बिना एसी और कूलर के भी ठंडा रहेगा कमरा, खिड़की पर एल्युमिनियम फॉयल लगाने का यह तरीका है बेहद असरदार गर्मी के दिनों में जिन कमरों पर सीधी धूप पड़ती है, उन्हें बिना किसी महंगे उपकरण के भी ठंडा रखा जा सकता है। खिड़कियों पर एल्युमिनियम फॉयल लगाने की यह आसान ट्रिक तेज धूप और कमरे के बढ़ते तापमान को रोकने में मदद करती है। तेज गर्मी शुरू होते ही घर के कई कमरे ऐसे तंदूर की तरह गर्म हो जाते हैं कि वहां टिकना मुश्किल हो जाता है। विशेष तौर पर जिन कमरों की खिड़कियों पर दोपहर के वक्त सूरज की सीधी किरणें पड़ती हैं, वहां कुछ ही घंटों में तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है। इस गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अमूमन पंखे की रफ्तार तेज करते हैं, एयर कंडीशनर चालू करते हैं या कूलर का रुख करते हैं, जिसके चलते बिजली का बिल भी काफी तेजी से ऊपर जाने लगता है। इसी सिलसिले में पिछले कुछ समय से खिड़कियों पर एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल करने का घरेलू नुस्खा काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि सुनने में यह भले ही थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे बेहद सीधा और वैज्ञानिक कारण काम करता है। एल्युमिनियम फॉयल किस तरह काम करता है एल्युमिनियम फॉयल की बनावट बेहद चमकदार और परावर्तक होती है। जब चिलचिलाती धूप सीधे खिड़की पर पड़ती है, तो यह फॉयल उस रोशनी और उसके कुछ विकिरणों का एक बड़ा हिस्सा वापस परावर्तित कर देता है। इसका सीधा मतलब यह है कि सूरज की भयंकर गर्मी का एक हिस्सा कमरे के अंदर दाखिल होने से पहले ही रास्ते में रुक जाता है। यह तरीका उन खास कमरों में बेहद उपयोगी साबित हो सकता है जहां दिन के कई घंटे सीधी धूप आती है। उदाहरण के लिए, पश्चिम दिशा की तरफ खुलने वाली खिड़की वाला बेडरूम शाम के समय बुरी तरह गर्म हो जाता है। ऐसी जगहों पर एल्युमिनियम फॉयल एक अस्थायी शेड के रूप में बहुत बढ़िया ढंग से काम कर सकता है। हालांकि यह समझना भी जरूरी है कि इसे किसी पक्के और स्थायी कूलिंग सिस्टम का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि सही ढंग से आजमाने पर यह कम खर्च में किया जाने वाला एक अस्थायी उपाय मात्र है। खिड़की पर फॉयल लगाने का सही तरीका क्या है इस घरेलू नुस्खे को आजमाने के लिए सबसे पहले खिड़की के कांच का सटीक आकार नापना बेहद जरूरी है। इसके बाद इतनी मात्रा में एल्युमिनियम फॉयल काटें जिससे कांच का खुला हुआ पूरा हिस्सा अच्छी तरह ढक जाए। फॉयल को बिना किसी वजह के बहुत ज्यादा सिकोड़ने या मोड़ने के बजाय अपेक्षाकृत सीधा और साफ-सुथरा रखना चाहिए। इस फॉयल को उपयुक्त टेप की मदद से मजबूती से चिपकाया जा सकता है। इसके अलावा, यदि घर की बनावट और स्थिति इसकी इजाजत देती है, तो फॉयल को खिड़की के बाहर की तरफ लगाना ज्यादा असरदार साबित हो सकता है, क्योंकि इससे धूप कांच तक पहुंचने से ठीक पहले ही रोक ली जाती है। फिर भी, बाहर की तरफ फॉयल लगाते समय अपनी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इससे खिड़की की ड्रेनेज व्यवस्था, फ्रेम या आसपास के अन्य हिस्सों में किसी भी तरह की कोई परेशानी पैदा न हो। इस घरेलू तरीके के क्या-क्या फायदे हैं इस तरीके का सबसे बड़ा और मुख्य फायदा इसकी बेहद कम लागत है। एल्युमिनियम फॉयल बाजार में बहुत आसानी से मिल जाता है और इसे लगाने के लिए किसी भी तरह के महंगे