दीपावली और ठंड के दिनों में इन शुभ पौधों से सजाएं अपना घर, आसान देखभाल में रहेंगे तरोताजा सर्दियों की शुरुआत और दीपावली के आगमन पर कुबेराक्षी, लक्ष्मी कमल और तुलसी जैसे शुभ पौधों की मांग बढ़ जाती है, जिन्हें कम पानी और हल्की धूप में आसानी से हरा-भरा रखा जा सकता है। त्योहारी सीजन और गिरते तापमान के बीच घरों को प्राकृतिक खूबसूरती और सकारात्मक ऊर्जा से संवारने की तैयारी तेज हो गई है। दीपावली के मौके पर अक्सर लोग अपने आशियाने में ऐसे पौधे लगाना पसंद करते हैं जो न केवल धार्मिक दृष्टि से मंगलकारी माने जाते हैं, बल्कि कड़ाके की ठंड में भी बिना किसी जटिल देखरेख के पूरी तरह स्वस्थ और हरे-भरे बने रहें। बाजार और नर्सरियों में ऐसे कई गुणकारी विकल्प मौजूद हैं, जिन्हें घर के भीतर या बालकनी में बहुत कम मेहनत के साथ आसानी से उगाया जा सकता है। त्योहारी मौसम में पसंदीदा शुभ इनडोर और आउटडोर पौधे नर्सरी संचालक नेक सिंह के अनुसार, दीपावली का पर्व नजदीक आने और मौसम में ठंडक घुलने के साथ ही घरों के लिए शुभ वनस्पतियों की खरीदारी में भारी उछाल देखा जाता है। इस समय कुबेराक्षी और लक्ष्मी कमल की मांग सबसे अधिक दर्ज की जाती है, जिन्हें लोग पर्व के आसपास विशेष उत्साह से अपने घर लाते हैं। इसके साथ ही पारंपरिक तुलसी, क्रासुला और लकी बैम्बू भी बेहतरीन विकल्पों में गिने जाते हैं। इन तमाम पौधों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें बहुत ज्यादा रख-रखाव की दरकार नहीं होती, बल्कि संतुलित मात्रा में पानी और हल्की धूप मिलने पर ये लंबे समय तक जीवंत बने रहते हैं। सकारात्मक माहौल और नकारात्मकता दूर करने वाले खास पौधे घर के वातावरण को शांत और दोषमुक्त बनाए रखने के लिए कुछ अन्य विशिष्ट पौधों को लगाने का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है। नेक सिंह बताते हैं कि शांति नाम का एक विशेष पौधा घर के अंदर रखने के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है, जिस पर नीले और पर्पल रंग के आकर्षक फूल खिलते हैं। इसके अतिरिक्त घरेलू परिवेश से नकारात्मकता को खत्म करने और शुभ फल प्राप्त करने की धार्मिक मान्यता के तहत लोग बेलपत्री और शंख जैसे पौधों को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। मान्यता है कि ऐसे पौधे घर में लगाने से सकारात्मकता का संचार होता है और पारिवारिक सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। ठंड के दिनों में पोषण और जरूरी देखरेख का तरीका कम तापमान के दौर में पौधों की जड़ों को सुरक्षित रखने और उनकी निरंतर बढ़त सुनिश्चित करने के लिए मिट्टी के मिश्रण पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। नेक सिंह का सुझाव है कि सर्दियों में पौधों को कोकोपीट के माध्यम से लगाना काफी असरदार साबित होता है। इसके साथ ही कोकोपीट में वर्मी कंपोस्ट मिलाकर रोपाई करने से पौधों को ठंड के दौरान आवश्यक पोषण सुलभता से मिलता रहता है। सर्दियों में पानी देने का नियम पूरी तरह नियंत्रित होना चाहिए, इसलिए गमले की मिट्टी की नमी की जांच करने के बाद ही जरूरत पड़ने पर सीमित पानी देना चाहिए। जब भी दिन में धूप निकले, पौधों को कुछ समय के लिए धूप में जरूर रखें ताकि उन्हें जरूरी रोशनी मिल सके। इसके अलावा पौधों की सूखी हुई टहनियों की समय पर छंटाई करते रहना चाहिए। इन बुनियादी सावधानियों का पालन करके ठंड