# बरसाती नमी से गद्दे और तकियों में सीलन की दुर्गंध, बेकिंग सोडा और धूप से करें दूर

> मानसून के दिनों में धूप की कमी और हवा में नमी के चलते बिस्तरों में फंगस व बदबू की परेशानी बढ़ जाती है, जिससे निपटने के लिए वेंटिलेशन और बेकिंग सोडा जैसे घरेलू तरीके बेहद कारगर साबित होते हैं।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/barasati-nami-se-gadde-aura-takiyon-men-silana-ki-durgndha-baking-soda-aura-dhupa-se-karen-dura-34406 · **Language:** Hindi
**Tags:** मानसून टिप्स, घरेलू नुस्खे, सीलन की बदबू, गद्दे की सफाई, बेकिंग सोडा, लाइफस्टाइल

बरसात के दिनों में वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है, जिसका सीधा असर घरों के अंदर रखे गद्दों, तकियों और चादरों पर दिखाई देने लगता है। जब कई दिनों तक लगातार बादल छाए रहते हैं और धूप नहीं निकलती, तो बिस्तरों के रेशों में सीलन जमा होने लगती है। यह ठहरी हुई नमी समय बीतने के साथ तेज दुर्गंध में बदल जाती है। इसके अलावा, गद्दों के भीतर अधिक समय तक गीलापन बने रहने से फंगस और हानिकारक बैक्टीरिया पनपने की आशंका भी काफी ज्यादा बढ़ जाती है, जो सेहत के लिहाज से नुकसानदेह हो सकता है।

इस दुर्गंध से राहत पाने के लिए कई लोग अक्सर गद्दे और चादरों पर रूम फ्रेशनर, परफ्यूम या खुशबूदार स्प्रे छिड़कने लगते हैं। हालांकि, यह तरीका बदबू को जड़ से खत्म करने के बजाय केवल कुछ पलों के लिए दबा देता है। जैसे ही परफ्यूम का असर हल्का पड़ता है, सीलन की बदबू दोबारा महसूस होने लगती है। इसलिए ऊपरी खुशबू के बजाय बुनियादी नमी को बाहर निकालना ही इसका सही समाधान माना जाता है।

## कमरे में हवा की आवाजाही बनाए रखना पहला कदम
गोंडा के घनश्याम मिश्रा के अनुसार, मानसूनी हवा में मौजूद नमी घर के बिस्तरों को तेजी से प्रभावित करती है। धूप के अभाव में गद्दे के भीतरी हिस्सों तक नमी घर कर जाती है, जिससे बदबू पनपने लगती है। इससे बचाव का सबसे पहला और आसान तरीका कमरे में वेंटिलेशन दुरुस्त रखना है। दिन के समय खिड़कियों और दरवाजों को कुछ घंटों के लिए खुला रखना चाहिए, ताकि कमरे के भीतर ठहरी हुई भारी और नम हवा आसानी से बाहर निकल सके। इसके साथ ही, कमरे में पंखा चलाकर रखने से भी हवा का प्रवाह बना रहता है और बिस्तरों की सतह पर मौजूद नमी तेजी से कम होती है।

## बेकिंग सोडा से सोखें गहरी बदबू और नमी
घनश्याम मिश्रा ने बताया कि गद्दे के रेशों में फंसी सीलन और बदबू को खत्म करने के लिए बेकिंग सोडा का प्रयोग बेहद असरदार उपाय है। इसे आजमाने के लिए गद्दे की ऊपरी सतह पर हल्की मात्रा में सूखा बेकिंग सोडा समान रूप से छिड़क देना चाहिए। छिड़काव के बाद इसे कुछ घंटों के लिए ऐसे ही छोड़ दें, ताकि यह अंदरूनी दुर्गंध और अतिरिक्त नमी को अपने भीतर सोख ले। निर्धारित समय पूरा होने के बाद वैक्यूम क्लीनर अथवा किसी साफ और सूखे सूती कपड़े की सहायता से पाउडर को पूरी तरह झाड़कर साफ कर लें। ध्यान रखें कि गद्दे पर किसी भी तरह का पानी या अन्य तरल पदार्थ छिड़कने से पूरी तरह बचना चाहिए, क्योंकि इससे गीलापन और बढ़ सकता है।

