दीवाली और धनतेरस पर खरीदारी का पूरा पंचांग, 1 से 9 नवंबर तक कब क्या खरीदें और कब बचें त्योहारी सीजन में निवेश और खरीदारी के लिए 1 नवंबर से 9 नवंबर तक विशेष शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। प्रतिदिन के राहुकाल समय को छोड़कर सोना, वाहन, जमीन, आभूषण और घरेलू सामान खरीदना फलदायी माना गया है। त्योहारों के इस महापर्व पर नए सामान की खरीदारी, गृह प्रवेश और व्यापार में निवेश को लेकर पंचांग के अनुसार बेहद फलदायी योग बन रहे हैं। आमतौर पर लोग खरीदारी के लिए मुख्य रूप से धनतेरस की प्रतीक्षा करते हैं, परंतु इस बार नवंबर के शुरुआती नौ दिनों में लगातार विशेष संयोग बने हुए हैं। वैदिक ज्योतिष की मान्यताओं के अनुसार प्रत्येक दिन पड़ने वाले राहुकाल की अवधि को टालकर शेष घंटों में की गई खरीदारी आर्थिक समृद्धि और स्थायित्व प्रदान करती है। 1 नवंबर रविवार: बहुमूल्य धातुएं और वाहन खरीदने का समय नवंबर के पहले दिन से ही त्योहारी बाजार में खरीदारी के विशेष योग सक्रिय हो रहे हैं। रविवार को दोपहर 4:30 बजे से शाम 6 बजे तक की अवधि में राहुकाल प्रभावी रहेगा। इस डेढ़ घंटे के अंतराल को छोड़कर शेष दिन में चार पहिया या दो पहिया वाहन, कीमती रत्न, स्वर्ण आभूषण तथा अन्य मूल्यवान धातुओं का क्रय किया जा सकता है। जो परिवार धनतेरस की भीड़भाड़ से पहले ही अपने घर में मंगलकारी वस्तुओं का आगमन चाहते हैं, वे इस समय का सदुपयोग कर सकते हैं। 2 नवंबर सोमवार: व्यापार विस्तार, रियल एस्टेट और पशुधन सप्ताह के दूसरे दिन सोमवार को सुबह 7:30 बजे से 9 बजे तक राहुकाल का समय निर्धारित है। प्रातःकाल इस समय के समाप्त होते ही नए वाणिज्यिक उपक्रम आरंभ करने अथवा वर्तमान व्यवसाय में पूंजी लगाने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। इस पावन अवसर पर कृषि योग्य भूमि, आवासीय भूखंड, नया मकान तथा दुधारू पशुधन की खरीद करना भी कल्याणकारी बताया गया है। 3 नवंबर मंगलवार: अचल संपत्ति और स्वर्ण आभूषणों में निवेश मंगलवार के दिन दोपहर 3 बजे से लेकर शाम 4:30 बजे तक राहुकाल का प्रभाव रहेगा। इस समयावधि से बचते हुए नागरिक स्वर्ण, रजत, बहुमूल्य नग और आभूषणों का क्रय कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त स्थाई परिसंपत्तियों जैसे फ्लैट, प्लॉट और कृषि भूमि में पूंजी लगाने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी इस दिन के ग्रह नक्षत्र अत्यंत सकारात्मक फल देने वाले बताए गए हैं। 4 नवंबर बुधवार: भद्रा उपरांत परिधान और आवश्यक वस्तुएं बुधवार के दिन दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक राहुकाल विद्यमान रहेगा। इसके साथ ही प्रातः काल से लेकर दोपहर 1:18 बजे तक भद्रा नक्षत्र का साया भी उपस्थित रहेगा। इसलिए किसी भी प्रकार की खरीदारी दोपहर 1:30 बजे के उपरांत ही करना श्रेयस्कर होगा। इसके बाद नए परिधान, वस्त्र, जूते एवं चमड़े से निर्मित उपयोगी सामग्रियों का क्रय किया जा सकता है। 5 और 6 नवंबर: धनतेरस पर्व और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स गुरुवार 5 नवंबर को दोपहर 1:30 बजे से 3 बजे तक राहुकाल रहेगा। इसके अतिरिक्त उपलब्ध समय में आवासीय भवन, भूखंड, स्वर्णाभूषण और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का क्रय किया जा सकता है। अगले दिन 6 नवंबर को धनतेरस का पारंपरिक उत्सव मनाया जाएगा। इस विशेष पर्व पर सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक राहुकाल की छाया रहेगी। धार्मिक परंपराओं के मुताबिक धनतेरस पर सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण, नए बर्तन तथा रोजमर्रा के जरूरी सामान घर लाने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। 