गमले में नींबू के पौधे पर डालें ये तीन घरेलू चीजें, बंपर पैदावार से झुक जाएंगी डालियां नींबू के पौधे को गमले में हरा-भरा रखने और गुच्छों में फल पाने के लिए अक्टूबर महीने में कुछ आसान घरेलू नुस्खे अपनाए जा सकते हैं। सही देखभाल, खाद और खाद के सही मिश्रण से पैदावार बढ़ाई जा सकती है। नींबू हमारे दैनिक जीवन में बहुत उपयोगी होता है और इसका इस्तेमाल पूरे साल किसी न किसी रूप में किया जाता है। सुबह के समय खाली पेट गुनगुने पानी के साथ नींबू का सेवन करने से पाचन से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, अपच और कब्ज में काफी राहत मिलती है और शरीर का फैट भी कम होता है। वैश्विक स्तर पर नींबू का सबसे अधिक उत्पादन भारत में ही किया जाता है। भारत के भीतर आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा नींबू का उत्पादन होता है। इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी इसकी बंपर पैदावार होती है। हालांकि, कई बार गमलों में लगाए गए नींबू के पौधों में केवल फूल आते हैं लेकिन वे टिक नहीं पाते और जल्दी झड़ जाते हैं, जिससे फल नहीं बन पाते हैं। अक्टूबर के इस महीने में यदि कुछ खास घरेलू चीजों का इस्तेमाल किया जाए, तो पौधों में गुच्छों के हिसाब से फल आने शुरू हो जाते हैं। सलाद से लेकर वजन घटाने तक और घर की साफ-सफाई से लेकर बर्तन चमकाने तक नींबू का उपयोग बहुतायत में होता है। यदि आप इसे गमले में उगाने की सोच रहे हैं, तो इसके लिए पौधा ग्राफ्टेड होना सबसे जरूरी है। सामान्य तौर पर देसी नींबू के पौधे से फल मिलने में पांच से दस साल तक का लंबा समय लग सकता है, और बीज से तैयार किए गए पौधों में फल आने की कोई निश्चित गारंटी नहीं होती है। हमेशा किसी प्रमाणित नर्सरी से बारहमासी नींबू का पौधा ही खरीदना चाहिए। ग्राफ्टेड या एयर-लेयरिंग विधि से तैयार किए गए पौधे महज एक से दो साल के भीतर ही फल देना शुरू कर देते हैं। खरीदते समय ध्यान रखें कि पौधा कम से कम छह महीने पुराना हो और उस पर एक-दो फल लगे हों तो यह और भी बेहतर माना जाता है। कागजी नींबू की वैरायटी को सबसे उत्तम माना गया है। पौधे को लगाने के लिए कम से कम अठारह इंच का गमला चुनना चाहिए और उसमें पानी की निकासी के लिए ड्रेनेज होल का होना अनिवार्य है। अक्टूबर का महीना नींबू का नया पौधा लगाने या उसकी देखभाल करने के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है। यदि सही तरीके से इसकी देखरेख की जाए, तो महज छह महीने के अंदर ही पौधे में फल दिखने लगेंगे। नींबू के पौधे को रोजाना सात से आठ घंटे की भरपूर धूप की आवश्यकता होती है। यदि पौधे की ग्रोथ रुक गई है या वह मुरझाया हुआ सा दिखाई दे रहा है, तो उसे तुरंत रिपॉट यानी बड़े गमले में ट्रांसफर कर दें। इसके अलावा पौधे की रूट प्रूनिंग और कटाई-छंटाई करना भी बहुत जरूरी है। जो शाखाएं सूख गई हैं या खराब हो चुकी हैं, उन्हें काटकर अलग कर देना चाहिए ताकि पौधा घना हो सके। नए गमले में शिफ्ट करने के बाद ही इसमें खाद डाली जानी चाहिए। कई बार ऐसा होता है कि पौधे में फूल बहुत कम आते हैं और अगर आते भी हैं, तो वे विकसित होने से पहले ही झड़ जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए गमले की मिट्टी में चूने का पानी डाला जा सकता है। एक ग्राम चूने को एक लीटर पानी में अच्छी तरह घोल लें, क्योंकि चूने में भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है, जो फूलों और फलों को समय से पहले झड़ने से रोकता है और मिट्टी के फंगस तथा छोटे कीड़ों को भी समाप्त करता है। नींबू के पौधे में अधिक से अधिक फूल और फल लाने के लिए आप कुछ अन्य घरेलू और प्राकृतिक नुस्खे भी अपना सकते हैं। फिटकरी के एक छोटे से टुकड़े को एक लीटर पानी में घोल लें और उसमें दो चम्मच ताजी चाय की पत्ती मिला दें। इस मिश्रण को अच्छे से तैयार करके पौधे की जड़ों में डालने से पौधे को बेहतरीन ग्रोथ मिलती है और जड़ें मजबूत होती हैं। इसके अलावा, एक आलू को कद्दूकस करके उसका पेस्ट बना लें और उसे एक लीटर पानी में घोल लें। इस