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  "type": "article",
  "title": "40 के बाद बेजान होने लगते हैं नाखून, इस तरह रखें हाथों की सेहत का खास ख्याल",
  "summary": "उम्र बढ़ने के साथ नाखूनों की सेहत में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। सही खानपान और नियमित देखभाल से इन्हें मजबूत और चमकदार बनाए रखा जा सकता है।",
  "content": "बढ़ती उम्र के साथ शरीर के अन्य हिस्सों की तरह नाखूनों की बनावट और उनके विकास की गति पर भी गहरा असर पड़ता है। इस पड़ाव पर पहुंचकर इनकी उचित देखभाल करना बहुत आवश्यक हो जाता है। हालांकि कुछ आसान सी दैनिक आदतों को अपनाकर नाखूनों को लंबे समय तक स्वस्थ, मजबूत और सुंदर बनाए रखना संभव है। आइए जानते हैं कि चालीस की उम्र के बाद नाखूनों में किस प्रकार के बदलाव आते हैं और उनकी सही देखभाल कैसे की जा सकती है।\n\nनमी की कमी और देखभाल के उपाय\nजैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, नाखूनों में मौजूद प्राकृतिक तेल और नमी की मात्रा धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसके परिणामस्वूप नाखूनों का लचीलापन घटने लगता है और वे बेहद कमजोर होकर जल्दी टूटने लगते हैं या फिर बीच से दो हिस्सों में बंटने लगते हैं। इस समस्या से बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि रात को सोने से ठीक पहले अपने नाखूनों और उसके आसपास की त्वचा पर अच्छी मात्रा में पेट्रोलियम जेली या कोई बेहतर मॉइश्चराइजर लगाएं ताकि नमी बरकरार रहे।\n\nपीलेपन से बचाव और हल्की बफिंग\nलंबे समय तक नेल पॉलिश का इस्तेमाल करने, सीधे धूप के संपर्क में आने और उम्र के प्रभावों के कारण नाखून अक्सर पीले और बेजान नजर आने लगते हैं। इनकी प्राकृतिक चमक को फिर से बहाल करने के लिए कुछ हफ्तों में एक बार बहुत ही हल्के हाथों से बफिंग की जा सकती है। हालांकि इस दौरान अत्यधिक रगड़ने से पूरी तरह बचना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से नाखून अंदर से कमजोर हो सकते हैं और उन्हें नुकसान पहुंच सकता है।\n\nक्यूटिकल्स का सूखापन और पोषण\nनाखूनों के आसपास की संवेदनशील त्वचा जिसे क्यूटिकल कहा जाता है, वह भी उम्र बढ़ने के साथ रूखी और बेजान होने लगती है। इस परेशानी से निपटने के लिए हर रोज नियमित रूप से क्यूटिकल ऑयल या फिर किसी उच्च गुणवत्ता वाले मॉइश्चराइजर का उपयोग करना चाहिए। इससे उस हिस्से की त्वचा में नमी हमेशा बनी रहती है और रूखापन काफी हद तक कम हो जाता है।\n\nखानपान और कोशिकाओं के विकास की गति\nचालीस की उम्र पार करने के बाद शरीर के भीतर नई कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया काफी धीमी हो जाती है, जिसका सीधा असर नाखूनों के बढ़ने की रफ्तार पर भी पड़ता है। ऐसे में नाखूनों को भीतर से मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए अपने दैनिक आहार में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, दालें, अंडे, दूध और विटामिन बी से भरपूर खाद्य पदार्थों को अवश्य शामिल करना चाहिए। संतुलित पोषण मिलने से नाखूनों की सेहत में सुधार होता है।\n\nधारियों की समस्या और रिज फिलिंग\nबढ़ती उम्र के साथ कई बार नाखूनों पर ऊपर से नीचे की दिशा में लंबी-लंबी धारियां उभरकर दिखने लगती हैं। आमतौर पर यह एक सामान्य शारीरिक बदलाव माना जाता है, जिससे घबराने की जरूरत नहीं होती है। इन धारियों को छिपाने और कम दिखाने के लिए रिज-फिलिंग बेस कोट का इस्तेमाल किया जा सकता है, साथ ही नाखूनों को लगातार मॉइश्चराइज करते रहना चाहिए।\n\nअसामान्य बदलाव और चिकित्सीय सलाह\nयदि नाखून अचानक से बेहद कमजोर होने लगें, उनके आकार में कोई बदलाव आ जाए या फिर उनके रंग में किसी प्रकार का असामान्य परिवर्तन दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। कई बार थायरॉइड की समस्या, शरीर में आयरन की कमी, कुछ विशेष दवाइयों का सेवन और लगातार रहने वाला तनाव भी नाखूनों में ऐसे बदलावों की मुख्य वजह बन सकता है। इसके अलावा जेल मैनीक्योर और नेल पॉलिश को गलत तरीके से हटाने के कारण भी नाखूनों को गंभीर क्षति पहुंच सकती है, इसलिए किसी भी असामान्य लक्षण को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।