टॉक्सिक रिव्यू (2026): स्वैग और विजुअल्स में दमदार यश, लेकिन स्क्रीनप्ले पर बंटे दर्शक गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी फिल्म 'टॉक्सिक' में सुपरस्टार यश का स्वैग और एक्शन बेहद प्रभावी है, हालांकि स्क्रीनप्ले और कहानी की धीमी रफ्तार को लेकर दर्शक सोशल मीडिया पर दो फाड़ नजर आ रहे हैं। कन्नड़ सिनेमा के सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित पैन-इंडिया फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है, और शुरुआती प्रदर्शन के साथ ही इसका पहला टॉक्सिक रिव्यू सामने आने लगा है। ब्लॉकबस्टर फिल्म 'केजीएफ: चैप्टर 2' की ऐतिहासिक सफलता के बाद दर्शक कई सालों से यश को बड़े पर्दे पर दोबारा देखने का इंतजार कर रहे थे। निर्देशक गीतू मोहनदास द्वारा निर्देशित यह डार्क एक्शन ड्रामा फिल्म अपनी घोषणा के समय से ही सुर्खियों में बनी हुई थी। सुबह के पहले शो के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर आम दर्शकों और फिल्म क्रिटिक्स के शुरुआती रिएक्शंस का तांता लग गया है, जिसमें फिल्म के विजुअल्स, स्टाइल और कहानी को लेकर मिश्रित राय देखने को मिल रही है। यश का स्टारडम और धमाकेदार स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म के शुरुआती रुझानों और प्रतिक्रियाओं में सुपरस्टार यश का स्टारडम और उनकी ऑन-स्क्रीन मौजूदगी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। दर्शकों ने यश के नए लुक, उनके अनूठे अंदाज, एक्शन दृश्यों और कैमरे के सामने उनकी दमदार पर्सनैलिटी की दिल खोलकर तारीफ की है। पहले हाफ में यश का स्वैग दर्शकों को सिनेमाघरों में बांधे रखने में काफी हद तक सफल साबित होता है। कई दर्शकों का मानना है कि कहानी में आ रही कमियों के बावजूद यश का करिश्मा फिल्म को सहारा देता है। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा कि फर्स्ट हाफ में यश बेहद शानदार नजर आते हैं और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस पूरे माहौल को संभाल लेती है। इसके अलावा फिल्म की सिनेमैटोग्राफी, एक्शन सीक्वेंस और प्रोडक्शन डिजाइन की भी प्रशंसा की जा रही है। हालांकि, तकनीकी खूबियों और एक्शन से भरपूर दृश्यों के बावजूद कहानी की रफ्तार को लेकर दर्शकों ने निराशा व्यक्त की है। स्क्रीनप्ले और राइटिंग पर उठे गंभीर सवाल शुरुआती समीक्षाओं में सबसे अधिक आलोचना फिल्म के स्क्रीनप्ले और लेखन की हुई है। कई दर्शकों और फिल्म विश्लेषकों का कहना है कि फिल्म में भारी हिंसा, गोलियां, फाइट सीन और स्लो-मोशन शॉट्स तो प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं, लेकिन मुख्य प्लॉट बहुत धीमी गति से आगे बढ़ता है। विजुअल स्केल के मामले में फिल्म जितनी भव्य है, कहानी के स्तर पर उतनी ही बिखरी हुई लगती है। इंडस्ट्री के समीक्षक वेंकी रिव्यूज ने तकनीकी पहलुओं की सराहना करते हुए स्क्रीनप्ले की कमियों को उजागर किया और कहा कि फिल्म में "केजीएफ का भारी हैंगओवर है और इसका स्क्रीनप्ले बेहद उलझा हुआ और थकाऊ लगता है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि अत्यधिक मोकोबॉट इस्तेमाल के कारण एक्शन दृश्य भी बनावटी लगते हैं और बैकग्राउंड म्यूजिक उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। वहीं अन्य समीक्षक क्रिस्टोफर कनागराज ने लिखा कि फिल्म में स्टाइल, ग्लैमर और हिंसा तो भरपूर है, लेकिन "पात्रों का सही परिचय, संवाद और भावनात्मक जुड़ाव नहीं है, और इसका स्क्रीनप्ले पूरी तरह से दिशाहीन लगता है।" 'केजीएफ' का हैंगओवर और सोशल मीडिया पर तुलना यश की पिछली फिल्म 'केजीएफ: चैप्टर 2' ने बॉक्स ऑफिस पर जो कीर्तिमान स्थापित किए थे, उसी के चलते इस फिल्म से दर्शकों की अपेक्षाएं आसमान छू रही थीं। ऐसे में 'टॉक्सिक' के किरदारों, ट्रीटमेंट और प्रेजेंटेशन की सीधी तुलना 'केजीएफ' से की जा रही है। सोशल मीडिया पर एक वर्ग का मानना है कि फिल्म 'केजीएफ' के प्रभाव से बाहर नहीं निकल पाई है। एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि फिल्म के फर्स्ट हाफ में 'केजीएफ' का गहरा असर दिखता है, जहां एक्शन और स्टाइल तो भरपूर है लेकिन कहानी में कोई खास गहराई महसूस नहीं होती। वहीं दूसरे हाफ की शुरुआत के बाद सोशल मीडिया पर एक दर्शक ने मजाकिया लहजे में लिखा कि फिल्म का शीर्षक 'टॉक्सिक' रखने के बजाय 'केजीएफ 3' रख देना चाहिए था। इस बीच, विदेशों और यूएसए से भी नकारात्मक