# पेरू के क्वेरोपाल्का में हिटलर मुसोलिनी बने मेयर, करीबी मुकाबले में दर्ज की चुनावी जीत

> पेरू के सुदूर एंडीज पर्वतीय इलाके में स्थित क्वेरोपाल्का जिले में 45 वर्षीय हिटलर मुसोलिनी शिमोन फ्लोरेस ने कड़े मुकाबले में मेयर पद का चुनाव जीत लिया है।

**Type:** article · **Category:** लैटिन अमेरिका · **Published:** 2026-10-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/latin-america/peru-ke-queropalca-men-hitler-mussolini-bane-meyara-karibi-mukabale-men-darja-ki-chunavi-jita-45623 · **Language:** Hindi
**Tags:** पेरू, क्वेरोपाल्का, हिटलर मुसोलिनी, मेयर चुनाव, अहोरा नासियों, लातिन अमेरिका

दक्षिण अमेरिकी देश पेरू के एक पर्वतीय जिले में हुए स्थानीय चुनाव के नतीजों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। एंडीज पर्वतमाला के दुर्गम इलाके में बसे क्वेरोपाल्का जिले के निकाय चुनाव में 45 वर्षीय नेता हिटलर मुसोलिनी शिमोन फ्लोरेस ने बेहद करीबी मुकाबले में जीत दर्ज कर मेयर पद हासिल किया है। एग्जिट पोल और चुनाव कार्यालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस छोटे से क्षेत्र में पड़े कुल मतों में से सर्वाधिक समर्थन हासिल करके उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को पीछे छोड़ दिया। दो कुख्यात 20वीं सदी के यूरोपीय तानाशाहों के नाम पर रखा गया उनका नाम इस जीत के बाद चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है।

## क्वेरोपाल्का में मतदान के आंकड़े और चुनावी परिणाम
पेरू के राष्ट्रीय चुनाव कार्यालय से सामने आए चुनावी विवरण के अनुसार, क्वेरोपाल्का जिले में आयोजित इस स्थानीय मतदान प्रक्रिया में कुल 700 से कुछ अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इस सुदूर इलाके की कुल आबादी 1,000 से भी कम लोगों की है। चुनावी दौड़ में केंद्र-वामपंथी राजनीतिक दल अहोरा नासियों के उम्मीदवार के रूप में उतरे हिटलर मुसोलिनी शिमोन फ्लोरेस को कुल 229 मतदाताओं का समर्थन मिला। इस तरह उन्होंने कुल मतदान का लगभग 34 प्रतिशत हिस्सा अपने पक्ष में हासिल किया।

यह चुनावी मुकाबला बेहद कड़ा साबित हुआ। दक्षिणपंथी दल रेनोवासियों पोपुलर पेरू के उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे। शिमोन फ्लोरेस ने अपने इस प्रतिद्वंद्वी को महज 25 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। बेहद कम अंतर से मिली इस जीत ने उन्हें इस छोटे से ग्रामीण समुदाय के प्रशासनिक प्रमुख की कुर्सी तक पहुंचा दिया है।

## उम्मीदवार की पृष्ठभूमि और नाम को लेकर वैश्विक उत्सुकता
उम्मीदवार की आधिकारिक प्रोफाइल के मुताबिक, 45 वर्षीय शिमोन फ्लोरेस का जन्म इसी पर्वतीय जिले में हुआ था। क्वेरोपाल्का जिला मध्य हुआनुको विभाग के अंतर्गत आता है और यह इलाका पेरू की राजधानी लीमा से करीब 360 किलोमीटर यानी लगभग 224 मील की दूरी पर स्थित है। भौगोलिक रूप से बेहद शांत और अलग-थलग माने जाने वाले इस क्षेत्र का चुनावी नतीजा केवल स्थानीय विकास के मुद्दों की वजह से नहीं, बल्कि विजेता के असामान्य नाम की वजह से सीमाओं के पार तक फैल गया।

उनका पहला और दूसरा नाम सीधे तौर पर 20वीं सदी के यूरोपीय अधिनायकवादी शासकों एडॉल्फ हिटलर और बेनिटो मुसोलिनी से मेल खाता है। इतिहास के इन दो कुख्यात चेहरों का नाम एक साथ जुड़े होने के कारण उनके चुनावी अभियान को एक बेहद असामान्य और ध्यान खींचने वाली राजनीतिक घटना माना जा रहा था। स्थानीय मीडिया के अनुसार, 1,000 से कम निवासियों का प्रतिनिधित्व करने वाले इस छोटे से पद के लिए हुए मतदान ने अपने नाम की विचित्रता के कारण जरूरत से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी हैं।

## पेरू की स्थानीय राजनीति में असामान्य नामों का इतिहास
पेरू की राजनीति में किसी प्रमुख वैश्विक ऐतिहासिक हस्ती के नाम पर चुनाव लड़ने और जीतने का यह पहला मामला नहीं है। लातिन अमेरिकी देश में इस तरह के अनोखे नाम रखने की पुरानी परंपरा रही है। इससे पहले साल 2018 में भी ऐसा ही एक रोचक राजनीतिक मुकाबला देखने को मिला था, जब युंगार जिले में हिटलर ग्वेस्क्लिन अल्बा सांचेज मेयर चुने गए थे।

