# घर की दीवारों की सीलन से हैं परेशान, जानिए हर समस्या का सटीक उपाय

> घर की दीवारों पर आने वाली सीलन और खराब होते पेंट से निजात पाने के लिए नमी के प्रकार को समझना जरूरी है। जौनपुर के एक्सपर्ट अजमत अली ने अलग-अलग तरह की सीलन के हिसाब से सही वाटरप्रूफिंग प्रोडक्ट्स और उपायों की जानकारी दी है।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-10-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/ghar-ki-deewaron-ki-seelan-se-hain-pareshan-jaaniye-har-samasya-ka-sateek-upay-50984 · **Language:** Hindi
**Tags:** सीलन, वाटरप्रूफिंग, दीवार की नमी, पेंट, घर की देखभाल, बिरला पेंट, जौनपुर

घर की दीवारों पर बार-बार सीलन उभरने, पेंट के उखड़ने और तमाम कोशिशों के बाद भी राहत न मिलने की स्थिति में सबसे पहले नमी की असली वजह का पता लगाना बेहद जरूरी होता है। अक्सर लोग सीलन का प्रकार जाने बिना ही बाजार से कोई भी वाटरप्रूफिंग प्रोडक्ट खरीदकर दीवार पर लगा देते हैं। इस तरह के आधे-अधूरे उपायों से कुछ वक्त के लिए तो आराम मिल जाता है, लेकिन समस्या कुछ ही दिनों में दोबारा लौट आती है। ऐसे में किसी विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही सही सामग्री का चुनाव किया जाना चाहिए।

## सीलन की वजह पहचानना क्यों है जरूरी
रंग महल के ओनर अजमत अली ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि लोग अपने आशियाने को खूबसूरत दिखाने के लिए महंगे और अच्छे पेंट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन दीवारों में सीलन पैदा होने से पूरे घर की सुंदरता पर दाग लग जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर किस्म की नमी के लिए एक जैसा इलाज नहीं होता है, बल्कि अलग-अलग समस्याओं के लिए अलग प्रोडक्ट्स काम आते हैं। इसलिए सीलन को जड़ से खत्म करने के लिए सबसे पहले उसके मूल कारण को पहचानना अनिवार्य है।

## बाहरी और अंदरूनी नमी के अलग समाधान
अजमत अली के अनुसार, बाहरी दीवारों के जरिए घर में दाखिल होने वाली नमी, अंदरूनी हिस्सों की नमी और दीवारों पर नमक या चूने जैसी सफेद परत जमने की दिक्कतें एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होती हैं। ऐसे में जब कोई खरीदार दुकान पर जाकर सिर्फ इतना कहता है कि उसकी दीवार में सीलन आ रही है, तो बिना समस्या की गहराई में जाए उसे कोई भी सामान थमा देना गलत तरीका है। दुकानदार को सबसे पहले यह समझना चाहिए कि दीवार में किस प्रकार की नमी एक्टिव है।

## कौन सा प्रोडक्ट किस सीलन के लिए है उपयोगी
उन्होंने बताया कि बाहरी दीवारों से आने वाले पानी और सीलन को रोकने के लिए बिरला पेंट के वॉल एंड रूफ 10 का उपयोग किया जाता है। इसे दीवार पर दो से तीन कोट में अप्लाई किया जाता है, जिससे बाहर का पानी अंदर नहीं आ पाता है। वहीं, घर के भीतर की नमी से निपटने के लिए कंपनी के टोटल स्टॉप प्रोडक्ट की सिफारिश की गई है। इसके अलावा, जिन दीवारों पर नमक जैसी पपड़ी या परत जम रही है, वहां की स्थिति भिन्न होती है और ऐसे मामलों में टोटल 2K के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है.

