मानसून में एयर कंडीशनर के इस सीक्रेट मोड से बचाएं भारी रकम, कम आएगा बिजली का बिल बरसात के दिनों में उमसभरी गर्मी से राहत पाने और बिजली की भारी बचत के लिए एसी के ड्राई मोड का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह फीचर कमरे की अतिरिक्त नमी को सोखकर ठंडक और आराम का अहसास कराता है। बरसात के मौसम में अक्सर यह देखा जाता है कि बाहर का तापमान बहुत ज्यादा अधिक न होने के बावजूद कमरों के भीतर भारी उमस और चिपचिपाहट परेशान करने लगती है। इस स्थिति की मुख्य वजह हवा के अंदर मौजूद जरूरत से ज्यादा नमी होती है। ऐसे खास मौसम के दौरान एयर कंडीशनर का ड्राई मोड आपके बहुत काम आ सकता है। यह मोड कमरे की अतिरिक्त नमी को प्रभावी तरीके से बाहर निकालता है, जिससे तापमान को बहुत ज्यादा नीचे किए बिना भी कमरा काफी आरामदायक महसूस होने लगता है। सामान्य तौर पर देखा जाए तो कुछ खास परिस्थितियों में ड्राई मोड, कूल मोड की तुलना में काफी कम बिजली की खपत करता है। हालांकि, यह पूरी तरह से एसी के मॉडल, कमरे के कुल आकार, हवा में मौजूद नमी की मात्रा और इसे कितनी देर तक चलाया जा रहा है, इन सभी बातों पर निर्भर करता है। बरसात के दिनों में बिजली बिल को काबू में रखने के लिए यह तरीका बेहद असरदार साबित हो सकता है और आपके हजारों रुपये बचा सकता है। एसी के रिमोट पर पानी की बूंद का छोटा सा निशान या ड्राई विकल्प दिया होता है। इसे चालू करने के लिए आपको बस रिमोट पर दिए गए मोड बटन को तब तक दबाते रहना होगा, जब तक कि स्क्रीन या डिस्प्ले पर ड्राई मोड लिखा हुआ दिखाई न देने लगे। तापमान और सेटिंग्स को अपनी सुविधा के अनुसार नियंत्रित करके इसका सही इस्तेमाल किया जा सकता है। बाजार में उपलब्ध कुछ एयर कंडीशनर मॉडल में ड्राई मोड के दौरान भी तापमान अपनी पसंद से सेट करने की सुविधा मिलती है, जबकि कई अन्य मॉडल खुद ही तापमान और फैन की स्पीड को नियंत्रित कर लेते हैं। यदि आपके उपकरण में तापमान बदलने का विकल्प मौजूद है, तो शुरुआत के समय इसे लगभग चौबीस से छब्बीस डिग्री सेल्सियस के बीच रखना ज्यादा बेहतर माना जाता है ताकि कमरे में संतुलित माहौल बना रहे। एसी को चालू करने से पहले इस बात का खास ध्यान रखें कि कमरे के सभी दरवाजे और खिड़कियां पूरी तरह से बंद हों। ऐसा करने से बाहर की नमी वाली हवा लगातार अंदर नहीं आ पाएगी और एयर कंडीशनर पर किसी भी तरह का अतिरिक्त लोड नहीं पड़ेगा। दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने से कूलिंग प्रक्रिया तेज होती है और मशीन को कम मेहनत करनी पड़ती है। जब मौसम ऐसा हो कि तापमान बहुत अधिक न हो लेकिन हवा में फैली नमी की वजह से भारी उमस महसूस हो रही हो, तब ड्राई मोड का उपयोग किया जाना चाहिए। कमरे के आकार और नमी के मौजूदा स्तर के हिसाब से इस मोड को एक से तीन घंटे तक चलाना पूरी तरह से पर्याप्त साबित होता है। जरूरत पूरी होने के बाद आप सामान्य सेटिंग्स पर वापस आ सकते हैं। यदि कमरे की नमी पूरी तरह से कम होने के बाद भी आपको गर्मी लग रही है, तो आप इसे वापस कूल मोड पर स्विच कर सकते हैं। बहुत ज्यादा गर्म मौसम के दौरान केवल ड्राई मोड के भरोसे रहना सही फैसला नहीं होगा, क्योंकि इस खास फीचर का मुख्य उद्देश्य कमरे को तेजी से ठंडा करने के बजाय हवा की नमी को कम करना होता है। जरूरत से ज्यादा समय तक इसे लगातार चलाने से बचना चाहिए। अत्यधिक नमी खत्म होने के बाद यदि एयर कंडीशनर को बहुत ज्यादा देर तक चलाया जाए, तो कमरे की हवा जरूरत से ज्यादा सूखी और असहज महसूस होने लगती है। ड्राई मोड के दौरान एसी आम तौर पर अपने कंप्रेसर और ब्लोअर फैन को इस तरीके से संचालित करता है कि हवा से नमी खींचने की प्रक्रिया पर पूरा जोर रहे। ऐसे मौसम में जब तापमान सामान्य हो और ह्यूमिडिटी बहुत ज्यादा हो, यह तरीका बिजली के बिल में भारी कटौती कर सकता है। हालांकि, इस बात को भी ध्यान में रखना जरूरी है कि बिजली की बचत की कोई पक्की गारंटी नहीं दी जा सकती है क्योंकि इनवरटर और फिक्स्ड स्पीड एसी के काम करने की