बरसात में पैरों की उंगलियों के बीच होने वाली सड़न से हैं परेशान? बाबा रामदेव के इन जादुई नुस्खों से पाएं तुरंत आराम मानसून के मौसम में नमी के कारण पैरों की उंगलियों के बीच फंगल इंफेक्शन और सड़न होना आम बात है, जिससे राहत पाने के लिए बाबा रामदेव ने कुछ आसान और असरदार घरेलू उपाय बताए हैं। बरसात का सुहाना मौसम अपने साथ कई तरह की शारीरिक परेशानियां भी लेकर आता है। इस उमस भरे मौसम में पैरों की उंगलियों के बीच फंगल इंफेक्शन या सड़न की समस्या बेहद आम और परेशान करने वाली हो जाती है। लगातार पानी में भीगने या नमी बने रहने के कारण होने वाली यह तकलीफ काफी दर्दनाक हो सकती है। इस समस्या से स्थाई रूप से निजात पाने के लिए बाबा रामदेव ने कुछ बेहद सरल और अत्यधिक प्रभावी घरेलू नुस्खे सुझाए हैं, जिनकी मदद से आप इस तकलीफदेह संक्रमण से पूरी तरह छुटकारा पा सकते हैं। मानसून के दौरान क्यों पनपता है फंगल इंफेक्शन? बरसात के दिनों में वातावरण में नमी और उमस का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। यह गर्म और सीलन भरा परिवेश फंगस को तेजी से बढ़ने और अपनी संख्या बढ़ाने के लिए सबसे अनुकूल माहौल प्रदान करता है। इसके अलावा, बारिश के दूषित पानी में पैरों के भीगने, पैरों का पसीना ठीक से न सूखने, लगातार गीले कपड़े पहनने या लंबे समय तक बंद और गीले जूते-मोजे पहने रहने की वजह से पैरों की नाजुक त्वचा पर संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इन कारणों से उंगलियों के बीच की संवेदनशील त्वचा गलने लगती है और दर्दनाक घाव का रूप ले लेती है। संक्रमण से राहत के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय पैरों की इस समस्या से राहत पाने के लिए बाबा रामदेव ने दो अत्यंत लाभकारी प्राकृतिक उपचार बताए हैं, जिन्हें आप आसानी से घर पर ही आजमा सकते हैं: गोमूत्र का औषधीय प्रयोग पैरों की उंगलियों के बीच होने वाले संक्रमण और सड़न को ठीक करने में गोमूत्र का इस्तेमाल एक अचूक उपाय साबित होता है। इसे प्रयोग करने की विधि बहुत आसान है। सबसे पहले थोड़े से गोमूत्र में साफ रुई या कॉटन के एक साफ कपड़े को अच्छी तरह भिगो लें। इसके बाद इसे पैरों के संक्रमित हिस्से पर धीरे-धीरे लगाएं और ऊपर से एक साफ, सूखा सूती कपड़ा लपेटकर बांध लें। गोमूत्र में प्राकृतिक रूप से एंटी-फंगल और रोगाणुरोधी गुण पाए जाते हैं, जो फंगस को नष्ट कर त्वचा को तेजी से ठीक करते हैं। इस आयुर्वेदिक उपाय को रात में सोने से पहले आजमाना सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है। एलोवेरा और औषधीय पत्तियों का चमत्कारी लेप पैरों की सड़न और खुजली को पूरी तरह शांत करने के लिए आप सुबह के समय एक विशेष प्राकृतिक लेप तैयार कर सकते हैं। इसके लिए ताजा एलोवेरा जेल लें और उसमें हल्दी, नीम, कनेर तथा मेहंदी की ताजी पत्तियों को एक साथ मिला लें। इन सभी प्राकृतिक सामग्रियों को अच्छी तरह पीसकर एक चिकना और गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। अब इस तैयार लेप को पैरों के संक्रमित और सड़न वाले हिस्से पर अच्छी तरह लगा लें और करीब एक घंटे तक लगा रहने दें। समय पूरा होने के बाद पैरों को साफ और सामान्य पानी से अच्छी तरह धो लें। यह औषधीय लेप त्वचा को ठंडक देता