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  "type": "article",
  "title": "कोकीन की खेती में वापसी: शांति के वादों के बावजूद कोलंबिया के किसान कोका उगाने को क्यों मजबूर हैं",
  "summary": "कोलंबिया के मेटा प्रांत में, पेरिया जैसे हज़ारों किसानों ने कानूनी खेती अपनाने के लिए सरकार के वादों पर भरोसा किया था। लेकिन बुनियादी ढांचे की भारी कमी और राज्य की विफलता के कारण, वे आर्थिक तंगी से बचने के लिए एक बार फिर से अवैध कोका की खेती की ओर लौटने को मजबूर हो गए हैं।",
  "content": "कोलंबिया के घने और नदियों से घिरे मेटा प्रांत में, पेरिया नाम के एक किसान ने एक दिन यह पक्का इरादा किया कि वह अवैध ड्रग व्यापार के इस दलदल से हमेशा के लिए बाहर निकल जाएगा। कई सालों तक, उसकी छोटी सी ज़मीन पर कोका के पौधे उगे थे, जो उस कच्चे माल का मुख्य स्रोत हैं जिससे दुनिया भर में कोकीन बनाई जाती है। लेकिन, गैर-कानूनी काम के डर और अंधकार से थक चुके पेरिया ने एक बड़ा फैसला लिया। उसने अपने खेत से कोका की हर एक हरी झाड़ी को जड़ से उखाड़ फेंका। इस विवादित और अवैध फसल की जगह, उसने पूरी तरह से कानूनी फसलें उगाने का रास्ता चुना और अपने खेत में भारी मात्रा में कसावा और केले के पौधे लगा दिए। यह सिर्फ खेती का तरीका बदलने का मामला नहीं था, बल्कि यह ग्रामीण कोलंबिया के लिए सरकार द्वारा दिखाए गए एक सुरक्षित और कानूनी भविष्य के सपने पर किया गया बहुत बड़ा भरोसा था।\n\n पेरिया का यह बदलाव कोई अकेला कदम नहीं था, बल्कि यह एक बहुत बड़े राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा था। वह उन हज़ारों खेतिहर मज़दूरों में से एक था, जिन्होंने सरकार द्वारा चलाए जा रहे फसल बदलाव कार्यक्रम में बहुत उम्मीदों के साथ हिस्सा लिया था। सरकार द्वारा प्रायोजित इस योजना का मुख्य लक्ष्य बहुत ही सीधा लेकिन बेहद महत्वाकांक्षी था: गरीब किसानों को वह वित्तीय और ढांचागत मदद देना, जिसके सहारे वे हमेशा के लिए कोका के इस मुनाफे वाले लेकिन गैर-कानूनी व्यापार को छोड़ सकें। सरकार का यह वादा था कि वह इन ग्रामीण समुदायों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी, ताकि कानूनी खेती की ओर मुड़ने का उनका यह साहसिक फैसला उनकी आर्थिक बर्बादी का कारण न बन जाए।\n\n लेकिन, ज़मीनी हकीकत पेरिया और उसके जैसे कई अन्य किसानों के लिए बहुत तेज़ी से एक रसद और आर्थिक दुःस्वप्न में बदल गई। सरकारी अधिकारियों ने जिस महत्वपूर्ण मदद का औपचारिक रूप से वादा किया था, वह कभी उन तक पहुंची ही नहीं। वित्तीय सहायता के न मिलने के अलावा, मेटा प्रांत की भौतिक स्थिति भी इन कानूनी किसानों के लिए एक बड़ी बाधा बन गई। पेरिया का खेत इतने दूर-दराज़ के इलाके में है कि वहां सिर्फ स्थानीय नदियों के घुमावदार रास्तों से ही पहुंचा जा सकता है। बुनियादी ढांचे की इस भारी कमी, विशेष रूप से पक्की सड़कों के न होने का सीधा मतलब यह था कि केले और कसावा जैसी भारी कानूनी फसलों को बाज़ार तक पहुंचाना लगभग नामुमकिन था। इस अकेलेपन को और बढ़ाते हुए, बार-बार आने वाली बाढ़ ने इस क्षेत्र को तबाह कर दिया, जिससे फसलें बर्बाद हो गईं और मुनाफे की रही-सही उम्मीदें भी पानी में बह गईं। एक तरफ जहां अवैध ड्रग कार्टेल के पास घने जंगलों के बीच से भी कोका पेस्ट निकालने के लिए ज़रूरी रसद और साधन हैं, वहीं कानूनी कृषि बाज़ार में इन किसानों के लिए ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।