घर की बालकनी में गमले के अंदर उगाएं मीठी स्ट्रॉबेरी, जानिए रोपाई से लेकर तुड़ाई तक के जरूरी नियम सर्दियों के मौसम में 15 से 27 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच गमले में स्ट्रॉबेरी उगाना बेहद आसान है, बस पौधे के क्राउन, धूप और जल निकासी का सही ध्यान रखना जरूरी होता है। घर की बालकनी या छत पर गमलों में उगाई गई ताजी स्ट्रॉबेरी स्वाद के मामले में बाजार के फलों से कहीं अधिक बेहतर और रसीली साबित होती है। इस पौधे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे फलने-फूलने के लिए बहुत बड़े खेत या जमीन की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि यह सामान्य कंटेनर में भी पूरी तरह विकसित हो जाता है। सही आकार का गमला, उचित मात्रा में धूप, संतुलित नमी और नियमित देखभाल सुनिश्चित करके कोई भी व्यक्ति अपने घर पर बेहतरीन उपज हासिल कर सकता है। गमले का चुनाव और जल निकासी की व्यवस्था स्ट्रॉबेरी की रोपाई के लिए ऐसा गमला चुनना चाहिए, जिसमें नीचे पानी निकासी के पर्याप्त छेद बने हों ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके। गमले की गहराई कम से कम 20 से 30 सेंटीमीटर होना अनिवार्य है, जिससे पौधे की जड़ें अच्छी तरह फैल सकें। प्लास्टिक के बर्तनों की तुलना में मिट्टी यानी टेराकोटा के गमले ज्यादा मुफीद माने जाते हैं, क्योंकि इनकी बनावट अतिरिक्त नमी को सोखने और बाहर निकालने में मददगार होती है। अगर आपके पास जगह उपलब्ध है, तो एक ही बहुत बड़े पात्र के स्थान पर कई छोटे गमलों में पौधे लगाना ज्यादा व्यावहारिक और सुरक्षित विकल्प रहता है। पौधा लगाने की सही तकनीक और क्राउन का स्तर रोपाई करते समय पौधे के उस नाजुक हिस्से पर विशेष ध्यान देना चाहिए जहां जड़ें और पत्तियां आपस में जुड़ती हैं, जिसे पौधे का क्राउन कहा जाता है। इस क्राउन को हमेशा मिट्टी की सतह के बिल्कुल बराबर रखा जाना चाहिए। यदि पौधे को ज्यादा गहराई में दबा दिया जाए तो उसमें सड़न पैदा होने का खतरा रहता है, जबकि मिट्टी से ज्यादा ऊपर छोड़ देने पर जड़ें हवा लगने से सूख सकती हैं। अगर किसी बड़े गमले में एक से अधिक पौधे लगाए जा रहे हों, तो उनके बीच लगभग 30 सेंटीमीटर का फासला जरूर रखें ताकि हर पौधे को भरपूर हवा और पोषण मिल सके। धूप, तापमान और मौसम की अनुकूलता स्ट्रॉबेरी के पौधों को भरपूर प्राकृतिक रोशनी की जरूरत होती है, इसलिए इन्हें रोजाना कम से कम 6 से 8 घंटे तक सीधी धूप मिलना आवश्यक है। बालकनी या छत का ऐसा कोना इसके लिए सबसे उपयुक्त रहता है जहां दिनभर अच्छी धूप आती हो। तापमान की दृष्टि से यह पौधा 15 से 27 डिग्री सेल्सियस के दायरे में सबसे शानदार पैदावार देता है। यही कारण है कि हल्के ठंडे मौसम के दौरान घरेलू स्तर पर स्ट्रॉबेरी उगाना सबसे ज्यादा आसान और फायदेमंद साबित होता है। सिंचाई का तरीका और संतुलित पोषण पौधे की मिट्टी में लगातार हल्की नमी बनी रहनी चाहिए, लेकिन गमले में पानी का ठहराव कभी नहीं होना चाहिए। हर बार पानी डालने से पहले मिट्टी की ऊपरी परत को छूकर जांच लेना चाहिए। सिंचाई करते वक्त पानी सीधे जड़ों के पास डालें और पत्तियों को गीला करने से बचें ताकि बीमारियों का जोखिम न रहे। पौधे के बढ़ने के दौर में हर 2 से 4 सप्ताह के अंतराल पर संतुलित खाद देने से पौधे तंदुरुस्त रहते हैं और उनमें फलों की पैदावार काफी बेहतर होती है। रनर्स की छंटाई और सही समय पर तुड़ाई पौधे से निकलने वाली लंबी शाखाओं, जिन्हें रनर्स कहा जाता