समीक्षाओं के हवाले से सोशल मीडिया यूजर संजू गजा और सुरेंद्र जैसे यूजर्स ने कई मीम्स और पोस्ट शेयर किए हैं। महिला किरदारों के चित्रण पर दर्शकों की राय फिल्म में एक्शन और हिंसा के अतिरेक के बीच महिला पात्रों के चित्रण को लेकर भी दर्शकों के एक हिस्से ने सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कुछ व्यूअर्स ने फिल्म की राइटिंग में लैंगिक संवेदनशीलता की कमी की ओर इशारा किया। एक सोशल मीडिया यूजर ने फिल्म को 2.5/5 की रेटिंग देते हुए लिखा कि पटकथा में महिला पात्रों को मुख्य रूप से यश के वर्चस्व और 'डॉमिनेंस' को स्थापित करने के लिए इस्तेमाल किया गया है। दर्शकों का कहना है कि फिल्म में इतनी बड़ी स्टार कास्ट होने के बावजूद महिला किरदारों को मजबूत और स्वतंत्र पहचान देने के बजाय उन्हें मुख्य अभिनेता के इर्द-गिर्द ही सीमित रखा गया है। एडवांस बुकिंग और बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई सोशल मीडिया पर भले ही फिल्म की कहानी को लेकर प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हों, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर 'टॉक्सिक' ने रिलीज से पहले ही अभूतपूर्व हलचल पैदा कर दी थी। ट्रेड ट्रैकिंग वेबसाइट सैकनिल्क के आंकड़ों के अनुसार, 24 अगस्त तक बिना ब्लॉक सीट्स के भारत में फिल्म की पहले दिन की एडवांस बुकिंग लगभग 25.91 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी, जिसमें करीब 6.95 लाख टिकट बेचे जा चुके थे। 25 अगस्त तक एडवांस बुकिंग के आंकड़ों में और भी बड़ा उछाल देखा गया और ब्लॉक सीट्स को मिलाकर यह आंकड़ा 40 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। सोशल मीडिया यूजर जेरिन जॉर्जकुट्टी ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि 'टॉक्सिक' ने उत्तर कर्नाटक में 'केजीएफ: चैप्टर 2' के 2.60 करोड़ रुपये के फाइनल प्री-सेल्स रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया और 2.61 करोड़ रुपये की कमाई के साथ नया कीर्तिमान स्थापित किया। इससे साफ जाहिर होता है कि फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता चरम पर थी। भारी-भरकम बजट और मल्टी-स्टारर कास्ट 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' का निर्माण बेहद विशाल और भव्य पैमाने पर किया गया है। हालांकि निर्माताओं ने फिल्म के आधिकारिक बजट का खुलासा नहीं किया है, लेकिन विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में इसका अनुमानित बजट 500 करोड़ रुपये से लेकर 1,000 करोड़ रुपये के बीच बताया जा रहा है। फिल्म की स्टार कास्ट भी काफी विस्तृत है। इसमें सुपरस्टार यश के साथ मुख्य भूमिकाओं में कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसी नामचीन अभिनेत्रियां शामिल हैं। निर्देशक गीतू मोहनदास ने इस बहुभाषी फिल्म में विजुअल एस्थेटिक्स को तो निखारा है, लेकिन अब यह देखना दिलचस्प होगा कि शुरुआती बंटी हुई समीक्षाओं के बीच फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए रखने में कितनी सफल होती है। इसका आप पर असर • दर्शकों के लिए: यदि आप सिर्फ यश के स्वैग, सिनेमैटोग्राफी और बड़े पैमाने के एक्शन के मुरीद हैं तो यह फिल्म देखने जा सकते हैं, लेकिन मजबूत कहानी की उम्मीद रखने वालों को निराशा हो सकती है। सवाल-जवाब 1. क्या टॉक्सिक देखने लायक है? यदि आप यश के बड़े प्रशंसक हैं और भव्य विजुअल्स व स्टाइल देखना चाहते हैं तो यह फिल्म देख सकते हैं, लेकिन धीमी कहानी और कमजोर स्क्रीनप्ले के कारण आम दर्शकों की राय बंटी हुई है। 2. क्या टॉक्सिक की तुलना केजीएफ चैप्टर 2 से हो रही है? हां, सोशल मीडिया पर दर्शक इसकी तुलना केजीएफ से कर रहे हैं और कई लोगों का मानना है कि फिल्म पर केजीएफ का गहरा प्रभाव है। 3. टॉक्सिक फिल्म में कौन-कौन से मुख्य कलाकार हैं? फिल्म में सुपरस्टार यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत मुख्य भूमिकाओं में हैं। 4. टॉक्सिक का एडवांस बुकिंग कलेक्शन कितना रहा? 24 अगस्त तक बिना ब्लॉक सीट्स के भारत में डे-1 एडवांस बुकिंग लगभग 25.91 करोड़ रुपये थी, जो 25 अगस्त तक ब्लॉक सीट्स मिलाकर 40 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई। https://trendkia.com/launch-review/toxic-rivyu-2026-svaiga-aura-vijualsa-men-damadara-yash-lekina-skrinaple-para-bnte-darshaka-22143 TrendKia — Har trend, sabse pehle.