\n\n लगातार बढ़ते कर्ज़, सड़ती हुई फसलों और अपने भूखे परिवार को देखकर, आर्थिक तंगी के भारी बोझ तले पेरिया का संकल्प आख़िरकार पूरी तरह टूट गया। साल 2024 में, सरकार के झूठे वादों और अपने हालात से पूरी तरह निराश होकर, उसने एक बार फिर से कोका की झाड़ियां लगाने का वह दर्दनाक और मजबूरी भरा फैसला लिया।\n\n पेरिया ने बताया कि यह एक त्रासदी है, और कहा कि बिना काम के और बच्चों का पेट पालने की ज़िम्मेदारी के साथ उनके पास कोई विकल्प नहीं है। \"अगर मदद कभी नहीं आती, तो आप इसे फिर से उगाने के लिए मजबूर हो जाते हैं,\" उन्होंने कहा।\n\n \n\nपारंपरिक जड़ें और आधुनिक कार्टेल अर्थव्यवस्था\n कोलंबिया में इस फसल की गहरी पकड़ को समझने के लिए, इसके दोहरे स्वरूप को समझना बहुत ज़रूरी है। कोका का पत्ता मूल रूप से एक पारंपरिक पौधा है, जो एंडीज़ पर्वतमाला के स्वदेशी समुदायों की सांस्कृतिक विरासत में गहराई से बुना हुआ है। सदियों से, इसका उपयोग हल्की चाय और पारंपरिक दवाओं में सुरक्षित रूप से किया जाता रहा है। हालांकि, आज के आधुनिक युग में, उस शांतिपूर्ण इतिहास को अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध ने पूरी तरह से हाईजैक कर लिया है। आज, कोलंबिया में उगाई जाने वाली अधिकांश कोका को रासायनिक तरीके से प्रोसेस करके अत्यधिक नशीले पदार्थ कोकीन में बदल दिया जाता है। इस अवैध उद्योग का पैमाना इतना विशाल है कि एक अनुमान के मुताबिक दुनिया भर में कोकीन की कुल सप्लाई का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा अकेले कोलंबिया की सीमाओं के भीतर से आता है।\n\n अगर केवल खेती और अर्थशास्त्र के नज़रिये से देखा जाए, तो किसी भी कानूनी विकल्प के लिए इस अवैध बाज़ार से मुकाबला करना बहुत ही मुश्किल काम है। कोलंबिया के एक प्रमुख शोधकर्ता लुकास मारिन लानेस, जो कोका अर्थव्यवस्था की बारीकियों और सरकारी बदलाव की रणनीतियों के असर का गहराई से विश्लेषण करते हैं, इस भारी अंतर को बहुत ही स्पष्ट करते हैं।\n\n लानेस ने बताया कि कानूनी विकल्पों की तुलना में इस अवैध फसल के कई बड़े फायदे हैं, जैसे कि निश्चित कीमतों की गारंटी। \"इसकी फसल बहुत जल्दी तैयार होती है, किसान साल में तीन या चार बार पैदावार ले सकते हैं,\" उन्होंने कहा।\n\n आर्थिक सुरक्षा का यह अटूट भरोसा एक शक्तिशाली चुंबक की तरह काम करता है। लानेस ने जिस शोध पर काम किया है, वह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि यह अवैध अर्थव्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों के वित्तीय ढांचे को कितनी गहराई से सहारा देती है। आंकड़े बताते हैं कि कोका की बड़े पैमाने पर खेती स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बहुत तेज़ी से बढ़ाने की असीमित ताकत रखती है। असल में, साल 2014 से 2019 के बीच, ड्रग के पैसे का प्रवाह इतना अधिक था कि इसने कुछ ऐसे इलाकों में जहां इसकी बहुत ज़्यादा खेती होती थी, वहां के नगरपालिका जीडीपी को 10 प्रतिशत तक भारी मात्रा में बढ़ा दिया था।