दिल्ली की चिलचिलाती धूप में भी हरी-भरी रहेगी छत, लगाएं ये खास पौधे दिल्ली की भीषण गर्मी और धूप में अपनी छत पर हरा-भरा मिनी जंगल तैयार करने के लिए ये पांच खास पौधे बेहतरीन साबित हो सकते हैं, जिन्हें कम पानी और देखभाल की जरूरत होती है। अगर आप दिल्ली की चिलचिलाती गर्मी और कड़क धूप के बीच अपनी छत को हरा-भरा और जीवंत बनाने की चाह रखते हैं, तो ऐसे पौधों का चुनाव करना बेहद जरूरी हो जाता है जो न्यूनतम देखभाल और कम पानी में भी अपनी ग्रोथ बनाए रख सकें। पिछले कुछ वर्षों से एक शख्स अपनी छत पर खास किस्म का मिनी जंगल तैयार करने में जुटे हुए हैं, जहां उनके इस टेरेस गार्डन में तरह-तरह की वनस्पतियां लहलहा रही हैं। इस हरी-भरी छत पर दिनभर रंग-बिरंगे पक्षियों और तितलियों का डेरा रहता है, जो इस पूरे नज़ारे को और भी ज्यादा प्राकृतिक और सुंदर बना देते हैं। उन्होंने ऐसे पांच चुनिंदा पौधों के बारे में जानकारी दी है, जिन्हें दिल्ली के मौसम में आसानी से उगाया जा सकता है। बोगनवेलिया: तेज धूप का पक्का साथी अमन के अनुसार दिल्ली के भीषण तापमान और तेज धूप के मुकाबले के लिए बोगनवेलिया का पौधा एक बेहतरीन विकल्प है। इस पौधे को जिंदा रहने के लिए बहुत अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती है और यह लगातार कई घंटों तक पड़ने वाली कड़क धूप को भी आसानी से सहन कर लेता है। उनके निजी टेरेस गार्डन में बोगनवेलिया की कई शानदार बेलें फैली हुई हैं। इन पौधों पर खिलने वाले रंग-बिरंगे फूलों की वजह से ही दिनभर विभिन्न प्रकार के पक्षी और तितलियां उनकी छत की ओर आकर्षित होकर आते रहते हैं। टेकोमा: खूबसूरत फूलों से सजी बगिया पीले और चमकीले नारंगी रंग के फूलों से सुसज्जित टेकोमा को भी दिल्ली के चुनौतीपूर्ण मौसम में बेहद आसानी के साथ लगाया जा सकता है। अमन का कहना है कि टेकोमा की बाजार में कई अलग-अलग किस्में उपलब्ध हैं, जिन्हें आप अपने गार्डन की कुल जगह और डिजाइन के हिसाब से छोटा या फिर बड़े आकार में चुन सकते हैं। इस पौधे की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे भी बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं पड़ती है। उन्होंने अपने गार्डन में बोगनवेलिया और टेकोमा के इन पौधों को एक साथ लगाकर इसकी खूबसूरती को और अधिक बढ़ा दिया है। प्लंबैगो और जेट्रोफा: गर्मियों के लिए परफेक्ट च्वाइस यदि आप अपनी गर्मियों की बगिया में नीले या फिर हल्के बैंगनी रंग के आकर्षक फूल चाहते हैं, तो प्लंबैगो को अपनी सूची में शामिल कर सकते हैं। यह पौधा देखने में अत्यधिक मनमोहक होता है और इसे भी अत्यधिक पानी की मांग के बिना बहुत अच्छी तरह से विकसित किया जा सकता है, जो गर्मियों में टेरेस गार्डन की शोभा में चार चांद लगा देता है। इसके अलावा, जेट्रोफा भी उन चुनिंदा पौधों में शुमार है जो कम से कम पानी की खपत में आसानी से पनपते हैं। यदि आपकी तलाश ऐसे पौधे की है जिसकी देखरेख में ज्यादा पानी खर्च न करना पड़े, तो यह एक