बालकनी बनेगी सनबर्ड्स का बसेरा, गमलों में लगाएं ये 6 नेक्टर वाले फूलदार पौधे अगर आपके घर में बड़ा बगीचा नहीं है, तो भी बालकनी में सही फूलदार पौधे लगाकर सनबर्ड्स जैसे खूबसूरत पक्षियों को आकर्षित किया जा सकता है। जानिए ऐसे 6 नेक्टर वाले पौधों के बारे में जो आपकी बालकनी को पक्षियों का पसंदीदा ठिकाना बना देंगे। शहरों में अपार्टमेंट और छोटी जगहों में रहने वाले लोगों के पास अक्सर बड़ा बगीचा नहीं होता, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे प्रकृति और पक्षियों की चहचहाहट से दूर रहें। अपनी बालकनी को थोड़ा समझदारी से सजाकर आप वहां सनबर्ड्स जैसे सुंदर, छोटे और नेक्टर पसंद करने वाले पक्षियों को आमंत्रित कर सकते हैं। सनबर्ड्स मुख्य रूप से ऐसे फूलों की ओर आकर्षित होते हैं जिनमें प्राकृतिक रस यानी नेक्टर भरपूर मात्रा में बनता है। बालकनी के सीमित स्थान में गमलों के सहारे उगाए जाने वाले 6 विशेष फूलदार पौधों की मदद से आप अपनी बालकनी को पक्षियों के रहने और दाना-पानी जुटाने का एक सुरक्षित ठिकाना बना सकते हैं। 1. बॉटलब्रश: लाल फूलों से पाएं अनोखा आकर्षण बॉटलब्रश पौधे की पहचान इसके गहरे लाल और बोतल साफ करने वाले ब्रश जैसे अनोखे फूलों से होती है। यह पौधा अपनी सुंदर बनावट के कारण बालकनी को तुरंत एक नया और खूबसूरत रूप देता है। इसके फूलों में भरपूर मात्रा में नेक्टर मौजूद होता है, जो रस पर निर्भर रहने वाले पक्षियों को तेजी से अपनी ओर खींचता है। आमतौर पर जमीन पर लगाया जाने वाला सामान्य बॉटलब्रश काफी बड़ा पेड़ बन जाता है, इसलिए सीमित बालकनी स्पेस के लिए नर्सरी से इसकी बौनी या कॉम्पैक्ट किस्म चुनना ही समझदारी भरा कदम होगा। इस पौधे को पनपने के लिए पर्याप्त धूप और नियमित रूप से पानी की आवश्यकता होती है। इसे गमले में लगाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जल निकासी बेहतर हो और जड़ों के पास पानी जमा न होने पाए, वरना जड़ें सड़ सकती हैं। 2. फायरक्रैकर प्लांट: ट्यूबलर फूलों से सजेगी बालकनी फायरक्रैकर प्लांट के पतले, लंबे और लाल-नारंगी रंग के ट्यूबलर फूल सनबर्ड्स के लिए बेहद आकर्षक साबित होते हैं। इन फूलों की नलीदार बनावट सनबर्ड्स की पतली और घुमावदार चोंच के बिल्कुल अनुकूल होती है, जिससे वे आसानी से नेक्टर चूस पाते हैं। यह पौधा बहुत ज्यादा जगह नहीं घेरता, इसलिए इसे बालकनी के छोटे गमलों या हैंगिंग बास्केट में आसानी से लगाया जा सकता है। गर्म मौसम वाले इलाकों में अगर पौधे की सही देखभाल की जाए, तो इसमें लंबे समय तक लगातार फूल खिलते रहते हैं। इस पौधे के स्वस्थ विकास के लिए भरपूर धूप और पानी की अच्छी निकासी वाली उपजाऊ मिट्टी सबसे जरूरी शर्त है। 3. गुड़हल (हिबिस्कस): भारतीय घरों का पसंदीदा पौधा गुड़हल यानी हिबिस्कस भारतीय घरों की बालकोनियों और बगीचों में पाया जाने वाला एक बेहद आम और लोकप्रिय पौधा है। इसके बड़े और चमकीले फूल न केवल बालकनी की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि इनमें मौजूद मीठा नेक्टर पक्षियों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाता है। गुड़हल के फूल लाल, गुलाबी, पीले, नारंगी और सफेद जैसे कई आकर्षक रंगों में उपलब्ध होते हैं, जिन्हें गमले में आसानी से उगाया जा सकता है। इस पौधे को अच्छी फ्लावरिंग के लिए रोजाना कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप वाली जगह पर रखना चाहिए। समय-समय पर इसकी छंटाई करने से पौधे में नई शाखाएं निकलती हैं और अधिक संख्या में नए फूल आते हैं। 4. इक्सोरा (रुक्मिणी): गुच्छेदार फूलों का रंगीन जादू इक्सोरा, जिसे भारत में रुक्मिणी नाम से भी जाना जाता है, बालकनी गार्डनिंग के लिए एक शानदार फूलदार विकल्प है। इसके छोटे-छोटे रंग-बिरंगे फूल घने गुच्छों में खिलते हैं, जो लाल, नारंगी, गुलाबी और पीले रंगों में नजर आते हैं। इन फूलों का मीठा रस सनबर्ड्स को बहुत पसंद आता है और वे बार-बार बालकनी का रुख करते हैं। इक्सोरा को एक बड़े आकार के गमले में आसानी से लगाया जा सकता है। अगर पौधे को सही मात्रा में धूप मिलती रहे, तो इसमें बार-बार नए फूल खिलते रहते हैं। इसकी देखभाल करते समय मिट्टी को हल्का नम बनाए रखना चाहिए, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए ताकि पौधा स्वस्थ रहे। 