\n\n यह वही गहरी आर्थिक निर्भरता थी जिसे हमेशा के लिए तोड़ने के लिए राज्य के फसल बदलाव कार्यक्रमों को सावधानीपूर्वक डिज़ाइन किया गया था। इस रणनीति का मुख्य लक्ष्य कोलंबिया के किसान वर्ग को नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन से पूरी तरह अलग करना था, और कार्टेल के पैसे की जगह सरकार द्वारा समर्थित, कानूनी रोज़गार के साधन उपलब्ध कराना था, ताकि इन ग्रामीण क्षेत्रों को देश की मुख्य अर्थव्यवस्था से स्थायी रूप से जोड़ा जा सके।\n\n इन सभी बड़ी नीतियों और भव्य योजनाओं के बावजूद, आज कृषि का मौजूदा परिदृश्य सिस्टम की पूरी तरह विफलता की एक बहुत ही खौफनाक कहानी बयां करता है। आज, कोका की खेती ने न केवल फिर से वापसी की है, बल्कि यह अभूतपूर्व रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जो पूरे देश में 2,50,000 हेक्टेयर से अधिक के विशाल क्षेत्र में बेरोकटोक फैली हुई है। अवैध फसलों के इस हरे समंदर के बीच, अनगिनत कोलंबियाई किसान जिन्होंने इस बदलाव कार्यक्रम में पूरे भरोसे के साथ हिस्सा लिया था, पेरिया की ही बात को दोहराते हैं और स्पष्ट रूप से कहते हैं कि राज्य ने उन्हें पूरी तरह से उनके हाल पर छोड़ दिया है और उनके साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है।\n\n \n\nपैसा, तबाही और खून-खराबे का इतिहास\n ऐलेना हर्नांडेज़ की कहानी कोका व्यापार के ऐतिहासिक चक्रों की एक बहुत ही स्पष्ट और दर्दनाक तस्वीर पेश करती है। 1990 के दशक में जब ड्रग का व्यापार अपने चरम पर था, तब हर्नांडेज़ ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया और गुआवियारे के उस क्षेत्र में रहने चली गईं जहां इसकी भारी खेती होती थी। वह किसी भी कानूनी काम की तुलना में यहां मिलने वाले बहुत ज़्यादा पैसों के प्रलोभन में वहां गई थीं।\n\n उन्होंने याद करते हुए बताया कि उस दौर में वित्तीय समृद्धि बहुत साफ दिखाई देती थी। \"मैं कुछ पैसे बचाने और एक छोटा सा घर खरीदने में कामयाब रही,\" उन्होंने कहा।\n\n लेकिन, नार्को-डॉलर की इस भारी बाढ़ के साथ-साथ हिंसा और गहरी असुरक्षा का एक विनाशकारी दौर भी आया। कोका उद्योग ने पूरे ग्रामीण इलाके को एक खूनी युद्धक्षेत्र में बदल दिया। हथियारों से लैस कई गुटों और गुरिल्ला समूहों ने मुनाफे वाले खेती के क्षेत्रों और तस्करी के रास्तों पर पूरा कब्ज़ा करने के लिए बहुत ही क्रूर लड़ाइयां लड़ीं। इसके जवाब में, कोलंबिया की सरकार ने नशीले पदार्थों के खिलाफ बहुत आक्रामक सैन्य अभियान शुरू किए। उन्होंने बड़े पैमाने पर फसलों को मैन्युअल रूप से नष्ट करने, खरपतवार नाशकों का छिड़काव करने के लिए बहुत ही विवादित हवाई उड़ानों और ग्रामीण मज़दूरों की भारी गिरफ्तारियों के ज़रिए इस उद्योग को शारीरिक रूप से खत्म करने की पूरी कोशिश की।\n\n सरकार की इन कठोर कोशिशों ने समय-समय पर हज़ारों कमज़ोर परिवारों की आमदनी को पूरी तरह तबाह कर दिया, लेकिन वे अपने मुख्य उद्देश्य में पूरी तरह से विफल रहे: वे कोका की खेती के समग्र ज्वार को स्थायी रूप से रोकने में ज़रा भी कामयाब नहीं हो सके।