है, उन्हें समय-समय पर काटते रहना चाहिए। इन अनावश्यक शाखाओं को हटाने से पौधे की पूरी ऊर्जा नए फल तैयार करने और उन्हें बड़ा बनाने में लगती है। जब स्ट्रॉबेरी का फल पूरी तरह से लाल और पका हुआ नजर आने लगे, तभी उसकी तुड़ाई करनी चाहिए। फल को हाथ से खींचकर तोड़ने के बजाय हमेशा तेज कैंची की मदद से डंठल को काटना चाहिए ताकि पौधे को नुकसान न पहुंचे। पके फलों को पौधे पर ज्यादा देर तक छोड़ने से कीड़ों और फफूंद का हमला हो सकता है, साथ ही वे जल्दी सड़ भी सकते हैं, इसलिए नियमित जांच करते हुए पके फलों को तुरंत अलग कर लेना चाहिए। इसका आप पर असर घर पर गमलों में ताजे फल उगाने के इस आसान तरीके से शहरी घरों में ताजे और पौष्टिक फल प्राप्त किए जा सकते हैं। • ताजे फल की उपलब्धता: बालकनी या छत पर आसानी से मीठी स्ट्रॉबेरी उगाई जा सकती है। इससे बाजार से महंगे फल खरीदने की निर्भरता कम होती है और ताजे फल मिलते हैं। • स्थान की बचत: छोटे कंटेनर और 20 से 30 सेमी गहरे गमलों में यह पौधा लग जाता है। सीमित जगह वाले फ्लैट और अपार्टमेंट के लोग भी इसका लाभ उठा सकते हैं। • रखरखाव और खाद: हर 2 से 4 हफ्ते में संतुलित खाद और नियमित पानी देना जरूरी है। सही देखभाल से पौधों में लंबे समय तक अच्छे फल आते रहते हैं। • फसल की सुरक्षा: समय पर रनर्स की छंटाई और कैंची से फलों की तुड़ाई की जानी चाहिए। इससे फल सड़न और कीड़ों से बचे रहते हैं और बर्बादी रुकती है। ऐसा क्यों हुआ गमले में स्ट्रॉबेरी की अच्छी पैदावार सही तापमान, उपयुक्त मिट्टी की गहराई और धूप की उपलब्धता के संतुलन पर निर्भर करती है। • तापमान की अनुकूलता: स्ट्रॉबेरी के पौधे 15 से 27 डिग्री सेल्सियस के तापमान में सबसे ज्यादा फलते-फूलते हैं। इसी वजह से ठंड के मौसम की शुरुआत में इन्हें गमलों में उगाना सबसे आसान होता है। • क्राउन की सुरक्षा: पौधे की जड़ों और पत्तियों के मिलन बिंदु यानी क्राउन को मिट्टी की सतह के बराबर रखना आवश्यक है। इसे ज्यादा गहरा दबाने से सड़न हो जाती है, जबकि ऊपर रखने पर जड़ें सूख जाती हैं। • धूप और जल निकासी: फलों के विकास के लिए रोजाना 6 से 8 घंटे की धूप और टेराकोटा गमले से पानी का निकलना जरूरी है। जलभराव होने पर जड़ें खराब हो सकती हैं। सवाल-जवाब 1. स्ट्रॉबेरी लगाने के लिए गमले की गहराई कितनी होनी चाहिए? स्ट्रॉबेरी के पौधे के लिए कम से कम 20 से 30 सेंटीमीटर गहरा गमला होना जरूरी है ताकि जड़ें ठीक से बढ़ सकें। 2. स्ट्रॉबेरी के पौधे को प्रतिदिन कितनी धूप मिलनी चाहिए? पौधे को रोजाना कम से कम 6 से 8 घंटे की सीधी धूप मिलनी चाहिए। 3. स्ट्रॉबेरी किस तापमान में सबसे अच्छा फल देती है? यह पौधा 15 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच के तापमान में सबसे बेहतर फल देता है। 4. पौधे के क्राउन को किस गहराई पर लगाना चाहिए? क्राउन यानी पत्तियों और जड़ों के जुड़ने वाले हिस्से को हमेशा मिट्टी की सतह के बिल्कुल बराबर रखना चाहिए। 5. स्ट्रॉबेरी के पौधों को कितने समय बाद खाद देनी चाहिए? बढ़ते मौसम के दौरान पौधों को हर 2 से 4 सप्ताह के अंतराल पर संतुलित खाद देनी चाहिए। 6. पकी हुई स्ट्रॉबेरी को पौधे से कैसे अलग करना चाहिए? फल को खींचकर तोड़ने के बजाय हमेशा कैंची की मदद से डंठल को काटना चाहिए। https://trendkia.com/lifestyle/ghar-ki-balcony-mein-gamle-ke-andar-ugayein-meethi-strawberry-janiye-ropai-se-lekar-tudai-tak-ke-zaroori-niyam-42750 TrendKia — Har trend, sabse pehle.