बढ़िया फैसला साबित हो सकता है। इक्सोरा और पौधों की व्यक्तिगत जरूरतें अमन के पसंदीदा पौधों की सूची में इक्सोरा का नाम भी शामिल है, जिसके फूल हमेशा सुंदर गुच्छों में खिलते हैं और देखने में बेहद आकर्षक लगते हैं। हालांकि यह मूल रूप से दक्षिण भारत के वातावरण में ज्यादा बेहतर तरीके से बढ़ता है, लेकिन थोड़ी अतिरिक्त और सही देखभाल के बल पर इसे दिल्ली की आबोहवा में भी सफलताપૂર્વक उगाया जा सकता है। इसके लिए हालांकि अन्य पौधों के मुकाबले पानी और खाद की मात्रा थोड़ी ज्यादा रखनी पड़ सकती है। उनका स्पष्ट मानना है कि गार्डन में मौजूद हर एक पौधे को एक जैसी खाद या एक समान पानी देना बिल्कुल सही तरीका नहीं है। वह पौधों की तुलना छोटे बच्चों से करते हुए समझाते हैं कि जिस प्रकार हर बच्चे की अपनी अलग और खास जरूरतें होती हैं, ठीक उसी तरह प्रत्येक पौधे की अपनी विशिष्ट मांग होती है। किसी खास पौधे को अधिक धूप की आवश्यकता होती है तो किसी अन्य को छांव पसंद होती है, इसी प्रकार किसी को ज्यादा पानी चाहिए होता है तो किसी को बहुत कम। कुछ चुनिंदा पौधों में समय-समय पर वर्मी कम्पोस्ट यानी केंचुआ खाद डालना भी काफी फायदेमंद साबित होता है। इसलिए किसी भी पौधे को जमीन या गमले में लगाने से पहले उसकी मूल जरूरतों को भली-भांति समझ लेना बहुत जरूरी है। जहां बोगनवेलिया जैसे पौधे आसानी से आठ घंटे से ज्यादा की तेज धूप झेल लेते हैं, वहीं रैफिस पाम जैसे कुछ अन्य पौधे छांव वाली जगहों पर अधिक स्वस्थ रहते हैं। इसका आप पर असर भारत में: गर्म और शुष्क क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ऐसे हार्डी पौधों का चुनाव करना चाहिए जो कम पानी में भी पनप सकें। दिल्ली में: स्थानीय निवासियों को अपनी छतों पर तेज धूप सहने वाली वनस्पतियां लगाकर पानी की बचत करनी चाहिए। सवाल-जवाब 1. दिल्ली की तेज धूप के लिए कौन सा पौधा सबसे अच्छा है? बोगनवेलिया का पौधा दिल्ली की तेज धूप और गर्मी को आसानी से सहन कर सकता है। 2. टेकोमा के फूल किस रंग के होते हैं? टेकोमा के फूल पीले और नारंगी रंग के होते हैं। 3. क्या इक्सोरा को दिल्ली में उगाया जा सकता है? हां, सही देखभाल और थोड़ी ज्यादा पानी की व्यवस्था करके इक्सोरा को दिल्ली में भी उगाया जा सकता है। 4. क्या सभी पौधों को एक जैसा पानी देना चाहिए? नहीं, हर पौधे की जरूरत अलग होती है, इसलिए उनकी आवश्यकता के अनुसार ही पानी और खाद देनी चाहिए। प्रेरणा और सबक निरंतर प्रयास: बिना हताश हुए अपनी छत पर धीरे-धीरे एक हरा-भरा और जीवंत मिनी जंगल तैयार किया जा सकता है। सही चयन: स्थानीय मौसम और धूप की तीव्रता के अनुसार पौधों की सही किस्म चुनना सफलता की कुंजी है। व्यक्तिगत देखभाल: हर पौधे की अलग जरूरत होती है, इसलिए सबकी खाद और पानी की मात्रा का अलग से ध्यान रखना चाहिए। https://trendkia.com/lifestyle/delhi-ki-teja-dhupa-men-bhi-hari-bhari-rahegi-chhata-lagaen-ye-khasa-paudhe-20638 TrendKia — Har trend, sabse pehle.