# बिहार के रोहतास में बना चुकंदर और सूजी का अनोखा पास्ता, बच्चों को स्वाद के साथ मिलेगा पोषण

> रोहतास में शुरू हुआ चुकंदर और सूजी से बना विशेष पास्ता बच्चों को पोषण देने के साथ स्थानीय किसानों को संगठित बाजार से जोड़ रहा है।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-11-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/bihar-ke-rohtas-men-bana-chukndara-aura-suji-ka-anokha-pasta-bachchon-ko-svada-ke-satha-milega-poshana-54139 · **Language:** Hindi
**Tags:** रोहतास, चुकंदर पास्ता, कुमार ज्योति प्रकाश, किसान उत्पादक कंपनी, खाद्य प्रसंस्करण, पोषण

छोटे बच्चों को हरी और पौष्टिक सब्जियां खिलाना अक्सर माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है। खासकर चुकंदर जैसी सेहतमंद सब्जी को देखते ही बच्चे अक्सर खाने में नखरे दिखाने लगते हैं और थाली से दूरी बना लेते हैं। इसके विपरीत, आधुनिक खानपान में पास्ता और मैकरोनी ऐसे व्यंजन हैं जिन्हें बच्चे बेहद पसंद करते हैं और खुशी-खुशी खाते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए बिहार के रोहतास जिले में एक नया प्रयोग सामने आया है। स्थानीय उद्यमी कुमार ज्योति प्रकाश ने बच्चों की इसी आदत को समझकर सूजी और चुकंदर के मेल से एक विशेष पास्ता तैयार किया है, ताकि स्वाद के बहाने बच्चों के शरीर में जरूरी पोषक तत्व भी पहुंच सकें।

## स्वाद के साथ सेहत का नया तालमेल
सामान्य तौर पर बाजार में मिलने वाले पास्ता से अलग यह उत्पाद बच्चों को सेहतमंद विकल्प देने के मकसद से बनाया गया है। टेस्टी चॉइस नाम के इस उपक्रम से जुड़े सेल्समैन हिमांशु कुमार के अनुसार, इस पास्ता को बनाने की प्रक्रिया पारंपरिक पास्ता की तरह ही रखी गई है, लेकिन इसकी मुख्य सामग्री में सूजी के साथ ताजे चुकंदर का इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य यह है कि बाजार में बच्चों के बीच पहले से बेहद लोकप्रिय भोजन को एक नए और स्वास्थ्यवर्धक रूप में पेश किया जाए, जिससे अभिभावकों को अपने बच्चों के पोषण को लेकर एक बेहतर और भरोसेमंद समाधान मिल सके।

## करीब 40 लाख रुपये के निवेश से शुरू हुआ कारोबार
इस अनूठी खाद्य प्रसंस्करण इकाई को स्थापित करने के लिए लगभग 40 लाख रुपये का शुरुआती निवेश किया गया है। वर्तमान समय में इस निर्माण कार्य और पैकेजिंग से जुड़े लगभग 10 कर्मचारी कंपनी में प्रत्यक्ष रूप से काम कर रहे हैं। उत्पादन शुरू होने के बाद कंपनी ने तेजी से वितरण नेटवर्क का विस्तार किया है और अब तक औरंगाबाद, सासाराम और मोहनिया सहित कुल छह अलग-अलग स्थानों के बाजारों में अपनी पहुंच बना ली है। इन सभी शुरुआती बाजारों में ग्राहकों और परिवारों की तरफ से इस चुकंदर पास्ता को काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

## मुंडेश्वरी फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़े 750 किसान
कंपनी के चेयरमैन कुमार ज्योति प्रकाश ने इस पूरे मॉडल को एक व्यापक सोच के तहत खड़ा किया है। उन्होंने मुंडेश्वरी फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की स्थापना विशुद्ध रूप से एक किसान आधारित उपक्रम के रूप में की है। इस संस्थान का लक्ष्य सिर्फ बाजार के लिए नए खाद्य उत्पाद तैयार करना ही नहीं है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर खेती करने वाले किसानों को एक संगठित और सुरक्षित व्यावसायिक व्यवस्था से जोड़ना भी है।

कुमार ज्योति प्रकाश के मुताबिक, इस पूरी पहल से जहां करीब 10 कर्मचारियों को नियमित रूप से प्रत्यक्ष रोजगार मिला हुआ है, वहीं लगभग 750 किसान अप्रत्यक्ष तौर पर कंपनी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस साझेदारी से स्थानीय स्तर पर आजीविका के नए मौके पैदा हो रहे हैं और क्षेत्रीय किसानों को अपनी उपज की सीधी खपत का लाभ मिल रहा है। कंपनी आने वाले दिनों में अपनी उत्पादन क्षमता और बाजार के दायरे को और अधिक बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है।

## बच्चों की आदतों से मिला नया विचार
इस नवाचार की शुरुआत के बारे में बताते हुए कुमार ज्योति प्रकाश ने साझा किया कि बच्चों की दैनिक खानपान की आदतों को बारीकी से देखने के बाद उन्हें यह विचार सूझा था। उन्होंने देखा कि अधिकांश बच्चे चुकंदर को सलाद या सब्जी के रूप में सीधे खाने में बिल्कुल रुचि नहीं लेते, लेकिन पास्ता और मैकरोनी जैसे व्यंजनों को देखते ही तुरंत खाने के लिए तैयार हो जाते हैं। ऐसे में उन्होंने सोचा कि क्यों न चुकंदर को सीधे उस भोजन में शामिल कर दिया जाए जिसे बच्चे सबसे अधिक पसंद करते हैं। इसी सोच ने सूजी और चुकंदर के मिश्रण से तैयार होने वाले इस नए उत्पाद को जन्म दिया, जिससे बच्चों को स्वाद के साथ चुकंदर के सारे पोषक तत्व आसानी से मिल रहे हैं।

