# बदलते मौसम और स्मॉग के बीच चेहरे की चमक कैसे रखें बरकरार, त्वचा रोग विशेषज्ञ ने साझा किए जरूरी सुझाव

> दिल्ली और एनसीआर में शुष्क हवाओं व बढ़ते प्रदूषण के दौरान त्वचा की देखभाल के लिए विशेषज्ञ ने सफाई, मॉइश्चराइजर और सही क्रीम चुनने के नियम बताए हैं।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/badalate-mausama-aura-smoga-ke-bicha-chehare-ki-chamaka-kaise-rakhen-barakarara-tvacha-roga-visheshajna-ne-sajha-kie-jaruri-sujhav-40970 · **Language:** Hindi
**Tags:** स्किन केयर, दिल्ली एनसीआर, वायु प्रदूषण, डॉक्टर गौरव गर्ग, मॉइश्चराइजर, बदलता मौसम

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मौसम का मिजाज अब तेजी से करवट ले रहा है। सुबह और देर रात के समय हल्की सिहरन महसूस हो रही है, जबकि दिन के वक्त तेज धूप से गर्मी का असर बना रहता है। तापमान के इस उतार-चढ़ाव के बीच वातावरण में नमी घटने लगी है और शुष्कता बढ़ने लगी है। हवा में मौजूद धूल, धुएं और प्रदूषण के महीन कण इस मौसम में त्वचा के लिए भारी चुनौती खड़ी कर देते हैं। ऐसे माहौल में लापरवाही बरतने पर चेहरे की बनावट और चमक प्रभावित हो सकती है। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर गौरव गर्ग ने इस संवेदनशील समय में त्वचा को सेहतमंद, चमकदार और सुरक्षित बनाए रखने के लिए विस्तृत सलाह साझा की है।

## अक्टूबर से फरवरी के बीच बरती जाने वाली जरूरी सावधानियां
मौसम के कैलेंडर पर नजर डालें तो अक्टूबर की शुरुआत से लेकर फरवरी के अंत तक का समय दिल्ली-एनसीआर में स्किन के लिहाज से बेहद नाजुक माना जाता है। डॉक्टर गौरव गर्ग के मुताबिक, इन महीनों में वायु गुणवत्ता का स्तर तेजी से नीचे गिरता है और प्रदूषण गंभीर रूप ले लेता है। हवा में नमी कम होने के चलते त्वचा अपनी प्राकृतिक नमी खोने लगती है, जिससे सतह पर अत्यधिक सूखापन उभर आता है। जब त्वचा की सुरक्षात्मक परत कमजोर पड़ जाती है, तो चेहरा रूखा, बेजान और क्षतिग्रस्त दिखने लगता है। इस अवधि में एक संतुलित और नियमित दैनिक देखभाल प्रणाली अपनाकर ही त्वचा के आकर्षण को बचाया जा सकता है।

## नियमित रूप से चेहरे की स्वच्छता और नमी बनाए रखने का तरीका
प्रदूषण के घातक असर और हवा के सूखेपन को बेअसर करने की पहली और बुनियादी शर्त चेहरे की नियमित स्वच्छता है। डॉक्टर गौरव गर्ग का कहना है कि लोगों को दिन में कम से कम तीन बार अपने चेहरे की ठीक से सफाई करनी चाहिए। इसमें सुबह सोकर उठने के बाद, शाम को बाहर से लौटने पर और रात को बिस्तर पर जाने से ठीक पहले का समय शामिल है। चेहरा जितना स्वच्छ और गंदगी से मुक्त रहेगा, त्वचा की कोशिकाएं उतनी ही ताजगी से सांस ले पाएंगी और चेहरा चमकदार व युवा बना रहेगा। इसके साथ ही घर से बाहर निकलते समय एक अच्छी सनस्क्रीन क्रीम लगाना अनिवार्य है। त्वचा की आंतरिक नमी को लॉक करने के लिए नियमित तौर पर गुणवत्तापूर्ण मॉइश्चराइजर का प्रयोग करना चाहिए।

## अपनी त्वचा के प्रकार के अनुरूप उत्पादों का चयन
फेस क्रीम या लोशन का चयन करते समय अपनी त्वचा की प्रकृति को समझना सबसे जरूरी पहलू है। डॉक्टर गर्ग स्पष्ट करते हैं कि तैलीय त्वचा वाले लोगों को हल्के और गैर-तैलीय फॉर्मूले वाली क्रीम लगानी चाहिए। इसके विपरीत, जिन लोगों की त्वचा में प्राकृतिक सूखापन है, उन्हें गाढ़े, भारी और तेल आधारित मॉइश्चराइजर का सहारा लेना चाहिए। अगर रूखी त्वचा वाले व्यक्ति गलत उत्पाद यानी रूखेपन को बढ़ाने वाले फॉर्मूलेशन का उपयोग करते हैं, तो उनकी त्वचा को दोहरा नुकसान पहुंचता है और लालिमा या जलन पैदा हो सकती है।

