# वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया मकाडो 10 महीने के निर्वासन के बाद वतन लौटीं, लारा में समर्थकों से मिलीं

> वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मकाडो 10 महीने से अधिक समय तक देश से बाहर रहने के बाद स्वदेश लौट आई हैं और उन्होंने लारा राज्य में चर्च जाकर समर्थकों से मुलाकात की।

**Type:** article · **Category:** लैटिन अमेरिका · **Published:** 2026-10-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/latin-america/venejuela-ki-vipakshi-neta-mar-a-machado-10-mahine-ke-nirvasana-ke-bada-vatana-lautin-lara-men-samarthakon-se-milin-51624 · **Language:** Hindi
**Tags:** वेनेजुएला, मारिया कोरीना मकाडो, निकोलस मादुरो, एदमूंदो गोंजालेज, डेल्सी रोड्रिग्ज, डोनाल्ड ट्रंप, लारा, वेनेजुएला राजनीति

वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरीना मकाडो 10 महीने से ज्यादा समय तक निर्वासन में रहने के बाद अपने देश लौट आई हैं। रविवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी वापसी की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि वह अब अपने लोगों के बीच पहुंच चुकी हैं। इसके कुछ ही मिनट बाद उनके सहयोगी और पूर्व राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार एदमूंदो गोंजालेज ने भी इस बात की पुष्टि की। गोंजालेज ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनकी नेता वेनेजुएला की धरती पर कदम रख चुकी हैं। मकाडो रविवार को वेनेजुएला के लारा राज्य में स्थित एक चर्च में प्रार्थना सभा में शामिल हुईं, जहां उनके समर्थकों ने उन्हें घेर लिया, गले लगाया और हाथ थामकर उनका स्वागत किया।

 

## अभूतपूर्व उथल-पुथल के बीच बदली सत्ता की तस्वीर

मारिया कोरीना मकाडो करीब 10 महीने पहले नॉर्वे में नोबेल शांति पुरस्कार स्वीकार करने के लिए वेनेजुएला से बाहर गई थीं। उनके देश छोड़ने के एक महीने बाद, जनवरी में संयुक्त राज्य अमेरिका ने उनके मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने मादुरो की डिप्टी डेल्सी रोड्रिग्ज का समर्थन किया। रोड्रिग्ज ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली और बाद में उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक महत्वपूर्ण तेल समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। इस तरह मकाडो एक बेहद बदले हुए और तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल में स्वदेश वापस आई हैं।

 

## सात असफल प्रयासों के बाद हुई वतन वापसी

मकाडो की वापसी का रास्ता बिल्कुल आसान नहीं था। सितंबर में उनके एक सलाहकार ने खुलासा किया था कि बीते कुछ हफ्तों के दौरान उन्होंने वेनेजुएला लौटने की सात बार अलग-अलग कोशिशें की थीं, लेकिन हर बार उन्हें देश में प्रवेश करने से रोक दिया गया था। लगातार मिली रुकावटों के बावजूद वह पीछे नहीं हटीं और आखिरकार 10 महीने बाद अपने वतन की जमीन पर लौटने में कामयाब रहीं। एदमूंदो गोंजालेज ने इस मौके को वेनेजुएला के लोगों के लिए एक बेहद ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण दिन करार दिया। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभु आवाज इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व करने और मार्गदर्शन देने के लिए लौट आई है। इसके साथ ही गोंजालेज ने यह भी ऐलान किया कि वह भी बहुत जल्द वेनेजुएला पहुंचकर मकाडो के साथ जुड़ेंगे ताकि मुल्क को आजादी की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।

 

## चुनावी संघर्ष और उम्मीदवारी पर पाबंदी का इतिहास

लोकतंत्र की मुखर समर्थक मानी जाने वाली मकाडो ने साल 2023 में मादुरो सरकार के आधिकारिक चुनाव प्राधिकरण से अलग आयोजित स्वतंत्र विपक्षी प्राइमरी चुनाव में 90 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल करके शानदार जीत दर्ज की थी। प्राइमरी चुनाव जीतने के बावजूद मादुरो सरकार ने उन पर धोखाधड़ी और टैक्स नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक पद के लिए चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी। मकाडो ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताया था। इसके बाद 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में मकाडो की जगह उनके सहयोगी एदमूंदो गोंजालेज मैदान में उतरे और उन्होंने मादुरो को चुनौती दी।

 

## विवादित चुनाव और लोकतांत्रिक बदलाव की मांग

साल 2024 के आम चुनाव में सरकार के करीबी माने जाने वाले चुनाव प्राधिकरण ने मतदान के विस्तृत आंकड़े सार्वजनिक किए बिना ही निकोलस मादुरो को विजेता घोषित कर दिया था। इसके विरोध में विपक्ष ने दावा किया कि असल में चुनाव गोंजालेज ने जीता था, न कि मादुरो ने। विपक्ष ने अपने दावे के समर्थन में मतदान की विस्तृत पर्चियों और गणना तालिकाओं की प्रतियां सार्वजनिक प्रमाण के रूप में पेश की थीं। अब मकाडो के प्रवक्ता डेविड स्मोलांस्की ने उनके लौटने को लोकतांत्रिक बदलाव और निकट भविष्य में निष्पक्ष, स्वतंत्र और सत्यापन योग्य राष्ट्रपति चुनाव कराने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। स्मोलांस्की ने इस निरंतर सहयोग और नेतृत्व के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, अमेरिकी सरकार, कांग्रेस और सहयोगी देशों का आभार भी व्यक्त किया। हालांकि मकाडो के अगले राजनीतिक कदम को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन वह पहले कह चुकी हैं कि यदि देश में नए चुनाव होते हैं तो वह दोबारा राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल होंगी।