\n\n केवल सज़ा देने वाले तरीके की विफलता को पहचानते हुए, सरकार ने अपनी रणनीति में एक बड़ा बदलाव किया। साल 2017 में जब सत्ता में बैठी सरकार द्वारा राष्ट्रव्यापी फसल बदलाव कार्यक्रम आधिकारिक रूप से शुरू किया गया, तो लोगों में एक सच्ची उम्मीद की लहर दौड़ गई। हर्नांडेज़ उन अत्यधिक उत्सुक प्रतिभागियों में से एक थीं, जिन्होंने लगभग 1,00,000 अन्य किसान परिवारों के साथ इस योजना में खुशी-खुशी साइन अप किया था। यह एक बहुत ही स्पष्ट और बड़ा सौदा था: राज्य ने भारी वित्तीय सहायता का वादा किया था, और इसके बदले में, किसानों ने हमेशा के लिए अवैध व्यापार से दूर होने का संकल्प लिया था।\n\n इस समझौते का वित्तीय ढांचा बहुत ही विशिष्ट और आकर्षक था। भाग लेने वाले प्रत्येक परिवार को कुल 3 करोड़ 60 लाख कोलंबियाई पेसो मिलने तय थे, जो उस समय लगभग 11,000 डॉलर या 8,000 पाउंड के बराबर थे। इस महत्वपूर्ण नकद राशि को दो साल की व्यापक संक्रमण अवधि में रणनीतिक रूप से फैलाया जाना था ताकि किसानों को खेती बदलने में आर्थिक मदद मिल सके।\n\n \"जिस तरह से यह हमें पेश किया गया था, वह हमारे क्षेत्र के विकास के लिए बहुत ही आशाजनक लग रहा था,\" हर्नांडेज़ ने कहा।\n\n \n\nपीएनआईएस (PNIS) कार्यक्रम की महत्वाकांक्षा और पतन\n इस ऐतिहासिक पहल को आधिकारिक रूप से 'अवैध फसलों के प्रतिस्थापन के लिए राष्ट्रीय व्यापक कार्यक्रम' (पीएनआईएस) नाम दिया गया था। इसका निर्माण कोई अलग-थलग नीतिगत निर्णय नहीं था, बल्कि यह 2016 में कोलंबियाई सरकार और 'रिवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेज ऑफ कोलंबिया' (फार्क) के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते से सीधे तौर पर पैदा हुआ एक केंद्रीय स्तंभ था, जो देश का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली गुरिल्ला संगठन था। शांति समझौते ने यह पहचान लिया था कि स्थायी स्थिरता के लिए उस ड्रग अर्थव्यवस्था को पूरी तरह नष्ट करना बहुत ज़रूरी है जिसने दशकों लंबे इस हिंसक विद्रोह को पाला-पोसा था।\n\n पीएनआईएस के व्यापक ढांचे के तहत, सरकार की ज़िम्मेदारियां केवल नकद पैसे बांटने से कहीं आगे तक फैली हुई थीं। अपने कोका के पौधों को उखाड़ने के सीधे बदले में, ग्रामीण किसानों को यह गारंटी दी गई थी कि उन्हें उनके नए कृषि उद्यमों को सफल बनाने के लिए पूरी तकनीकी सहायता मिलेगी। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में पेशेवर कृषिविदों की सीधे तैनाती और आधुनिक मिट्टी प्रबंधन तकनीकों पर विशेषज्ञ सलाह शामिल थी।\n\n हालांकि कोलंबिया में इससे पहले भी कई स्थानीय फसल बदलाव कार्यक्रम निश्चित रूप से मौजूद थे, लेकिन उनका पैमाना और फंडिंग हमेशा बहुत ही सीमित रही थी। पीएनआईएस देश के कृषि भाग्य को फिर से लिखने का अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी और अच्छी तरह से वित्त पोषित प्रयास था। और, एक छोटी और उम्मीद भरी अवधि के लिए, यह वास्तव में ज़मीन पर काम करता हुआ भी दिखाई दिया।\n\n दक्षिणी मेटा और गुआवियारे के कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में, ज़मीनी नज़ारा पूरी तरह बदल गया। पहले चमकीली हरी कोका की झाड़ियों से ढके हुए विशाल खेतों की जगह धीरे-धीरे नींबू के पेड़ों के बागों, केले के चौड़े बागानों और नए स्थापित छोटे पैमाने के पशु फार्मों ने ले ली। हर्नांडेज़ की तरह ही कई भाग लेने वाले किसानों ने अपने वादे को पूरी ईमानदारी से निभाया और अवैध व्यापार से पूरी तरह दूरी बनाए रखी।