7 से 9 नवंबर: दीवाली और उसके अगले दिन के उत्तम योग शनिवार 7 नवंबर को तड़के सुबह 3 बजे से 10:30 बजे तक राहुकाल बताया गया है, जिसके पश्चात संपूर्ण दिन किसी भी प्रकार के शुभ क्रय-विक्रय के लिए उपयुक्त रहेगा। रविवार 8 नवंबर को दीपावली के पावन दिन शाम 4:30 बजे से 6 बजे तक राहुकाल रहेगा, जिसे छोड़कर बाकी समय में व्यावसायिक निवेश और शुभ खरीदारी की जा सकती है। इसके उपरांत सोमवार 9 नवंबर को सुबह 7 बजे से 9 बजे तक राहुकाल रहेगा, जिसके उपरांत विभिन्न प्रकार की आवश्यक सामग्रियों की खरीदारी संपन्न की जा सकती है। इसका आप पर असर इस पंचांग से त्योहारी सीजन में बड़े सौदों और घरेलू खरीदारी की सही योजना बनाने में सीधी मदद मिलेगी। • खरीदारी की अग्रिम योजना: ग्राहक धनतेरस की भारी भीड़ से बचते हुए 1 नवंबर से ही अपनी पसंदीदा वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं। इससे दुकानों पर लंबी कतारों और डिलीवरी में होने वाली देरी से बचा जा सकेगा। • राहुकाल से बचाव: प्रत्येक दिन केवल डेढ़ घंटे का राहुकाल छोड़कर बाकी समय खरीदारी के लिए खुला है। खरीदार अपने दैनिक समय सारणी में इन विशिष्ट घंटों को चिह्नित कर वित्तीय सौदे सुरक्षित कर सकते हैं। • वस्तुवार चयन: वाहन, सोने, कपड़े और जमीन के लिए अलग-अलग दिन के शुभ योग बताए गए हैं। उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार सही दिन का चयन करके संपत्ति में निवेश कर सकते हैं। • बजट और प्रबंधन: लगातार नौ दिनों तक विकल्प मिलने से एक ही दिन पूरा खर्च करने का दबाव नहीं रहेगा। इससे घरेलू बजट का प्रबंधन और किस्तों का वितरण आसान हो जाएगा। ऐसा क्यों हुआ वैदिक ज्योतिष और पंचांग परंपराओं में त्योहारी काल के दौरान ग्रहों की चाल और नक्षत्रों के प्रभाव के आधार पर शुभ घड़ियों का निर्धारण किया जाता है। • राहुकाल और भद्रा का प्रभाव: पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल की अवधि में किए गए नए कार्यों और सौदों में विघ्न आने की आशंका मानी जाती है। इसी प्रकार बुधवार को भद्रा का प्रभाव दोपहर तक रहने के कारण दोपहर 1:30 बजे के बाद खरीदारी की सलाह दी गई है। • धनतेरस और दीवाली की सांस्कृतिक महत्ता: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में धनतेरस और लक्ष्मी पूजन के दिन धातु और संपत्ति क्रय की सदियों पुरानी परंपरा है। इसी वजह से 6 नवंबर को विशेष रूप से बर्तन और धातुओं के क्रय को प्रमुखता दी गई है। • वार और ग्रहों के कारक: सप्ताह के विभिन्न दिन अलग-अलग धातुओं और संपत्तियों के अधिष्ठाता ग्रहों से जुड़े होते हैं। रविवार और मंगलवार को भूमि व धातुओं तथा बुधवार को वस्त्रों के क्रय का योग इसी ज्योतिषीय गणना के तहत आता है। सवाल-जवाब 1. 1 नवंबर को किस समय खरीदारी करने से बचना चाहिए? 1 नवंबर रविवार को दोपहर 4:30 बजे से शाम 6 बजे तक राहुकाल रहेगा, इसलिए इस समय को छोड़कर बाकी समय खरीदारी करनी चाहिए। 2. व्यापार में निवेश और नई संपत्ति खरीदने के लिए कौन सा दिन अनुकूल है? 2 नवंबर सोमवार को सुबह 9 बजे के बाद नया व्यवसाय शुरू करने, पूंजी निवेश करने, जमीन और मकान खरीदने के शुभ योग हैं। 3. 4 नवंबर बुधवार को खरीदारी कब से शुरू करनी चाहिए? बुधवार को भद्रा और राहुकाल का प्रभाव होने के कारण दोपहर 1:30 बजे के बाद ही कपड़े और चमड़े के सामान की खरीदारी शुभ मानी गई है। 4. धनतेरस का पर्व किस तारीख को है और उस दिन राहुकाल कब रहेगा? धनतेरस 6 नवंबर को है, और इस दिन सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक राहुकाल रहेगा। 5. दीपावली के दिन खरीदारी का समय क्या है? 8 नवंबर दीपावली के दिन शाम 4:30 बजे से 6 बजे तक राहुकाल रहेगा, जिसे छोड़कर बाकी समय खरीदारी और निवेश किया जा सकता है। https://trendkia.com/lifestyle/divali-aura-dhanteras-para-kharidari-ka-pura-pnchanga-1-se-9-november-taka-kaba-kya-khariden-aura-kaba-bachen-55162 TrendKia — Har trend, sabse pehle.