तकनीक पूरी तरह अलग होती है। इसके अलावा, यदि कमरा बहुत ज्यादा गर्म है और उसे तुरंत ठंडा करना है, तो पारंपरिक कूल मोड ही सबसे ज्यादा प्रभावी विकल्प साबित होता है। ड्राई मोड को और अधिक असरदार कैसे बनाएं बरसात के इस पूरे सीजन के दौरान अपने एयर कंडीशनर के फिल्टर की नियमित रूप से सफाई करते रहना चाहिए। फिल्टर पर धूल और गंदगी जमा होने की वजह से हवा का बहाव यानी एयरफ्लो कम हो जाता है, जिससे नमी को बाहर खींचने की मशीन की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है। गंदे फिल्टर में नमी की वजह से बदबू और मोल्ड यानी फफूंद पनपने की समस्या भी पैदा हो सकती है। कमरे के अंदर लगी इंडोर यूनिट से निकलने वाले पानी का ड्रेनेज सिस्टम भी पूरी तरह से दुरुस्त होना चाहिए। यदि पानी का ड्रेन पाइप कहीं से ब्लॉक हो जाता है, तो पानी लीक होने की समस्या, बदबू आने की दिक्कत और नमी हटाने की प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। समय-समय पर इसकी जांच करना बेहद जरूरी है ताकि मशीन सुचारू रूप से काम करती रहे। कम गति पर सीलिंग फैन यानी छत का पंखा चलाने से एयर कंडीशनर से निकलने वाली ठंडी हवा पूरे कमरे में एक समान रूप से फैल जाती है। इसके अलावा, खिड़कियों पर पर्दे डालकर सीधी धूप को अंदर आने से रोकना चाहिए और आउटडोर यूनिट के आसपास पर्याप्त खुली जगह रखनी चाहिए ताकि हवा का संचार ठीक प्रकार से हो सके। निष्कर्ष के तौर पर यह कहा जा सकता है कि मानसून के दिनों में जब कमरा ठंडा होने के बावजूद उमस से भरा हुआ महसूस हो, तब ड्राई मोड एक शानदार और किफायती विकल्प साबित होता है। यह कमरे की चिपचिपी नमी को प्रभावी ढंग से कम करके आराम का स्तर बढ़ाता है और कुछ खास परिस्थितियों में आपकी बिजली की भारी खपत को भी काफी हद तक घटा देता है। इसका आप पर असर मानसून के मौसम में एयर कंडीशनर के ड्राई मोड का सही उपयोग करने से बिजली के बिल में उल्लेखनीय कमी आ सकती है और उमसभरी गर्मी से राहत मिलती है। • भारत में: देश भर के नमी वाले इलाकों में रहने वाले लोग इस मोड का इस्तेमाल करके अपने मासिक बिजली खर्च को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। तापमान को बहुत कम किए बिना आराम मिलने से बिजली की बचत होती है। • दैनिक जीवन में: एयर कंडीशनर के रिमोट पर ड्राई मोड का चयन करने से कमरे की चिपचिपाहट दूर होती है और कंप्रेसर पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम होता है। इससे मशीन की उम्र भी बढ़ती है और रखरखाव का खर्च घटता है। • रखरखाव के मामले में: समय पर फिल्टर की सफाई और ड्रेनेज पाइप की जांच करने से पानी लीक होने जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। इससे एयर कंडीशनर की कार्यक्षमता हमेशा बेहतरीन बनी रहती है। सवाल-जवाब 1. एसी में ड्राई मोड क्या काम करता है? ड्राई मोड कमरे की हवा से अतिरिक्त नमी और चिपचिपाहट को बाहर निकालता है जिससे बिना तापमान बहुत नीचे किए आराम मिलता है। 2. रमोट पर ड्राई मोड कैसे चालू करें? रमोट पर दिए गए मोड बटन को तब तक दबाएं जब तक डिस्प्ले पर ड्राई मोड या पानी की बूंद का निशान दिखाई न देने लगे। 3. क्या ड्राई मोड से बिजली का बिल कम आता है? हां, कुछ खास परिस्थितियों में यह कूल मोड की तुलना में कम बिजली की खपत करता है जिससे बिल कम आ सकता है। 4. ड्राई मोड के दौरान तापमान कितना रखना चाहिए? यदि तापमान बदलने का विकल्प हो तो इसे शुरुआत में चौबीस से छब्बीस डिग्री सेल्सियस के बीच रखना बेहतर रहता है। 5. ड्राई मोड का इस्तेमाल कब करना चाहिए? जब तापमान बहुत ज्यादा न हो लेकिन हवा में नमी के कारण उमस महसूस हो रही हो तब इसका उपयोग करना चाहिए। 6. क्या ड्राई मोड को बहुत देर तक चलाना चाहिए? नहीं, नमी कम होने के बाद इसे जरूरत से ज्यादा देर तक चलाने से कमरे की हवा असहज रूप से सूखी हो सकती है। https://trendkia.com/lifestyle/cut-your-power-bill-this-monsoon-with-this-hidden-air-conditioner-setting-24491 TrendKia — Har trend, sabse pehle.