छतरपुर में दीपावली पर गुलाब की पंखुड़ियों जैसे आकार वाले गुलाबी छेना रसगुल्ले की मची धूम छतरपुर में पारंपरिक मिठाइयों को नया रूप देते हुए दूध की मलाई, केसर और पिस्ता से सजे गुलाब के आकार वाले विशेष छेना रसगुल्ले तैयार किए जा रहे हैं, जिनकी कीमत 350 रुपये प्रति किलो है। त्योहारों के मौसम में पारम्परिक मिठाइयों में नए प्रयोग हमेशा से लोगों को लुभाते रहे हैं। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में इस बार दीपावली के अवसर पर एक विशेष मिठाई की जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है, जिसे गुलाबी छेना रसगुल्ला नाम दिया गया है। साधारण छेना रसगुल्ले से अलग, इस मिठाई को न केवल एक नया रूप दिया गया है, बल्कि इसे तैयार करने की विधि में भी बारीक कारीगरी शामिल है। गुलाब के फूल जैसी बनावट और मनमोहक सजावट के कारण यह मिठाई स्थानीय खरीदारों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। मलाई की क्रीम और कारीगरी से निखरता रूप छतरपुर के पुराने मिष्ठान निर्माता और प्रेम पैलेस होटल के संचालक बब्बी चौरसिया पूरे साल विभिन्न प्रकार के मिष्ठान तैयार करते हैं, लेकिन दीपावली जैसे बड़े पर्व पर कुछ अनूठी पेशकश की जाती है। उनके अनुसार, यह गुलाबी छेना मिठाई पारंपरिक बंगाली मिठाई की श्रेणी में आती है। हालांकि इसका मूल आधार पारंपरिक छेना रसगुल्ले जैसा ही होता है, परंतु इसे विशिष्ट बनाने के लिए शुद्ध दूध की गाढ़ी मलाई से तैयार क्रीम का उपयोग किया जाता है। मिठाई को अंतिम रूप देने और उस पर फूल की महीन पंखुड़ियों जैसी डिजाइन उकेरने का काम उनके अनुभवी कारीगर अरविंद करते हैं, जिनकी कुशलता से यह मिठाई पूरी तरह खिल उठती है। केसर और पिस्ते से बढ़ता स्वाद इस मिठाई की विशेषता केवल इसकी बनावट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके स्वाद पर भी खास ध्यान दिया गया है। दूध की मलाई वाली क्रीम से गुलाब की सुंदर आकृति गढ़ने के बाद इसके ऊपर बारीक कटा पिस्ता और असली केसर की पत्तियां डाली जाती हैं। केसर की प्राकृतिक सुगंध और पिस्ते का कुरकुरापन मिलकर इसके स्वाद को बेहद खास बना देते हैं। बब्बी चौरसिया का मानना है कि पारंपरिक मिठाइयों में लगातार कुछ नया जोड़ना और रचनात्मकता दिखाना ही उनके प्रतिष्ठान की पहचान है। यही वजह है कि आकर्षक रंग-रूप और बेहतरीन स्वाद का यह मेल ग्राहकों को पहली नजर में ही पसंद आ जाता है। कीमत और बिक्री का आलम मिष्ठान बाजार में साधारण छेना रसगुल्ला जहां 300 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध है, वहीं अतिरिक्त श्रम और समृद्ध सामग्रियों से तैयार यह विशेष गुलाबी छेना रसगुल्ला 350 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बेचा जा रहा है। कीमत में मात्र 50 रुपये का अंतर होने और उत्सव की विशेष बनावट के चलते दुकान पर आते ही यह मिठाई कुछ ही घंटों में पूरी तरह बिक जाती है। मिष्ठान भंडार के अनुसार, ग्राहकों के भारी रुझान को देखते हुए यह खास मिठाई दीपावली के पूरे त्योहार तक लगातार बनाई और बेची जाती रहेगी। इसका आप पर असर त्योहारों पर अनोखी और शुद्ध मिठाई तलाश रहे ग्राहकों को पारंपरिक स्वाद के साथ नए रूप का विकल्प मिल रहा है। • छतरपुर में: स्थानीय निवासियों को दिवाली पर उपहार देने और पूजा के लिए 350 रुपये प्रति किलो में एक नई कलात्मक मिठाई मिल रही है। सीमित आपूर्ति के कारण ग्राहकों को इसे खरीदने के लिए सुबह या दोपहर के समय जल्दी दुकान पर पहुंचना होगा। • भारत में: त्योहारों के दौरान पारंपरिक बंगाली मिठाइयों में रचनात्मक नवाचार की मांग पूरे देश के मिष्ठान बाजारों में बढ़ रही है। विभिन्न शहरों के हलवाई भी पारंपरिक छेना उत्पादों में प्राकृतिक सजावट और प्रीमियम ड्राई फ्रूट्स का चलन अपना रहे हैं। • बजट पर असर: सामान्य छेना रसगुल्ले (300 रुपये प्रति किलो) के मुकाबले यह खास मिठाई केवल 50 रुपये महंगी है। कम अंतर होने के कारण आम उपभोक्ता बिना ज्यादा खर्च बढ़ाए इसका आनंद ले सकते हैं। • कारीगरों को अवसर: हाथ से फूलों की डिजाइन उकेरने वाले स्थानीय मिठाई कारीगरों के हुनर को इस तरह के प्रयोगों से विशेष पहचान और रोजगार मिल रहा है। त्योहारी सीजन में ऐसे विशिष्ट कौशल की मांग बाजार में बढ़ जाती है। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक मिठाइयों के बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और त्योहारी सीजन में ग्राहकों द्वारा कुछ नया और आकर्षक खोजने की प्रवृत्ति के कारण यह नई मिठाई पेश की गई। • त्योहारी मांग: दीपावली के दौरान लोग सामान्य मिठाइयों के बजाय ऐसी चीजें पसंद करते हैं जो देखने में सुंदर और उपहार के अनुकूल हों। गुलाब के फूल जैसी बनावट ने इसे आम रसगुल्लों से अलग पहचान दिला दी। • सामग्रियों का समृद्ध मेल: सादे छेने में शुद्ध मलाई की क्रीम, केसर और पिस्ता जोड़ने से मिठाई की रंगत और स्वाद दोनों काफी बढ़ गए। इस संयोजन ने ग्राहकों को नए स्वाद का अनुभव कराया। • कारीगरी की पहल: होटल संचालक बब्बी चौरसिया और उनके मुख्य कारीगर अरविंद ने पारंपरिक रेसिपी में नयापन लाने के लिए विशेष प्रयास किए। नियमित उत्पादों में रचनात्मकता जोड़ने की उनकी नीति ने इस नई पेशकश को संभव बनाया। सवाल-जवाब 1. गुलाबी छेना रसगुल्ला कहां तैयार किया जा रहा है? यह मिठाई मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित प्रेम पैलेस होटल में तैयार की जा रही है। 2. इस मिठाई की कीमत कितनी रखी गई है? गुलाबी छेना रसगुल्ला 350 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा है, जबकि सामान्य छेना रसगुल्ला 300 रुपये प्रति किलो है। 3. इसे बनाने में किन विशेष सामग्रियों का उपयोग किया जाता है? इसे छेना के अलावा शुद्ध दूध की मलाई से बनी क्रीम, पिस्ता और केसर की मदद से गुलाब के आकार में तैयार किया जाता है। 4. इस गुलाब जैसी डिजाइन को कौन सा कारीगर तैयार करता है? इस मिठाई पर दूध की मलाई से गुलाब के फूल की महीन डिजाइन कारीगर अरविंद द्वारा बनाई जाती है। 5. यह विशेष मिठाई कब तक उपलब्ध रहेगी? दुकान संचालक के अनुसार, यह मिठाई दीपावली के पूरे त्योहार तक लगातार ग्राहकों के लिए बनाई जाएगी। https://trendkia.com/lifestyle/chhatarpur-men-dipavali-para-gulaba-ki-pnkhuriyon-jaise-akara-vale-gulabi-chhena-rasagulle-ki-machi-dhuma-55825 TrendKia — Har trend, sabse pehle.