\n\nइसका आप पर असर\nनाखूनों की सेहत पर उम्र के असर को समय रहते पहचानकर सही देखभाल करने से रोजमर्रा की कई परेशानियों से बचा जा सकता है।\n\n• दैनिक खानपान: अपने रोज के भोजन में प्रोटीन, दालें और दूध को शामिल करने से नाखूनों को अंदरूनी पोषण मिलता है। इससे उनके टूटने और कमजोर होने की समस्या में काफी कमी आती है।\n• नियमित मॉइश्चराइजेशन: रात को सोने से पहले पेट्रोलियम जेली या मॉइश्चराइजर लगाने से नाखूनों की नमी बरकरार रहती है। यह आदत रूखेपन और पपड़ी जमने जैसी दिक्कतों से बचाती है।\n• क्यूटिकल की देखभाल: क्यूटिकल ऑयल का इस्तेमाल करने से आसपास की त्वचा मुलायम बनी रहती है। इससे नाखूनों के किनारे फटने और दर्द होने की शिकायत दूर होती है।\n• बफिंग में सावधानी: हफ्तों में एक बार हल्की बफिंग करने से नाखूनों का पीलापन दूर होता है। बहुत ज्यादा रगड़ने से बचने पर नाखून सुरक्षित रहते हैं।\n• स्वास्थ्य संकेत: नाखूनों के रंग या आकार में अचानक होने वाले बदलाव किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकते हैं। समय रहते डॉक्टर से सलाह लेने पर गंभीर समस्याओं से समय पर बचा जा सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nउम्र बढ़ने के साथ शरीर के भीतर होने वाले जैविक और हॉर्मोनल बदलाव नाखूनों की संरचना को प्रभावित करते हैं। इन प्राकृतिक कारणों से नाखूनों का स्वास्थ्य समय के साथ बदलता है।\n\n• प्राकृतिक तेलों की कमी: उम्र बढ़ने के साथ शरीर कम प्राकृतिक तेल और नमी पैदा करता है, जिससे नाखूनों की नमी छिन जाती है। यह प्रक्रिया उनके टूटने का मुख्य कारण बनती है।\n• कोशिका विभाजन की गति: उम्र बढ़ने पर शरीर में नई कोशिकाओं के बनने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। इससे नाखूनों की वृद्धि दर घट जाती है और वे कमजोर हो जाते हैं।\n• पोषक तत्वों का प्रभाव: आहार में प्रोटीन और विटामिन बी की कमी होने से नाखूनों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता है। इससे उनकी बनावट प्रभावित होती है।\n• बाहरी नुकसान और उत्पाद: लगातार केमिकल वाले नेल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल और गलत तरीके से मैनीक्योर करना नाखूनों को नुकसान पहुंचाता है। इन आदतों से नाखून अपनी चमक खो देते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. 40 की उम्र के बाद नाखूनों में मुख्य रूप से क्या बदलाव आते हैं?\nइस उम्र के बाद नाखूनों में नमी और प्राकृतिक तेल कम होने लगते हैं, जिससे वे रूखे, बेजान और जल्दी टूटने वाले हो जाते हैं।\n\n2. रात को सोने से पहले नाखूनों पर क्या लगाना चाहिए?\nरात को सोने से पहले नाखूनों और उसके आसपास की त्वचा पर पेट्रोलियम जेली या अच्छा मॉइश्चराइजर लगाना फायदेमंद होता है।\n\n3. नाखूनों का पीलापन दूर करने के लिए क्या करना चाहिए?\nनाखूनों की चमक बनाए रखने के लिए कुछ हफ्तों में एक बार हल्के हाथों से बफिंग की जा सकती है।\n\n4. क्यूटिकल्स का रूखापन कैसे कम किया जा सकता है?\nरोजाना क्यूटिकल ऑयल या अच्छे मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करने से क्यूटिकल्स का रूखापन कम होता है।\n\n5. नाखूनों की वृद्धि बढ़ाने के लिए आहार में क्या शामिल करें?\nनाखूनों को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त प्रोटीन, दालें, अंडे, दूध और विटामिन बी से भरपूर चीजें खानी चाहिए।\n\n6. नाखूनों पर लंबी धारियां क्यों दिखाई देती हैं?\nउम्र बढ़ने के साथ नाखूनों पर ऊपर से नीचे की ओर लंबी धारियां दिखना एक सामान्य बदलाव हो सकता है।\n\n7. डॉक्टर से सलाह कब लेनी चाहिए?\nअगर नाखून अचानक बहुत कमजोर हो जाएं, उनका आकार या रंग बदल जाए तो डॉक्टर से परामर्श करना जरूरी है।\n\n8. नाखूनों में बदलाव के अन्य कारण क्या हो सकते हैं?\nथायराइड की समस्या, आयरन की कमी, कुछ दवाइयां और लगातार तनाव भी नाखूनों में बदलाव का कारण बन सकते हैं।",
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