छतरपुर में मिलने वाली हाथी बेल सजाएगी घर की बालकनी, पैरों की सूजन दूर करने में भी है कारगर छतरपुर के ज्योराहा निवासी रामकुमार ने बताया कि बारिश के मौसम में उगने वाली हाथी बेल घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ पैरों की सूजन और दर्द दूर करने में भी सहायक है। बरसात के मौसम में पेड़-पौधों की हरियाली न सिर्फ पर्यावरण को तरोताजा बनाती है, बल्कि कई पारंपरिक औषधीय पौधे भी इस दौरान प्राकृतिक रूप से पनपते हैं। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के ज्योराहा गांव के निवासी रामकुमार के अनुसार, बारिश के दिनों में सड़क किनारे और जंगलों में उगने वाला हाथी बेल का पौधा घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी साबित होता है। इस बेलदार पौधे को आसानी से घर की बालकनी या दीवार के पास लगाया जा सकता है। वन विभाग के अनुभव से मिली पौधों की जानकारी रामकुमार लंबे समय तक वन विभाग में कार्यरत रहे हैं। इस दौरान विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ जंगलों में घूमते हुए उन्होंने तरह-तरह के पेड़-पौधों और उनकी विशेषताओं को करीब से समझा। अपने इसी अनुभव के आधार पर वे बताते हैं कि बरसात के मौसम में कच्ची जमीनों और सड़कों के आसपास यह औषधीय बेल अपने आप उग आती है। यदि किसी स्थान पर यह पौधा पहले से मौजूद हो, तो बारिश के दिनों में इसे लाकर अपने घर में रोपना और भी आसान हो जाता है। इसके अलावा इसे किसी भी स्थानीय नर्सरी से भी मंगाकर लगाया जा सकता है। घर की बनावट और सहारे की जरूरत हाथी बेल एक ऐसा पौधा है जो बहुत तेजी से फैलता है। इसे सही तरीके से बढ़ने के लिए किसी मजबूत सहारे की आवश्यकता होती है। रामकुमार का कहना है कि जब भी इस बेल को लगाएं, तो ध्यान रखें कि आसपास कोई दीवार, छत या पेड़ जरूर मौजूद हो। बालकनी या दीवार का सहारा पाकर यह बेल चारों तरफ फैल जाती है, जिससे घर का लुक काफी आकर्षक और सुंदर दिखाई देने लगता है। एक छोटे से पौधे के रूप में शुरू होकर यह देखते ही देखते एक विशाल बेल का रूप धारण कर लेती है। हाथी बेल की पहचान और पत्तों की खासियत इस औषधीय बेल की सबसे बड़ी पहचान इसके पत्तों का आकार और उनकी बनावट है। क्षेत्रीय भाषा में इसे हाथी बेल कहे जाने का मुख्य कारण इसका विशाल रूप और इसके चौड़े पत्ते हैं। इसके पत्ते दिल के आकार यानी कॉर्डेट शेप के होते हैं। यदि नई पत्तियों को ध्यान से देखा जाए, तो उनके नीचे की तरफ बारीक चांदी जैसी चमक वाले छोटे-छोटे बाल दिखाई देते हैं। गांव में किसान भाई भी इसके चौड़े पत्तों का कई तरह से व्यावहारिक उपयोग करते हैं। सूजन और पैर दर्द में पारंपरिक उपयोग स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से हाथी बेल को सदियों से एक असरदार जड़ी-बूटी माना जाता रहा है। रामकुमार के मुताबिक, बुजुर्गों से चली आ रही परंपराओं के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के पैर में सूजन आ जाए या पैर फूलने लगे, तो इसकी पत्तियों को पीसकर तैयार किया गया लेप लगाने से राहत मिलती है। यह लेप पैरों के दर्द को दूर करने में भी काफी मददगार माना गया है। यहां तक कि हाथी पांव की समस्या में भी इसके पत्तों का उपयोग पारंपरिक रूप से होता रहा है। चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता हालांकि इस बेलदार पौधे के अनेक औषधीय फायदे बताए गए हैं, फिर भी इसका इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। रामकुमार सलाह देते हैं कि हाथी बेल की पत्तियों का किस तरह और कितनी मात्रा में उपयोग करना है, इसके लिए किसी वैद्य या आयुर्वेदिक डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए। बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी जड़ी-बूटी का लेप या प्रयोग करने से बचना चाहिए। इसका आप पर असर • भारत में: बारिश के मौसम में इस औषधीय बेल को उगाकर लोग घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ पारंपरिक जड़ी-बूटियों के फायदों को समझ सकते हैं। • छतरपुर में: सड़क किनारे प्राकृतिक रूप से उगने वाली हाथी बेल का उपयोग स्थानीय निवासी पारंपरिक उपचार के लिए कर सकते हैं। सवाल-जवाब 1. हाथी बेल क्या है और इसे कहां उगाया जा सकता है? हाथी बेल एक जड़ी-बूटी वाली औषधीय बेल है जिसे बारिश के मौसम में घर की बालकनी, दीवार या छत के पास आसानी से उगाया जा सकता है। 2. हाथी बेल को लगाने का सबसे उपयुक्त समय कौन सा है? हाथी बेल लगाने का सबसे अच्छा समय बारिश का मौसम होता है, जब यह जंगलों और सड़क किनारे प्राकृतिक रूप से भी उग आती है। 3. हाथी बेल के पत्तों की क्या विशेषताएं हैं? इसके पत्ते चौड़े और दिल के आकार (कॉर्डेट) के होते हैं, और नई पत्तियों के निचले हिस्से पर चांदी जैसे बारीक बाल होते हैं। 4. पैरों की सूजन में हाथी बेल का उपयोग कैसे किया जाता है? पारंपरिक तौर पर इसकी पत्तियों को पीसकर लेप बनाकर पैर की सूजन और दर्द से राहत पाने के लिए लगाया जाता है। 5. हाथी बेल का उपयोग करने से पहले क्या सावधानी बरतनी चाहिए? इसके पत्तों का उपयोग करने से पहले किसी अनुभवी वैद्य या आयुर्वेदिक डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है। https://trendkia.com/lifestyle/chhatarpur-men-milane-vali-elephant-bel-sajaegi-ghara-ki-balakani-pairon-ki-sujana-dura-karane-men-bhi-hai-karagara-19904 TrendKia — Har trend, sabse pehle.