है और संक्रमण को बढ़ने से रोकता है। बचाव के लिए रखें इन जरूरी बातों का ध्यान फंगल इंफेक्शन की समस्या को दोबारा पनपने से रोकने के लिए आपको अपनी खान-पान की आदतों में कुछ जरूरी सुधार करने होंगे। अपने दैनिक आहार में नमक की मात्रा को सीमित करें। इसके अतिरिक्त, मैदा, खट्टी चीजें और अधिक मीठे खाद्य पदार्थों के सेवन से पूरी तरह दूरी बना लें। ये सभी चीजें शरीर के भीतर यीस्ट को बढ़ावा देती हैं, जिससे पैरों की सड़न और संक्रमण की स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है। चूंकि फंगस हमेशा नमी वाली जगहों पर ही सबसे तेजी से फलता-फूलता है, इसलिए यह बेहद आवश्यक है कि आप अपने पैरों को हर समय साफ और सूखा रखें। मानसून के इस मौसम में लंबे समय तक गीले या पूरी तरह से बंद जूते और मोजे पहनने की आदत से बचें। इस दौरान बंद जूतों के स्थान पर सैंडल या खुले हवादार फुटवियर का प्रयोग करना सबसे सुरक्षित रहता है। यदि आपको काम के सिलसिले में जूते पहनने ही पड़ते हैं, तो सिंथेटिक मोजों की जगह हमेशा सूती मोजे ही पहनें और ऐसे जूतों का चयन करें जिनमें हवा का आवागमन सुचारू रूप से होता रहे। इसके अलावा, रोजाना रात को सोने से पहले अपने पैरों को धोकर एलोवेरा जेल से अच्छी तरह मॉइस्चराइज जरूर करें ताकि त्वचा की सुरक्षात्मक परत बनी रहे। इसका आप पर असर • स्वास्थ्य और आराम: बारिश के दिनों में पैरों के दर्दनाक संक्रमण और सड़न से पीड़ित लोगों को इन आसान और प्राकृतिक उपायों से बिना किसी अतिरिक्त खर्च के घर पर ही आराम मिल सकता है। • सुरक्षित उपचार: रासायनिक क्रीमों के बजाय पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित आयुर्वेदिक विकल्पों को अपनाकर लोग त्वचा को होने वाले साइड-इफेक्ट्स से बचा सकते हैं। सवाल-जवाब 1. बरसात में पैरों में फंगल इंफेक्शन क्यों होता है? मानसून के दौरान हवा में नमी और उमस बढ़ जाती है, जिससे फंगस को पनपने के लिए अनुकूल वातावरण मिलता है। गीले जूते-मोजे पहनने या पैर गीले रहने से यह समस्या बढ़ जाती है। 2. फंगल इंफेक्शन ठीक करने के लिए गोमूत्र का उपयोग कैसे करें? रुई या साफ सूती कपड़े को गोमूत्र में भिगोकर संक्रमित हिस्से पर लगाएं और फिर ऊपर से सूखा कॉटन का कपड़ा बांध लें। इस उपाय को रात में सोने से पहले करें। 3. एलोवेरा का लेप कैसे तैयार किया जाता है? सुबह के समय एलोवेरा जेल में हल्दी, नीम, कनेर और मेहंदी की पत्तियों को मिलाकर एक चिकना पेस्ट बना लें। इसे एक घंटे के लिए पैरों पर लगाएं और फिर धो लें। 4. फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए खान-पान में क्या बदलाव करने चाहिए? अपनी डाइट में नमक, मैदा, खट्टी और मीठी चीजों का सेवन कम करें, क्योंकि ये चीजें शरीर में यीस्ट को बढ़ावा देती हैं जिससे सड़न बढ़ सकती है। 5. इस मौसम में किस तरह के फुटवियर पहनने चाहिए? बरसात में बंद जूते-मोजे पहनने के बजाय सैंडल का इस्तेमाल करें। अगर जूते पहनने ही हों, तो हवादार जूते और सिंथेटिक के बजाय सूती मोजे ही पहनें। https://trendkia.com/lifestyle/barasata-men-pairon-ki-ungaliyon-ke-bicha-hone-vali-sarana-se-hain-pareshana-baba-ramdev-ke-ina-jadui-nuskhon-se-paen-turnta-arama-5829 TrendKia — Har trend, sabse pehle.