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  "type": "article",
  "title": "आम के पौधे की ग्रोथ बढ़ाने का आसान तरीका, गमले में डाल दें ये तीन चीजें",
  "summary": "अक्टूबर के महीने में आम के पौधे की सही देखभाल और खाद डालने से गर्मियों में बंपर फ्रूटिंग मिलती है। बारहमासी किस्मों का चुनाव करके गमले में भी बंपर फसल ली जा सकती है।",
  "content": "देश भर में नींबू और अमरूद के साथ सबसे ज्यादा आम के पेड़ लगाए जाते हैं। ग्रामीण इलाकों में मानसून के बाद आम के पौधे खुद-ब-खुद उग आते हैं, जबकि कई लोग गुठली से भी पौधे तैयार करते हैं। हालांकि देसी किस्मों में फल आने में पांच से सात साल का लंबा समय लग जाता है, इसलिए हमेशा ग्राफ्टेड पौधे लगाना बेहतर माना जाता है। यदि आपने गमले में आम का पौधा लगाया है, तो अक्टूबर के महीने में इसकी विशेष देखभाल की जरूरत होती है। इस दौरान सही मात्रा में खाद और पानी देना बेहद आवश्यक है। अक्टूबर का महीना ग्राफ्टेड पौधा लगाने के लिए भी एकदम उपयुक्त होता है। आप नर्सरी से पांच से छह महीने पुराना पौधा लाकर लगा सकते हैं।\n\nनर्सरी से पौधा खरीदते समय हमेशा बारहमासी किस्मों का ही चयन करें। बारहमासी आम की वैरायटी में कटिमॉन, बाड़ी-11, कानभोग और सुरंगाना प्रमुख रूप से शामिल हैं। ये खास किस्में साल भर में दो से तीन बार तक फल देती हैं और इन्हें गमलों में बहुत आसानी से उगाया जा सकता है। बस इसके लिए कुछ जरूरी बातों का खास ख्याल रखना पड़ता है। यदि आप चाहते हैं कि आने वाले गर्मियों के सीजन में आपके गमले में लगे पौधे पर बंपर फ्रूटिंग हो, तो अभी से उसे पोषक तत्वों से भरपूर खाद देनी शुरू कर दें। इससे नई शाखाओं का विकास होगा और जितनी ज्यादा शाखाएं आएंगी, उतना ही अधिक बौर यानी फूल खिलेगा और फल भी उतने ही ज्यादा लगेंगे।\n\nसबसे पहले गमले की मिट्टी की अच्छी तरह से गुड़ाई कर लें। इसके बाद उसमें करीब 300 ग्राम पुरानी गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट डालें। इसके साथ ही अच्छी क्वालिटी का प्रोम यानी प्लांट ग्रोथ प्रमोटर और दो चम्मच सीविड का इस्तेमाल करें। सीविड आप किसी भी अच्छी कंपनी का ले सकते हैं, जिसमें धनजाइम या सागरिका भी शामिल हैं। इन तीनों तरह की खादों को आपस में मिलाने के बाद गमले की मिट्टी में अच्छी तरह से मिक्स कर दें और अंत में पौधे में भरपूर पानी डाल दें। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के महीनों में पौधे को जितनी बेहतरीन खाद मिलेगी, उसकी ग्रोथ उतनी ही तेजी से होगी। इन तीन महीनों के दौरान पौधा पत्तियों में कार्बन का स्टोरेज कर लेता है, जिससे सर्दियों के मौसम में प्राकृतिक रूप से फूलों के हार्मोन्स बनते हैं।\n\nअक्टूबर के महीने में पौधे की सभी सूखी, सड़ी-गली या खराब शाखाओं और पत्तियों को छांटकर बाहर निकाल दें। जिन-जिन जगहों से डालियों को काटा जाए, वहां पर फंगस या फफूंद लगने से बचाने के लिए हल्दी का लेप जरूर लगाएं। अगर पौधा एक या दो साल पुराना है, तो उसे पांच किलो तक सड़ी हुई गोबर की खाद दी जा सकती है। अक्टूबर के समय में ह्यूमिक एसिड का उपयोग भी किया जा सकता है, खासकर तब जब पौधे को पहले कोई खाद न दी गई हो। लगभग दो ग्राम ह्यूमिक एसिड को एक लीटर पानी में घोलकर महीने में एक बार पौधे की जड़ों के पास की मिट्टी में डालने से जड़ों का विकास तेजी से होता है और मिट्टी की गुणवत्ता में भी सुधार आता है। यदि पौधा बारहमासी है, तो उसे हर महीने खाद दी जा सकती है।\n\nयदि आपका पौधा बारहमासी नहीं है, तो नवंबर और दिसंबर के महीनों में उसकी खास देखभाल करनी पड़ती है। सर्दियों के इन दो महीनों में पौधे में किसी भी प्रकार की खाद नहीं डालनी चाहिए। पानी देते समय भी पूरी सावधानी बरतें और केवल तभी पानी दें जब गमले की मिट्टी की ऊपरी परत पूरी तरह सूखी हुई नजर आए। नवंबर और दिसंबर के दौरान आम का पौधा डोरमेंसी यानी सुप्त अवस्था में चला जाता है, इसलिए उसे ज्यादा पानी देना नुकसानदायक हो सकता है। इस अवधि में मल्चिंग करना भी फायदेमंद रहता है, जिसके लिए गमले में सूखा भूसा डाला जा सकता है ताकि पौधे को सर्दियों में जरूरी गर्माहट मिलती रहे।