# घंटाघर के पास रूपजी नाश्ता सेंटर का खुला समोसा बना उदयपुर का खास जायका, जानिए इसकी खासियत

> उदयपुर के ऐतिहासिक घंटाघर क्षेत्र में स्थित करीब 70 साल पुराना रूपजी नाश्ता सेंटर अपने अनोखे खुले समोसे और कढ़ी-चटनी के खास संगम के लिए पर्यटकों व स्थानीय लोगों में लोकप्रिय है।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/ghanta-ghar-ke-pasa-rupji-nashta-centre-ka-khula-samosa-bana-udaipur-ka-khasa-jayaka-janie-isaki-khasiyata-34696 · **Language:** Hindi
**Tags:** उदयपुर स्ट्रीट फूड, खुला समोसा, रूपजी नाश्ता सेंटर, घंटाघर उदयपुर, केसर चाय, राजस्थानी जायका

राजस्थान के झीलों की नगरी उदयपुर में पारंपरिक स्ट्रीट फूड की तलाश करने वालों के लिए एक बेहद अनोखा व्यंजन चर्चा का केंद्र बना रहता है। आमतौर पर त्रिकोणीय और मैदे के भीतर पूरी तरह बंद रहने वाले पारंपरिक समोसे से उलट, शहर में एक ऐसी जगह है जहां समोसे को बंद करने के बजाय बिल्कुल खुले रूप में परोसा जाता है। घंटाघर के व्यस्त बाजार के समीप स्थित लगभग 70 साल पुरानी दुकान रूपजी नाश्ता सेंटर अपने इसी खास अंदाज वाले खुले समोसे के कारण दशकों से खानपान के शौकीनों की पसंदीदा जगह बनी हुई है।

## बनाने की अनोखी शैली और संतुलित स्वाद
इस खुले समोसे को तैयार करने की विधि आम समोसों की तुलना में काफी अलग है। इसमें हलवाई सबसे पहले मैदे से बनी एक विशेष नमकीन और बेहद कुरकुरी पपड़ी तैयार करते हैं। इसके बाद उस कुरकुरी पपड़ी के ऊपर पारंपरिक समोसे में भरी जाने वाली चटपटी आलू की मसालेदार स्टफिंग को करीने से रखा जाता है। यही कारण है कि पहली ही नजर में यह व्यंजन अपने अनोखे रूप से किसी भी नए ग्राहक को हैरान कर देता है। आलू के इस मिश्रण में मसालों का अनुपात काफी हल्का और संतुलित रखा जाता है, ताकि पपड़ी के कुरकुरेपन के साथ उसका प्राकृतिक स्वाद उभर कर आए।

## कढ़ी और चटनी की जुगलबंदी
इस खुले समोसे को परोसने का तरीका भी इसके जायके को कई गुना बढ़ा देता है। दुकान पर इस समोसे के ऊपर विशेष रूप से तैयार की गई गर्म कढ़ी डाली जाती है और साथ में तीखी-चटपटी चटनी मिलाई जाती है। कढ़ी का हल्का खट्टापन, चटनी का तीखापन और नीचे रखी नमकीन कुरकुरी पपड़ी के साथ आलू के मसाले का मेल मुंह में जाते ही एक अलग तरह के स्वाद का एहसास कराता है। जो लोग नियमित रूप से तला हुआ भारी समोसा खाने से बचना चाहते हैं, उनके लिए यह हल्का और अनोखा मेल एक बेहतरीन अनुभव प्रदान करता है।

## किफायती दाम और खास केसर चाय
स्वाद और लोकप्रियता में अव्वल होने के बावजूद इस नाश्ते की कीमत बेहद सामान्य रखी गई है। इस लाजवाब खुले समोसे की एक प्लेट के लिए ग्राहकों को केवल 20 रुपये चुकाने होते हैं। समोसे के अलावा रूपजी नाश्ता सेंटर की एक और पेशकश लोगों को अपनी ओर खींचती है, और वह है यहां मिलने वाली केसर चाय। सुगंधित केसर चाय का एक कुल्हड़ भी मात्र 20 रुपये में उपलब्ध है, जिसकी पहली ही घूंट में शुद्ध केसर की महक महसूस होती है। वहीं जो लोग सामान्य सादा चाय पसंद करते हैं, उनके लिए यह केवल 10 रुपये में परोसी जाती है।

## सात दशकों का अपनापन और सेवा भाव
इस नाश्ता केंद्र की लोकप्रियता केवल इसके सस्ते और लजीज व्यंजनों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहां का आत्मीय माहौल भी ग्राहकों को बार-बार खींच लाता है। दुकान संचालक और कर्मचारी आने वाले हर ग्राहक का स्वागत बेहद सहज, विनम्र और पारिवारिक अंदाज में करते हैं। सात दशकों से चली आ रही यह विनम्र सेवा और ग्राहक सत्कार ही इस जगह के भोजन के स्वाद को और अधिक यादगार बना देता है।