\n\n फिर भी, इस कार्यक्रम के प्रति उनकी ईमानदारी का मतलब यह नहीं है कि वे इसके काम करने के तरीके से खुश हैं। जो लोग कानूनी रूप से खेती कर रहे थे, उनमें से कई लोग सरकार के इस पहल को संभालने के तरीके को बिल्कुल भी सफल नहीं मानते हैं।\n\n हर्नांडेज़ ने बताया कि सरकार किसानों की भलाई के प्रति वास्तव में प्रतिबद्ध नहीं थी। \"हमारे साथ बुरा व्यवहार किया गया,\" उन्होंने कहा।\n\n पीएनआईएस का कार्यान्वयन बहुत बड़ी विफलताओं से ग्रस्त था। अपनी आय के एकमात्र स्रोत से दूर जाने वाले परिवारों के लिए जो वित्तीय भुगतान उनकी जीवन रेखा थे, उनमें नियमित रूप से और बहुत अधिक देरी की जाती थी। इसके अलावा, जिस विशेष तकनीकी सहायता और कृषि संबंधी सलाह का वादा किया गया था, वह अक्सर पूरी तरह से नदारद रहती थी। मूल समस्या सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में राज्य की उपस्थिति का बहुत कमज़ोर होना था, जिसके साथ इस योजना को लागू करने का काम कर रही विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल की भारी कमी थी। परिणामस्वरूप, जिन अलग-थलग पड़े समुदायों को इस मदद की सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी, उन तक यह सहायता कभी पहुंची ही नहीं।\n\n \n\nबदलती राजनीति और सफलता की कुछ किरणें\n जिस गति ने शुरू में पीएनआईएस कार्यक्रम को आगे बढ़ाया था, वह राष्ट्रीय राजनीतिक हवाओं का रुख बदलते ही बहुत तेज़ी से कमज़ोर पड़ गई। 2018 में इवान ड्यूक के कोलंबिया के राष्ट्रपति बनने के बाद, राष्ट्रीय सरकार के रणनीतिक दृष्टिकोण में एक बहुत बड़ा बदलाव आया। नए प्रशासन ने व्यवस्थित रूप से राज्य के संसाधनों और नीतिगत प्राथमिकताओं को वापस कठोर उन्मूलन रणनीति और सैन्य सुरक्षा रणनीतियों की ओर मोड़ दिया, जिससे शांतिपूर्ण फसल बदलाव के प्रयासों को पूरी तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।\n\n 2022 में जब वर्तमान राष्ट्राध्यक्ष, राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने आधिकारिक रूप से पदभार संभाला, तब तक पीएनआईएस पहल पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी थी। यह अपने मूल कार्यक्रम से बहुत पीछे थी और जिन ग्रामीण समुदायों की सेवा करने के लिए इसे डिज़ाइन किया गया था, उनके साथ एक सार्थक संपर्क स्थापित करने के लिए कड़ा संघर्ष कर रही थी।\n\n विफलता की इन तमाम खौफनाक कहानियों के बावजूद, कुछ ऐसी अलग-थलग जगहें भी हैं जहां यह मूल दृष्टि वास्तव में ज़मीन पर उतरी। कुछ किसानों ने अंततः उन सुधारों का अनुभव किया जिनका उनसे वादा किया गया था, जो इस बात की एक साफ झलक प्रदान करता है कि एक कार्यात्मक कार्यक्रम क्या हासिल कर सकता है। दक्षिणी मेटा के प्यूर्टो रिको की रहने वाली डोराल्बा बेजारानो के लिए, उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में तब स्पष्ट रूप से सुधार हुआ जब सरकार की रुकी हुई सहायता अंततः उनके समुदाय में पहुंचना शुरू हुई।\n\n बेजारानो के लिए, यह बदलाव केवल अर्थशास्त्र के बारे में नहीं था, बल्कि यह बुनियादी मानवीय स्वतंत्रता और राज्य की हिंसा के लगातार खतरे से मिलने वाली मनोवैज्ञानिक राहत के बारे में था।