दिवाली पर कांच के गिलास में तैरते दीयों से सजाएं आशियाना, रसोई की 3 चीजों से मिनटों में करें तैयार इस दिवाली बाजार से महंगे सामान खरीदे बिना घर में मौजूद एल्युमिनियम फॉयल, तेल और बत्ती की मदद से आप खूबसूरत फ्लोटिंग दीये तैयार कर सकते हैं। कांच के गिलास और फूलों के साथ बना यह अनोखा दीया कई घंटों तक रोशनी और खुशबू बिखेरता रहेगा। दीपावली के पावन अवसर पर घरों में साज-सज्जा की तैयारियां हफ्तों पहले से जोर-शोर से शुरू हो जाती हैं। लोग अपने आशियाने को संवारने के लिए नए पर्दे, बिछौने, चादरें, कालीन और आकर्षक कुशन कवर की खरीदारी करते हैं। पूरे घर में गहन साफ-सफाई के बाद रंग-बिरंगी रोशनियों की लड़ियां लगाई जाती हैं, जिससे त्योहार की रात घर बिल्कुल दुल्हन की तरह जगमगा उठता है। यदि आप इस बार पारंपरिक सजावट से थोड़ा अलग और बेहद आकर्षक अंदाज तलाश रहे हैं, तो घर पर बने फ्लोटिंग दीये एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। पारदर्शी कांच के गिलासों में पानी और फूलों के ऊपर तैरते ये दीये घर के हर कोने को एक शाही और मनमोहक लुक देते हैं। बाजार के महंगे दीयों के बजाय रसोई के सामान से करें तैयार दुकानों और बाजारों में रेडीमेड फ्लोटिंग दीये आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन इनके लिए अतिरिक्त पैसे खर्च करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। अपनी रसोई में रखी केवल तीन सामान्य चीजों खाद्य पैकेजिंग फॉयल पेपर, कोई भी साधारण तेल और गोल रुई की बत्ती का उपयोग करके इन्हें मिनटों में अपने हाथों से बनाया जा सकता है। यह न सिर्फ आपके बजट को संभालता है, बल्कि सजावट में एक खास रचनात्मक स्पर्श भी जोड़ देता है। ग्लास और फूलों का आधार तैयार करने का तरीका फ्लोटिंग दीया बनाने की प्रक्रिया बेहद आसान और रोचक है। सबसे पहले घर में उपलब्ध साधारण कांच के पारदर्शी गिलास ले लें। इन गिलासों के भीतर गेंदे के ताजे फूल डालें। यदि आप पीले और नारंगी जैसे अलग-अलग रंगों के फूलों का इस्तेमाल करेंगे, तो पानी के अंदर उनका संयोजन देखने में और भी मनमोहक लगेगा। फूल रखने के बाद गिलास में ऊपर तक साफ पानी भरें, ताकि सभी फूल पानी के नीचे डूब जाएं और सतह से नीचे रहें। इसके बाद पानी की ऊपरी सतह पर किसी भी सामान्य तेल की एक अच्छी और मोटी परत डाल दें। चूंकि तेल का घनत्व पानी से कम होता है, इसलिए तेल सतह पर तैरता हुआ एक मजबूत ईंधन बेस बना लेता है। फॉयल पेपर और बत्ती से बनाएं तैरने वाला स्टैंड अब दीये का फ्लोटिंग हिस्सा तैयार करने के लिए एक गोल रुई की बत्ती और रोटी लपेटने वाला एल्युमिनियम फॉयल पेपर लें। अगर फॉयल पेपर बहुत पतला है, तो उसे दोहरा करके थोड़ा मोटा और मजबूत बना लें। इसके बाद कैंची की मदद से फॉयल को एक बड़े गोल सिक्के के आकार में काट लें। इस गोल चकती के बिल्कुल केंद्र में एक छोटा सा छेद करें। अब गोल बत्ती के ऊपरी सिरे को उस छेद से आर-पार निकाल दें, ताकि बत्ती ऊपर की ओर सीधी खड़ी रहे और उसका निचला हिस्सा फॉयल के नीचे रहे। अब इस तैयार फॉयल डिस्क को धीरे से गिलास में तैर रहे तेल के ऊपर रख दें और लाइटर या माचिस से बत्ती को प्रज्वलित कर दें। घंटों तक रोशनी और मनमोहक खुशबू का अहसास जब तक गिलास के पानी के ऊपर तेल की परत मौजूद रहेगी, यह दीया बिना बुझे लगातार तैरता रहेगा और घंटों तक स्थिर रोशनी देता रहेगा। इस सजावट को और अधिक