## दोपहिया वाहन चालकों के लिए अतिरिक्त हिफाजत
सड़क पर यात्रा करने वाले लोगों, विशेषकर दोपहिया वाहनों से सफर करने वालों को वातावरण का सीधा सामना करना पड़ता है। सड़कों पर उड़ते धूल के गुबार, वाहनों से निकलने वाला जहरीला धुआं और ठंडी शुष्क हवाएं सीधे चेहरे से टकराकर त्वचा को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाती हैं। ऐसे यात्रियों को बाहर निकलते समय अपने चेहरे को किसी सूती कपड़े या गमछे की मदद से पूरी तरह ढक लेना चाहिए। मौसम के बदलाव के साथ ही त्वचा पर मुंहासे, बारीक दाने, पिंपल्स और एलर्जी वाले चकत्तों की शिकायतें आम हो जाती हैं। इन दिक्कतों को दूर रखने के लिए चेहरे को दिनभर साफ रखें, अपनी त्वचा के अनुकूल क्रीम लगाएं और शरीर में नमी की मात्रा बनाए रखने के लिए रोजाना भरपूर पानी पिएं।

## इसका आप पर असर
बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण के इस दौर में चेहरे की सही देखभाल न करने पर त्वचा पर मुंहासे, सूखापन और एलर्जी का जोखिम बढ़ सकता है।

- **दिल्ली-एनसीआर में:** अक्टूबर से फरवरी तक वायु प्रदूषण और शुष्क हवाओं के असर से चेहरे की नमी तेजी से घटती है। यहां रहने वाले लोगों को सुबह, शाम और रात में चेहरा साफ करने के साथ नियमित मॉइश्चराइजर लगाना चाहिए।
- **दोपहिया वाहन चालकों के लिए:** सड़क पर उड़ने वाली धूल और सीधी ठंडी हवा चेहरे की बाहरी परत को नुकसान पहुंचाती है। सफर के दौरान चेहरे को कपड़े या गमछे से पूरी तरह ढककर बाहर निकलें।
- **रूखी त्वचा वालों के लिए:** गलत उत्पाद चुनने से चेहरे पर खिंचाव और दरारें आने की आशंका रहती है। इस मौसम में हल्की क्रीम छोड़कर भारी और तेल आधारित मॉइश्चराइजर का ही चयन करें।
- **तैलीय त्वचा वालों के लिए:** भारी उत्पादों के प्रयोग से रोमछिद्र बंद हो सकते हैं और पिंपल्स निकल सकते हैं। अपने चेहरे के लिए हमेशा हल्के और कम चिपचिपे फॉर्मूले वाली क्रीम का उपयोग करें।

## ऐसा क्यों हुआ
मौसम में बदलाव के साथ तापमान में अंतर और हवा में नमी की कमी त्वचा के प्राकृतिक तेल को सोख लेती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर में मौसमी कारकों से हवा में धूल और धुएं की मात्रा काफी बढ़ जाती है।

- **हवा में शुष्कता:** सुबह और रात की ठंडक के साथ हवा में नमी का स्तर तेजी से नीचे चला जाता है। पर्यावरण में सूखापन बढ़ने से त्वचा अपनी नमी खोने लगती है और सतह रूखी हो जाती है।
- **प्रदूषण का उच्च स्तर:** अक्टूबर से फरवरी के बीच एनसीआर की आबोहवा में जहरीले कणों और धूल का जमावड़ा बढ़ जाता है। ये सूक्ष्म कण खुले चेहरे पर चिपककर त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं।
- **गलत स्किनकेयर उत्पाद:** लोग अक्सर अपने चेहरे के प्रकार को समझे बिना किसी भी क्रीम का इस्तेमाल कर लेते हैं। रूखी त्वचा पर ड्राई क्रीम लगाने से चेहरे का संतुलन और अधिक बिगड़ जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. दिल्ली-एनसीआर में त्वचा की देखभाल के लिए कौन सा समय सबसे ज्यादा संवेदनशील होता है?
डॉक्टर गौरव गर्ग के अनुसार अक्टूबर से लेकर फरवरी तक का समय त्वचा के लिहाज से सबसे संवेदनशील होता है।

### 2. प्रदूषण और रूखेपन से बचने के लिए दिन में कितनी बार चेहरा धोना चाहिए?
दिन में तीन बार सुबह, शाम और रात को सोने से पहले चेहरे की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए।

### 3. रूखी त्वचा वाले लोगों को किस तरह की क्रीम का उपयोग करना चाहिए?
रूखी त्वचा वाले लोगों को भारी या ऑयली मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि नमी बनी रहे।

### 4. दोपहिया वाहन चालकों को सफर के दौरान चेहरे की सुरक्षा कैसे करनी चाहिए?
दोपहिया वाहन चालकों को घर से बाहर निकलते समय अपने चेहरे को कपड़े या गमछे से अच्छी तरह ढक लेना चाहिए।

### 5. मौसम बदलने पर चेहरे पर होने वाले पिंपल्स और दानों से कैसे बचा जा सकता है?
चेहरे की नियमित सफाई, त्वचा के अनुकूल सही क्रीम लगाने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से इनसे बचा जा सकता है।

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