरीसृप

जर्मनी के कोलोन बॉन हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग की जांच के दौरान वन्यजीव तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मेक्सिको से आए एक यात्री के सामान की तलाशी लेने पर उसके सूटकेस से 90 से अधिक जीवित और मृत सरीसृप बरामद किए गए। इन जीवों में बेहद विषैले सांप और दुर्लभ छिपकलियां शामिल थीं, जिन्हें अत्यंत संकरे और अमानवीय डिब्बों में बंद करके छुपाया गया था। सीमा शुल्क अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यात्री को हिरासत में लिया और बाद में उसे देश में प्रवेश की अनुमति न देते हुए वापस रवाना कर दिया।

## ग्रीन चैनल पर संदिग्ध बर्ताव और कोकीन टेस्ट
हवाई अड्डे के आगमन क्षेत्र में 45 वर्षीय मैक्सिकन दमकलकर्मी बिना किसी घोषणा वाले नथिंग टू डिक्लेयर यानी ग्रीन चैनल से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। वहां तैनात सीमा शुल्क कर्मियों ने देखा कि वह सामान्य से कहीं ज्यादा घबराया हुआ था और उसका व्यवहार अत्यधिक तनावपूर्ण लग रहा था। इस असामान्य व्यवहार को देखकर अधिकारियों ने उसे रोक लिया। सुरक्षा प्रक्रिया के तहत सबसे पहले उसका नशा परीक्षण कराया गया। यह ड्रग्स टेस्ट कोकीन के सेवन के लिए पॉजिटिव निकला।

ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद अधिकारियों को संदेह हुआ कि वह मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त हो सकता है। इसके तुरंत बाद जांच दल ने उसके निजी सामान और सूटकेस की विस्तृत और सघन तलाशी शुरू की। हालांकि बैग के अंदर किसी भी प्रकार का नशीला पदार्थ या ड्रग्स नहीं मिला, लेकिन सूटकेस खोलते ही अधिकारी वहां का दृश्य देखकर हैरान रह गए।

## शैम्पू की बोतलों और मोजों में छिपाए गए थे वाइपर और रैटलस्नेक
सूटकेस की परतों के भीतर कपड़ों की जगह प्लास्टिक के कंटेनर, शैम्पू और क्रीम की खाली बोतलें तथा मुड़े हुए मोजों के गोले रखे हुए थे। इन रोजमर्रा की घरेलू वस्तुओं के अंदर बड़ी संख्या में जहरीले वाइपर, रैटलस्नेक, अन्य प्रजातियों के सांप और इगुआना सहित विभिन्न छिपकलियां ठूंस-ठूंस कर भरी गई थीं। तस्करी के इस तरीके का उद्देश्य हवाई अड्डे की सामान्य सुरक्षा जांच को चकमा देना था।

कोलोन कस्टम कार्यालय के प्रवक्ता जेंस अहलांड ने इस बरामदगी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हवाई अड्डे पर तैनात कर्मचारी सामान में अजीबोगरीब चीजें और स्मृति चिन्ह देखने के आदी हैं, लेकिन मेक्सिको से एक साथ 37 जीवित जहरीले सांप और 55 छिपकलियां मिलने की घटना पहले कभी सामने नहीं आई थी।

## हवाई सफर के दौरान हुई कई जीवों की मौत
तस्करी के लिए चुने गए तरीके इतने क्रूर थे कि जीवों को बेहद अमानवीय परिस्थितियों में यात्रा करनी पड़ी। यह पूरी खेप मेक्सिको सिटी से शुरू होकर इस्तांबुल होते हुए जर्मनी के कोलोन बॉन हवाई अड्डे तक पहुंची थी। इस लंबे हवाई सफर, हवा की कमी और अत्यंत तंग जगहों में बंद रहने के कारण कई सांप और छिपकलियां रास्ते में ही दम तोड़ चुकी थीं। जो जीव इस कठिन सफर के बाद जीवित बच गए, उन्हें तुरंत विशेष सुरक्षा में लेकर जर्मनी के एक स्नेक फार्म में भेज दिया गया है, जहां विशेषज्ञ उनकी देखभाल कर रहे हैं।

पूछताछ के दौरान पकड़े गए व्यक्ति ने अधिकारियों को बताया कि उसने इन दुर्लभ जीवों को स्वयं किसी व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं लाया था, बल्कि ब्राजील के एक परिचित के कहने पर यह काम एक उपकार के तौर पर किया था। हालांकि सीमा शुल्क और आव्रजन अधिकारियों ने उसके स्पष्टीकरण को खारिज करते हुए उसे जर्मनी की सीमा में प्रवेश करने से रोक दिया और उसी मार्ग से इस्तांबुल वापस भेज दिया।

## जर्मनी में संरक्षित प्रजातियों की अवैध मांग
जर्मनी के भीतर विदेशी और संरक्षित वन्यजीवों की मांग लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। सीमा शुल्क विभाग के अनुसार, ये सभी सरीसृप देश के भीतर मौजूद निजी खरीदारों के लिए मंगाए जा रहे थे, जो अपने निजी संग्रह के लिए दुर्लभ जीवों की तलाश में रहते हैं।

कस्टम प्रवक्ता जेंस अहलांड ने राष्ट्रीय स्तर पर हो रही अवैध तस्करी के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पिछले साल देश भर में 1,300 से अधिक जब्ती की कार्रवाइयां की गईं। इन अभियानों के दौरान 56,600 से अधिक संरक्षित जीव, दुर्लभ पौधे या उनसे तैयार किए गए उत्पाद जब्त किए गए थे। यह जब्ती दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह लगातार कड़े कानूनों और सुरक्षा उपायों को भेदने का प्रयास कर रहे हैं।

