धूप का कालापन मिटाने के लिए चेहरे पर सीधे टमाटर लगाना पड़ सकता है भारी, डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताए इसके बड़े खतरे घरेलू नुस्खे के तौर पर चेहरे पर टमाटर रगड़ना स्किन बैरियर को नुकसान पहुंचा सकता है और टैनिंग हटाने के बजाय पिगमेंटेशन को और गहरा कर सकता है। तेज धूप के संपर्क में आने से चेहरे की त्वचा का रंग गहरा होना और निखार खो जाना बेहद आम बात है। जैसे ही धूप के कारण त्वचा की चमक फीकी पड़ने लगती है, ज्यादातर लोग रासायनिक उत्पादों से बचने के लिए सीधे अपनी रसोई में मौजूद घरेलू सामग्रियों का सहारा लेते हैं। घरेलू नुस्खों में सबसे ज्यादा आजमाया जाने वाला तरीका टमाटर का टुकड़ा काटकर उसे चेहरे पर रगड़ना है। आम धारणा यह बन चुकी है कि टमाटर को चेहरे पर मलने से कुछ ही पलों में टैनिंग दूर हो जाती है और त्वचा तुरंत दमकने लगती है। सोशल मीडिया और पारंपरिक चर्चाओं में टमाटर को टैनिंग मिटाने का जादुई उपाय बताया जाता है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान के नजरिए से यह तरीका सुरक्षित साबित नहीं होता। गुरुग्राम स्थित सीके बिरला हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. रुबेन भसीन पासी ने इस आम आदत पर विस्तार से अपनी बात रखी है और स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक समझी जाने वाली हर खाद्य वस्तु सीधे चेहरे पर लगाने के लिए सुरक्षित नहीं होती। क्या टमाटर सचमुच त्वचा से टैनिंग को मिटा सकता है पारंपरिक घरेलू देखभाल में टमाटर का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। टमाटर की फांक को चेहरे पर रगड़ने को लोग त्वचा की रंगत साफ करने, ताजगी लाने और टैन हटाने का बेहद आसान व सस्ता तरीका मानते हैं। टमाटर के भीतर प्राकृतिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं, जिस वजह से पहली नजर में लोगों को लगता है कि इसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं हो सकता। डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार किसी सामान्य खाद्य सामग्री और वैज्ञानिक रूप से जांचे-परखे स्किनकेयर फॉर्मूलेशन में जमीन-आसमान का फर्क होता है। सबसे बड़ा भ्रम यह फैला हुआ है कि टमाटर रगड़ देने से त्वचा पर जमी टैनिंग पूरी तरह गायब हो जाएगी। सच्चाई यह है कि टैनिंग कोई मैल या गंदगी की ऊपरी परत नहीं है जिसे पानी और टमाटर के रस से घिसकर धोया जा सके। जब त्वचा पर सूरज की हानिकारक पराबैंगनी यानी UV किरणें पड़ती हैं, तो शरीर की रक्षा प्रणाली सक्रिय हो जाती है। त्वचा की कोशिकाएं खुद को नुकसान से बचाने के लिए मेलानिन का उत्पादन तेजी से बढ़ा देती हैं। यह मेलानिन त्वचा को अंदरूनी सुरक्षा देने वाला प्राकृतिक बायोलॉजिकल शील्ड होता है। टमाटर में विटामिन सी और पौधों से मिलने वाले कई एंटीऑक्सीडेंट तत्व जरूर पाए जाते हैं, लेकिन ताजा कच्चा टमाटर त्वचा पर घिसना टैनिंग खत्म करने का कोई प्रमाणित या सुरक्षित मेडिकल समाधान नहीं है। टैनिंग