# घर पर गमले में ऐसे उगाएं संतरे का पौधा, ये आसान तरीके से फलों से भर जाएगी आपकी बालकनी

> घर पर गमले में संतरे का पौधा उगाने के लिए सही वैरायटी, मिट्टी का मिश्रण और देखभाल की पूरी जानकारी। किचन की खास चीजों के इस्तेमाल से पौधे में बंपर फल आ सकते हैं।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-09-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/ghar-par-gamle-is-ugain-santar-ka-paudha-30926 · **Language:** Hindi
**Tags:** संतरे की खेती, गमले में बागवानी, सिट्रस प्लांट केयर, किचन गार्डनिंग, ऑर्गेनिक खाद, फल वाले पौधे

संतरे का पौधा न सिर्फ बालकनी की शोभा बढ़ाता है बल्कि घर पर ही ताजे और खट्टे-मीठे फल भी देता है। संतरे में विटामिन सी, पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, और इसका जूस बेहद स्वादिष्ट तथा सेहतमंद होता है। सही जानकारी होने पर इसे गमले में लगाना और इसकी देखभाल करना काफी सरल हो जाता है। साल में दो बार यानी जुलाई से अगस्त-सितंबर के मानसून सीजन में या फिर फरवरी से मार्च के वसंत ऋतु में इसे लगाया जा सकता है। अगर आप भी अपने घर पर गमले में संतरे का पौधा उगाना चाहते हैं, तो हमेशा नर्सरी से ग्राफ्टेड पौधा ही लेकर आएं। इसके लिए सही वैरायटी चुनने से लेकर मिट्टी तैयार करने और खाद देने की पूरी प्रक्रिया को समझना बेहद जरूरी है।

## पौधे का सही चुनाव और मौसम
घर पर पौधा उगाने के लिए कभी भी बीज से शुरुआत न करें, बल्कि सीधे नर्सरी से पौधा लाएं। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की जलवायु संतरे के लिए अनुकूल मानी जाती है, लेकिन अगर आप अन्य जगहों पर सही वैरायटी नहीं चुनेंगे तो फल मीठे नहीं मिलेंगे। आप मैंडरिन ऑरेंज, चाइनीज राम रंजन वैरायटी, दार्जिलिंग जायंट ऑरेंज, भूटानी ऑरेंज यानी चटकी संतरा और वियतनाम माल्टा जैसी वैरायटी चुन सकते हैं जो एमपी-महाराष्ट्र से बाहर भी बेहतरीन फल देती हैं। ये पौधे नर्सरी में 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की कीमत में मिल जाते हैं। इन्हें कम से कम 16 इंची गमले में लगाना चाहिए और पौधे को शिफ्ट करते समय रूट बॉल यानी तने के नीचे की जड़ों और उसके साथ लगी मिट्टी को बिल्कुल न हटाएं। यदि आप फिर भी बीज से पौधा तैयार करना चाहते हैं, तो सतगुड़ि, न्यूजेलर या वॉशिंगटन वैरायटी के बीज का इस्तेमाल कर सकते हैं।

## मिट्टी तैयार करने की सही विधि
नर्सरी से पौधा लाने के बाद उसे एक-दो दिन के लिए घर के अन्य पौधों के पास रख दें ताकि वह नए माहौल में ढल जाए। इसके बाद पौधे के लिए खास मिट्टी तैयार करें जिसमें 40 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30 प्रतिशत सैंड यानी बालू या कोकोपीट या धान की भूसी, और 30 प्रतिशत सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट शामिल हो। इसमें थोड़ा सा फंगीसाइड, 200 ग्राम नीम खली, तथा 200 ग्राम मार्बल स्टोन डस्ट या कैल्शियम पाउडर मिलाएं। चूंकि संतरा एक सिट्रस प्लांट है जिसे शुरुआती एक महीने तक कोई भारी खाद नहीं दी जाती, इसलिए इसमें 10 ग्राम ह्यूमिक एसिड ग्रेन्युल्स और 10 ग्राम सीवीड ग्रेन्यूल्स मिलाना फायदेमंद रहता है। अब इस तैयार मिश्रण को बड़े ग्रो बैग या ड्रम में भरें। सबसे पहले ग्रो बैग में 30 प्रतिशत मिट्टी डालें, फिर पौधे को रखकर बाकी मिट्टी भर दें और अंत में अच्छी तरह पानी दे दें।