\n\nजनवरी के महीने में जब पौधे में फूल आने की शुरुआत हो, तो उसे दोबारा खाद दें। इस समय ओस गिरने के कारण बौर पर कीटों का खतरा काफी बढ़ जाता है। कीटों के प्रकोप से बचाव के लिए नीम ऑयल और शैंपू के मिश्रण का स्प्रे किया जा सकता है। आम के पौधे के लिए कम से कम बीस इंच का गमला या ग्रो बैग का इस्तेमाल करना उचित रहता है। पौधे को जनवरी और फरवरी के बाद हर बीस से पच्चीस दिन के अंतराल पर कोई न कोई पोषक खाद जरूर देते रहें। खाद देने से दो-तीन दिन पहले पौधे में पानी देना पूरी तरह बंद कर दें। पहले मिट्टी की गुड़ाई करें और उसके बाद ही खाद डालें। फरवरी और मार्च के दौरान फ्रूटिंग मिक्स खाद भी डाली जा सकती है, जिसमें आयरन, जिंक, फॉस्फोरस, कैल्शियम और पोटाश प्रचुर मात्रा में होते हैं।\n\nपौधे में ज्यादा से ज्यादा फूल और फल प्राप्त करने के लिए फिटकरी को पानी में घोलकर भी डाला जा सकता है, जिससे बौर झड़ने की समस्या से राहत मिलती है। इसके अलावा, नीला थोथा यानी कॉपर सल्फेट को चूने के साथ घोलकर गमले में डाला जा सकता है। सर्दियों के दिनों में सरसों की खली को पानी में भिगोकर देने से भी बौर और फूलों की संख्या में भारी इजाफा होता है। यदि आप अगले चार महीनों तक पौधे की इसी प्रकार सही देखभाल करेंगे, तो आने वाली गर्मियों में आपको खाने के लिए ढेरों मीठे और रसीले आम मिलेंगे।\n\nइसका आप पर असर\nआम के पौधे की सही देखभाल करने से गर्मियों में बंपर फ्रूटिंग मिलती है और घर पर ही ताजे फल मिल जाते हैं।\n\n• लागत बचत: लागत बचत: सही खाद और घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करने से बाहर से महंगे फल खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है। घर पर ही कम खर्च में ताजे आम मिल जाते हैं।\n• पौधे की सेहत: पौधे की सेहत: अक्टूबर और सर्दियों के महीनों में सही देखरेख करने से पौधे में कीड़े नहीं लगते और उसकी ग्रोथ डबल हो जाती है। इससे पौधे की उम्र भी बढ़ती है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nअक्टूबर और सर्दियों के महीनों में पौधे अपनी विकास अवस्था और तापमान के अनुसार अलग तरह से प्रतिक्रिया देते हैं, इसलिए खास देखभाल की जरूरत होती है।\n\n• कार्बन स्टोरेज: कार्बन स्टोरेज: अगस्त से अक्टूबर के बीच पौधे पत्तियों में कार्बन का स्टोरेज करते हैं, जिससे सर्दियों के दौरान प्राकृतिक रूप से फूल वाले हार्मोन्स बनते हैं।\n• डोरमेंसी पीरियड: डोरमेंसी पीरियड: नवंबर और दिसंबर के दौरान ठंड के कारण आम का पौधा सुप्त अवस्था में चला जाता है, इस समय ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं।\n• कीट नियंत्रण: डोरमेंसी पीरियड: जनवरी के महीने में गिरने वाली ओस के कारण बौर पर कीटों का हमला होने का खतरा बढ़ जाता है, जिसके लिए सुरक्षात्मक स्प्रे जरूरी है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. गमले में आम का पौधा लगाने के लिए कौन सा महीना सबसे अच्छा है?\nअक्टूबर का महीना गमले में ग्राफ्टेड आम का पौधा लगाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।\n\n2. गमले के लिए आम की कौन सी बारहमासी किस्में अच्छी हैं?\nकटिमॉन, बाड़ी-11, कानभोग और सुरंगाना आम की बेहतरीन बारहमासी किस्में हैं।\n\n3. अक्टूबर में पौधे की मिट्टी में कौन सी खाद डालनी चाहिए?\nमिट्टी की गुड़ाई करके पुरानी गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट, प्रोम और सीविड मिलाना चाहिए।\n\n4. नवंबर और दिसंबर में आम के पौधे को पानी क्यों कम देना चाहिए?\nइस दौरान पौधा डोरमेंसी में चला जाता है, इसलिए ज्यादा पानी देने से जड़ें खराब हो सकती हैं।\n\n5. बौर को कीटों से बचाने के लिए क्या करना चाहिए?\nजनवरी में कीटों से बचाव के लिए नीम ऑयल और शैंपू के घोल का स्प्रे करना चाहिए।",
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  "category": "जीवनशैली",
  "publishedAt": "2026-10-23",
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    "बागवानी",
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