# बरसात में क्यों चिपचिपा हो जाता है घर का फर्श, जानिए मार्बल और टाइल्स को साफ रखने के आसान उपाय

> मानसून के दिनों में अत्यधिक नमी और हवा में सीलन की वजह से घर का फर्श चिपचिपा महसूस होने लगता है। सही क्लीनिंग हैक्स और कम पानी का इस्तेमाल करके आप अपने मार्बल, टाइल्स और वुडन फ्लोर को पूरी तरह सूखा और चमकदार बनाए रख सकते हैं।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-08-31 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/barasata-men-kyon-chipachipa-ho-jata-hai-ghara-ka-pharsha-janie-marbala-aura-tailsa-ko-sapha-rakhane-ke-asana-upaya-25339 · **Language:** Hindi
**Tags:** मानसून फ्लोर क्लीनिंग, फर्श की चिपचिपाहट, मार्बल क्लीनिंग टिप्स, टाइल्स की सफाई, वुडन फ्लोर केयर, घरेलू नुस्खे

बारिश के मौसम में घरों की साफ-सफाई करना किसी चुनौती से कम नहीं होता है। लाख कोशिशों के बाद भी अक्सर यह देखा जाता है कि पोछा लगाने के तुरंत बाद फर्श पर फिर से चिपचिपाहट महसूस होने लगती है। जब कोई व्यक्ति नंगे पैर घर में चलता है, तो पैरों के नीचे नमी और सीलन का अहसास साफ तौर पर होता है। यदि आपके घर में भी यही परेशानी बनी हुई है, तो सबसे पहले इस दिक्कत की असली वजह तक पहुंचना आवश्यक है। इसके बाद मार्बल, टाइल्स और वुडन जैसी अलग-अलग सतहों के हिसाब से सही तरीकों को अपनाकर घर को साफ और सूखा रखना मुमकिन हो जाता है।

## मानसून के दिनों में क्यों चिपचिपाने लगता है फर्श?
बरसात के सीजन के दौरान फर्श पर चिपचिपाहट पैदा होने के पीछे कई मुख्य वजहें जिम्मेदार होती हैं। सबसे बड़ा कारण हवा में मौजूद अत्यधिक नमी या ह्यूमिडिटी होती है, जो इस मौसम में अक्सर 80 से 90 प्रतिशत तक के ऊंचे स्तर पर पहुंच जाती है। जब यह सीलन भरी नम हवा घर के अंदर की ठंडी सतहों के संपर्क में आती है, तो संघनन यानी कंडेंसेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है और फर्श पर पानी की एक बहुत बारीक परत जम जाती है।

इसके अलावा, गलत क्लीनिंग प्रोडक्ट्स और डिटर्जेंट का अत्यधिक इस्तेमाल भी इस समस्या को और ज्यादा बढ़ा देता है। बहुत से लोग पोछा लगाते वक्त पानी में फ्लोर क्लीनर या फिनाइल की मात्रा बहुत अधिक मिला देते हैं। वातावरण में पहले से मौजूद नमी की वजह से यह केमिकल पानी के साथ मिलकर पूरी तरह सूखने के बजाय फर्श की सतह पर ही चिपक जाता है, जिसके कारण पैर रखते ही चिपचिपाहट होने लगती है। बरसात के इस मौसम में घरों के खिड़की और दरवाजे लगातार बंद रखे जाते हैं, जिससे अंदर की हवा बाहर की तरफ पास नहीं हो पाती और फर्श काफी लंबी अवधि तक गीला ही बना रहता है।

## विभिन्न प्रकार के फर्शों की देखभाल और सफाई के असरदार तरीके
घर में लगे हर एक फर्श की बनावट और तासीर बिल्कुल अलग होती है, इसलिए उनकी सही देखभाल के लिए अलग-अलग तरीकों को आजमाना बेहद जरूरी होता है। टाइल्स आमतौर पर काफी सख्त और मजबूत होती हैं, लेकिन इनकी जोड़ों यानी ग्राउट लाइंस में गंदगी और नमी बहुत तेजी से अपनी जगह बना लेती है। टाइल्स की सही सफाई के लिए गुनगुने पानी के अंदर आधा कप सफेद सिरका और एक चम्मच डिशवॉश लिक्विड अच्छी तरह मिला लें और फिर इस मिश्रण से पोछा लगाएं। सिरके में प्राकृतिक रूप से एसिडिक गुण होते हैं, जो फर्श की चिपचिपाहट और हानिकारक कीटाणुओं को तुरंत खत्म करने का काम करते हैं।