5. रंगून क्रीपर: रंग बदलने वाली खुशबूदार बेल अगर आप अपनी बालकनी में फूलों के साथ-साथ प्राकृतिक हरियाली और बेहतरीन खुशबू चाहते हैं, तो रंगून क्रीपर एक बेहतरीन चुनाव है। इस बेल की सबसे बड़ी खासियत इसके फूलों का बदलता रंग है, जो खिलने की शुरुआत में सफेद होते हैं, फिर धीरे-धीरे गुलाबी और अंत में गहरे लाल रंग में बदल जाते हैं। यह बेल बहुत तेजी से फैलती है, इसलिए इसे बालकनी की रेलिंग या ट्रेलिस का सहारा देकर ऊपर चढ़ाया जा सकता है। मुख्य मौसम में जब इस बेल पर फूल खिलते हैं, तो यह बालकनी को रंगीन बनाने के साथ-साथ नेक्टर पसंद करने वाले सनबर्ड्स और तितलियों का मनपसंद ठिकाना बन जाती है। 6. जैस्मिन की चुनिंदा किस्म: प्राकृतिक सुगंध का अनुभव चमेली या जैस्मिन की कुछ विशेष फूलदार किस्में भी आपकी बालकनी को पक्षियों के लिए आकर्षक बना सकती हैं। इस पौधे की सबसे बड़ी खूबी इसके छोटे सफेद फूलों से आने वाली मनमोहक प्राकृतिक खुशबू है। इसे गमले में उगाकर बालकनी की रेलिंग के पास रखा जा सकता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि जैस्मिन की हर किस्म सनबर्ड्स को एक समान रूप से आकर्षित नहीं करती। इसलिए अपने स्थानीय मौसम और परिस्थितियों के हिसाब से सही किस्म का चयन करना अधिक फायदेमंद होता है। बालकनी का माहौल और सही देखभाल भी है जरूरी बालकनी में केवल फूलदार पौधे लगा देना ही सनबर्ड्स को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां का माहौल अनुकूल बनाना भी उतना ही आवश्यक है। अगर बालकनी में लगातार तेज शोर होता है, लोगों की बहुत ज्यादा आवाजाही रहती है या पक्षियों के बैठने के लिए कोई सुरक्षित और शांत जगह नहीं है, तो पक्षी वहां रुकना पसंद नहीं करेंगे। पौधों के गमलों को इस तरह व्यवस्थित करें कि उन्हें भरपूर धूप भी मिले और पक्षियों के उड़ने व बैठने के लिए थोड़ी खुली जगह बची रहे। इसके अलावा पौधों पर रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल बिल्कुल कम या बंद कर देना चाहिए, क्योंकि ये रसायन पक्षियों और परागण करने वाले अन्य जीवों के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकते हैं। इसका आप पर असर बालकनी गार्डनर्स के लिए: कम स्थान में भी नेक्टर से भरपूर फूलदार पौधे लगाकर आप शहर में पक्षियों के लिए एक प्राकृतिक इकोसिस्टम तैयार कर सकते हैं। प्रकृति और पर्यावरण प्रेमियों के लिए: रासायनिक कीटनाशकों का कम इस्तेमाल और सही पौधों का चुनाव आपकी बालकनी को पक्षियों और तितलियों का सुरक्षित बसेरा बनाता है। सवाल-जवाब 1. बालकनी में सनबर्ड्स को आकर्षित करने के लिए कौन से पौधे सबसे अच्छे हैं? बॉटलब्रश, फायरक्रैकर प्लांट, गुड़हल (हिबिस्कस), इक्सोरा (रुक्मिणी), रंगून क्रीपर और जैस्मिन जैसे नेक्टर से भरपूर फूलदार पौधे बालकनी में सनबर्ड्स को आकर्षित करने के लिए सबसे अच्छे माने जाते हैं। 2. गुड़हल के पौधे को रोजाना कितनी धूप की आवश्यकता होती है? गुड़हल या हिबिस्कस के पौधे में अच्छी फ्लावरिंग के लिए इसे रोजाना लगभग 5 से 6 घंटे की सीधी धूप वाली जगह पर रखना चाहिए। 3. बालकनी गार्डनिंग के लिए बॉटलब्रश पौधे की कौन सी किस्म चुननी चाहिए? बालकनी के सीमित स्थान को ध्यान में रखते हुए सामान्य बॉटलब्रश के बजाय उसकी बौनी (ड्वार्फ) या कॉम्पैक्ट किस्म चुनना समझदारी भरा होता है। 4. रंगून क्रीपर के फूलों की क्या खासियत होती है? रंगून क्रीपर के फूल खिलने के साथ अपना रंग बदलते हैं, जो शुरुआत में सफेद से बदलकर गुलाबी और फिर गहरे लाल रंग में बदल जाते हैं। 5. क्या पौधों पर रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग पक्षियों के लिए हानिकारक है? हां, रासायनिक कीटनाशकों का इस्तेमाल पक्षियों और परागण करने वाले अन्य जीवों के लिए नुकसानदेह हो सकता है, इसलिए इनका प्रयोग कम या बंद करना चाहिए। https://trendkia.com/lifestyle/balakani-bani-sanabardsa-ka-basera-gamalon-men-lagaen-ye-6-nektara-vale-phuladara-paudhe-11635 TrendKia — Har trend, sabse pehle.