बारिश की फुहारों के बीच अपने आंगन में लगाएं ये 5 खास पौधे, मिलेगी शानदार हरियाली बारिश का मौसम घर में गार्डनिंग शुरू करने का सबसे अच्छा समय होता है। तुलसी, गिलोय, मोगरा, गुड़हल और एलोवेरा ऐसे पांच बेहतरीन पौधे हैं जो मानसून की नमी पाकर तेजी से बढ़ते हैं और घर को हरा-भरा बना देते हैं। मानसून का मौसम सिर्फ मौसम में ठंडक ही नहीं लाता, बल्कि आपके घर के बगीचे के लिए भी एक नई जान लेकर आता है। वातावरण में नमी बढ़ने और बारिश की बौछारों के कारण, कई पौधों के पनपने के लिए यह सबसे बेहतरीन समय माना जाता है। अगर आप अपने घर, बालकनी या आंगन को हरियाली से सजाना चाहते हैं, तो बारिश के मौसम में गार्डनिंग की शुरुआत करना एक शानदार विचार है। इस दौरान कुछ खास पौधे बहुत ही कम समय में अपनी जड़ें जमाते हैं और विकसित होते हैं। आज हम आपको ऐसे पांच शानदार और कम देखभाल वाले पौधों के बारे में बता रहे हैं, जो मानसून की बारिश में न सिर्फ आपके घर की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि कई तरह से आपके लिए उपयोगी भी साबित होते हैं। तुलसी: सेहत और आस्था का प्रतीक लगभग हर भारतीय घर के आंगन या बालकनी में तुलसी का पौधा जरूर पाया जाता है और इसका धार्मिक से लेकर आयुर्वेदिक तक बहुत खास महत्व है। मानसून के दौरान जब हवा में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है, तो तुलसी बहुत तेज गति से ग्रोथ करती है और इसकी पत्तियां भी पूरी तरह से स्वस्थ और बड़ी होकर विकसित होती हैं। इस पौधे की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे एक साधारण गमले में बहुत ही आसानी से उगाया जा सकता है और इसके लिए किसी बड़ी जगह की जरूरत नहीं पड़ती। तुलसी की विकसित पत्तियों का नियमित इस्तेमाल चाय का स्वाद बढ़ाने, सेहतमंद काढ़ा बनाने और कई तरह के असरदार घरेलू उपायों में किया जाता है। हालांकि, भारी बारिश में एक बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि गमले के अंदर जरूरत से ज्यादा पानी बिल्कुल जमा न होने पाए। अगर पानी रुकेगा, तो तुलसी की जड़ें बहुत जल्दी सड़कर खराब हो सकती हैं। गिलोय: बारिश में तेजी से फैलने वाली आयुर्वेदिक बेल गिलोय एक बेहद लाभकारी और तेजी से फैलने वाली बेल है, जिसके लिए मानसून का मौसम किसी वरदान से कम नहीं है। चूंकि यह एक बेल है, इसलिए इसे ऊपर की तरफ बढ़ने के लिए किसी मजबूत सहारे की जरूरत होती है। आप इसे किसी जाली, घर की दीवार या फिर किसी बड़े पेड़ के तने के पास लगा सकते हैं। बारिश की बूंदों से मिलने वाली नमी पाकर गिलोय की बेल बहुत कम समय में चारों तरफ फैल जाती है। इस पौधे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे किसी खास देखभाल या बहुत ज्यादा खाद-पानी की जरूरत नहीं होती। आयुर्वेद के क्षेत्र में गिलोय को एक अत्यंत महत्वपूर्ण औषधि माना गया है। घर में इस बेल को लगाने से आपको चारो ओर मनमोहक हरियाली तो मिलती ही है, साथ ही जरूरत पड़ने पर यह सेहत के लिए भी बहुत काम आती है। मोगरा: घर को खुशबू से महकाने वाला पौधा अगर आप चाहते हैं कि आपका घर हमेशा प्राकृतिक खुशबू से महकता रहे, तो बारिश के दिनों में मोगरा लगाना एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है। लगातार होने वाली बारिश के कारण मिट्टी के अंदर नमी बनी रहती है, जो मोगरा के पौधे की जड़ों को अंदर तक मजबूती प्रदान करती है। इस नमी के कारण पौधे का विकास बहुत अच्छी तरह से होता है। कुछ ही समय की सही देखभाल के बाद, इस पौधे में सफेद रंग के बेहद खूबसूरत और मनमोहक खुशबू वाले फूल खिलने शुरू हो जाते हैं। आप अपनी सुविधा