## धूप और पंखे की हवा का सही इस्तेमाल
घनश्याम का कहना है कि बरसात के मौसम के दौरान जब भी किसी दिन अच्छी और तेज धूप निकले, तो उसका तुरंत लाभ उठाना चाहिए। गद्दे, तकिए और चादरों को बाहर ले जाकर धूप में फैलाएं और गद्दे को दोनों तरफ से पलटकर अच्छी तरह सुखाएं, ताकि दोनों सिरों पर ताजी हवा और धूप लग सके। चादरों और तकियों के कवर को भी नियमित रूप से धोना चाहिए और उन्हें पूरी तरह सूखने के बाद ही दोबारा बिछाना चाहिए। यदि लगातार बारिश के कारण धूप नहीं निकल रही है, तो गद्दे को कमरे में दीवार के सहारे सीधा खड़ा कर दें और पंखा तेज चला दें, जिससे उसके दोनों तरफ हवा लग सके और जमा नमी आसानी से निकल जाए।

## इसका आप पर असर
बरसात के दिनों में बिस्तरों में नमी और दुर्गंध की समस्या से राहत पाने के लिए आसान घरेलू सावधानियां अपनाई जा सकती हैं।

- **दैनिक रखरखाव:** कमरे की खिड़कियां दिन में कुछ घंटों के लिए खोलकर रखें और पंखा चलाएं। इससे कमरे की भारी नम हवा बाहर निकलती रहेगी और बिस्तरों में सीलन नहीं बैठेगी।
- **दुर्गंध हटाने का उपाय:** गद्दे पर सूखा बेकिंग सोडा छिड़ककर कुछ घंटे छोड़ें और फिर सूखे कपड़े या वैक्यूम से साफ करें। यह पाउडर सतह की नमी और बदबू को आसानी से सोख लेता है।
- **धूप का उपयोग:** जब भी आसमान साफ हो, गद्दे और तकियों को पलटकर धूप में जरूर सुखाएं। धूप न होने पर गद्दे को दीवार के सहारे खड़ा करके पंखे की तेज हवा में रखें।
- **चादरों की सफाई:** तकिया कवर और चादरों को नियमित रूप से धोएं और पूरी तरह सूखने पर ही बिछाएं। हल्की सी भी गीली चादर बिछाने से गद्दे के अंदर फंगस पनपने का खतरा रहता है।

## ऐसा क्यों हुआ
मानसून में बिस्तरों में बदबू और सीलन आने का मुख्य कारण वातावरण में अत्यधिक आद्रता और धूप का न होना है।

- **धूप की लंबी अनुपस्थिति:** कई दिनों तक लगातार बादल छाए रहने से गद्दों को प्राकृतिक ऊष्मा नहीं मिल पाती। इस कारण रेशों के भीतर फंसा पानी सूख नहीं पाता और सड़न जैसी गंध पैदा करता है।
- **हवा में नमी का उच्च स्तर:** बारिश के दिनों में वातावरण की हवा भारी और नम हो जाती है। यह नमी बिस्तर के कपड़े और गद्दे के गद्देदार हिस्सों द्वारा सोख ली जाती है।
- **फंगस और बैक्टीरिया का प्रसार:** बंद कमरों और लगातार सीलन वाले माहौल में सूक्ष्मजीव तेजी से पनपने लगते हैं। यही जैविक प्रक्रिया बिस्तर से आने वाली तीखी दुर्गंध की असल वजह बनती है।

## सवाल-जवाब

### 1. बरसात के मौसम में गद्दे और बिस्तर से बदबू क्यों आने लगती है?
धूप न निकलने और वातावरण में अत्यधिक नमी होने के कारण बिस्तर में सीलन जमा हो जाती है, जिससे धीरे-धीरे दुर्गंध पैदा होने लगती है।

### 2. क्या बिस्तर पर परफ्यूम या खुशबूदार स्प्रे छिड़कने से बदबू खत्म हो जाती है?
नहीं, परफ्यूम केवल थोड़ी देर के लिए गंध को दबाता है लेकिन अंदर की सीलन और असली समस्या को खत्म नहीं करता।

### 3. गद्दे से सीलन की बदबू हटाने के लिए बेकिंग सोडा का इस्तेमाल कैसे करें?
गद्दे पर सूखा बेकिंग सोडा छिड़ककर कुछ घंटों के लिए छोड़ दें और फिर वैक्यूम क्लीनर या साफ सूखे कपड़े से उसे झाड़कर हटा लें।

### 4. अगर बारिश के दौरान धूप न निकले तो गद्दे को कैसे सुखाएं?
गद्दे को कमरे में दीवार के सहारे खड़ा कर दें और तेज पंखा चलाकर रखें ताकि उसके दोनों तरफ हवा लग सके।

### 5. कमरे की नमी कम करने के लिए खिड़कियों को लेकर क्या सलाह दी गई है?
दिन में कुछ समय के लिए कमरे की खिड़कियां और दरवाजे खोलें और पंखा चलाएं ताकि नम हवा बाहर निकल सके।

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