असल में समय के साथ तब हल्की होती है जब स्किन सेल्स प्राकृतिक रूप से रीजेनरेट होते हैं यानी सेल टर्नओवर होता है और धूप से बचाव निरंतर जारी रखा जाता है। स्किन बैरियर पर एसिडिक प्रभाव और नुकसान डॉ. रुबेन भसीन पासी का कहना है कि टमाटर की रासायनिक प्रकृति प्राकृतिक तौर पर एसिडिक यानी अम्लीय होती है। यही अम्लीय स्वभाव चेहरे की नाजुक त्वचा के लिए नई मुसीबतें खड़ी कर देता है। जब टमाटर को बिना किसी संतुलन के सीधे चेहरे की त्वचा पर बार-बार मला जाता है, तो यह कई लोगों में गंभीर स्किन इरिटेशन पैदा कर देता है। जिन लोगों की त्वचा संवेदनशील है, जो एक्जिमा की समस्या से जूझ रहे हैं, या जिनका स्किन बैरियर पहले से डैमेज है, उनके लिए यह नुस्खा स्थिति को बहुत ज्यादा बिगाड़ सकता है। स्किन बैरियर केवल एक कॉस्मेटिक शब्द नहीं है, बल्कि यह हमारी त्वचा की सबसे बाहरी परत है जो नमी को लॉक करके रखती है और धूल, प्रदूषण, बैक्टीरिया तथा अन्य नुकसानदेह तत्वों को अंदर जाने से रोकती है। चेहरे पर अत्यधिक रगड़-घिसाई करने या सीधे एसिडिक चीजें लगाने से यह सुरक्षा कवच टूट जाता है। सुरक्षा कवच कमजोर होने पर त्वचा में निम्नलिखित परेशानियां तेजी से उभरने लगती हैं • अत्यधिक सूखापन: चेहरे की स्वाभाविक नमी खत्म हो जाती है और त्वचा बेजान व खुरदरी होने लगती है। • लालिमा और खिंचाव: चेहरे पर लगातार खिंचाव महसूस होता है और लाल चकत्ते या रेडनेस बढ़ जाती है। • संवेदनशीलता में बढ़ोतरी: सामान्य पानी या माइल्ड क्लींजर लगाने पर भी त्वचा में जलन होने लगती है। जलन होने का मतलब नुस्खे का असर नहीं स्किनकेयर को लेकर एक बेहद नुकसानदेह मिथक यह फैला हुआ है कि अगर किसी फेसपैक, लेप या फल को लगाने के बाद चेहरे पर हल्की जलन, झनझनाहट या टिंगलिंग महसूस हो रही है, तो इसका अर्थ है कि नुस्खा काम कर रहा है। डॉ. पासी ने इसे पूरी तरह गलत और भ्रामक करार दिया है। जलन, चुभन और लालिमा इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि आपकी त्वचा का प्राकृतिक बैरियर डैमेज हो रहा है और त्वचा गंभीर रूप से इरिटेट हो चुकी है। नींबू का रस या अन्य खट्टे पदार्थों से जुड़े नुस्खों पर भी यही नियम लागू होता है। जलन अधिक होने का मतलब यह कतई नहीं है कि चेहरे पर ज्यादा निखार आएगा। हकीकत इसके उलट है। जब चेहरे पर लगातार सूजन और जलन यानी इन्फ्लेमेशन बना रहता है, तो यह त्वचा के मेलानोसाइट्स को ट्रिगर कर देता है। इसके परिणामस्वरूप पोस्ट इन्फ्लेमेटरी हाइपरपिगमेंटेशन यानी PIH की समस्या शुरू हो जाती है। इससे टैनिंग हटने के बजाय चेहरे पर गहरे काले और भूरे धब्बे पड़ जाते हैं, जिससे त्वचा का रंग पहले से ज्यादा असमान दिखाई देने लगता है। टमाटर का उपयोग करते समय जरूरी सावधानियां यदि कोई व्यक्ति इन सभी जोखिमों को जानने के बाद भी टमाटर का उपयोग घरेलू स्किनकेयर में करना चाहता है, तो डर्मेटोलॉजिस्ट द्वारा सुझाई गई इन जरूरी सावधानियों का पालन करना अनिवार्य है • जोर से रगड़ने से बचें: टमाटर की