# कनॉट प्लेस में हस्तशिल्प और हथकरघा मेला, निःशुल्क प्रवेश के साथ 5 नवंबर तक सजेगा बाजार

> दिल्ली के स्टेट एम्पोरिया कॉम्प्लेक्स में द ग्रैंड एक्सपो 2026 शुरू हो चुका है, जहां देश भर के कारीगरों के हस्तनिर्मित सजावटी सामान, कपड़े और क्षेत्रीय व्यंजन मिल रहे हैं। यह प्रदर्शनी 5 नवंबर 2026 तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक आम जनता के लिए पूरी तरह निःशुल्क खुली रहेगी।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-11-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/connaught-place-men-hastashilpa-aura-hathakaragha-mela-nihshulka-pravesha-ke-satha-5-november-taka-sajega-bajara-54332 · **Language:** Hindi
**Tags:** द ग्रैंड एक्सपो, कनॉट प्लेस, दिवाली शॉपिंग, हस्तशिल्प, हथकरघा, बाबा खड़ग सिंह मार्ग, दिल्ली समाचार, स्वदेशी उत्पाद

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में त्योहारी सीजन के दौरान पारंपरिक खरीदारी के शौकीनों के लिए एक विशेष बाजार सज चुका है। कनॉट प्लेस में बाबा खड़ग सिंह मार्ग पर स्थित स्टेट एम्पोरिया कॉम्प्लेक्स के खुले प्रांगण में 'द ग्रैंड एक्सपो 2026' का आयोजन किया जा रहा है। इस भव्य मेले की शुरुआत 22 अक्टूबर को हुई थी और यह 5 नवंबर 2026 तक जारी रहेगा। यहां देश भर के विभिन्न राज्यों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आए हुनरमंद कारीगरों तथा छोटे उद्यमियों को अपने अनूठे उत्पादों की सीधी बिक्री का अवसर मिल रहा है।

## पारंपरिक कलाकृतियों, परिधानों और गृह सज्जा का अनूठा संग्रह
त्योहारों के मौके पर घरों को सुंदर रूप देने के लिए इस प्रदर्शनी में कई प्रकार के विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। मेले के स्टॉलों पर विशेष रूप से तैयार की गई पॉटरी, टेराकोटा की कलाकृतियां, पारंपरिक आभूषण और विभिन्न शैलियों के कपड़े प्रदर्शित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त आधुनिक और पारंपरिक फैशन का तालमेल बिठाने वाली वस्तुएं भी ग्राहकों को खूब आकर्षित कर रही हैं। जो लोग सामान्य बाजारों से हटकर हस्तनिर्मित और मौलिक सामान खरीदना चाहते हैं, उनके लिए यह आयोजन एक ही स्थान पर कई राज्यों की विविधता समेटे हुए है। खरीदारी के साथ-साथ यहां आगंतुकों के लिए विभिन्न प्रांतों के प्रामाणिक क्षेत्रीय व्यंजनों के स्वाद का प्रबंध भी किया गया है।

## छोटे उद्यमियों और बुनकरों को सीधा बाजार उपलब्ध कराने की पहल
इस प्रदर्शनी का संयोजन आर्ट एंड क्राफ्ट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट की ओर से किया जा रहा है, जिसे केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय का पूरा सहयोग मिल रहा है। इस आयोजन का प्राथमिक लक्ष्य देश के अलग-अलग कोनों में काम कर रहे बुनकरों, हस्तशिल्पियों और छोटे कारोबारियों को बिचौलियों के बिना सीधे शहरी उपभोक्ताओं से जोड़ना है। उद्घाटन के अवसर पर पूर्व सांसद और राष्ट्रीय लोक दल के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष के. सी. त्यागी उपस्थित रहे। त्यागी ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक देश के छोटे कारीगरों को पर्याप्त रोजगार और आर्थिक अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक आत्मनिर्भर भारत का संकल्प पूरा नहीं हो सकता। वहीं आयोजक संस्थान के सचिव राजकुमार कश्यप ने बताया कि इस प्रकार के मेलों से स्थानीय शिल्पकारों को बड़े बाजार की समझ मिलती है और स्वदेशी उत्पादों के प्रसार को नई गति प्राप्त होती है।

## प्रवेश शुल्क, समय सारिणी और आयोजन से जुड़ी जरूरी जानकारियां
त्योहारी खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए सबसे सुविधाजनक बात यह है कि इस मेले में आम जनता के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है। यह एक्सपो रोजाना सुबह 11 बजे शुरू होकर रात 8 बजे तक खुला रहता है। 5 नवंबर तक चलने वाले इस मेले में पहुंचकर लोग न केवल घरेलू सजावट और उपहारों का चयन कर सकते हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और पारंपरिक हस्तकला की समृद्ध धरोहर का प्रत्यक्ष अनुभव भी प्राप्त कर सकते हैं।

