अलमारी में रखी पुरानी साड़ियों और चादरों से बनाएं आकर्षक पर्दे, कम बजट में बदलेगा घर का रूप अलमारी में बेकार पड़े कपड़ों, साड़ियों और सूती चादरों को फेंकने के बजाय थोड़ा रचनात्मक काम करके घर के लिए शानदार पर्दे बनाए जा सकते हैं। इस आसान घरेलू तरीके से बिना अतिरिक्त पैसे खर्च किए कमरों को नया और खूबसूरत लुक मिल सकता है। भारतीय घरों की अलमारियों और बक्सों में अक्सर ऐसी पुरानी साड़ियां, चादरें और कपड़े मिल जाते हैं जिनका इस्तेमाल बंद हो चुका होता है। समय के साथ यह अप्रयुक्त सामान घर के कोनों में केवल जगह घेरता रहता है। ऐसे पुराने कपड़ों को कूड़े में फेंकने या व्यर्थ छोड़ने के बजाय घर की साज-सज्जा में बहुत काम में लाया जा सकता है। अपनी कल्पनाशीलता और मामूली सिलाई की मदद से इन कपड़ों को बेहद आकर्षक और उपयोगी पर्दों का रूप दिया जा सकता है। इससे नए और महंगे रेडीमेड पर्दे खरीदने का खर्च बचता ही है, साथ ही पूरे कमरे का वातावरण भी पूरी तरह नया और आकर्षक लगने लगता है। साड़ी के प्राकृतिक बॉर्डर और प्रिंट से तैयार करें खिड़की-दरवाजे के पर्दे पुरानी साड़ी से पर्दे तैयार करना सबसे आसान और सुंदर घरेलू उपायों में शामिल है। पारंपरिक और आधुनिक साड़ियों में पहले से ही मनमोहक कढ़ाई, आकर्षक प्रिंट और डिजाइनर बॉर्डर मौजूद होते हैं, इसलिए इन पर अलग से कोई महंगी सजावट करने की आवश्यकता नहीं होती। इस प्रक्रिया को शुरू करने से पहले उस खिड़की या दरवाजे की लंबाई और चौड़ाई का सही नाप ले लें जहां पर्दा लगाना है। इसके बाद साड़ी को वांछित माप के अनुसार काटें और कटे हुए सिरों पर सिलाई मशीन से तुरपाई या फिनिशिंग कर लें ताकि धागे न निकलें। साड़ी के सुंदर बॉर्डर को पर्दे के निचले हिस्से में या दोनों किनारों पर सेट किया जा सकता है। अनीता धोत्रे के अनुसार, पुरानी साड़ियों से मनमोहक पर्दे बहुत सरलता से बनाए जा सकते हैं, क्योंकि उनके पहले से मौजूद प्रिंट और बॉर्डर पर्दे को तुरंत एक क्लासिक रूप दे देते हैं। कमरे के रंग और थीम के अनुसार उपयुक्त साड़ी चुनकर सही कटिंग और सिलाई करने से साधारण कमरा भी खिल उठता है। सूती चादर और बेडशीट को बनाएं सादगी भरा पर्दा यदि आपके पास अच्छी स्थिति वाली पुरानी सूती चादर या बड़ी बेडशीट रखी है, तो वह भी पर्दे के लिए एक बेहतरीन विकल्प बन सकती है। इसके लिए चादर को दरवाजे या खिड़की के सटीक माप के मुताबिक काट लें और चारों किनारों को मोड़कर मजबूत सिलाई कर दें। पर्दे की रॉड डालने के लिए ऊपर वाले हिस्से में कपड़े को दोहरा मोड़कर नेफा बना लें, अथवा बाजार से मिलने वाली कर्टेन रिंग्स लगाकर भी इसे आसानी से लटकाया जा सकता है। हल्के रंगों वाली सूती बेडशीट से तैयार पर्दे कमरे को शांत, साफ-सुथरा और खुला हुआ अहसास देते हैं। यदि चादर का फैब्रिक ज्यादा पतला या पारदर्शी महसूस हो, तो उसे डबल लेयर यानी दोहरा मोड़कर सिल सकते हैं, जिससे बाहर से आने वाली तीखी धूप भी रुक सकेगी। कई साड़ियों के टुकड़ों को जोड़कर बनाएं पैचवर्क स्टाइल डिजाइन अगर आप कमरे को कुछ अलग और आधुनिक लुक देना चाहते हैं, तो दो या तीन अलग-अलग रंगों और प्रिंट वाली पुरानी साड़ियों का मेल करके अनोखा पर्दा बना सकते हैं। इसके लिए अलग-अलग बनावट और कंट्रास्ट रंगों के कपड़े के टुकड़े काटें। अपनी पसंद के पैटर्न के