\n\n उन्होंने सरकारी पहल से पहले के उस लगातार डर को याद किया, और बताया कि उन्हें सेना द्वारा जेल भेजे जाने से बचने के लिए कोका पेस्ट छिपाना पड़ता था। \"कार्यक्रम से पहले हम बहुत डरे हुए थे,\" उन्होंने कहा।\n\n कोका पेस्ट का उनका यह संदर्भ इस व्यापार के आर्थिक तंत्र पर प्रकाश डालता है; यह पत्ते का एक बहुत अधिक केंद्रित, अर्ध-संसाधित रूप है जिसका उपयोग सीधे कोकीन के उत्पादन में किया जाता है। यह महत्वपूर्ण रूप से ग्रामीण उत्पादकों को कच्चे, असंसाधित पत्तों को बेचने की तुलना में काफी अधिक लाभ कमाने की अनुमति देता है।\n\n उस खतरनाक आजीविका से सफलतापूर्वक दूर जाने के बाद, वह अब स्वतंत्रता की एक गहरी भावना का अनुभव करती हैं।\n\n \"मैं जहां चाहूं वहां जाती हूं,\" उन्होंने कहा, और जोड़ा कि अब उनके पास छिपाने का कोई कारण नहीं है।\n\n इसके अलावा, उन्होंने कहा कि उनके स्थानीय समुदाय का एक बड़ा हिस्सा अब अपनी नई उगाई गई गैर-कोका फसलों और विभिन्न अन्य कृषि खाद्य पदार्थों को कानूनी बाज़ारों में प्रभावी रूप से बढ़ावा देने, परिवहन करने और बेचने के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण सरकारी सहायता प्राप्त कर रहा है।\n\n \n\nवैश्विक मांग और पूर्ण शांति की खोज\n हालांकि, कोलंबिया के भीतर फसल बदलाव की पूर्ण सफलता में बाधा डालने वाली ये बड़ी चुनौतियां देश की संप्रभु सीमाओं से बहुत दूर स्थित विशाल व्यापक आर्थिक ताकतों द्वारा भारी रूप से संचालित होती हैं। इस संकट का मुख्य इंजन संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोप के समृद्ध बाज़ारों में मौजूद कोकीन की वह निरंतर और विशाल मांग है, जो दुनिया भर में तेज़ी से उभर रहे नए उपभोक्ता बाज़ारों के साथ मिलकर इसे और बढ़ावा दे रही है।\n\n कोलंबिया की राजधानी बोगोटा में स्थित प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ द एंडीज़ में सुरक्षा और ड्रग्स अध्ययन केंद्र के सह-निदेशक माइकल वेनट्रॉब ने इस अंतरराष्ट्रीय बाज़ार की गतिशीलता की सरासर शक्ति पर बहुत ज़ोर दिया।\n\n वेनट्रॉब ने स्पष्ट रूप से आकलन किया कि बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करती है। \"इसका मतलब है कि कोलंबिया निकट भविष्य में कोका उगाता रहेगा,\" उन्होंने कहा।\n\n वैश्विक आपूर्ति और मांग के सरल अर्थशास्त्र से परे, वेनट्रॉब ने कोलंबिया के भीतर चल रहे आंतरिक सुरक्षा संदर्भ को अत्यधिक \"नाज़ुक\" बताया। यह व्यापक अस्थिरता निहत्थे राज्य के प्रतिस्थापन कार्यक्रमों के लिए देश के कई सबसे दूरदराज़ के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी रूप से और सुरक्षित रूप से काम करना असाधारण रूप से कठिन, और अक्सर शारीरिक रूप से खतरनाक बना देती है।\n\n हालांकि 2016 के ऐतिहासिक शांति समझौते ने फार्क गुरिल्ला सेना के बड़े गुटों को सफलतापूर्वक निरस्त्र और भंग कर दिया था, लेकिन इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण इलाकों में जो शक्ति का शून्य पैदा हुआ, वह लंबे समय तक खाली नहीं रहा। कई अन्य हथियारों से लैस आतंकवादी समूहों और परिष्कृत आपराधिक कार्टेल ने तेज़ी से इस खाली जगह को भर दिया। आज, ये हिंसक संगठन ग्रामीण क्षेत्रों पर अपनी पकड़ बनाए हुए हैं, वे भारी मुनाफे वाले अवैध तस्करी के रास्तों को हिंसक रूप से नियंत्रित कर रहे हैं और स्थानीय आर्थिक संरचनाओं पर पूरी तरह हावी हैं।