## इसका आप पर असर
यह पहल अभिभावकों को बच्चों के पोषण के लिए एक व्यावहारिक विकल्प देने के साथ स्थानीय किसानों की आय को मजबूती प्रदान करती है।

- **भारत में:** यह नवाचार दिखाता है कि कैसे पारंपरिक खेती और आधुनिक फूड प्रोसेसिंग को मिलाकर बच्चों के लिए स्वास्थ्यवर्धक विकल्प तैयार किए जा सकते हैं। उपभोक्ताओं को जंक फूड के मुकाबले पौष्टिक सामग्री से बने तैयार उत्पादों का नया विकल्प मिलता है।
- **रोहतास और आसपास के क्षेत्रों में:** स्थानीय स्तर पर 750 से अधिक किसानों को अपनी फसल के लिए एक संगठित और सुनिश्चित बाजार मिल रहा है। इसके साथ ही औरंगाबाद, सासाराम और मोहनिया जैसे शहरों में परिवारों को ताजा स्थानीय उत्पाद सीधे उपलब्ध हो रहा है।
- **अभिभावकों के लिए:** बच्चों को बिना किसी जिद के चुकंदर के पोषक तत्व खिलाने का एक आसान और स्वादिष्ट तरीका मिल गया है। इससे बच्चों के दैनिक भोजन में पौष्टिक तत्वों की मात्रा स्वाभाविक रूप से बढ़ाई जा सकती है।
- **ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर:** खाद्य प्रसंस्करण इकाई से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुले हैं। इससे छोटे शहरों में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलने की संभावना मजबूत हुई है।

## ऐसा क्यों हुआ
बच्चों द्वारा पौष्टिक सब्जियों से दूरी बनाने और पास्ता जैसे व्यंजनों के प्रति उनके बढ़ते आकर्षण ने इस नए उत्पाद के विकास को प्रेरित किया।

- **बच्चों की खाने की आदतें:** बच्चे अक्सर चुकंदर जैसी स्वास्थ्यवर्धक सब्जियों को सीधे खाने में आनाकानी करते हैं, जबकि पास्ता को बड़े चाव से खाते हैं। इसी अंतर को पाटने के लिए सब्जी के पोषण को पास्ता के रूप में ढालने का निर्णय लिया गया।
- **कृषि आधारित मूल्य संवर्धन:** कच्चे कृषि उत्पादों को सीधे बेचने के बजाय उन्हें प्रसंस्कृत करके बाजार में उतारने से किसानों को बेहतर मूल्य और मांग मिलती है। इसी सोच के तहत किसान उत्पादक कंपनी का ढांचा तैयार किया गया।
- **बाजार में सेहतमंद विकल्पों की मांग:** आधुनिक समय में अभिभावक अपने बच्चों के लिए ऐसे खाद्य पदार्थों की तलाश में रहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी हों। चुकंदर और सूजी का यह तालमेल इसी मांग को पूरा करने के लिए पेश किया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. रोहतास में बना यह अनोखा पास्ता किन चीजों से तैयार किया गया है?
यह विशेष पास्ता मुख्य रूप से सूजी और ताजे चुकंदर के मिश्रण से तैयार किया गया है।

### 2. इस चुकंदर पास्ता को बनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य बच्चों के पसंदीदा भोजन के जरिए उन्हें बिना किसी झिझक के चुकंदर के पोषक तत्वों से जोड़ना है।

### 3. इस खाद्य इकाई को शुरू करने में कितनी लागत आई है?
इस कारोबार को शुरू करने के लिए करीब 40 लाख रुपये का शुरुआती निवेश किया गया है।

### 4. यह उत्पाद वर्तमान में किन प्रमुख बाजारों में उपलब्ध है?
यह उत्पाद औरंगाबाद, सासाराम और मोहनिया सहित छह स्थानों के बाजारों में पहुंच चुका है।

### 5. इस पहल से कितने किसान और कर्मचारी जुड़े हुए हैं?
कंपनी में लगभग 10 कर्मचारी प्रत्यक्ष रूप से काम कर रहे हैं और करीब 750 किसान अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं।

### 6. इस उद्यम की शुरुआत किस किसान आधारित कंपनी के तहत की गई है?
इसकी शुरुआत मुंडेश्वरी फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के तहत की गई है, जिसके चेयरमैन कुमार ज्योति प्रकाश हैं।

## प्रेरणा और सबक
रोहतास के इस उद्यमी का सफर दिखाता है कि कैसे एक सामान्य घरेलू समस्या को समझकर किसानों के लिए बड़ा व्यावसायिक अवसर बनाया जा सकता है।

- **समस्या में अवसर तलाशें:** बच्चों की नखरेबाजी जैसी सामान्य घरेलू परेशानी को समझकर एक सफल और उपयोगी व्यावसायिक उत्पाद में बदला जा सकता है।
- **सामुदायिक जुड़ाव से प्रगति:** अपने व्यवसाय में 750 स्थानीय किसानों को शामिल करके व्यक्तिगत सफलता को पूरे समुदाय के आर्थिक लाभ में तब्दील किया गया।
- **साहसिक शुरुआती कदम:** करीब 40 लाख रुपये के सुनियोजित निवेश से छोटे जिले में भी आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण की मजबूत नींव रखी जा सकती है।

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