अनुसार इन्हें आपस में सिल लें। उदाहरण के तौर पर, पर्दे के बीच के भाग में एक गहरे या हल्के रंग का कपड़ा रखें और दोनों किनारों पर दूसरे रंग की पट्टियां जोड़ दें। साड़ी के बॉर्डर के टुकड़ों को किनारों पर लगाने से पूरा पर्दा एक महंगे बुटीक कर्टेन जैसा दिखाई देने लगता है। यह तरीका न केवल वेस्ट फैब्रिक का बेहतरीन इस्तेमाल करता है, बल्कि घर को एक कस्टमाइज्ड आर्टिस्टिक टच भी देता है। सजावटी कॉटन रस्सी से बनाएं मैक्रमे स्टाइल डिवाइडर पर्दा पारंपरिक फैब्रिक कर्टेन से हटकर कुछ अलग करने के लिए कॉटन की मजबूत रस्सी का उपयोग करके मैक्रमे स्टाइल पर्दा भी तैयार किया जा सकता है। इसके लिए एक मजबूत लकड़ी की डंडी या रॉड पर सूती रस्सियों को अलग-अलग प्रकार की खूबसूरत गांठों और विशेष पैटर्न में बांधा जाता है। पर्दे के निचले सिरे पर रस्सियों को खुला छोड़कर खूबसूरत झालर का रूप दिया जा सकता है। इस प्रकार के मैक्रमे पर्दे कमरे के दो हिस्सों के बीच रूम डिवाइडर के रूप में अथवा बालकनी और दरवाजों की सजावट के लिए बहुत सुंदर दिखते हैं। हालांकि इस काम के लिए गांठें बांधने का थोड़ा पूर्व अभ्यास आवश्यक होता है। यह पर्दा कमरे में रोशनी पूरी तरह रोकने के बजाय मुख्य रूप से कलात्मक सजावट के लिए सबसे उपयुक्त रहता है। लेस और मोतियों से पुराने पर्दों को दें नया आकर्षण यदि घर में पहले से मौजूद पर्दे काम करने की स्थिति में हैं लेकिन उनका लुक काफी सादा या पुराना लगने लगा है, तो उन्हें बदलने की कोई जरूरत नहीं है। ऐसे पर्दों के नीचे, बीच में या किनारों पर आकर्षक लेस की पट्टी सिलकर उनका कायाकल्प किया जा सकता है। विपरीत रंग की लेस लगाने से साधारण पर्दा भी डिजाइनर दिखने लगता है। इसके अलावा, सजावटी प्रवेश द्वार के लिए मजबूत धागों में लकड़ी या प्लास्टिक के रंग-बिरंगे मोतियों को पिरोकर बीडेड पर्दा भी बनाया जा सकता है। विभिन्न रंगों और आकारों के मोतियों से अनूठे पैटर्न रचे जा सकते हैं। हालांकि इस तरह के मोतियों वाले पर्दों का उपयोग करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि वे छोटे बच्चों की पहुंच से सुरक्षित दूरी पर रहें। सिलाई और फैब्रिक तैयार करने के जरूरी नियम घर में नया लुक लाने के लिए हमेशा बाजार से महंगे सामान खरीदना जरूरी नहीं होता। बेकार पड़ी चादरों, साड़ियों और बचे हुए कपड़ों से अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार सुंदर पर्दे तैयार किए जा सकते हैं। इस काम को शुरू करने से पहले कपड़ों को अच्छी तरह धोकर प्रेस कर लेना चाहिए ताकि सिलाई के बाद कपड़ा सिकुड़े नहीं। खिड़की या दरवाजे का सही नाप लेना और पर्दे की रॉड अथवा रिंग के आकार के अनुसार ऊपर की सिलाई करना बेहद आवश्यक है। थोड़ी सी समझदारी और मेहनत से बेकार पड़ा सामान भी आपके आशियाने की सुंदरता में चार चांद लगा सकता है। इसका आप पर असर पुरानी साड़ियों और चादरों को पर्दे के रूप में दोबारा इस्तेमाल करने से नए पर्दे खरीदने का बड़ा घरेलू खर्च बचता है और घर को नया लुक मिलता है। • घरेलू बजट पर असर: बाजार से नए रेडीमेड या डिजाइनर पर्दे खरीदने में लगने वाले हजारों रुपये की सीधी बचत होती है। घर में पहले से मौजूद बेकार कपड़ों का उपयोग करने से बिना अतिरिक्त खर्च कमरे का मेकओवर हो जाता है। • घर के रख-रखाव में बदलाव: अलमारियों और बक्सों में महीनों से बंद पड़े अनुपयोगी कपड़ों का सही निपटारा होता है और स्टोरेज स्पेस खाली होता है। इससे कपड़ों की बर्बादी रुकती है और पर्यावरण-अनुकूल अपसाइक्लिंग को बढ़ावा मिलता है। • कमरे के वातावरण पर प्रभाव: सूती चादरों और हल्की साड़ियों के पर्दे कमरे में हवा और प्राकृतिक रोशनी का संतुलन बनाए रखते हैं। दोहरी परत सिलने से जरूरत के अनुसार धूप और गोपनीयता दोनों को नियंत्रित किया जा सकता है। • कस्टमाइज्ड सजावट की सुविधा: बाजार के निश्चित नाप के बजाय खिड़कियों और दरवाजों के सटीक आकार के अनुसार पर्दे तैयार किए जा सकते हैं। अपनी पसंद के रंग और बॉर्डर चुनकर कमरे के इंटीरियर से मेल खाता लुक पाना संभव होता है। ऐसा क्यों हुआ घरों में रखे पुराने कपड़ों से पर्दे बनाने का चलन इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि यह बेकार सामान को उपयोगी बनाने का एक सस्ता और टिकाऊ तरीका है। • कपड़ों का संचय: पारंपरिक भारतीय परिवारों में समय के साथ बड़ी संख्या में साड़ियां और चादरें अलमारियों में जमा हो जाती हैं जिनका इस्तेमाल बंद हो जाता है। जगह की कमी और सामान के बेकार पड़े रहने की समस्या से निपटने के लिए लोग रचनात्मक पुनर्चक्रण का सहारा लेते हैं। • पहले से मौजूद डिजाइनों की उपलब्धता: पुरानी साड़ियों में खूबसूरत बॉर्डर, जटिल कढ़ाई और आकर्षक रंग पहले से बने होते हैं। इन आकर्षक डिजाइनों के कारण साधारण कपड़ों की तुलना में इनसे बिना किसी अतिरिक्त सजावटी सामग्री के सुंदर पर्दे आसानी से बन जाते हैं। • महंगाई और बजट की चिंता: बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाले कर्टेंस और फैब्रिक काफी महंगे मिलते हैं। न्यूनतम सिलाई ज्ञान की मदद से घर पर ही आकर्षक पर्दे बनाकर लोग अपने घरेलू खर्चों को नियंत्रित कर लेते हैं। सवाल-जवाब 1. पुरानी साड़ी से पर्दा बनाने के लिए सबसे पहले क्या करना चाहिए? सबसे पहले उस खिड़की या दरवाजे का सही नाप लेना चाहिए जहां पर्दा लगाना है, फिर उसी माप से साड़ी काटकर किनारों को सिलना चाहिए। 2. अगर सूती चादर का कपड़ा बहुत पतला हो तो क्या करें? यदि चादर पतली हो तो उसे दोहरा करके सिला जा सकता है ताकि पर्दा पर्याप्त मोटा बने और रोशनी को रोक सके। 3. मैक्रमे स्टाइल पर्दा बनाने के लिए किन चीजों की आवश्यकता होती है? मैक्रमे पर्दा बनाने के लिए मजबूत कॉटन की रस्सी, एक लकड़ी की डंडी और गांठें लगाने के अभ्यास की जरूरत होती है। 4. साधारण या पुराने पर्दों को बिना बदले नया लुक कैसे दिया जा सकता है? पर्दे के किनारों, बीच में या नीचे सुंदर लेस की पट्टी लगाकर अथवा अलग रंग की बॉर्डर जोड़कर उन्हें नया रूप दिया जा सकता है। 5. मोतियों वाले बीडेड पर्दे का इस्तेमाल करते समय क्या सावधानी बरतनी चाहिए? मोतियों से बने पर्दे को हमेशा छोटे बच्चों की पहुंच से दूर और सुरक्षित ऊंचाई पर लगाना चाहिए। 6. पर्दा सिलने से पहले पुराने कपड़ों की तैयारी कैसे करनी चाहिए? कपड़ों को सिलने से पहले अच्छी तरह धोकर प्रेस कर लेना चाहिए ताकि कपड़ा सिकुड़े नहीं और सिलाई बिल्कुल सही आए। https://trendkia.com/lifestyle/alamari-men-rakhi-purani-sarees-aura-chadaron-se-banaen-akarshaka-parde-kama-bajata-men-badalega-ghara-ka-rupa-45629 TrendKia — Har trend, sabse pehle.