## इसका आप पर असर
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में वन्यजीवों की अवैध तस्करी हवाई यात्रा सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा करती है।

- **यात्री सुरक्षा:** वाणिज्यिक उड़ानों में जहरीले सांपों को छुपाकर ले जाना अन्य यात्रियों और विमान चालक दल के जीवन को सीधे खतरे में डालता है। यदि ऐसे विषैले जीव उड़ान के दौरान सामान से बाहर निकल आएं तो हवा में अप्रत्याशित संकट खड़ा हो सकता है।
- **कड़े सामान नियम:** इस प्रकार की घटनाओं के बाद हवाई अड्डों पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के चेक-इन और केबिन सामान की जांच अधिक कठोर हो जाती है। यात्रियों को शैम्पू की बोतलों, तरल पदार्थों और डिब्बाबंद वस्तुओं की गहन जांच का सामना करना पड़ता है।
- **अवैध व्यापार पर पाबंदी:** विदेशी वन्यजीवों की खरीद-फरोख्त करने वाले निजी खरीदारों और बिचौलियों पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी तेज हो गई है। बिना वैध अनुमति के संरक्षित वन्यजीव उत्पाद रखने पर भारी जुर्माना और निर्वासन जैसी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
- **पर्यावरण व जैव विविधता:** अनियंत्रित रूप से विदेशी प्रजातियों को किसी नए देश में लाना स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है। ऐसे जीव स्थानीय प्रजातियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं या नए प्रकार के संक्रामक रोग फैला सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुर्लभ और जहरीले जीवों की अवैध मांग तथा हवाई सुरक्षा जांच से बचने के संगठित प्रयासों के कारण घटी।

- **निजी संग्रहकर्ताओं की मांग:** जर्मनी में विदेशी सांपों और छिपकलियों के शौकीन निजी खरीदारों का एक बड़ा बाजार मौजूद है। दुर्लभ प्रजातियों के लिए खरीदार भारी कीमत चुकाने को तैयार रहते हैं, जिससे तस्करों को ऐसे जोखिम उठाने का प्रोत्साहन मिलता है।
- **सुरक्षा को धोखा देने की चाल:** तस्कर ने शैम्पू की बोतलों, क्रीम के कंटेनरों और मोजों का इस्तेमाल इसलिए किया ताकि एक्स-रे और सामान्य जांच में जैविक आकृतियां आसानी से न पहचानी जा सकें। उसने ग्रीन चैनल का चयन करके कस्टम घोषणा से बचने की योजना बनाई थी।
- **तनाव और व्यवहारिक चूक:** यात्री का अत्यधिक घबराना और ड्रग्स टेस्ट का पॉजिटिव आना उसके पकड़े जाने का तात्कालिक कारण बना। सुरक्षा अधिकारियों ने उसके संदिग्ध व्यवहार को भांपते हुए उसके सामान की सामान्य से कहीं अधिक गहन जांच की।
- **लंबा ट्रांजिट रूट:** तस्करों ने सीधे मार्ग के बजाय मेक्सिको सिटी से इस्तांबुल होते हुए जर्मनी का जटिल रास्ता चुना। इस अप्रत्यक्ष मार्ग का उद्देश्य मूल स्रोत देश के संबंध में सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान भटकाना था।

## सवाल-जवाब

### 1. कोलोन बॉन हवाई अड्डे पर यात्री के पास से कुल कितने जीव बरामद किए गए?
यात्री के सामान से कुल 92 सरीसृप बरामद हुए, जिनमें 37 जीवित जहरीले सांप और 55 छिपकलियां शामिल थीं।

### 2. तस्करी के लिए पकड़े गए व्यक्ति की पहचान क्या है?
पकड़ा गया व्यक्ति 45 वर्षीय मैक्सिकन दमकलकर्मी है, जिसका नाम अधिकारियों द्वारा सार्वजनिक नहीं किया गया है।

### 3. सांपों और छिपकलियों को सूटकेस में कैसे छिपाया गया था?
जीवों को प्लास्टिक के कंटेनरों, क्रीम और शैम्पू की बोतलों तथा मुड़े हुए मोजों के गोलों के भीतर ठूंस कर छुपाया गया था।

### 4. यात्री पर सबसे पहले किस बात का संदेह हुआ था?
ग्रीन चैनल से निकलते समय वह असामान्य रूप से घबराया हुआ था और उसका नशा परीक्षण कोकीन के लिए पॉजिटिव आया था।

### 5. जीवित बचे सांपों और छिपकलियों का क्या किया गया?
यात्रा में जीवित बचे सभी सरीसृपों को जर्मनी के एक स्नेक फार्म में देखभाल और सुरक्षा के लिए भेज दिया गया है।

### 6. आरोपी व्यक्ति के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?
उसे जर्मनी में प्रवेश देने से इनकार कर दिया गया और तुरंत इस्तांबुल की वापसी उड़ान से रवाना कर दिया गया।

### 7. पिछले साल जर्मनी में वन्यजीव जब्ती के कितने मामले दर्ज हुए थे?
जर्मनी भर में पिछले साल 1,300 से अधिक जब्ती की कार्रवाइयों में 56,600 से अधिक संरक्षित पौधे और जीव बरामद किए गए थे।

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