दीवाली से पहले काले पड़े चांदी के सिक्के और मूर्तियां ऐसे चमकाएं, घर पर ही काम आएंगे तीन आसान नुस्खे सोने और चांदी के बढ़ते दामों के बीच पुराने चांदी के सिक्के, गहने और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां घर में रखी रसोई की चीजों से बिना केमिकल के नए जैसी चमकाई जा सकती हैं। सोने और चांदी की कीमतें जिस तेजी से आसमान छू रही हैं, उसकी वजह से आम लोगों के लिए त्योहारों पर नई खरीदारी करना काफी महंगा साबित हो रहा है। ऐसे दौर में दीवाली के पूजन और सजावट के लिए घर में पहले से रखे पुराने चांदी के सिक्के और मूर्तियों को चमकाकर काम में लाना सबसे बेहतर और समझदारी भरा विकल्प बन जाता है। वक्त बीतने के साथ चांदी की धातु हवा के संपर्क में आकर काली पड़ जाती है, जिसे देखकर अक्सर लोग परेशान हो जाते हैं। हालांकि इसके लिए बाजार से महंगे या नुकसानदेह केमिकल खरीदने की कतई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि रसोई में मौजूद साधारण चीजों की मदद से ही इन्हें बिल्कुल नई जैसी चमक दी जा सकती है। सफेद सिरका और सोडे का असरदार घोल अगर पूजा के पुराने सिक्के या चांदी की मूर्तियां पूरी तरह काली हो चुकी हैं, तो सफेद सिरका उनके लिए बेहद कारगर साबित होता है। इसके इस्तेमाल के लिए एक साफ कटोरी में पर्याप्त मात्रा में सफेद सिरका लें और उसमें थोड़ा सा सोडा अच्छी तरह मिला दें। जब यह मिश्रण तैयार हो जाए, तो चांदी के काले सिक्के और सामान को इस घोल में डुबोकर कुछ देर के लिए यूं ही छोड़ दें। तय समय बीतने के बाद सिक्कों को बाहर निकालें और किसी मुलायम ब्रश या कपड़े से हल्के हाथों से स्क्रब करें। कुछ ही पलों में धातु पर जमी मैल और कालापन पूरी तरह हट जाएगा और चांदी पहले की तरह चमकने लगेगी। यही प्रक्रिया चांदी की मूर्तियों की सफाई में भी अपनाई जा सकती है। सफेद टूथपेस्ट और पाउडर से हटाएं कालापन दांत साफ करने वाला साधारण सफेद टूथपेस्ट भी चांदी की चमक वापस लाने का एक बेहतरीन घरेलू उपाय है। खासतौर पर कोलगेट जैसा सफेद पेस्ट या इसका पाउडर इस काम में काफी असरदार माना जाता है। इसे इस्तेमाल करने का तरीका भी बेहद सीधा है। टूथपेस्ट या पाउडर को अपनी उंगलियों की मदद से चांदी के सिक्कों, गहनों या मूर्तियों की पूरी सतह पर एक समान फैलाकर लगा दें और इसे लगभग 10 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। जब 10 मिनट पूरे हो जाएं, तो इसे हल्के हाथों से रगड़ते हुए साफ कर लें। यह उपाय बारीक नक्काशी वाली मूर्तियों और पुराने सिक्कों के कोनों में जमी काली परत को आसानी से हटाकर उन्हें चमका देता है। एल्युमिनियम फॉयल, बेकिंग सोडा और गर्म पानी का तरीका चांदी के आभूषणों और पूजा के बर्तनों की गहरी सफाई के लिए एल्युमिनियम फॉयल की तरकीब सबसे ज्यादा उपयोगी मानी जाती है। इसके लिए सबसे पहले एक गहरे बाउल के अंदर एल्युमिनियम फॉयल को अच्छी तरह बिछा लें। इसके बाद फॉयल के ऊपर बेकिंग सोडा और सामान्य नमक डालें। अब इस बाउल में तेज गर्म पानी डालें और तुरंत ही चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां या दूसरे गहने पानी में डाल दें। इस प्रक्रिया में सबसे खास बात यह ध्यान रखनी होती है कि चांदी का सामान सीधे तौर पर फॉयल पेपर को छूता रहे। लगभग 10 मिनट तक इस पानी में रखने के बाद सामान को बाहर निकालें और हल्के से रगड़कर साफ करें। इसके बाद सभी चीजों को साफ ताजे पानी से अच्छी तरह धोकर सूखे सूती कपड़े से पोंछ लें। ऐसा करते ही पुरानी से पुरानी चांदी भी बिल्कुल नई जैसी दमकने