घर की सजावट में लौटी रेड ऑक्साइड फ्लोरिंग, जानिए इसके गजब के फायदे पारंपरिक रेड ऑक्साइड फ्लोरिंग एक बार फिर आधुनिक घरों की पहली पसंद बनती जा रही है। सीमेंट और आयरन ऑक्साइड से बनने वाला यह फर्श न केवल देखने में आकर्षक है, बल्कि गर्मियों में प्राकृतिक ठंडक भी देता है। अपने आशियाने को सजाते या बनवाते वक्त अधिकांश लोग आजकल मार्बल, ग्रेनाइट या चमकदार टाइल्स का चुनाव करते हैं। हालांकि, एक ऐसा दौर भी था जब देश के लगभग हर पारंपरिक घर की शान लाल रंग का एक खास फर्श हुआ करता था। इसे रेड ऑक्साइड फ्लोरिंग के नाम से जाना जाता था। भले ही यह दिखने में बेहद साधारण और सादगीपूर्ण लगता था, लेकिन अपनी बेजोड़ मजबूती, प्राकृतिक ठंडक और टिकाऊपन के कारण यह फर्श बाकी विकल्पों से बिल्कुल अलग पहचान रखता था। विशेष तौर पर भीषण गर्मी के मौसम में इस फर्श पर बिना चप्पल या जूतों के चलना बेहद सुकून देता था। हालांकि, बदलते वक्त के साथ लोगों ने इसे पुराना मानकर आधुनिक टाइल्स और मार्बल की तरफ रुख कर लिया था। लेकिन अब यह पारंपरिक कला और शैली एक बार फिर से लोगों के दिलों में जगह बना रही है। मौजूदा दौर के आधुनिक इंटीरियर डिजाइन के साथ इसका तालमेल घर को एक नया, अनोखा और बेहद आकर्षक अंदाज दे रहा है जो देखने वालों को भी खूब भा रहा है। कैसे तैयार होती है यह खास फ्लोरिंग यह अनोखा फर्श सीमेंट, पानी और आयरन ऑक्साइड पिगमेंट के एक सटीक मिश्रण से तैयार किया जाता है। इसे बाजार में मिलने वाली टाइल्स की तरह टुकड़ों में जोड़कर नहीं लगाया जाता है, बल्कि पूरे कमरे के फर्श पर एक समान परत के रूप में बिछाया और फैलाया जाता है। इसी निर्माण प्रक्रिया की वजह से इस पर किसी भी प्रकार के जोड़ या ग्राउट की लाइनें दिखाई नहीं देती हैं। पूरा फर्श एक ही टुकड़े की तरह चिकना और एक जैसा नजर आता है, जो इसकी सुंदरता को और अधिक बढ़ा देता है. खूबसूरती और सादगी का अनूठा संगम इस फर्श की सबसे बड़ी यूएसपी इसका प्राकृतिक और बेहद सादगी से भरा हुआ लुक है। इसकी मैट फिनिश घर के अंदर एक शांत, सुकूनदेह और प्राकृतिक माहौल पैदा करती है। जैसे-जैसे वक्त बीतता जाता है, इस सतह पर एक हल्की सी प्राकृतिक चमक अपने आप उभरने लगती है, जिससे इसकी खूबसूरती और ज्यादा निखर उठती है। यही मुख्य वजह है कि आज के जमाने में लोग मॉर्डन और स्टाइलिश घरों के निर्माण में भी इस पारंपरिक शैली को प्राथमिकता दे रहे हैं. गर्मियों में ठंडक और साफ-सफाई में आसानी रेड ऑक्साइड फ्लोरिंग के दोबारा लोकप्रिय होने के पीछे इसकी ठंडी तासीर भी एक बड़ा कारण है। चूंकि यह पूरी तरह सीमेंट आधारित होती है, इसलिए चिलचिलाती धूप और गर्म मौसम में भी इसकी सतह ठंडी बनी रहती है। इससे घर के भीतर प्राकृतिक रूप से ठंडक का अहसास होता है और नंगे पांव चलना बेहद आरामदायक महसूस होता है। इसके अलावा, टाइल्स के साथ सबसे बड़ी परेशानी यह होती है कि उनके बीच के जोड़ों में धीरे-धीरे कचरा और गंदगी जमा होने लगती है, जिससे समय के साथ फर्श की चमक फीकी पड़ने लगती है और सफाई करना मुश्किल हो जाता है। लेकिन रेड फ्लोरिंग में इस तरह की कोई समस्या नहीं आती है। थोड़े अंतराल पर केवल सामान्य पॉलिश करने से इसका चमकता हुआ रूप लंबे समय तक बिना किसी परेशानी के बरकरार रहता है। इसका आप पर असर रेड ऑक्साइड फ्लोरिंग अपनाने से घर के तापमान में प्राकृतिक कमी आती है और रखरखाव का खर्च भी काफी हद तक कम हो जाता है। • भारत में: पारंपरिक और टिकाऊ निर्माण सामग्री की ओर लौटने वाले मकान मालिकों को गर्मियों के दौरान बिजली के बिलों में राहत मिलती है क्योंकि यह फर्श प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है। • रखरखाव में बचत: टाइल्स के विपरीत इसमें बार-बार ग्राउट लाइनों की सफाई करने की झंझट नहीं होती है, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होती है। सवाल-जवाब 1. रेड ऑक्साइड फ्लोरिंग किन चीजों से मिलकर बनती है? यह फर्श सीमेंट, आयरन ऑक्साइड पिगमेंट और पानी के मिश्रण से तैयार किया जाता है। 2. क्या इस फ्लोरिंग में टाइल्स की तरह जोड़ या लाइन्स दिखाई देती हैं? नहीं, इसे पूरे फर्श पर एक समान परत के रूप में बिछाया जाता है जिससे इसमें कोई जोड़ या ग्राउट लाइन दिखाई नहीं देती। 3. गर्मियों के मौसम में यह फर्श कैसा रहता है? यह सीमेंट आधारित होने के कारण गर्म मौसम में भी ठंडा रहता है और नंगे पैर चलने पर बहुत आराम देता है। 4. इस फर्श की चमक को लंबे समय तक कैसे बनाए रखा जा सकता है? समय-समय पर इस पर पॉलिश करने से इसका आकर्षक लुक और चमक लंबे समय तक बनी रहती है। https://trendkia.com/lifestyle/ghar-ki-sajawat-me-louti-red-oxide-flooring-27653 TrendKia — Har trend, sabse pehle.