साल 2018 के उस चुनाव में हिटलर अल्बा सांचेज ने अपने प्रतिद्वंद्वी लेनिन व्लादिमीर रोड्रिग्ज वालवर्दे को चुनावी मैदान में शिकस्त दी थी। उस दौरान अल्बा सांचेज ने मतदाताओं के बीच प्रचार करते हुए बाकायदा यह नारा दिया था कि वह अच्छे हिटलर हैं। उस ऐतिहासिक वाकये के कुछ ही सालों बाद, अब क्वेरोपाल्का में हिटलर मुसोलिनी शिमोन फ्लोरेस की जीत ने एक बार फिर स्थानीय राजनीति के इस अनोखे पहलू को सामने ला दिया है।

## इसका आप पर असर
पेरू के एक छोटे से पर्वतीय जिले में हुए इस चुनाव का सीधा असर स्थानीय प्रशासनिक नीतियों और वहां के निवासियों के रोजमर्रा के जीवन पर पड़ेगा।

- **स्थानीय प्रशासन:** क्वेरोपाल्का जिले में अब केंद्र-वामपंथी अहोरा नासियों पार्टी की नीतियों के आधार पर स्थानीय विकास कार्य और प्रशासनिक फैसले लिए जाएंगे। 1,000 से कम आबादी वाले इस सुदूर क्षेत्र के निवासियों को अब अपनी नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के लिए नए मेयर के कार्यालय से संपर्क करना होगा।
- **वैश्विक पहचान:** इस चुनाव परिणाम के बाद क्वेरोपाल्का का नाम दुनिया भर के मीडिया में चर्चा का विषय बन गया है। इस असामान्य अंतरराष्ट्रीय प्रचार से इस छोटे से पर्वतीय क्षेत्र के प्रशासनिक कामकाज पर देश-विदेश की लगातार नजर रहने की संभावना है।
- **नागरिक प्रतिनिधित्व:** चुनाव में पड़े केवल 25 मतों के अंतर ने यह साबित कर दिया है कि छोटे समुदायों में प्रत्येक वोट कितना निर्णायक होता है। स्थानीय मतदाताओं के लिए आने वाले समय में विकास योजनाओं में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
- **चुनावी संस्कृति:** पेरू के मतदाताओं के लिए यह परिणाम दिखाता है कि उम्मीदवार का नाम चाहे जो भी हो, स्थानीय समर्थन और दलगत राजनीति ही अंतिम फैसला तय करती है। लोग असामान्य नामों से परे हटकर स्थानीय प्राथमिकताओं के आधार पर अपने प्रतिनिधि चुन रहे हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह चुनाव परिणाम स्थानीय स्तर पर हुए कड़े राजनीतिक मुकाबले और पेरू के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में मौजूद अनूठी नामकरण परंपरा का परिणाम है।

- **चुनावी मुकाबला:** केंद्र-वामपंथी अहोरा नासियों और दक्षिणपंथी रेनोवासियों पोपुलर पेरू के बीच बेहद करीबी मुकाबला था। लगभग 700 पड़े मतों में से 229 वोट हासिल करके शिमोन फ्लोरेस ने 25 वोटों के अंतर से बढ़त हासिल की।
- **सुदूरवर्ती भूगोल:** क्वेरोपाल्का राजधानी लीमा से लगभग 360 किलोमीटर दूर स्थित एक छोटा और दुर्गम क्षेत्र है। ऐसे सुदूर ग्रामीण इलाकों में उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पहचान और स्थानीय जुड़ाव मतदान में निर्णायक साबित होते हैं।
- **ऐतिहासिक मिसालें:** पेरू के ग्रामीण इलाकों में 20वीं सदी के यूरोपीय राजनीतिक चेहरों के नाम पर बच्चों के नाम रखने की पुरानी परिपाटी रही है। इससे पहले 2018 में भी युंगार में हिटलर नाम के उम्मीदवार ने लेनिन नाम के प्रतिद्वंद्वी को हराकर जीत हासिल की थी।

## सवाल-जवाब

### 1. पेरू के क्वेरोपाल्का में मेयर का चुनाव किसने जीता?
क्वेरोपाल्का में मेयर पद का चुनाव 45 वर्षीय नेता हिटलर मुसोलिनी शिमोन फ्लोरेस ने जीता है।

### 2. हिटलर मुसोलिनी शिमोन फ्लोरेस किस राजनीतिक दल के उम्मीदवार थे?
वह केंद्र-वामपंथी दल अहोरा नासियों के उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे थे।

### 3. चुनाव में कुल कितने मतदाताओं ने वोट डाला और जीतने वाले को कितने वोट मिले?
इस चुनाव में 700 से कुछ अधिक लोगों ने मतदान किया, जिसमें से विजेता को 229 वोट मिले जो कुल मतदान का करीब 34 प्रतिशत है।

### 4. शिमोन फ्लोरेस ने अपने प्रतिद्वंद्वी को कितने वोटों से हराया?
उन्होंने दक्षिणपंथी रेनोवासियों पोपुलर पेरू के दूसरे स्थान पर रहे उम्मीदवार को 25 वोटों के अंतर से हराया।

### 5. क्वेरोपाल्का जिला कहां स्थित है?
क्वेरोपाल्का मध्य हुआनुको विभाग में पेरू के एंडीज पर्वतीय क्षेत्र में स्थित है, जो राजधानी लीमा से करीब 360 किलोमीटर दूर है।

### 6. क्या पेरू में पहले भी किसी ऐसे नाम वाले नेता ने चुनाव जीता है?
हां, साल 2018 में युंगार जिले में हिटलर ग्वेस्क्लिन अल्बा सांचेज ने लेनिन रोड्रिग्ज वालवर्दे को हराकर मेयर का चुनाव जीता था।

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