के अनुसार इस पौधे को घर के खुले आंगन, अपनी बालकनी या फिर एक छोटे गमले में भी आसानी से लगा सकते हैं। इसके फूल खिलते ही पूरे घर का वातावरण एक शांत और सुगंधीत अहसास से भर जाता है। गुड़हल: सुंदरता और पूजा के लिए बेहतरीन फूल मानसून की बौछारों में बहुत तेजी से बढ़ने वाले पौधों की सूची में गुड़हल का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता है। बारिश के सुहावने मौसम में अगर आप इस पौधे को लगाते हैं, तो बहुत ही जल्दी इसमें से नई और स्वस्थ शाखाएं निकलनी शुरू हो जाती हैं। थोड़ी सी सही देखभाल करने पर, इस पौधे में लगातार और भारी मात्रा में फूल आते रहते हैं। लाल, गुलाबी और अन्य कई आकर्षक रंगों में खिलने वाले गुड़हल के फूल घर की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देते हैं। इसके साथ ही, इन खूबसूरत फूलों का इस्तेमाल नियमित रूप से पूजा-पाठ में भी किया जाता है। गुड़हल के पौधे से अच्छी मात्रा में फूल पाने के लिए, इसे घर की ऐसी जगह पर लगाना चाहिए जहां बारिश के साथ-साथ इसे थोड़ी धूप भी आसानी से मिल सके। एलोवेरा: कम देखभाल में उगने वाला उपयोगी पौधा एलोवेरा एक ऐसा लोकप्रिय पौधा है जो अपनी कम देखभाल वाली खूबी के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। इसे मानसून के मौसम में भी बड़ी आसानी से लगाया जा सकता है, लेकिन तुलसी की ही तरह इसके साथ भी जलभराव को लेकर सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि एलोवेरा की जड़ों के आसपास लंबे समय तक बारिश का पानी जमा न रहे, वरना यह पौधा गल सकता है। एलोवेरा की मोटी और गूदेदार पत्तियों के अंदर मौजूद प्राकृतिक जेल का इस्तेमाल त्वचा को निखारने और बालों को स्वस्थ रखने के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। अपनी मजबूत प्रकृति के कारण, एलोवेरा को घर की बालकनी में रखे किसी छोटे से गमले में भी बहुत आसानी से और बिना किसी झंझट के उगाया जा सकता है। इसका आप पर असर • प्रकृति प्रेमियों के लिए: बारिश के मौसम में इन पौधों को लगाकर आप बहुत कम खर्च और मेहनत में अपने घर को हरा-भरा बना सकते हैं। • सेहत और बचत: तुलसी, गिलोय और एलोवेरा जैसे पौधे घर में होने से आपको छोटी-मोटी स्वास्थ्य और त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए तुरंत घरेलू उपाय मिल जाते हैं। सवाल-जवाब 1. मानसून में तुलसी का पौधा लगाते समय क्या सावधानी बरतनी चाहिए? मानसून में तुलसी के गमले में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए, क्योंकि पानी रुकने से इसकी जड़ें बहुत जल्दी सड़ सकती हैं। 2. गिलोय को घर में कैसे लगाया जा सकता है? गिलोय एक तेजी से बढ़ने वाली बेल है, इसलिए इसे ऊपर चढ़ने के लिए किसी जाली, दीवार या पेड़ का सहारा देकर लगाना चाहिए। 3. मोगरा के पौधे को बारिश से क्या फायदा होता है? बारिश की नमी मोगरा की जड़ों को मजबूत बनाती है, जिससे पौधे का विकास तेजी से होता है और इसमें सफेद खुशबूदार फूल खिलते हैं। 4. गुड़हल के पौधे से ज्यादा फूल पाने के लिए क्या करना चाहिए? गुड़हल में ज्यादा फूल पाने के लिए उसे उचित देखभाल के साथ-साथ ऐसी जगह रखना चाहिए जहां उसे बारिश के पानी के साथ थोड़ी धूप भी मिल सके। 5. क्या मानसून में एलोवेरा लगाया जा सकता है? हां, एलोवेरा को मानसून में लगाया जा सकता है, लेकिन इसके गमले में भी जलभराव नहीं होना चाहिए वरना यह पौधा गल सकता है। https://trendkia.com/lifestyle/barisha-ki-phuharon-ke-bicha-apane-angana-men-lagaen-ye-5-khasa-paudhe-milegi-shanadara-hariyali-9203 TrendKia — Har trend, sabse pehle.