# नायिब बुकेले की हाइती के गैंग्स को सीधी चेतावनी, बंधक बने सैन्य कर्मियों को नहीं छोड़ा तो अंजाम होगा भुगतना

> अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने हाइती में गायब हुए अपने चार सैन्य कर्मियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए एक विशेष सैन्य अभियान शुरू किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि बंधकों को नुकसान पहुंचाया गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

**Type:** article · **Category:** लैटिन अमेरिका · **Published:** 2026-10-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/latin-america/nayib-bukele-ki-haiti-ke-gangs-ko-sidhi-chetavani-bndhaka-bane-sainya-karmiyon-ko-nahin-chhora-to-anjama-hoga-bhugatana-50625 · **Language:** Hindi
**Tags:** नायिब बुकेले, अल सल्वाडोर, हाइती, सैन्य अभियान, गंग हिंसा, अंतरराष्ट्रीय समाचार

अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति **नायिब बुकेले** ने घोषणा की है कि उन्होंने हाइती में रविवार से लापता अपने चार वायु सेना कर्मियों को छुड़ाने के वास्ते एक सैन्य अभियान की शुरुआत कर दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि इन सभी बंधकों को जीवित वापस नहीं लौटाया गया, तो बुधवार का यह हमला उस तबाही के मुकाबले कुछ भी नहीं होगा जो इसके बाद देखने को मिलेगी। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि ये सभी कर्मी किसी भी प्रकार की जंग लड़ने वाले लड़ाके नहीं थे, बल्कि राहत कार्यों का हिस्सा थे।

## बंधकों की स्थिति और अपहरण की घटना
लापता हुए ये चारों कर्मी उस दल का हिस्सा थे जिन्हें हाइती में लगातार बढ़ रही आपराधिक हिंसा से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी से गठित गैंग सप्रेशन फोर्स में शामिल किया गया था। अल सल्वाडोर के सशस्त्र बलों के अनुसार, ये लोग उस समय भारी हथियारों से लैस आपराधिक समूहों के घात का शिकार हो गए जब वे क्रोईस-डेस-बुक्वेट्स इलाके से गुजर रहे थे। यह क्षेत्र पूरी तरह से सशस्त्र गिरोहों के नियंत्रण में आता है।

राष्ट्रपति **नायिब बुकेले** के मुताबिक, इस मिशन में तैनात पायलट और तकनीकी विशेषज्ञ मुख्य रूप से चिकित्सा निकासी और लोगों की जान बचाने के कार्यों से जुड़े थे, न कि युद्ध लड़ने के लिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सैन्य अभियान का इकलौता लक्ष्य उन चारों जवानों को सकुशल उनके घर वापस लाना है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चारों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित लौटा दिया जाता है, तो अपहरण से पहले की स्थिति बहाल कर दी जाएगी। सेना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जब ये जवान बाजार से खाना खरीदकर अपने शिविर की ओर लौट रहे थे, तभी एक बख्तरबंद गाड़ी पर हमला किया गया। विस्फोट के बाद इस वाहन में आग लग गई और अब तक किसी भी गिरोह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

## तलाश अभियान और हाइती के हालात
घटना के बाद अल सल्वाडोर के हेलीकॉप्टरों को सहायता के लिए भेजा गया था, लेकिन जमीन और हवा दोनों मोर्चों पर लगातार जारी गोलाबारी और स्थानीय सुरक्षा संकट के कारण बचाव दल को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि इस बीच गैंग सप्रेशन फोर्स ने भी लापता कर्मियों की तलाश तेज कर दी थी और हेलीकॉप्टरों की मदद से सशस्त्र गिरोहों के ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार कई अपराधी मारे गए।

दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि हाइती के गिरोह सुरक्षा बलों की सख्त गतिविधियों के मुताबिक खुद को ढाल रहे हैं और आम नागरिकों पर अपने हमलों का दायरा ग्रामीण इलाकों तक फैला रहे हैं। साल 2016 के बाद से हाइती में कोई चुनाव नहीं हुआ है और प्रशासनिक संकट तथा राजनीतिक अनिश्चितता के चलते चुनाव लगातार टलते जा रहे हैं। साल 2021 में देश के राष्ट्रपति की हत्या के बाद से यहाँ राजनीतिक शून्यता और गिरोहों की खूनी जंग का दौर बदस्तूर जारी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में हिंसक झड़पों के दौरान 5,500 से अधिक लोगों की जान चली गई और राजधानी पोर्ट-उ-प्रिंस के लगभग 85 प्रतिशत हिस्से पर इन सशस्त्र गिरोहों का कब्जा बना हुआ है।

## इसका आप पर असर
हाइती में सुरक्षा बलों और सशस्त्र गिरोहों के बीच गहराते संघर्ष का असर वैश्विक शांति और क्षेत्रीय सुरक्षा नीतियों पर पड़ रहा है।

- **वैश्विक स्तर पर:** **संयुक्त राष्ट्र** द्वारा समर्थित सुरक्षा मिशनों के सामने आ रही बाधाएं अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। इस प्रकार की घटनाएं भविष्य के मानवीय और शांति स्थापना अभियानों की रणनीति को बदल सकती हैं।
- **सुरक्षा परिदृश्य में:** कैरेबियन क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक गिरोहों की बढ़ती ताकत और हथियारों की पहुंच अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में कड़े सैन्य हस्तक्षेप का दबाव बढ़ सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
हाइती में सुरक्षा बलों और गिरोहों के बीच यह टकराव देश में लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक शून्यता और प्रशासनिक अराजकता का परिणाम है।

- **राजनीतिक अस्थिरता:** वर्ष 2021 में तत्कालीन राष्ट्रपति की हत्या के बाद से देश में कोई स्थिर नेतृत्व नहीं बचा है, जिससे शासन व्यवस्था चरमरा गई है।
- **चुनावी विलंब:** लंबे समय से चुनाव न होने और हाल ही में मतदान अनिश्चितकाल के लिए टल जाने से सत्ता विरोधी ताकतों को पैर पसारने का पूरा मौका मिल गया है।
- **गिरोहों का वर्चस्व:** राजधानी पोर्ट-उ-प्रिंस के अधिकांश हिस्से पर अवैध गिरोहों का नियंत्रण होने के कारण सुरक्षा बलों के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखना बेहद कठिन हो गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. हाइती में अल सल्वाडोर के कितने सैन्य कर्मी लापता हुए हैं?
हाइती में अल सल्वाडोर के चार वायु सेना कर्मी लापता हुए हैं।

### 2. यह घटना किस इलाके में घटी?
यह हमला क्रोईस-डेस-बुक्वेट्स इलाके में हुआ जो सशस्त्र समूहों के नियंत्रण में है।

### 3. अल सल्वाडोर के राष्ट्रपति ने क्या कदम उठाया है?
राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने लापता कर्मियों को वापस लाने के लिए एक सैन्य अभियान शुरू किया है।

### 4. ये सैन्य कर्मी हाइती में क्यों तैनात थे?
वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समर्थित गैंग सप्रेशन फोर्स का हिस्सा थे।

### 5. हाइती में राजधानी का कितना हिस्सा गिरोहों के नियंत्रण में है?
राजधानी पोर्ट-उ-प्रिंस का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा सशस्त्र गिरोहों के नियंत्रण में है।

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