स्लाइस को चेहरे पर कभी भी ताकत लगाकर या आक्रामक तरीके से न घिसें। • कटी या खराब त्वचा से दूर रखें: चेहरे पर जहां मुंहासे हों, घाव हो, छिला हुआ हिस्सा हो या एलर्जी हो, वहां इसका संपर्क बिल्कुल न होने दें। • जलन पर तुरंत धोएं: लगाते ही अगर हल्की सी भी खुजली, तीखी जलन या लाल निशान दिखे, तो तुरंत सादे ठंडे पानी से चेहरा साफ कर लें। • पैच टेस्ट करना न भूलें: चेहरे पर लगाने से पहले हाथ की कलाई या कान के पीछे थोड़ा सा रस लगाकर 24 घंटे तक देख लें कि कोई रिएक्शन तो नहीं हो रहा। • सनस्क्रीन का विकल्प कभी न मानें: टमाटर किसी भी स्थिति में सनस्क्रीन का स्थान नहीं ले सकता और न ही धूप से सीधा बचाव कर सकता है। टैनिंग से सुरक्षित तरीके से निपटने के वैज्ञानिक उपाय सूरज के प्रभाव से त्वचा को सुरक्षित रखने और पुरानी टैनिंग को हल्का करने के लिए वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित स्किनकेयर नियम अपनाने चाहिए • नियमित सनस्क्रीन का उपयोग: धूप से बचाव ही टैनिंग रोकने का सबसे प्रभावी हथियार है। घर से बाहर निकलने से पहले उचित मात्रा में ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाना जरूरी है। पसीना आने पर या लंबे समय तक तेज धूप में रहने पर हर दो से तीन घंटे में सनस्क्रीन दोबारा लगाना चाहिए। • भौतिक सुरक्षा कवच का सहारा: सीधी धूप को त्वचा पर पड़ने से रोकने के लिए चौड़े किनारे वाली टोपी, छतरी, स्कार्फ और यूवी प्रोटेक्शन वाले चश्मों का इस्तेमाल करें। • प्रमाणित एक्टिव इंग्रेडिएंट्स: पुरानी टैनिंग और पिगमेंटेशन को सुरक्षित रूप से कम करने के लिए डॉक्टर की सलाह से विटामिन सी, नियासिनमाइड या रेटिनोइड्स युक्त मेडिकल ग्रेड सीरम और क्रीम का उपयोग किया जा सकता है। टमाटर का एक टुकड़ा चेहरे पर रगड़कर टैनिंग को चुटकियों में मिटाने की उम्मीद रखना पूरी तरह अवैज्ञानिक है। टैनिंग शरीर की एक स्वाभाविक रक्षा प्रणाली है, और इससे छुटकारा पाने के लिए त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाले घरेलू नुस्खों के बजाय सही सन प्रोटेक्शन और वैज्ञानिक स्किनकेयर की जरूरत होती है। इसका आप पर असर घर पर चेहरे पर सीधे टमाटर रगड़ने से त्वचा की बाहरी सुरक्षा परत छिन सकती है, जिससे चेहरा साफ होने के बजाय दाग-धब्बे बढ़ सकते हैं। • दैनिक स्किनकेयर में बदलाव: रसोई के खट्टे फल और कच्चा टमाटर सीधे चेहरे पर घिसने की आदत तुरंत बंद कर दें। इसकी जगह माइल्ड क्लींजर, मॉइस्चराइजर और वैज्ञानिक रूप से सुरक्षित स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करें। • सनस्क्रीन का सख्त नियम: धूप में निकलने से पहले कम से कम एसपीएफ युक्त सनस्क्रीन लगाना अपनी नियमित दिनचर्या बनाएं। बाहर रहने पर या पसीना आने पर हर दो से तीन घंटे में इसे दोबारा लगाएं ताकि टैनिंग जड़ से रुक सके। • सेंसिटिव स्किन वालों के लिए सावधानी: यदि आपकी त्वचा पहले से सेंसिटिव है या चेहरे पर एक्ने हैं, तो अम्लीय नुस्खों से दूर रहें। किसी भी नए उत्पाद