घोल में पचास ग्राम गुड़ मिलाकर एक बेहतरीन प्राकृतिक खाद तैयार की जा सकती है। आलू में पोटेशियम, नाइट्रोजन और फास्फोरस प्रचुर मात्रा में होते हैं, जबकि चाय की पत्ती नाइट्रोजन प्रदान करती है, जिससे पौधे की लंबाई और फैलाव तेजी से बढ़ता है और ज्यादा संख्या में फल-फूल लगते हैं। नींबू के पौधे को स्वस्थ रखने के लिए हर बीस से पच्चीस दिन के अंतराल पर खाद बदलते रहना चाहिए और हर पंद्रह से बीस दिन पर निराई-गुड़ाई करते रहना चाहिए। गुड़ाई करते समय ध्यान रखें कि पौधे की छोटी जड़ें न कटे और निराई हमेशा तने से थोड़ी दूरी पर की जाए। पौधे की अच्छी ग्रोथ और भारी फ्रूटिंग के लिए एक सौ ग्राम नीम खली और सरसों खली, एक सौ ग्राम वर्मी कंपोस्ट, जैविक पोटाश, दो चम्मच ह्यूमिक एसिड और दो चम्मच सीवीड ग्रेन्यूल्स का एक विशेष मिश्रण तैयार करके डालें। इस मिश्रण को डालने से पहले गमले की मिट्टी की अच्छी तरह गुड़ाई करें, फिर खाद को मिट्टी में मिलाकर ऊपर से मिट्टी से ढक दें और अंत में भरपूर मात्रा में पानी दें। इसके अलावा समुद्री शैवाल के रस से तैयार जैविक खाद का उपयोग करके भी पौधे में बंपर पैदावार हासिल की जा सकती है। इसका आप पर असर नींबू के पौधे की सही देखभाल और समय पर पोषक तत्व देने से घर पर ही बंपर पैदावार मिलती है और बाजार से महंगे फल खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। • घरेलू बचत: घर के गमले में ताजे नींबू उगने से बाजार से इन्हें खरीदने का खर्च बचता है और शुद्ध फल मिलते हैं। • फल झड़ना रोकना: चूने के पानी और जैविक खाद के प्रयोग से पौधों के फूल झड़ने की समस्या दूर होती है और पैदावार बढ़ती है। • सही समय पर खाद: हर बीस से पच्चीस दिन में खाद बदलने से पौधे को लगातार जरूरी पोषक तत्व मिलते रहते हैं। • धूप और रिपॉटिंग: पौधे को सात से आठ घंटे धूप देने और बड़े गमले में रिपॉट करने से उसकी रुकी हुई ग्रोथ तेजी से आगे बढ़ती है। • मिट्टी की सुरक्षा: निराई-गुड़ाई और सही खाद डालने से मिट्टी में फंगस और कीड़े पनपने का खतरा कम हो जाता है। ऐसा क्यों हुआ नींबू के पौधों में फूल आने के बाद उनका झड़ना और फलों का विकास न होना एक आम समस्या है, जो मुख्य रूप से पोषक तत्वों की कमी और मिट्टी की खराब स्थिति के कारण होती है। • कैल्शियम की कमी: पौधों में पर्याप्त कैल्शियम न मिलने के कारण फूल समय से पहले झड़ने लगते हैं, जिसे चूने के पानी से दूर किया जाता है। • पोषक तत्वों का असंतुलन: मिट्टी में नाइट्रोजन, पोटेशियम और फास्फोरस की सही मात्रा न होने से पौधे की ग्रोथ रुक जाती है। • रूट बाउंड होना: छोटे गमले में लंबे समय तक रहने के कारण जड़ें फैल नहीं पाती हैं, जिससे पौधे का विकास बाधित होता है। • फंगस का प्रकोप: मिट्टी में नमी और फंगस के कारण पौधे की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और फल टिक नहीं पाते हैं। सवाल-जवाब 1. गमले में नींबू का पौधा लगाने के लिए गमले का साइज क्या होना चाहिए? नींबू के पौधे को लगाने के लिए कम से कम अट्ठारह इंच का गमला चुनना चाहिए जिसमें नीचे ड्रेनेज होल जरूर हो। 2. नींबू के पौधे में फूल झड़ने की समस्या को कैसे दूर करें? एक ग्राम चूने को एक लीटर पानी में घोलकर गमले में डालने से फूल और फल झड़ने की समस्या कम होती है। 3. नींबू के पौधे को रोजाना कितनी धूप की आवश्यकता होती है? नींबू के पौधे को स्वस्थ रखने और अच्छी पैदावार के लिए सात से आठ घंटे की धूप चाहिए होती है। 4. कौन सी वैरायटी का नींबू पौधा गमले के लिए सबसे अच्छा माना जाता है? प्रमाणित नर्सरी से खरीदा गया ग्राफ्टेड बारहमासी कागजी नींबू का पौधा सबसे अच्छा माना जाता है। 5. नींबू के पौधे की ग्रोथ बढ़ाने के लिए कौन सी घरेलू खाद डालें? आलू का पेस्ट, गुड़ और चाय पत्ती का घोल प्राकृतिक खाद के रूप में पौधे की ग्रोथ तेजी से बढ़ाता है। https://trendkia.com/lifestyle/gamale-men-ninbu-ke-paudhe-para-dalen-ye-tina-gharelu-chijen-bnpara-paidavara-se-jhuka-jaengi-daliyan-51092 TrendKia — Har trend, sabse pehle.