## इसका आप पर असर
इस प्रदर्शनी से आम खरीदारों को किफायती दरों पर सीधे कारीगरों से उत्पाद खरीदने और कारीगरों को बेहतर आय अर्जित करने का अवसर मिल रहा है।

- **भारत में:** देश भर के ग्रामीण बुनकरों और छोटे उद्यमियों को बिचौलियों के बिना सीधे शहरी ग्राहकों तक पहुंचने का सीधा मंच मिला है। इससे कारीगरों को उनके हुनर का पूरा और सही पारिश्रमिक प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
- **दिल्ली में:** स्थानीय निवासियों को दिवाली की सजावट, कपड़े, आभूषण और हस्तशिल्प की प्रामाणिक खरीदारी के लिए एक ही जगह पर विस्तृत विकल्प मिल रहे हैं। कनॉट प्लेस में 5 नवंबर तक रोजाना सुबह 11 बजे से रात 8 बजे के बीच बिना किसी प्रवेश शुल्क के यहां जाया जा सकता है।
- **पारंपरिक कला के खरीदारों के लिए:** टेराकोटा, मिट्टी के बर्तन और पारंपरिक आभूषण सीधे बनाने वालों से खरीदे जा सकते हैं। इससे बाजार के सामान्य ब्रांडेड सामानों के मुकाबले अनूठी और प्रामाणिक कलाकृतियां प्राप्त होती हैं।
- **त्योहारी बजट पर:** बिना मध्यस्थों की इस बिक्री से ग्राहकों को उचित दाम पर सामान मिलता है। खरीदार सीधे उत्पादकों से मोलभाव और बातचीत कर अपनी पसंद का सामान चुन सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
यह एक्सपो देश के पारंपरिक शिल्पकारों को बाजार तक सीधी पहुंच देने और त्योहारी मांग के जरिए स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

- **सीधा कारण:** त्योहारी सीजन में घरेलू सजावट, परिधान और उपहारों की भारी मांग को देखते हुए इस मेले का आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्य खरीदारों को एक ही परिसर में देश भर के हस्तनिर्मित विकल्प उपलब्ध कराना है।
- **पृष्ठभूमि और परिस्थितियां:** छोटे कारीगरों और बुनकरों को अक्सर बड़े शहरी बाजारों में अपने उत्पाद बेचने में कठिनाई होती है और वे बिचौलियों पर निर्भर रहते हैं। आर्ट एंड क्राफ्ट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ने केंद्रीय एमएसएमई मंत्रालय के सहयोग से इस प्रदर्शनी को संभव बनाया।
- **आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य:** उद्घाटन के दौरान के. सी. त्यागी और राजकुमार कश्यप ने रेखांकित किया कि छोटे हुनरमंदों को स्थायी आजीविका दिए बिना आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त नहीं हो सकती। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कला को राष्ट्रीय पहचान और उपभोक्ता आधार मिलता है।

## सवाल-जवाब

### 1. द ग्रैंड एक्सपो 2026 कहां आयोजित किया जा रहा है?
यह प्रदर्शनी दिल्ली में कनॉट प्लेस के बाबा खड़ग सिंह मार्ग पर स्थित स्टेट एम्पोरिया कॉम्प्लेक्स के ओपन स्पेस में आयोजित की जा रही है।

### 2. इस प्रदर्शनी की तारीखें और समय क्या हैं?
यह मेला 22 अक्टूबर से शुरू हुआ है और 5 नवंबर 2026 तक चलेगा। यह प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से रात 8:00 बजे तक खुला रहता है।

### 3. क्या इस मेले में प्रवेश के लिए कोई टिकट या शुल्क देना होगा?
नहीं, द ग्रैंड एक्सपो 2026 में आम जनता के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क है।

### 4. मेले में खरीदारी के लिए किस तरह के उत्पाद उपलब्ध हैं?
यहां मिट्टी की पॉटरी, टेराकोटा कलाकृतियां, पारंपरिक वस्त्र, हस्तनिर्मित आभूषण, घरेलू सजावट का सामान और विभिन्न राज्यों के क्षेत्रीय व्यंजन उपलब्ध हैं।

### 5. इस एक्सपो का आयोजन किस संस्था द्वारा किया जा रहा है?
इसका आयोजन आर्ट एंड क्राफ्ट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट द्वारा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है।

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