बिना फ्रिज के 10 दिन तक ऐसे ताजी रखें धनिया और पुदीना, नहीं सूखेंगी हरी पत्तियां बाजार से लाई गई हरी पत्तियों को बिना फ्रिज के लंबे समय तक ताजा रखने के आसान तरीके सामने आए हैं। सही तरीके से डंठल काटने और नमी नियंत्रित करने से धनिया और पुदीना कई दिनों तक खराब नहीं होते हैं। बाजार से घर लाई जाने वाली हरी पत्तियां और हर्ब्स बहुत जल्द मुरझा जाती हैं, लेकिन अब बिना किसी रेफ्रिजरेटर के इन्हें लगभग दस दिनों तक बिल्कुल ताजा और हरा बनाए रखना संभव हो गया है। रसोई में कुछ बहुत ही सामान्य बातों का ध्यान रखकर और छोटे-छोटे बदलाव करके धनिए, पुदीने और अन्य खुशबूदार पत्तियों को सड़ने से बचाया जा सकता है। लोग अक्सर अपनी दैनिक दिनचर्या में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिनके कारण कीमती और उपयोगी हर्ब्स कुछ ही घंटों में बेकार हो जाती हैं। धोने से जुड़ी जरूरी सावधानी बाजार से सामान लाते ही अधिकांश लोग सारी हरी पत्तियों को एक साथ पानी से धोकर स्टोर कर देते हैं, लेकिन यह तरीका उन्हें बहुत जल्दी खराब कर देता है। पत्तियों पर जमा होने वाली अतिरिक्त नमी बैक्टीरिया और फफूंद के पनपने का मुख्य कारण बनती है। समझदारी इसी में है कि एक बार में सारी हर्ब्स न धोएं, बल्कि जितनी मात्रा की आवश्यकता हो, केवल उतनी ही पत्तियों को अलग करें। उपयोग करने से ठीक पहले उन्हें हल्के साफ पानी से धोएं और किसी साफ कपड़े या पेपर टॉवल की सहायता से अच्छी तरह सुखा लें। डंठल काटने का सही तरीका और पानी का इस्तेमाल फूलों को गुलदस्ते में सजाने से पहले जिस तरह उनके तनों को काटा जाता है, बिल्कुल उसी तरह धनिया या पुदीना लाते ही उनके डंठल का लगभग आधा इंच हिस्सा नीचे से काट देना चाहिए। इसके बाद इन डंठलों को एक गिलास या कांच के जार में एक से दो इंच पानी भरकर उसमें सीधा खड़ा कर दिया जाता है। इस प्रकार रखने पर डंठल लगातार नमी खींचते रहते हैं और पत्तियां काफी लंबे समय तक मुरझाती नहीं हैं। बहुत से लोग इन्हें सीधे पॉलीथिन या प्लास्टिक बैग में ठूंस देते हैं, जो गलत है। जार में रखते वक्त पानी के स्तर का रखें ध्यान कांच के जार या गिलास में हर्ब्स को रखते समय यह बहुत जरूरी है कि केवल उनके डंठल ही पानी के संपर्क में रहें। यदि हरी पत्तियां भी पानी के अंदर डूब जाएंगी, तो वे बहुत जल्दी गलने लगेंगी और उनमें सड़न पैदा हो जाएगी। अगर किसी कारणवश पत्तियां गलती से गीली हो जाएं, तो उन्हें किसी सूखे और साफ कपड़े की मदद से बहुत हल्के हाथों से पोंछकर सुखा लेना चाहिए। रसोई में सही और ठंडी जगह का चुनाव गर्मियों के मौसम में यह छोटी सी तकनीक बेहद चमत्कारी साबित हो सकती है। ज्यादातर लोग अपनी हर्ब्स को गैस चूल्हे के पास या किसी खिड़की के नजदीक रख देते हैं, जहां सूरज की सीधी रोशनी और अत्यधिक गर्मी पहुंचती है। इस प्रकार के वातावरण में पत्तियां बहुत तेजी से सूख जाती हैं। इसके विपरीत, रसोईघर के किसी ठंडे, सूखे और छायादार हिस्से को जार रखने के लिए चुना जाना चाहिए, जैसे कि उत्तर दिशा की ओर बनी शेल्फ या कोई बंद अलमारी जहां धूप सीधे न पहुंच सके। तापमान कम रहने से सड़ने की प्रक्रिया काफी धीमी हो जाती है। नमी और हवा के संतुलन के