संतरे के पौधे को भरपूर धूप की आवश्यकता होती है इसलिए इसे ऐसी जगह रखें जहां अधिकतम धूप मिल सके। इसकी मिट्टी बहुत ज्यादा भुरभुरी नहीं बल्कि सख्त होनी चाहिए और रोपाई के बाद शुरुआती एक महीने तक गमले की गुड़ाई बिल्कुल न करें। करीब 20 से 25 दिन बीत जाने के बाद ही इसकी गुड़ाई करें और इसमें सूखी गोबर की खाद, वर्मी कंपोस्ट, किचन वेस्ट से तैयार खाद या सरसों खली डालें। ध्यान रखें कि सरसों खली का इस्तेमाल केवल सर्दियों के मौसम में ही किया जाना चाहिए।

## कीट नियंत्रण और देखभाल के उपाय
संतरे के पौधे में कई बार फूल न आने की समस्या देखी जाती है और इस पर माइट्स, एफिड, तथा ब्लैक-व्हाइट फ्लाई जैसे कीटों का हमला भी बहुत होता है। इन कीटों से बचाव के लिए नीम के पत्तों को उबालकर उसमें थोड़ा सा डिटर्जेंट मिलाकर एक घोल तैयार करें और उसका पौधे पर स्प्रे करें। इसके अलावा चार-दिन पुरानी छाछ या मट्ठे का छिड़काव भी बेहद असरदार होता है और किसी भी केमिकल खाद के इस्तेमाल से बचना चाहिए। यदि पौधे के फूल झड़ रहे हैं और उनसे फल नहीं बन पा रहे हैं, तो इसका मुख्य कारण पॉलिनेशन की प्रक्रिया का पूरा न होना है, जिसके लिए आसपास फूल वाले पौधे लगाने चाहिए। इसके अलावा ज्यादा पानी देने से भी फूल झड़ते हैं, इसलिए पानी तभी दें जब गमले की ऊपरी एक इंच मिट्टी सूखी हुई नजर आए। अगर आप पौधे पर ज्यादा फूल चाहते हैं, तो सुहागा पाउडर को पानी में घोलकर उसका छिड़काव कर सकते हैं।

जैसे ही फूलों से फल बनने की शुरुआत हो, वैसे ही पानी की मात्रा को बढ़ा देना चाहिए और हर एक महीने के अंतराल पर गाय के गोबर की खाद डालते रहना चाहिए। आप चाहें तो गमले में चूने का पानी या ऑर्गेनिक बायोजाइम भी डाल सकते हैं। कई बार पौधे पर फल तो आते हैं लेकिन वे खराब होने लगते हैं, जिसका सबसे बड़ा कारण फ्रूट फ्लाई होती है जो फल में अपना लार्वा छोड़ देती है। इस समस्या से निपटने के लिए बाजार से फ्रूट फ्लाई ट्रैप्स या स्टिकी ट्रैप्स खरीदकर पौधे के पास लगाएं। पौधे की जिन टहनियों पर सूखापन आ जाए उन्हें तुरंत काट कर अलग कर दें क्योंकि ऐसी सूखी टहनियां ही आगे चलकर कई रोगों का कारण बनती हैं। यदि आपके संतरे या किन्नू खट्टे निकल रहे हैं, तो तीन लीटर पानी में दो बड़े चम्मच एप्सम सॉल्ट घोलकर उसे गमले में डाल दें। इन सभी बातों का ध्यान रखकर आप संतरे के पौधे से बंपर पैदावार हासिल कर सकते हैं。