उपकरण की कोई आवश्यकता नहीं होती है। यह सूरज की सीधी और तेज धूप को रोकने में मदद करता है और कुछ चुनिंदा कमरों में गर्मी के भीषण असर को काफी हद तक घटा देता है। अगर किसी कमरे में सिर्फ दिन के कुछ खास घंटों के लिए ही तेज धूप आती है, तो उन सीमित घंटों के दौरान फॉयल का इस्तेमाल करना एक बहुत ही आसान और सुविधाजनक उपाय बन जाता है। इसे छत के पंखे, क्रॉस-वेंटिलेशन या कूलर के साथ मिलाकर भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका एक और फायदा यह है कि मौसम या जरूरत के हिसाब से इसे जब चाहें हटाया जा सकता है, जिसका मतलब है कि मौसम बदलते ही खिड़की को दोबारा उसकी सामान्य स्थिति में वापस लाना बेहद आसान होता है। इस्तेमाल करते समय किन बातों का रखें ध्यान एल्युमिनियम फॉयल को खिड़की की समस्या का कोई स्थायी और पक्का समाधान समझ लेना बिल्कुल भी सही नहीं है। इसके उपयोग से कमरे के भीतर आने वाली प्राकृतिक रोशनी काफी हद तक कम हो सकती है, जिसकी वजह से दिन के समय भी कमरा काफी अंधेरा और बुझा-बुझा लग सकता है। इसके अलावा, हर तरह के कांच पर इसे सीधे चिपकाने से पहले पूरी सावधानी बरतना जरूरी है। विशेष तौर पर डबल-ग्लेज्ड या किसी विशेष तकनीक से ट्रीट किए गए कांच वाली खिड़कियों पर इसका इस्तेमाल करने से पहले खिड़की बनाने वाले निर्माता की सलाह या निर्देश जरूर देख लेने चाहिए। यदि बाहरी गर्मी को रोकने का तरीका गलत हुआ या कांच पर अनावश्यक तनाव बढ़ा, तो नुकसान भी उठाना पड़ सकता है. लंबे समय के समाधान के लिए क्या हैं विकल्प यदि किसी घर के अंदर गर्मी की यह समस्या हर साल लगातार बनी रहती है, तो केवल एल्युमिनियम फॉयल पर ही पूरी तरह निर्भर रहना समझदारी भरा कदम नहीं है। ऐसे मामलों में मोटे पर्दे, डार्क ब्लाइंड्स, बाहर की तरफ लगाए जाने वाले शेड, बेहतर इन्सुलेशन और सोलर-कंट्रोल विंडो फिल्म जैसे विकल्प कहीं अधिक टिकाऊ और असरदार साबित हो सकते हैं। इसके अलावा, दिन के उन घंटों में खिड़कियों को पूरी तरह बंद रखना जब बाहर से बहुत गर्म हवाएं चल रही हों, और सुबह तथा शाम के वक्त घर में अच्छा क्रॉस-वेंटिलेशन करना भी कमरे के तापमान को आरामदायक बनाए रखने में बहुत मदद करता है। इसका आप पर असर भारत में: गर्मी के मौसम में बिजली के बढ़ते बिलों से जूझ रहे आम नागरिकों को इस तरह के कम खर्च वाले घरेलू उपायों से राहत मिल सकती है। सवाल-जवाब 1. खिड़की पर एल्युमिनियम फॉयल लगाने से क्या होता है? फॉयल की चमकदार सतह सूरज की रोशनी और विकिरण को परावर्तित करती है, जिससे कमरे में आने वाली गर्मी कम हो जाती है। 2. क्या यह एसी या कूलर का स्थायी विकल्प है? नहीं, इसे किसी स्थायी कूलिंग सिस्टम का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए; यह कम खर्च वाला एक अस्थायी उपाय है। 3. फॉयल को खिड़की पर लगाने का सबसे प्रभावी स्थान कौन सा है? यदि घर की स्थिति अनुमति दे, तो फॉयल को खिड़की के बाहर की तरफ लगाना ज्यादा प्रभावी होता है क्योंकि इससे धूप कांच तक पहुंचने से पहले ही रुक जाती है। 4. लंबे समय के लिए कौन से विकल्प बेहतर हैं? मोटे पर्दे, ब्लाइंड्स, बाहरी शेड, बेहतर इन्सुलेशन और सोलर-कंट्रोल विंडो फिल्म लंबे समय के लिए ज्यादा टिकाऊ विकल्प हैं। https://trendkia.com/lifestyle/bina-ac-aur-cooler-ke-bhi-thanda-rahega-kamra-khidki-par-aluminum-foil-lagane-ka-yeh-tarika-hai-behad-asardaar-21413 TrendKia — Har trend, sabse pehle.