के पूरे मौसम में पौधों को मुरझाने से बचाया जा सकता है। इसका आप पर असर सर्दियों और त्योहारों के दौरान सही इनडोर पौधे चुनकर आप कम खर्च और साधारण देखभाल में अपने घर के वातावरण को आकर्षक और हरा-भरा बना सकते हैं। • समय और मेहनत की बचत: कुबेराक्षी, लक्ष्मी कमल और लकी बैम्बू जैसे पौधों को रोजाना भारी देखभाल की आवश्यकता नहीं होती है। कामकाजी लोग सप्ताह में केवल जरूरत अनुसार पानी और हल्की धूप देकर इन्हें आसानी से संभाल सकते हैं। • लागत और सामग्री: कोकोपीट और वर्मी कंपोस्ट का साधारण मिश्रण तैयार करने से रासायनिक खादों पर फालतू खर्च नहीं करना पड़ता है। यह मिश्रण मिट्टी में लंबे समय तक आवश्यक नमी बनाए रखकर बार-बार सिंचाई का झंझट खत्म करता है। • घर की सुंदरता और ताजगी: शांति पौधे के नीले और पर्पल फूल घर के भीतरी कमरों की सुंदरता को बिना महंगे इंटीरियर डेकोरेशन के निखार देते हैं। प्राकृतिक पौधे कमरों की हवा और परिवेश को तरोताजा बनाए रखने में सहायक होते हैं। • पारंपरिक और धार्मिक महत्व: दीपावली पर तुलसी, बेलपत्री और शंख जैसे पौधे लगाने से घर में सकारात्मक माहौल की भावना मजबूत होती है। त्योहार के समय यह परिवार के सदस्यों में शांति और उमंग का संचार करता है। ऐसा क्यों हुआ दीपावली की नजदीकी और गिरते पारे के कारण घरेलू परिवेश में कम रखरखाव वाले और धार्मिक रूप से शुभ माने जाने वाले पौधों की खरीदारी अचानक बढ़ जाती है। • मौसमी और त्योहारी संयोग: दीपावली पर घर की साफ-सफाई और सजावट के दौरान लोग मंगलकारी वनस्पतियों को घर लाना शुभ मानते हैं। उसी समय ठंड शुरू होने के कारण लोग ऐसे पौधे तलाशते हैं जो बिना मुरझाए सर्दियों की ठंड सहन कर सकें। • सुविधाजनक देखरेख की मांग: आधुनिक दिनचर्या में अत्यधिक व्यस्त रहने वाले लोगों के पास विस्तृत बागवानी का समय नहीं होता है। कुबेराक्षी और लक्ष्मी कमल जैसे पौधे सीमित पानी और साधारण रोशनी में भी आसानी से पनपते हैं, जिससे इनकी लोकप्रियता बढ़ी है। • नकारात्मकता निवारण की मान्यताएं: पारिवारिक सुख-शांति के उद्देश्य से घरों में नकारात्मक ऊर्जा घटाने वाले पौधों को लगाने की पुरानी परंपरा रही है। इसी विश्वास के चलते लोग शंख, बेलपत्री और शांति जैसे पौधों को प्राथमिकता देते हैं। सवाल-जवाब 1. सर्दियों और दीपावली के लिए नर्सरी में कौन से पौधे सबसे ज्यादा बिक रहे हैं? नर्सरी संचालक नेक सिंह के अनुसार दीपावली और सर्दियों के समय कुबेराक्षी और लक्ष्मी कमल की मांग सबसे ज्यादा रहती है। 2. घर में नकारात्मकता दूर करने के लिए कौन से पौधे लगाने की सलाह दी गई है? घर की नकारात्मकता खत्म करने और शुभ फल पाने के लिए बेलपत्री, शंख और नीले-पर्पल फूलों वाले शांति पौधे को लगाने की सलाह दी गई है। 3. सर्दियों में पौधों को लगाने के लिए किस प्रकार के माध्यम का उपयोग करना चाहिए? ठंड के मौसम में पौधों की बेहतर बढ़वार के लिए कोकोपीट और वर्मी कंपोस्ट के मिश्रण का उपयोग करना अच्छा रहता है। 4. सर्दियों में पौधों को पानी और धूप देने का सही तरीका क्या है? मिट्टी की नमी जांचकर जरूरत पड़ने पर ही पानी दें और जब भी धूप निकले, पौधों को कुछ समय के लिए धूप जरूर दिखाएं। https://trendkia.com/lifestyle/dipavali-aura-thnda-ke-dinon-men-ina-shubha-paudhon-se-sajaen-apana-ghara-asana-dekhabhala-men-rahenge-tarotaja-53516 TrendKia — Har trend, sabse pehle.