खास बनाने के लिए आप पानी में खुशबूदार एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदें भी मिला सकते हैं। ऐसा करने से दीये की लौ के साथ-साथ पूरे कमरे में हल्की और ताजगी भरी भीनी-भीनी खुशबू भी फैलती रहेगी, जो आपके त्योहार के माहौल को पूरी तरह खुशनुमा बना देगी। इसका आप पर असर घर में मौजूद सामान्य सामग्री से खुद फ्लोटिंग दीये बनाकर आप त्योहार की सजावट को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के बेहद आकर्षक बना सकते हैं। • बजट में बचत: बाजार से महंगे फैंसी दीये और मोमबत्तियां खरीदने का खर्च पूरी तरह बचता है। रसोई में रखे फॉयल पेपर और सामान्य तेल के उपयोग से शून्य अतिरिक्त लागत में सजावट पूरी हो जाती है। • आग से सुरक्षा: कांच के गिलास में पानी का बेस होने के कारण मेज या कालीन पर तेल गिरने या आग पकड़ने का जोखिम नगण्य रहता है। पारंपरिक दीयों के मुकाबले यह बच्चों और पालतू जानवरों वाले घरों में अधिक सुरक्षित है। • लंबे समय तक रोशनी: पानी पर तैरती तेल की परत बत्ती को घंटों तक ईंधन देती रहती है। बार-बार दीयों में तेल डालने या बत्ती ठीक करने की परेशानी से राहत मिलती है। • खुशबूदार वातावरण: पानी में सुगंधित तेल मिलाने से पूरा कमरा प्राकृतिक महक से भर जाता है। यह अलग से रूम फ्रेशनर या महंगी अगरबत्ती जलाने की आवश्यकता को खत्म करता है। ऐसा क्यों हुआ त्योहारों पर लोग साधारण मिट्टी के दीयों के स्थान पर कुछ अनोखा और आधुनिक सजावटी विकल्प चाहते हैं, जिसके चलते यह घरेलू तरीका बेहद लोकप्रिय हुआ है। • भौतिक विज्ञान का सरल सिद्धांत: पानी और तेल के घनत्व में अंतर के कारण तेल हमेशा पानी के ऊपर तैरता रहता है। इसी प्राकृतिक गुण का लाभ उठाकर बिना किसी विशेष उपकरण के यह फ्लोटिंग फ्यूल सिस्टम बन जाता है। • एल्युमिनियम फॉयल का संतुलन: धातु की यह पतली परत हल्की होने के कारण तैरती रहती है और रुई की बत्ती को सीधा खड़ा रखती है। यह तेल को सोखकर बत्ती तक निरंतर पहुंचाती है और आग को पानी में बुझने से रोकती है। • सौंदर्य और सुविधा का मेल: कांच के गिलास में डूबे फूल नीचे से रंगीन छटा बिखेरते हैं जबकि ऊपर जलती लौ सतह पर चमकती है। इस दोहरे आकर्षण के कारण लोग इसे घर की सजावट में तेजी से अपना रहे हैं। सवाल-जवाब 1. फ्लोटिंग दीया बनाने के लिए किन चीजों की आवश्यकता होती है? इसके लिए कांच का गिलास, ताजा गेंदे का फूल, पानी, कोई भी साधारण तेल, गोल बत्ती और एल्युमिनियम फॉयल पेपर चाहिए। 2. फॉयल पेपर को किस आकार में काटना चाहिए? फॉयल पेपर को एक बड़े गोल सिक्के के आकार में काटकर उसके बीच में बत्ती डालने के लिए एक छोटा छेद करना चाहिए। 3. क्या पानी के ऊपर कोई भी साधारण तेल डाला जा सकता है? हां, पानी के ऊपर किसी भी सामान्य तेल की मोटी परत डाली जा सकती है क्योंकि तेल पानी पर स्वाभाविक रूप से तैरता है। 4. दीये को खुशबूदार कैसे बनाया जा सकता है? गिलास में भरे पानी में खुशबूदार तेल की कुछ बूंदें मिलाने से जलते समय यह मनमोहक महक भी बिखेरता है। 5. यह दीया कब तक जलता रहता है? यह दीया तब तक आसानी से तैरता और जलता रहता है जब तक कि गिलास के पानी की सतह पर तेल मौजूद रहता है। https://trendkia.com/lifestyle/divali-para-kancha-ke-gilasa-men-tairate-diyon-se-sajaen-ashiyana-rasoi-ki-3-chijon-se-minaton-men-karen-taiyara-55676 TrendKia — Har trend, sabse pehle.