## इसका आप पर असर
उदयपुर आने वाले पर्यटकों और स्थानीय खानपान प्रेमियों के लिए यह नाश्ता केंद्र बेहद कम बजट में पारंपरिक और अनोखे स्वाद का विकल्प पेश करता है।

- **भारत में:** यदि आप देश के किसी भी हिस्से से उदयपुर भ्रमण पर जा रहे हैं, तो केवल 20 रुपये में यह क्षेत्रीय स्ट्रीट फूड आपके यात्रा बजट पर भारी पड़े बिना नया अनुभव देगा। यहां मिलने वाली 20 रुपये की केसर चाय और 10 रुपये की सादा चाय भी पर्यटकों के लिए एक किफायती नाश्ता साबित होती है।
- **उदयपुर में:** घंटाघर और पुराने बाजार में खरीदारी करने जाने वाले स्थानीय निवासियों के लिए रूपजी नाश्ता सेंटर एक त्वरित और विश्वसनीय जलपान का ठिकाना है। दुकान का 70 साल पुराना इतिहास और शालीन व्यवहार रोजमर्रा के ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण और ताजा भोजन सुनिश्चित करता है।
- **खर्च पर असर:** महज 40 रुपये के कुल खर्च में एक व्यक्ति खुला समोसा और केसर चाय का पूरा नाश्ता कर सकता है। महंगाई के इस दौर में यह नाश्ता छात्र वर्ग और बजट मुसाफिरों दोनों के लिए अत्यधिक व्यावहारिक है।
- **स्वाद का विकल्प:** भारी और अत्यधिक तैलीय पारंपरिक समोसे की जगह कढ़ी और कुरकुरी पपड़ी वाला यह संयोजन पेट पर अपेक्षाकृत हल्का रहता है। स्ट्रीट फूड के शौकीन बिना किसी झिझक के इस नए स्वाद संयोजन का आनंद उठा सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
उदयपुर के घंटाघर के निकट रूपजी नाश्ता सेंटर पर खुले समोसे की यह अनोखी शैली पारंपरिक समोसे के स्वरूप में नवाचार करने और स्थानीय पसंद के अनुरूप स्वाद गढ़ने के कारण विकसित हुई।

- **पाक शैली में नया प्रयोग:** पारंपरिक समोसे में भरावन अंदर सील रहता है, लेकिन यहां कुरकुरी नमकीन पपड़ी के ऊपर आलू का मसाला रखकर ऊपर से कढ़ी और चटनी डालकर परोसने का अनूठा तरीका अपनाया गया। इस बनावट से समोसे का क्रंच लंबे समय तक बरकरार रहता है और वह सीलन भरा या अधिक तैलीय नहीं लगता।
- **क्षेत्रीय स्वाद की मांग:** राजस्थान के कई हिस्सों में कढ़ी और चटपटी चटनी के साथ नमकीन नाश्ते खाने का लंबा चलन रहा है। इसी क्षेत्रीय पसंद को ध्यान में रखते हुए आलू की स्टफिंग में मसालों को हल्का रखा गया ताकि कढ़ी के खट्टेपन के साथ सही संतुलन बने।
- **सात दशकों की परंपरा:** करीब 70 साल पहले शुरू हुई इस दुकान ने समय के साथ अपनी रेसिपी में निरंतरता और शुद्धता बनाए रखी। लगातार बेहतरीन स्वाद और ग्राहकों के प्रति आत्मीय व्यवहार ने इसे पीढ़ी दर पीढ़ी एक लोकप्रिय पहचान दिलाई।

## सवाल-जवाब

### 1. उदयपुर में खुला समोसा किस दुकान पर मिलता है?
यह अनोखा खुला समोसा उदयपुर के घंटाघर के पास स्थित लगभग 70 साल पुरानी दुकान रूपजी नाश्ता सेंटर पर मिलता है।

### 2. खुले समोसे की एक प्लेट की कीमत कितनी है?
रूपजी नाश्ता सेंटर पर खुले समोसे की एक प्लेट की कीमत मात्र 20 रुपये है।

### 3. खुला समोसा पारंपरिक समोसे से किस तरह अलग बनाया जाता है?
इसमें मैदे की अलग से कुरकुरी नमकीन पपड़ी बनाई जाती है और उसके ऊपर आलू का मसाला रखकर कढ़ी व चटनी के साथ परोसा जाता है।

### 4. इस दुकान पर मिलने वाली केसर चाय और सादा चाय के क्या दाम हैं?
दुकान पर केसर चाय 20 रुपये में और सादा चाय 10 रुपये में मिलती है।

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