अजमत अली का कहना है कि सीलन वाली दीवार पर सिर्फ ऊपर से नया पेंट पोत देना काफी नहीं होता है। इसके लिए सबसे पहले दीवार के खराब हो चुके प्लास्टर को पूरी तरह खुरचकर हटाना पड़ता है और ईंट की सतह पर सीधे वाटरप्रूफिंग प्रोडक्ट लगाया जाता है। इसके सूखने के बाद दोबारा प्लास्टर किया जाता है और फिर वाटरप्रूफ प्राइमर, पुट्टी व पेंट की परत चढ़ाई जाती है। इस पूरी प्रक्रिया को अपनाने से सीलन की समस्या से लंबे समय तक छुटकारा मिल सकता है।

## दुकानदारों और मकान मालिकों के लिए सलाह
उन्होंने पेंट विक्रेताओं और डीलरों से भी यह अपील की है कि वे ग्राहकों को केवल अपना माल बेचने के बजाय पहले उनकी परेशानी को ध्यान से सुनें। इसके बाद नमी के प्रकार को परखकर ही उचित समाधान सुझाएं। संक्षेप में कहें तो घर की दीवारों पर सीलन दिखते ही बिना सोचे-समझे पेंट कराने के बजाय पहले उसकी वजह का पता लगाएं और फिर विशेषज्ञों के बताए अनुसार उचित उपचार करवाएं। ऐसा करने से न सिर्फ आपकी दीवारें और पेंट महफूज रहेंगे, बल्कि बार-बार होने वाले खर्च से भी राहत मिलेगी।

## इसका आप पर असर
घर की दीवारों पर सीलन की सही पहचान और उचित वाटरप्रूफिंग न कराने से बार-बार पेंट उखड़ने और दीवारों के कमजोर होने का खतरा बना रहता है, जिससे भारी वित्तीय नुकसान होता है।

- **भारत में:** देश भर में घरों के मालिकों को मानसून या सीलन के मौसम में दीवारों के खराब होने पर महंगे मरम्मत कार्यों का सामना करना पड़ता है। सही प्रोडक्ट चुनने से रखरखाव का खर्च बचता है।
- **जौनपुर में:** स्थानीय स्तर पर मकान मालिकों को दुकानदारों से बिना सोचे-समझे प्रोडक्ट खरीदने के बजाय सही नमी का प्रकार जानकर ही उपचार करना चाहिए। इससे दीवारों की उम्र बढ़ती है और अनावश्यक खर्च से राहत मिलती है।

## ऐसा क्यों हुआ
दीवारों में सीलन आने के पीछे मुख्य रूप से बाहरी पानी का रिसाव, घर के अंदर की नमी और दीवारों में पानी के साथ घुलने वाले लवणों का जमना जिम्मेदार होता है। बिना कारण समझे गलत उपाय करने से समस्या बनी रहती है।

- **बाहरी सीलन:** बारिश या बाहरी स्रोतों से दीवारों के जरिए पानी अंदर आने के कारण सतह का प्लास्टर और पेंट खराब होने लगता है।
- **आंतरिक नमी:** घर के भीतर की सीलन और लवणों के कारण दीवारों पर नमक या चूने जैसी सफेद परतें जम जाती हैं, जिन्हें साधारण पेंट से ठीक नहीं किया जा सकता।
- **गलत उपचार:** केवल ऊपर से पेंट कर देने से दीवार के भीतर का खराब प्लास्टर और नमी ठीक नहीं होती, जिससे कुछ समय बाद समस्या दोबारा उभर आती है।

## सवाल-जवाब

### 1. दीवारों की सीलन दूर करने के लिए सबसे पहले क्या करना चाहिए?
सबसे पहले दीवार में नमी के प्रकार और उसकी वजह को पहचानना जरूरी है।

### 2. बाहरी दीवारों से आने वाली सीलन के लिए किस प्रोडक्ट का इस्तेमाल होता है?
बाहरी दीवारों की नमी रोकने के लिए बिरला पेंट के वॉल एंड रूफ 10 का उपयोग किया जाता है।

### 3. घर के अंदर की नमी के लिए कौन सा उत्पाद बताया गया है?
घर के अंदर की नमी की समस्या के लिए टोटल स्टॉप प्रोडक्ट का उपयोग किया जाता है।

### 4. दीवार पर नमक या चूने की परत जमने पर क्या करना चाहिए?
ऐसी स्थिति में टोटल 2K प्रोडक्ट के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है।

### 5. क्या सीलन वाली दीवार पर सीधे ऊपर से पेंट करना सही है?
नहीं, केवल ऊपर से पेंट करना पर्याप्त नहीं है; खराब प्लास्टर हटाकर ईंट की सतह पर वाटरप्रूफिंग करनी होती है।

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