## इसका आप पर असर
वेनेजुएला में विपक्षी नेता की वापसी से वहां राजनीतिक अस्थिरता और तेल कूटनीति पर सीधा असर पड़ सकता है।

- **वैश्विक तेल और ईंधन बाजार:** अमेरिका और अंतरिम सरकार के बीच हुए तेल समझौते के बाद मकाडो की वापसी वेनेजुएला की आपूर्ति नीति को प्रभावित कर सकती है। यदि राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
- **अंतरराष्ट्रीय कूटनीति:** मकाडो की वापसी से अमेरिका और लैटिन अमेरिकी देशों पर नए और निष्पक्ष चुनाव कराने का दबाव बढ़ेगा। इससे लैटिन अमेरिका में शक्ति संतुलन और कूटनीतिक समझौतों की दिशा तय होगी।
- **वेनेजुएला के नागरिक:** लंबे समय से आर्थिक तंगी और पाबंदियों से जूझ रहे स्थानीय लोगों के लिए यह बदलाव भविष्य की नीतियों को प्रभावित करेगा। आने वाले दिनों में नए चुनाव होने या न होने पर देश की आंतरिक स्थिरता निर्भर करेगी।
- **वैश्विक प्रवासी समुदाय:** निर्वासन में रह रहे लाखों वेनेजुएलाई नागरिकों की स्वदेश वापसी की उम्मीदें इस राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी हैं। राजनीतिक सुलह होने पर प्रवासियों के अधिकारों और उनकी वापसी के रास्ते खुल सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
मारिया कोरीना मकाडो की स्वदेश वापसी 10 महीने के लंबे निर्वासन, कई नाकाम कोशिशों और देश के शीर्ष नेतृत्व में आए भारी बदलाव के बाद संभव हुई है।

- **निर्वासन और अंतरराष्ट्रीय यात्रा:** मकाडो करीब 10 महीने पहले नॉर्वे में नोबेल शांति पुरस्कार ग्रहण करने के लिए देश छोड़कर गई थीं। उसके बाद उनकी वापसी पर पाबंदियां लग जाने के कारण वह लंबे समय तक स्वदेश नहीं लौट सकीं।
- **राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी:** जनवरी में अमेरिकी प्रशासन द्वारा निकोलस मादुरो को हिरासत में लेने के बाद देश का राजनीतिक ढांचा पूरी तरह बदल गया। मादुरो के हटने के बाद अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर डेल्सी रोड्रिग्ज ने पद संभाला, जिसने विपक्ष के लिए नए समीकरण पैदा किए।
- **बार-बार वापसी के प्रयास:** मकाडो ने सितंबर में वेनेजुएला लौटने के लिए कम से कम सात बार अलग-अलग प्रयास किए थे, लेकिन हर बार उन्हें रोक दिया गया था। लगातार राजनयिक दबाव और जमीनी प्रयासों के बाद आखिरकार वह देश में प्रवेश करने में सफल रहीं।
- **चुनाव और राजनीतिक गतिरोध:** 2024 के विवादित राष्ट्रपति चुनाव के बाद से ही देश में राजनीतिक संकट गहराया हुआ था, जहां विपक्ष ने चुनावी जीत का दावा किया था। मकाडो की वापसी का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक बदलाव और नए पारदर्शी चुनावों की मांग को आगे बढ़ाना है।

## सवाल-जवाब

### 1. मारिया कोरीना मकाडो कितने समय बाद वेनेजुएला लौटी हैं?
मारिया कोरीना मकाडो 10 महीने से अधिक समय तक निर्वासन में रहने के बाद वेनेजुएला वापस लौटी हैं।

### 2. मकाडो ने देश में लौटने के बाद सबसे पहले कहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराई?
उन्होंने वेनेजुएला के लारा राज्य में स्थित एक चर्च में प्रार्थना सभा में भाग लिया और समर्थकों से मुलाकात की।

### 3. मकाडो मूल रूप से देश छोड़कर बाहर क्यों गई थीं?
वह नॉर्वे में नोबेल शांति पुरस्कार स्वीकार करने के लिए वेनेजुएला से बाहर गई थीं।

### 4. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के साथ जनवरी में क्या हुआ था?
जनवरी में संयुक्त राज्य अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में ले लिया था।

### 5. वर्तमान में वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति कौन हैं?
मादुरो की पूर्व डिप्टी डेल्सी रोड्रिग्ज अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में पद संभाल रही हैं, जिन्हें अमेरिका का समर्थन प्राप्त है।

### 6. क्या मकाडो ने पहले भी लौटने की कोशिश की थी?
हां, उनके सलाहकार के अनुसार उन्होंने पिछले कुछ हफ्तों में सात बार लौटने की कोशिश की थी, लेकिन हर बार उन्हें रोक दिया गया था।

### 7. 2024 के चुनाव में मकाडो की जगह किसने चुनाव लड़ा था?
मकाडो के चुनाव लड़ने पर पाबंदी के बाद उनके सहयोगी एदमूंदो गोंजालेज ने राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ा था।

### 8. क्या मकाडो भविष्य में राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगी?
उन्होंने पहले कहा है कि यदि देश में दोबारा चुनाव आयोजित किए जाते हैं तो वह राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ेंगी।

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