दूसरी तरफ, मार्बल एक बेहद संवेदनशील और नाजुक पत्थर माना जाता है। इस पर किसी भी तरह के तेज केमिकल या सीधे सिरके का इस्तेमाल करने से इसकी प्राकृतिक चमक हमेशा के लिए गायब हो सकती है। मार्बल की चमक बरकरार रखने के लिए हल्के गर्म पानी में थोड़ा सा न्यूट्रल पीएच लिक्विड क्लीनर या सेंधा नमक मिलाना चाहिए। पोछा लगाने के बाद इस बात का विशेष ध्यान रखें कि फर्श को एक सूखे कॉटन के कपड़े से अच्छी तरह पोंछ दिया जाए। लकड़ी का फर्श यानी वुडन फ्लोरिंग नमी के मामले में सबसे ज्यादा संवेदनशील होती है, क्योंकि ज्यादा पानी पड़ने से लकड़ी फूल सकती है या उस पर फफूंद लग सकती है। वुडन फ्लोर पर पानी का इस्तेमाल बेहद कम मात्रा में करना चाहिए। इसके लिए माइक्रोफाइबर मॉप को अच्छी तरह निचोड़कर ही सफाई करें और पानी के स्थान पर सुरक्षित वुडन क्लीनर स्प्रे का प्रयोग करना ज्यादा बेहतर रहता है.

## मानसून के दौरान फर्श की चिपचिपाहट रोकने के चार स्मार्ट उपाय
बारिश के इन दिनों में घर के फर्श को पूरी तरह सूखा और बेदाग रखने के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। सबसे पहले, पोछा लगाते समय बाल्टी में पानी का इस्तेमाल कम से कम करें। इसके लिए स्पिन मॉप का उपयोग करें ताकि सारा अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाए और फर्श पर केवल हल्की नमी ही बचे। सफाई का काम पूरा होने के तुरंत बाद कमरे के पंखे को तेज गति पर चला देना चाहिए, ताकि हवा से फर्श चंद मिनटों के भीतर पूरी तरह सूख जाए।

इसके अलावा, घर के जिन कोनों या कमरों में सबसे ज्यादा सीलन आती है, वहां छोटे-छोटे कटोरों में भरकर सेंधा नमक या बेकिंग सोडा रख देना काफी मददगार साबित होता है। ये दोनों चीजें आसपास की हवा में मौजूद अतिरिक्त नमी को बहुत आसानी से अपने अंदर सोख लेती हैं। घर के मुख्य द्वार पर मोटे रबर या कॉयर वाले मजबूत डोरमैट का इस्तेमाल करें, ताकि बाहर से आने वाले लोगों के गीले पैरों की छाप और बाहर कीचड़ घर के अंदर न पहुंच पाए। इन आसान और असरदार तरीकों को अपनाकर इस मानसून सीजन में आप अपने घर के फर्श को पूरी तरह सूखा, साफ और चमकदार बनाए रख सकते हैं。

## इसका आप पर असर
बरसात के मौसम में फर्श पर लगातार बनी रहने वाली चिपचिपाहट और सीलन आपके दैनिक जीवन और घर के स्वास्थ्य को सीधे तौर पर प्रभावित करती है।

- **भारत में:** देश के अधिकांश नमी वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को मानसून के दौरान फिसलन भरी सतहों और घर के अंदर सीलन भरी बदबू का सामना करना पड़ता है, जिससे फंगस और बैक्टीरिया का खतरा बढ़ जाता है।
- **दैनिक जीवन में:** फर्श पर पानी का कम इस्तेमाल करने और सही क्लीनिंग एजेंट चुनने से न केवल घर की चमक सुरक्षित रहती है, बल्कि नंगे पैर चलने पर होने वाली असुविधा और संक्रमण का जोखिम भी कम हो जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. बरसाती मौसम में फर्श चिपचिपा क्यों हो जाता है?
हवा में 80 से 90 प्रतिशत तक अत्यधिक ह्यूमिडिटी होने और फर्श की ठंडी सतह पर पानी के संघनन के कारण ऐसा होता है।

### 2. टाइल्स की चिपचिपाहट दूर करने के लिए क्या मिलाना चाहिए?
गुनगुने पानी में आधा कप सफेद सिरका और एक चम्मच डिशवॉश लिक्विड मिलाकर पोछा लगाने से चिपचिपाहट खत्म हो जाती है।

### 3. मार्बल के फर्श पर किस क्लीनर का इस्तेमाल करना चाहिए?
मार्बल पर हल्के गर्म पानी के साथ थोड़ा सा न्यूट्रल पीएच लिक्विड क्लीनर या सेंधा नमक मिलाना सुरक्षित रहता है।

### 4. वुडन फ्लोरिंग की सफाई करते समय किन बातों का ध्यान रखें?
लकड़ी के फर्श पर पानी का प्रयोग बहुत कम करें और हमेशा अच्छी तरह निचोड़े हुए माइक्रोफाइबर मॉप का ही इस्तेमाल करें।

### 5. कमरे की सीलन सोखने के लिए क्या उपाय किया जा सकता है?
ज्यादा सीलन वाले कोनों में छोटे कटोरों में सेंधा नमक या बेकिंग सोडा भरकर रखने से हवा की नमी सोख ली जाती है।

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