\n\n वर्तमान पेट्रो प्रशासन ने अपनी अत्यधिक महत्वाकांक्षी \"पूर्ण शांति\" नीति के माध्यम से इस गहराई तक बैठी हुई हिंसा को दूर करने की सक्रिय रूप से कोशिश की है। इस व्यापक ढांचे के तहत, राष्ट्रीय सरकार एक साथ सभी विभिन्न सशस्त्र गुटों और आपराधिक गिरोहों के साथ व्यापक शांति वार्ता और उन्हें मुख्यधारा में लाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, स्वतंत्र राजनीतिक और सुरक्षा विश्लेषकों का व्यापक रूप से मानना है कि इस मोर्चे पर ठोस प्रगति अभी तक बहुत ही सीमित रही है।\n\n \n\nरेनएसेमोस और अपनों द्वारा छोड़े गए लोगों का संदेह\n कृषि संक्रमण को फिर से शुरू करने के गंभीर प्रयास में, सरकार ने पिछले साल एक संशोधित रणनीति लागू करना शुरू किया। यह नया प्रतिस्थापन कार्यक्रम, जिसे आधिकारिक तौर पर रेनएसेमोस (अधिकारियों द्वारा रेडएसेमोस के रूप में भी जाना जाता है) नाम दिया गया है, कुछ विशिष्ट पायलट क्षेत्रों में शुरू किया गया था। इस नई पहल का घोषित लक्ष्य मूल पीएनआईएस ढांचे के मूलभूत विचारों पर जानबूझकर निर्माण करना है, जबकि इसकी ऐतिहासिक कमियों को व्यापक रूप से संबोधित करना और उन्हें सुधारना है।\n\n इस अद्यतन मॉडल के तहत, भाग लेने वाले किसानों को अभी भी उनके बदलाव को आसान बनाने के लिए सीधा वित्तीय समर्थन मिलेगा। हालांकि, रेनएसेमोस कार्यक्रम का व्यापक ध्यान फसल प्रतिस्थापन की सरल अवधारणा से बहुत आगे बढ़ते हुए, संपूर्ण स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को व्यापक रूप से विविधतापूर्ण बनाने की ओर नाटकीय रूप से स्थानांतरित हो गया है। सरकार ढांचागत सहायता के बहुत बड़े दायरे का वादा कर रही है। इस विस्तारित दृष्टिकोण में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर क्षेत्रीय सड़कों में सुधार, ग्रामीण युवाओं के लिए उच्च विश्वविद्यालय शिक्षा तक सीधी पहुंच, व्यापक डिजिटल इंटरनेट कनेक्टिविटी का विस्तार, और कृषक समुदायों के लिए काफी बेहतर आवास का प्रावधान शामिल होगा।\n\n कोलंबिया भर में अवैध फसल प्रतिस्थापन की सक्रिय रूप से प्रभारी प्राथमिक सरकारी एजेंसी की निदेशक ग्लोरिया मिरांडा ने उस भारी चुनौती के प्रति प्रशासन की आधुनिक समझ को स्पष्ट किया जिसका वे सामना कर रहे हैं।\n\n मिरांडा ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह अवैध ड्रग व्यापार बिल्कुल एक मानक व्यापार उद्यम की तरह काम करता है। \"रेडएसेमोस का उद्देश्य न केवल कोका के पौधे को, बल्कि इसके आसपास की पूरी अर्थव्यवस्था को बदलना है,\" उन्होंने प्रसंस्करण और रसद क्षेत्रों की ओर इशारा करते हुए विस्तार से बताया।\n\n फिर भी, इन नए बने नीतिगत वादों की भव्यता के बावजूद, संघर्ष के इतिहास का अध्ययन करने वालों के बीच गहरा संदेह लगातार बना हुआ है। कई अनुभवी विश्लेषकों के लिए, इस बारे में अभी भी गंभीर सवाल पूरी तरह से अनुत्तरित हैं कि क्या इस तरह के व्यापक, राज्य के नेतृत्व वाले दृष्टिकोण कभी वास्तव में घने जंगल में स्थायी, ढांचागत बदलाव ला सकते हैं। लानेस ने स्पष्ट रूप से देखा कि देश भर में कोका की खेती का निरंतर, विस्फोटक विकास इस बात का निर्विवाद, अनुभवजन्य प्रमाण प्रदान करता है कि दशकों के लगातार सरकारी हस्तक्षेप ने बस काम नहीं किया है।