# बारिश में गद्दों की सीलन और बदबू से परेशान हैं? गोंडा के घनश्याम मिश्रा ने बताए बिना स्प्रे के दूर करने के आसान तरीके

> मानसून के मौसम में नमी के कारण गद्दों और बिस्तरों से आने वाली सीलन की बदबू को बिना किसी केमिकल स्प्रे के दूर करने के बेहतरीन और आसान घरेलू उपाय।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-09-11 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/barisha-men-gaddon-ki-silana-aura-badabu-se-pareshana-hain-gonda-ke-ghanshyam-mishra-ne-batae-bina-spre-ke-dura-karane-ke-asana-ta-31204 · **Language:** Hindi
**Tags:** मानसून में बिस्तर की देखभाल, गद्दे को कैसे सुखाएं, बेकिंग सोडा से सफाई, गद्दे की बदबू कैसे दूर करें, घरेलू साफ सफाई के टिप्स, कमरे का वेंटिलेशन

बारिश के मौसम में हवा में नमी यानी आर्द्रता का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है। इस वजह से घर के भीतर रखी चीजों, विशेष रूप से गद्दों, तकियों और बिस्तरों में सीलन आने लगती है। लगातार होने वाली बारिश के कारण जब कई दिनों तक धूप नहीं निकलती, तो भारी कपास और फोम के गद्दों के अंदर नमी जमा होने लगती है। यह दबी हुई नमी धीरे-धीरे एक अजीब और परेशान करने वाली बदबू में बदल जाती है, जिससे बिस्तर पर लेटना भी दूभर हो जाता है। गद्दे में लंबे समय तक रहने वाली यह नमी न केवल बदबू पैदा करती है, बल्कि फंगस, मोल्ड और बैक्टीरिया जैसे सूक्ष्मजीवों के पनपने के लिए भी अनुकूल माहौल बनाती है। ये सूक्ष्मजीव त्वचा में एलर्जी, खुजली और सांस संबंधी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इस दुर्गंध से छुटकारा पाने के लिए लोग अक्सर गद्दों पर महंगे परफ्यूम या खुशबूदार रूम स्प्रे छिड़कते हैं, लेकिन यह कोई स्थाई समाधान नहीं है क्योंकि इससे नमी दूर नहीं होती और बदबू कुछ समय बाद दोबारा लौट आती है।

इस समस्या का सुरक्षित और प्रभावी समाधान खोजने के लिए, गोंडा के रहने वाले घनश्याम मिश्रा ने कुछ बेहद आसान, व्यावहारिक और बिना किसी केमिकल वाले घरेलू नुस्खे साझा किए हैं। इन प्राकृतिक तरीकों को अपनाकर आप बारिश के इस मौसम में भी अपने बिस्तर को पूरी तरह से साफ, सूखा और दुर्गंध मुक्त रख सकते हैं।

## कमरे में हवा की आवाजाही यानी वेंटिलेशन बनाए रखें
गद्दे और बिस्तर में नमी को जमा होने से रोकने का सबसे पहला और जरूरी नियम कमरे में ताजी हवा का प्रवाह बनाए रखना है। जब कमरे काफी समय तक बंद रहते हैं, तो अंदर की हवा भारी और नम हो जाती है, जिससे कपड़ों और बिस्तरों में सीलन तेजी से बढ़ती है। घनश्याम मिश्रा के अनुसार, दिन के समय जब बारिश न हो रही हो, तब कमरे की खिड़कियां और दरवाजे जरूर खोल देने चाहिए। इससे कमरे के भीतर की नम हवा बाहर निकल जाती है और ताजी हवा अंदर आती है। यदि आपके कमरे में प्राकृतिक वेंटिलेशन की कमी है, तो सीलिंग फैन को कुछ घंटों के लिए तेज गति पर चलाएं। पंखे की हवा नमी को सुखाने और वाष्पीकरण की प्रक्रिया को तेज करने में काफी मददगार साबित होती है।

## सीलन और बदबू सोखने में बेकिंग सोडा का इस्तेमाल
गद्दे को बिना गीला किए उसकी गहराई में छुपी सीलन और बदबू को खत्म करने के लिए बेकिंग सोडा एक बेहतरीन प्राकृतिक विकल्प है। इसके इस्तेमाल के लिए आपको गद्दे की ऊपरी सतह पर बेकिंग सोडा की एक पतली और बराबर परत छिड़कनी होगी। इसके बाद इसे कुछ घंटों के लिए ऐसे ही छोड़ दें। इस दौरान बेकिंग सोडा गद्दे में छिपी नमी को अपने अंदर सोख लेता है और बदबू पैदा करने वाले तत्वों को बेअसर कर देता है। तय समय के बाद, एक वैक्यूम क्लीनर या बिल्कुल साफ और सूखे कपड़े की मदद से बेकिंग सोडा के पाउडर को अच्छी तरह झाड़कर साफ कर लें। ध्यान रखें कि इस प्रक्रिया के दौरान गद्दे पर पानी या किसी अन्य तरल पदार्थ का छिड़काव बिल्कुल न करें, क्योंकि अतिरिक्त गीलापन समस्या को और बढ़ा सकता है।