लगेगी। दीवाली के पावन अवसर पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा की तैयारी करते समय इनमें से किसी भी आसान नुस्खे को अपनाया जा सकता है। घर में रखे चांदी के सिक्के, पूजा की मूर्तियां और गहने बिना किसी अतिरिक्त खर्च के कुछ ही मिनटों में अपनी असली चमक वापस पा लेंगे। इसका आप पर असर बढ़ती महंगाई के बीच यह आसान जानकारी त्योहारों पर नए आभूषण या सिक्के खरीदे बिना पूजा की तैयारी करने में सीधी मदद करती है। • बजट की बचत: सोने-चांदी के आसमान छूते दामों के बीच बाजार से नया सामान खरीदने का खर्च बचता है। पुराने सिक्कों और मूर्तियों को घर पर ही चमकाकर पूजा में इस्तेमाल किया जा सकता है। • केमिकल से सुरक्षा: महंगे पॉलिश और जहरीले केमिकल क्लीनर खरीदने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती है। रसोई की सुरक्षित चीजों जैसे सिरका, सोडा और टूथपेस्ट से हाथों को नुकसान पहुंचे बिना सफाई हो जाती है। • समय की सुविधा: किसी सुनार की दुकान पर चक्कर लगाने या सफाई शुल्क देने की जरूरत नहीं रहती है। केवल 10 मिनट के घरेलू उपायों से दीवाली पूजन से ठीक पहले भी चीजें चमकाई जा सकती हैं। • आभूषणों की सुरक्षा: बिना किसी घिसावट या धातु के नुकसान के काली परत पूरी तरह उतर जाती है। बारीक नक्काशी वाली मूर्तियों और सिक्कों की चमक लंबे समय तक बरकरार रहती है। ऐसा क्यों हुआ चांदी के बर्तन, आभूषण और सिक्के समय के साथ हवा में मौजूद गैसों से रासायनिक क्रिया करके अपनी चमक खो देते हैं और काले पड़ जाते हैं। • हवा के संपर्क से ऑक्सीकरण: चांदी धातु वातावरण में मौजूद सल्फर और नमी के संपर्क में आते ही सिल्वर सल्फाइड की काली परत बना लेती है। यह एक स्वाभाविक रासायनिक प्रक्रिया है जो हवा में खुले रहने पर हर चांदी की वस्तु पर होती है। • दीवाली पर मांग और महंगाई: त्योहारों के समय पूजन के लिए चांदी के सिक्कों और मूर्तियों की जरूरत सबसे ज्यादा महसूस होती है। सोने और चांदी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर होने की वजह से लोग नई खरीदारी के बजाय पुरानी चीजों को ही दोबारा चमकाने के उपाय तलाशते हैं। • घरेलू तत्वों की रासायनिक क्रिया: सिरका, बेकिंग सोडा, नमक और एल्युमिनियम फॉयल मिलकर एक इलेक्ट्रोकेमिकल प्रतिक्रिया पैदा करते हैं। यह प्रक्रिया चांदी से सल्फर को खींचकर अलग कर देती है, जिससे धातु बिना घिसे चमक उठती है। सवाल-जवाब 1. चांदी के सिक्के और मूर्तियां काले क्यों पड़ जाते हैं? हवा और नमी के संपर्क में आने से चांदी पर रासायनिक क्रिया के कारण काली परत जम जाती है। 2. सफेद सिरके से चांदी कैसे साफ की जाती है? सिरके में थोड़ा सोडा मिलाकर घोल बनाएं और उसमें सिक्के डालकर कुछ देर रखने के बाद हल्के हाथ से स्क्रब कर लें। 3. टूथपेस्ट से चांदी चमकाने में कितना समय लगता है? सफेद पेस्ट या पाउडर को चांदी पर लगाकर 10 मिनट के लिए छोड़ें और फिर हल्का रगड़कर साफ कर लें। 4. एल्युमिनियम फॉयल वाले नुस्खे में कौन सी चीजें मिलाई जाती हैं? फॉयल बिछाकर उस पर बेकिंग सोडा, नमक और गर्म पानी डाला जाता है, जिसमें चांदी का सामान डुबोया जाता है। 5. क्या इन तरीकों से चांदी साफ करने के लिए बाजार के केमिकल की जरूरत होती है? नहीं, ये सभी नुस्खे पूरी तरह से घर में मौजूद साधारण चीजों की मदद से काम करते हैं। https://trendkia.com/lifestyle/divali-se-pahale-kale-pare-chandi-ke-sikke-aura-murtiyan-aise-chamakaen-ghara-para-hi-kama-aenge-tina-asana-nuskhe-56353 TrendKia — Har trend, sabse pehle.