\n\n मेटा के अलग-थलग, बाढ़ के भारी खतरे वाले खेतों में, पेरिया को इस बात पर बहुत गहरा संदेह है कि क्या कोई वास्तविक, जीवन बदलने वाली सरकारी सहायता, जो उसे कोका व्यापार से स्थायी रूप से दूर जाने में मदद करने के लिए डिज़ाइन की गई है, वास्तव में कभी उसके या उसके समान रूप से हताश पड़ोसियों के लिए जल्द ही पहुंचेगी।\n\n उन्होंने कहा कि वे दिन-प्रतिदिन जीते हैं और अक्सर उनके पास खाना पूरी तरह खत्म हो जाता है। \"राज्य ने हमें पूरी तरह से छोड़ दिया है,\" उन्होंने कहा।\n\n तत्काल भविष्य के लिए, पेरिया ने पुष्टि की कि वह अवैध कोका की फसल उगाना जारी रखेगा। उसने ज़ोर देकर कहा कि यह फैसला एक शक्तिशाली अपराधी बनने की इच्छा से पैदा नहीं हुआ है, बल्कि इस कठोर वास्तविकता से उपजा है कि यह मूल रूप से जीवित रहने के लिए उसका एकमात्र व्यवहार्य विकल्प है।\n\n उन्होंने अंत में यह बताया कि उनकी भारी गरीबी इस बात का सबूत है कि वे कार्टेल में शामिल नहीं हैं। \"हम ड्रग तस्कर नहीं हैं,\" उन्होंने कहा।\n\nइसका आप पर असर\n• दुनिया भर में: यह रिपोर्ट दिखाती है कि कैसे वैश्विक मांग और नीतियां सीधे तौर पर आपराधिक नेटवर्क को बढ़ावा देती हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपराध का चक्र जारी रहता है।\n• किसानों के लिए: यह स्पष्ट करता है कि बुनियादी ढांचे और सरकारी समर्थन के बिना, ग्रामीण और कमज़ोर समुदायों के पास अपना घर चलाने के लिए अवैध रास्तों को चुनने के अलावा कोई व्यावहारिक विकल्प नहीं बचता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. पेरिया ने फिर से कोका उगाने का फैसला क्यों किया?\nपेरिया ने फिर से कोका उगाने का फैसला किया क्योंकि सरकार द्वारा वादा की गई वित्तीय और तकनीकी मदद कभी नहीं पहुंची, और कानूनी फसलों को बेचने के लिए बुनियादी ढांचा नहीं था।\n\n2. पीएनआईएस (PNIS) कार्यक्रम क्या था?\nपीएनआईएस 2017 में फार्क के साथ शांति समझौते के बाद शुरू की गई एक सरकारी पहल थी, जिसका उद्देश्य किसानों को अवैध फसलों से दूर जाने के लिए भुगतान करना था।\n\n3. पीएनआईएस के तहत किसानों को कितनी वित्तीय सहायता का वादा किया गया था?\nभाग लेने वाले प्रत्येक किसान परिवार को दो साल की अवधि में 3 करोड़ 60 लाख कोलंबियाई पेसो (11,000 डॉलर या 8,000 पाउंड) देने का आधिकारिक वादा किया गया था।\n\n4. कानूनी फसलों की तुलना में कोका आर्थिक रूप से अधिक आकर्षक क्यों है?\nकोका साल में चार बार तक उपज देता है, इसे बिना सड़कों वाले दूरदराज़ के इलाकों से ले जाना बहुत आसान है, और खरीदार इसके लिए एक निश्चित कीमत की गारंटी देते हैं।\n\n5. नई रेनएसेमोस (RenHacemos) रणनीति क्या है?\nरेनएसेमोस एक नया पायलट कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य केवल फसल बदलने से आगे बढ़कर सड़कों, आवास, डिजिटल कनेक्टिविटी और विश्वविद्यालय शिक्षा तक पहुंच में सुधार करना है।",
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