आपदाओं से सुरक्षित आशियाना बनाने के लिए नींव में अपनाएं ये जरूरी सिविल इंजीनियरिंग उपाय प्राकृतिक आपदाओं के दौरान घर को सुरक्षित रखने के लिए निर्माण शुरू करने से पूर्व मिट्टी और पानी की जांच, सही सरिया, उचित प्लिंथ ऊंचाई और ओपीसी सीमेंट का चयन अनिवार्य है। मकान का निर्माण करवाते समय सबसे अहम जिम्मेदारी उसकी मजबूती सुनिश्चित करना होती है। कई बार मकान मालिक उच्च गुणवत्ता की निर्माण सामग्री लगाने के बावजूद संरचनात्मक गलतियों के कारण अपेक्षित मजबूती हासिल नहीं कर पाते। जब किसी इमारत पर भूकंप के झटके या बाढ़ का पानी दबाव डालता है, तब संरचना की असली परीक्षा उसकी नींव से होती है। उचित तकनीकी मानकों का पालन करके बनाई गई नींव प्राकृतिक आपदाओं के दौरान इमारत को ढहने से बचा सकती है। निर्माण आरंभ करने से पहले आवश्यक जांच किसी भी भूखंड पर नींव की खुदाई कराने से पहले वहां की जमीनी परिस्थितियों को समझना आवश्यक है। पूर्णिया राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर और हेड सौरभ कुमार के अनुसार, निर्माण प्रक्रिया शुरू करने से पहले जियो टैग के आधार पर जमीन की मिट्टी की गुणवत्ता का परीक्षण करना चाहिए। इसके साथ ही निर्माण कार्य में उपयोग होने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। जब मिट्टी की भार सहने की क्षमता और पानी की रासायनिक स्थिति स्पष्ट हो जाए, तभी निर्माण का कार्य आगे बढ़ाना चाहिए। फाउंडेशन और फ्रेम स्ट्रक्चर का महत्व इमारत के ढांचे में सबसे बुनियादी काम फाउंडेशन यानी नींव का होता है। सीधे जमीन के स्तर से बिना किसी सुदृढ़ फ्रेम के निर्माण कार्य आगे बढ़ाना संरचना को कमजोर कर देता है। केवल कुर्सी स्तर उठाकर सीधे मंजिल खड़ी करने के बजाय नींव से ही सीमेंट और कंक्रीट का एक मजबूत फ्रेम स्ट्रक्चर तैयार करना जरूरी होता है। जब इमारत के नीचे से ही फ्रेम स्ट्रक्चर का निर्माण किया जाता है, तो पूरी इमारत की भार वहन क्षमता कई गुना बढ़ जाती है और ढांचा प्राकृतिक दबावों के सामने टिका रहता है। बीम, कॉलम और सरिये का उचित माप ढांचे के लचीलेपन और संतुलन के लिए बीम और कॉलम दोनों को फ्लेक्सिबल स्वरूप में डिजाइन किया जाना चाहिए। मजबूती के तकनीकी मापदंडों के तहत फाउंडेशन में 12 मिमी और 16 मिमी का सरिया इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। ऊपर बनने वाले कॉलम में 12 मिमी का सरिया लगाना चाहिए, जबकि कास्टिंग प्रक्रिया के दौरान 10 मिमी तक के सरिये का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा आपदाओं और जलभराव के दौरान सुरक्षा के लिहाज से इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस को हमेशा प्लिंथ या फ्लैट लेवल से ऊंचाई पर रखना चाहिए, ताकि पानी भरने की स्थिति में शॉर्ट सर्किट की समस्या न उत्पन्न हो। क्रॉसिंग बीम, लॉकिंग और कुर्सी की ऊंचाई नींव को अखंड मजबूती देने के लिए उसमें क्रॉसिंग बीम का प्रावधान करना चाहिए। जब एक कॉलम को दूसरे कॉलम से सही कनेक्टिविटी के साथ जोड़ा जाता है, तो पूरी इमारत के आधार पर लॉकिंग प्रक्रिया पूरी हो जाती है। यह लॉकिंग भूकंपीय झटकों के दौरान इमारत को दरकने से रोकती है। इसके साथ ही प्लिंथ यानी कुर्सी की ऊंचाई का निर्धारण इलाके के भौगोलिक खतरे के अनुसार होना चाहिए। सामान्य मैदानी इलाकों में जहां बाढ़ का कोई जोखिम नहीं है, वहां कुर्सी की मानक ऊंचाई 4 से 5 फीट रखी जाती है। इसके विपरीत, जिन इलाकों में बाढ़ और जलभराव का खतरा बना रहता है, वहां फाउंडेशन और कुर्सी की ऊंचाई 6 से 8 फीट तक तैयार की जानी चाहिए। सीमेंट की सही ग्रेड का चयन कंक्रीट की दीर्घकालिक मजबूती सीधे तौर पर उपयोग किए जाने वाले सीमेंट पर निर्भर करती है। मजबूत और टिकाऊ नींव तैयार करने के लिए बाजार में उपलब्ध ओपीसी 43 ग्रेड और 53 ग्रेड का सीमेंट सबसे उपयुक्त माना जाता है। गुणवत्तापूर्ण सीमेंट के साथ सही अनुपात में कंक्रीट का मिश्रण तैयार करके नींव में डालने से इमारत का आधार कई दशकों तक सुरक्षित