## धूप का सही उपयोग और सुखाने के अन्य तरीके
सूरज की किरणें प्राकृतिक रूप से कीटाणुओं को मारने और नमी सुखाने का सबसे बेहतरीन जरिया हैं। मानसून के दौरान जब भी अच्छी धूप निकले, तो उसका तुरंत फायदा उठाएं। अपने गद्दों, तकियों और चादरों को बाहर ले जाकर धूप में रखें। गद्दे को दोनों तरफ से पलट-पलट कर अच्छी तरह हवा और धूप लगने दें, जिससे इसके अंदर पनप रहे फंगस और बैक्टीरिया पूरी तरह नष्ट हो सकें। इसके साथ ही, चादर और तकिए के कवर को नियमित रूप से धोएं और पूरी तरह सूखने के बाद ही दोबारा इस्तेमाल में लाएं। अगर कई दिनों तक धूप न निकले, तो गद्दे को बिस्तर से हटाकर कमरे में दीवार के सहारे खड़ा कर दें और पंखे की तेज हवा चलाएं, जिससे उसमें जमा नमी कम हो सके।

## इसका आप पर असर
गद्दे में जमा होने वाली नमी और बदबू को समय रहते दूर करने से आप मानसून के दौरान त्वचा की एलर्जी, सांस की बीमारियों और फंगस से बच सकते हैं।

- **बीमारियों से बचाव:** सूखे और साफ बिस्तर पर सोने से बैक्टीरिया और फंगस का खतरा कम होता है। इससे आपको त्वचा में खुजली और सांस की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- **पैसों की बचत:** महंगे केमिकल स्प्रे या प्रोफेशनल क्लीनिंग सर्विसेज पर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साधारण बेकिंग सोडा और धूप की मदद से आप घर पर ही गद्दे को नया जैसा रख सकते हैं।
- **गद्दों की लंबी उम्र:** सीलन से गद्दों का फैब्रिक और फोम जल्दी खराब हो जाते हैं। नियमित रूप से इन्हें सुखाने और हवा लगाने से गद्दे सालों-साल चलते हैं।
- **बेहतर नींद:** नमी और दुर्गंध रहित बिस्तर आपको एक आरामदायक और गहरी नींद देता है। इससे मानसून के उमस भरे दिनों में भी आपकी सेहत दुरुस्त रहेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
बारिश के मौसम में गद्दों में सीलन और बदबू आना एक प्राकृतिक भौतिक प्रक्रिया है, जो हवा में उच्च आर्द्रता और वेंटिलेशन की कमी के कारण होती है।

- **उच्च वायुमंडलीय आर्द्रता:** मानसून के दौरान हवा में जल वाष्प की मात्रा बहुत बढ़ जाती है। गद्दे और तकिए जैसे सूती सामान इस नमी को तेजी से सोखते हैं, जिससे वे अंदर से गीले हो जाते हैं।
- **धूप की कमी:** लगातार बादल छाए रहने से सूरज की यूवी किरणें बिस्तरों तक नहीं पहुंच पाती हैं। धूप की अनुपस्थिति में नमी बाहर नहीं निकल पाती और फंगस को पनपने का मौका मिलता है।
- **बेकिंग सोडा की रासायनिक क्रिया:** बेकिंग सोडा यानी सोडियम बाइकार्बोनेट एक प्राकृतिक शोषक और क्षारीय पदार्थ है। यह गद्दे की नमी को सोखने के साथ-साथ दुर्गंध पैदा करने वाले अम्लीय तत्वों को न्यूट्रलाइज कर देता है।

## सवाल-जवाब

### 1. बारिश में गद्दे से बदबू क्यों आने लगती है?
हवा में नमी बढ़ने और कई दिनों तक धूप न मिलने के कारण गद्दे के अंदर सीलन जमा हो जाती है, जिससे धीरे-धीरे दुर्गंध आने लगती है।

### 2. बेकिंग सोडा गद्दे की बदबू को कैसे दूर करता है?
बेकिंग सोडा नमी को अपने अंदर सोख लेता है और बदबू पैदा करने वाले अम्लीय तत्वों को रासायनिक रूप से न्यूट्रलाइज कर देता है।

### 3. क्या गद्दे पर पानी या लिक्विड स्प्रे छिड़कना सही है?
नहीं, बारिश के मौसम में गद्दे पर कोई भी तरल पदार्थ छिड़कने से बचना चाहिए क्योंकि इससे नमी और बढ़ सकती है।

### 4. अगर धूप न निकले तो गद्दे को कैसे सुखाएं?
धूप न होने पर गद्दे को कमरे में दीवार के सहारे खड़ा कर दें और सीलिंग फैन को तेज गति पर चलाकर हवा दें।

### 5. खिड़कियां खोलने से सीलन पर क्या असर पड़ता है?
खिड़कियां खोलने से कमरे में हवा की आवाजाही बनी रहती है, जिससे कमरे के भीतर की भारी और नम हवा बाहर निकल जाती है।

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