## इसका आप पर असर
घर की बालकनी में संतरे का पौधा उगाने से आपको शुद्ध और ताजे फल मिलने के साथ-साथ घर के वातावरण में भी ताजगी बनी रहती है।

- **भारत में:** शहरी क्षेत्रों में बालकनी और टेरेस गार्डनिंग का शौक रखने वाले लोग अपने घर पर ही आसानी से खट्टे-मीठे और ताजे फल उगाकर अपने खान-पान को स्वास्थ्यवर्धक बना सकते हैं।
- **लागत और बचत:** नर्सरी से 100 रुपये से 500 रुपये तक का ग्राफ्टेड पौधा लाकर और घर की किचन वेस्ट खाद का उपयोग करके कम खर्च में ताजे फल प्राप्त किए जा सकते हैं।
- **देखभाल का समय:** पौधे को शुरुआती दौर में धूप, सही मिट्टी और कीट नियंत्रण के लिए नियमित रूप से थोड़ा समय देना पड़ता है ताकि फसल खराब न हो।
- **पर्यावरण और सेहत:** घर पर पौधे उगाने से मानसिक शांति मिलती है और परिवार को बिना केमिकल वाले शुद्ध फल खाने को मिलते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
संतरे के पौधे में सही समय पर फल न आने या उनके खराब होने के पीछे मुख्य रूप से जलवायु की अनुकूलता, कीटों का प्रकोप और सही देखभाल का अभाव होता है।

- **जलवायु का प्रभाव:** मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की जलवायु संतरे के लिए सबसे अनुकूल है, इसलिए अन्य क्षेत्रों में सही वैरायटी का चुनाव न करने पर पौधे का विकास और फलों का स्वाद प्रभावित होता है।
- **कीटों का संक्रमण:** माइट्स, एफिड और फ्रूट फ्लाई जैसे कीट पत्तियों पर हमला करते हैं और फल के अंदर लार्वा छोड़कर उन्हें सड़ा देते हैं, जिसके कारण पैदावार खराब हो जाती है।
- **पॉलिनेशन और नमी:** परागण की प्रक्रिया पूरी न होना या फिर गमले में अत्यधिक पानी देना फूलों के झड़ने का मुख्य कारण बनता है।

## सवाल-जवाब

### 1. संतरे का पौधा लगाने का सबसे सही समय कौन सा होता है?
संतरे का पौधा साल में दो बार यानी जुलाई से सितंबर के मानसून सीजन या फरवरी से मार्च के वसंत ऋतु में लगाया जा सकता है।

### 2. संतरे के पौधे के लिए गमले का आकार कितना होना चाहिए?
संतरे के पौधे को अच्छी ग्रोथ और फल देने के लिए कम से कम 16 इंची गमले या बड़े ग्रो बैग में लगाना चाहिए।

### 3. कौन सी वैरायटी एमपी और महाराष्ट्र से बाहर भी मीठे फल देती है?
मैंडरिन ऑरेंज, चाइनीज राम रंजन, दार्जिलिंग जायंट ऑरेंज, भूटानी चटकी ऑरेंज और वियतनाम माल्टा वैरायटी बाहर भी मीठे फल देती हैं।

### 4. संतरे के पौधे में फूल क्यों झड़ते हैं?
पॉलिनेशन पूरा न होने या गमले में जरूरत से ज्यादा पानी डालने की वजह से संतरे के पौधे के फूल झड़ने लगते हैं।

### 5. फल खराब होने से बचाने के लिए किस उपाय का प्रयोग करना चाहिए?
फ्रूट फ्लाई से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए पौधे के पास बाजार से लाकर फ्रूट फ्लाई ट्रैप्स या स्टिकी ट्रैप्स लगाने चाहिए।

### 6. खट्टे संतरे या किन्नू को सुधारने के लिए क्या करना चाहिए?
तीन लीटर पानी में दो बड़े चम्मच एप्सम सॉल्ट घोलकर गमले में डालने से खट्टे फलों की समस्या दूर होती है।

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