बना रहता है। इसका आप पर असर घर का निर्माण करवा रहे लोगों के लिए संरचनात्मक सुरक्षा और सही सामग्री का चुनाव आपदाओं से बचाव और आर्थिक नुकसान को रोकने का सबसे प्रभावी साधन है। • निर्माण गुणवत्ता पर: सही ग्रेड के सीमेंट और तकनीकी मानकों का पालन करने से इमारत की उम्र बढ़ती है। इससे बाद में होने वाले संरचनात्मक नुकसान और दरारों की मरम्मत का अतिरिक्त खर्च बचता है। • आपदा सुरक्षा के लिए: भूकंप और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए उचित फ्रेम और प्लिंथ ऊंचाई जीवन की रक्षा करती है। सही नींव तकनीक पानी भरने या झटकों की स्थिति में मकान ढहने के जोखिम को कम करती है। • सामग्री चयन के संदर्भ में: बाजार से निर्माण सामग्री खरीदते समय 12 से 16 मिमी के सरिये और 43 या 53 ग्रेड ओपीसी सीमेंट का चुनाव करना चाहिए। सही विनिर्देश की सामग्री खरीदने से ठेकेदारों द्वारा की जाने वाली अनजाने की गलतियों से बचा जा सकता है। • विद्युत सुरक्षा के स्तर पर: वायरिंग और इलेक्ट्रिकल पॉइंट को प्लिंथ स्तर से ऊंचा रखने से बारिश और सीलन में बिजली का करंट फैलने का खतरा टलता है। यह साधारण सा कदम जलभराव के दिनों में गंभीर दुर्घटनाओं को रोकता है। ऐसा क्यों हुआ मकान निर्माण के दौरान नींव में तकनीकी कमजोरियां और निर्माण सामग्री का अनुचित उपयोग प्राकृतिक आपदाओं के समय इमारतों के गिरने का मुख्य कारण बनता है। विशेषज्ञों ने आपदा रोधी निर्माण के लिए आवश्यक तकनीकी पहलुओं को स्पष्ट किया है। • अवैज्ञानिक निर्माण पद्धतियां: बिना मिट्टी और पानी की गुणवत्ता जांचे सीधे जमीन पर भार डाल देने से इमारतें कमजोर हो जाती हैं। इसके चलते मामूली झटकों या जलभराव में नींव के नीचे की मिट्टी धंसने लगती है। • ढांचागत लॉकिंग का अभाव: कॉलम और बीम के बीच उचित फ्रेम कनेक्टिविटी और क्रॉसिंग बीम न होने से इमारत का लोड ठीक से नहीं बंटता। बिना मजबूत फ्रेम वाली इमारतें भूकंप के समय सबसे पहले ढहती हैं। • जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों की अनदेखी: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मानक से कम ऊंचाई की कुर्सी रखने से बाढ़ का पानी मकान की नींव और दीवारों को कमजोर कर देता है। इसलिए खतरे के स्तर के अनुसार कुर्सी की ऊंचाई 6 से 8 फीट रखना आवश्यक माना गया है। सवाल-जवाब 1. घर का निर्माण शुरू करने से पहले कौन सी जांच करानी जरूरी है? निर्माण शुरू करने से पहले जियो टैग के अनुसार जमीन की मिट्टी की गुणवत्ता और निर्माण में लगने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच कराना जरूरी है। 2. नींव में कितने मिलीमीटर (mm) का सरिया इस्तेमाल करना चाहिए? मजबूती के लिए फाउंडेशन में 12 से 16 मिमी का सरिया डालना चाहिए, जबकि ऊपर कॉलम में 12 मिमी और कास्टिंग में 10 मिमी तक का सरिया लगाया जाता है। 3. नींव के लिए कौन से ग्रेड का सीमेंट सबसे उपयुक्त माना जाता है? नींव को मजबूत बनाने के लिए बाजार में उपलब्ध ओपीसी 43 ग्रेड और 53 ग्रेड का सीमेंट सबसे अच्छा माना जाता है। 4. बाढ़ प्रभावित इलाकों में मकान की कुर्सी यानी प्लिंथ की ऊंचाई कितनी होनी चाहिए? सामान्य जगहों पर कुर्सी की ऊंचाई 4 से 5 फीट रखी जाती है, लेकिन जहां बाढ़ का खतरा रहता है, वहां फाउंडेशन और कुर्सी की ऊंचाई 6 से 8 फीट तैयार करनी चाहिए। 5. इमारत के नीचे लॉकिंग प्रक्रिया कैसे पूरी होती है? नींव में क्रॉसिंग बीम देकर और एक कॉलम को दूसरे कॉलम से कनेक्टिविटी के साथ जोड़कर नीचे लॉकिंग प्रक्रिया पूरी की जाती है। 6. शॉर्ट सर्किट से बचाव के लिए क्या सावधानी रखनी चाहिए? इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस और वायरिंग की ऊंचाई को हमेशा फ्लैट या प्लिंथ लेवल से ऊपर रखना चाहिए ताकि पानी के संपर्क में आने से शॉर्ट सर्किट न हो। https://trendkia.com/lifestyle/civil-engineering-measures-for-laying-a-resilient-foundation-against-earthquakes-and-floods-34766 TrendKia — Har trend, sabse pehle.