या नुस्खे को चेहरे पर लगाने से पहले हाथ पर पैच टेस्ट जरूर करें। • डॉक्टरी सलाह का महत्व: जिद्दी पिगमेंटेशन या सनबर्न को ठीक करने के लिए केवल डर्मेटोलॉजिस्ट द्वारा सुझाए गए विटामिन सी या नियासिनमाइड युक्त सीरम का प्रयोग करें। बिना डॉक्टरी सलाह के चेहरे पर किए जाने वाले प्रयोग स्थायी नुकसान दे सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ धूप में निकलते ही चेहरे का रंग गहरा होना शरीर की एक प्राकृतिक सुरक्षात्मक प्रतिक्रिया है, जिसे समझने की कमी के कारण लोग रसोई के घरेलू नुस्खों का गलत इस्तेमाल करने लगते हैं। • पराबैंगनी किरणों का प्रभाव: सूरज की तेज यूवी किरणें जब त्वचा की कोशिकाओं पर पड़ती हैं, तो शरीर अंदरूनी नुकसान रोकने के लिए मेलानिन पिगमेंट का निर्माण तेज कर देता है। यही अतिरिक्त मेलानिन त्वचा की ऊपरी सतह पर टैनिंग के रूप में दिखाई देता है। • प्राकृतिक अम्लीयता और घर्षण: टमाटर में प्राकृतिक रूप से एसिड मौजूद होता है, जिसे चेहरे पर जोर-जोर से रगड़ने पर त्वचा की सुरक्षात्मक परत यानी स्किन बैरियर टूट जाती है। इसके परिणामस्वरूप त्वचा में सूखापन, लाली और सूजन पैदा हो जाती है। • गलत धारणाओं का प्रसार: कई लोग नुस्खे के बाद होने वाली हल्की जलन या झनझनाहट को उसका असर समझ लेते हैं, जबकि यह त्वचा के डैमेज होने का संकेत होता है। लगातार सूजन रहने से मेलानोसाइट्स उत्तेजित होकर पोस्ट इन्फ्लेमेटरी हाइपरपिगमेंटेशन बना देते हैं। सवाल-जवाब 1. क्या चेहरे पर टमाटर रगड़ने से टैनिंग पूरी तरह हट जाती है? नहीं, टैनिंग कोई मैल नहीं है बल्कि मेलानिन का सुरक्षात्मक कवच है। टमाटर रगड़ने से टैनिंग खत्म नहीं होती बल्कि त्वचा का स्किन बैरियर खराब हो सकता है। 2. टमाटर लगाने के बाद चेहरे पर हल्की जलन क्यों होती है? टमाटर की प्रकृति एसिडिक होती है, जिससे चेहरे पर लगाने पर त्वचा इरिटेट हो जाती है और जलन महसूस होती है। यह किसी फायदे का नहीं बल्कि त्वचा को नुकसान का संकेत है। 3. टमाटर के इस्तेमाल से पिगमेंटेशन गहरा क्यों हो सकता है? बार-बार होने वाली जलन और सूजन से पोस्ट-इन्फ्लेमेटरी हाइपरपिगमेंटेशन (PIH) की स्थिति बन जाती है, जिससे चेहरे पर काले धब्बे और गहरे हो सकते हैं। 4. टैनिंग को सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए क्या करना चाहिए? नियमित ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का उपयोग करें, धूप में छतरी या टोपी पहनें और डॉक्टर की सलाह से विटामिन सी या नियासिनमाइड युक्त सीरम का प्रयोग करें। 5. अगर टमाटर का उपयोग करना ही हो तो क्या सावधानी बरतें? टमाटर को कभी जोर से न रगड़ें, कटी या मुंहासे वाली त्वचा पर न लगाएं, पहले पैच टेस्ट करें और जलन होने पर तुरंत सादे पानी से धो लें। https://trendkia.com/lifestyle/dhupa-ka-kalapana-mitane-ke-lie-chehare-para-sidhe-tomato-lagana-para-sakata-hai-bhari-dermatologist-ne-batae-isake-bare-khatare-45817 TrendKia — Har trend, sabse pehle.