लिए हवादार बैग हर्ब्स को सुरक्षित रखने के लिए उनके ऊपर हल्का सा छेद वाला पेपर बैग या फिर कोई ढीला-ढाला प्लास्टिक बैग ढक देना चाहिए। ऐसा करने से पत्तियों के आसपास हल्की नमी का संतुलन बरकरार रहता है और साथ ही हवा का प्रवाह भी सुचारू रूप से चलता रहता है। यही सही संतुलन हरी पत्तियों को लंबे समय तक हरा-भरा और उपयोग के लायक बनाए रखने में मदद करता है। जार का पानी नियमित रूप से बदलना लंबे समय तक एक ही पानी जार में भरा रहने पर उसमें बैक्टीरिया और सूक्ष्म जीव पैदा होने लगते हैं। यही हानिकारक बैक्टीरिया हर्ब्स को बहुत तेजी से खराब कर देते हैं। इसलिए बेहद जरूरी है कि हर एक या दो दिन के अंतराल पर जार का पानी पूरी तरह बदल दिया जाए। यदि डंठल नीचे से चिपचिपे नजर आने लगें या उनका रंग काला पड़ने लगे, तो उनके निचले हिस्से को थोड़ा सा दोबारा काट देना चाहिए ताकि वे फिर से ताजा पानी आसानी से सोख सकें। सख्त हर्ब्स के लिए गीले कपड़े का अचूक नुस्खा करी पत्ता, रोजमेरी और थाइम जैसी कुछ खास हर्ब्स की बनावट अपेक्षाकृत काफी सख्त और मजबूत होती है। इन मजबूत पत्तियों के लिए पानी के जार वाला तरीका अपनाने के बजाय इन्हें हल्के गीले सूती कपड़े या पेपर टॉवल में लपेटकर रखा जाना चाहिए। इसके बाद इन्हें किसी पेपर बैग या मिट्टी के बर्तन में सुरक्षित रख सकते हैं। यह खास तरीका पत्तियों में जरूरी नमी तो बनाए रखता है, लेकिन उन्हें जरूरत से ज्यादा गीला नहीं होने देता, जिससे वे कई दिनों तक सुरक्षित रहती हैं। समय और धन की बचत करने वाली छोटी आदतें यदि हर हफ्ते बाजार से धनिया, पुदीना या करी पत्ता लाना पड़ता है और उसका आधा हिस्सा खराब होकर कचरे में फेंकना पड़ता है, तो ये आसान घरेलू उपाय काफी मददगार साबित होंगे। ये तरीके न केवल मेहनत और पैसे की बचत करते हैं, बल्कि खाने के स्वाद को भी बरकरार रखते हैं। थोड़ी सी जागरूकता और सही देखभाल अपनाकर बिना किसी फ्रिज के भी हरी पत्तियों को लंबे समय तक ताजा रखा जा सकता है। इसका आप पर असर • Across India: यह तरीका देश के सभी घरों में रसोई के कचरे को कम करने और सब्जियों के प्रबंधन में मदद करेगा। • दैनिक जीवन में: इससे धनिया और पुदीना को बिना फ्रिज के ताजा रखने में मदद मिलती है, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है। सवाल-जवाब 1. हरी पत्तियों को बाजार से लाते ही क्यों नहीं धोना चाहिए? धोने से अतिरिक्त नमी बच जाती है जो बैक्टीरिया और फफूंद पैदा करती है, जिससे पत्तियां जल्दी सड़ जाती हैं। 2. धनिया और पुदीने को ताजा रखने के लिए डंठल का क्या करना चाहिए? डंठल का आधा इंच हिस्सा काटकर पानी से भरे जार में सीधा खड़ा करना चाहिए ताकि वे नमी खींचते रहें। 3. जार का पानी कितनी बार बदलना चाहिए? जार का पानी हर एक या दो दिन में बदल देना चाहिए ताकि बैक्टीरिया न पनप सकें। 4. करी पत्ता और रोजमेरी जैसी सख्त हर्ब्स को कैसे स्टोर करें? इन्हें हल्के गीले सूती कपड़े या पेपर टॉवल में लपेटकर पेपर बैग में रखना चाहिए। https://trendkia.com/lifestyle/bina-phrija-ke-10-dina-taka-aise-taji-rakhen-dhaniya-aura-pudina-nahin-sukhengi-hari-pattiyan-13374 TrendKia — Har trend, sabse pehle.