घर के तहखाने में गैर-जरूरी सामान रखने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना होगा भारी नुकसान घरों के बेसमेंट को अक्सर स्टोर रूम बनाकर छोड़ दिया जाता है, लेकिन वहां की नमी और खराब वेंटिलेशन लकड़ी, कपड़ों और बैटरी को पूरी तरह बर्बाद कर सकते हैं। अक्सर घरों में मौजूद बेसमेंट यानी तहखाने को लोग कबाड़ या अतिरिक्त घरेलू सामान रखने की जगह मान लेते हैं। जिन चीजों का रोजमर्रा में काम नहीं पड़ता, उन्हें उठाकर नीचे डाल दिया जाता है। चाहे वह अतिरिक्त बिस्तर हों, पुराने खिलौने हों या फिर राशन का अतिरिक्त सामान, हर कोई सोचता है कि बेसमेंट में सब कुछ सुरक्षित रहेगा। हालांकि हकीकत इससे बिल्कुल अलग है, क्योंकि बिना सोचे-समझे वहां रखी गई चीजें समय से पहले पूरी तरह खराब हो सकती हैं। तहखाने का माहौल क्यों बनता है सामान की बर्बादी की वजह मकान का बेसमेंट जमीन के नीचे होने की वजह से वहां तापमान में काफी उतार-चढ़ाव देखा जाता है। वहां प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा यानी वेंटिलेशन का भारी अभाव रहता है। जब ताजी हवा का बहाव नहीं होता, तो अंदर की गर्म और सीलन भरी हवा बाहर नहीं निकल पाती। नतीजा यह होता है कि बेसमेंट में नमी का स्तर बहुत बढ़ जाता है। इस उमस भरे माहौल में फंगस तेजी से पनपती है और तरह-तरह के कीड़े-मकोड़े भी अपना ठिकाना बना लेते हैं। जो सामान लंबे समय तक वहां पड़ा रहता है, वह धीरे-धीरे इस खराब माहौल की चपेट में आकर बेकार हो जाता है। खाद्य पदार्थों को बेसमेंट में बिल्कुल न छोड़ें कई लोग तहखाने को पेंट्री की तरह इस्तेमाल करते हुए वहां खाने-पीने की वस्तुएं स्टोर कर देते हैं, जो बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। वेंटिलेशन न होने से बेसमेंट में बासी और नम हवा कैद रहती है। ऐसी जगह रखे खाद्य पदार्थों में बहुत जल्दी फंगस लग जाती है और सूक्ष्म बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं। ऐसा दूषित खाना न केवल पूरी तरह सड़ जाता है, बल्कि गलती से उसका सेवन करने पर गंभीर बीमारियां और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी खड़े हो सकते हैं। कपड़ों और बिस्तरों पर फंगस का हमला घर में मौजूद अतिरिक्त कपड़े, चादरें और बिस्तर अक्सर बेसमेंट के संदूकों या पेटियों में बंद कर दिए जाते हैं। अगर कोई कपड़ा नियमित रूप से इस्तेमाल में लाया जा रहा हो और उसे धूप-हवा मिलती रहे, तब कोई दिक्कत नहीं आती। लेकिन जब कपड़ों को महीनों या सालों तक बेसमेंट के सीलन भरे वातावरण में छोड़ दिया जाता है, तो उनमें सफेद या काली फंगस जमने लगती है। फंगस के कारण कपड़ों का रेशा कमजोर हो जाता है, उनसे बदबू आने लगती है और वे पहनने लायक नहीं रहते। लकड़ी के फर्नीचर और दीमक का खतरा पुराने लकड़ी के टेबल, कुर्सियां या दीवान अक्सर बेसमेंट में डाल दिए जाते हैं। लकड़ी का स्वभाव नमी सोखने का होता है। लगातार नमी में रहने के कारण लकड़ी फूलने लगती है और कमजोर हो जाती है। इसके अलावा, नम और अंधेरी जगह दीमक के लिए सबसे अनुकूल मानी जाती है। तहखाने में रखी लकड़ी की कीमती चीजों में बहुत तेजी से दीमक लग जाती है, जो पूरे फर्नीचर को अंदर से खोखला कर देती है। बैटरी और रासायनिक रिसाव का जोखिम बिजली के उपकरण या इनवर्टर और गाड़ियों की अतिरिक्त बैटरी बेसमेंट में रखना सबसे बड़ी भूल साबित हो सकती है। अधिक नमी के संपर्क में रहने से बैटरी के टर्मिनल खराब होते हैं और उनकी कार्यक्षमता घट जाती है। इतना ही नहीं, सीलन और तापमान के असंतुलन की वजह से बैटरी से एसिड या अन्य रासायनिक पदार्थों के रिसाव का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इससे न केवल बैटरी बहुत कम समय में बेकार हो जाती है, बल्कि रासायनिक रिसाव से आसपास का माहौल भी असुरक्षित हो जाता है। इसका आप पर असर तहखाने में सही तरीके से सामान न रखने पर हजारों रुपये का घरेलू सामान कबाड़ बन सकता है। • घरेलू बजट पर असर: नमी और दीमक के कारण कीमती फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स असमय नष्ट हो जाते हैं। इसका मतलब है कि आपको इन जरूरी चीजों को दोबारा खरीदने के लिए अनपेक्षित खर्च उठाना पड़ेगा। • स्वास्थ्य संबंधी खतरे: बेसमेंट में सड़ रहे खाद्य पदार्थों और फफूंद लगे कपड़ों से सांस और पेट की बीमारियां हो सकती हैं। परिवार के सदस्यों को दूषित हवा और बैक्टीरिया के संपर्क से बचाना बेहद जरूरी है। • सामान की सुरक्षा: बैटरी और रसायनों को सुरक्षित सूखे कमरों में रखने से लीकेज का खतरा टलता है। सुरक्षा नियमों का पालन करके घर को संभावित दुर्घटनाओं से सुरक्षित रखा जा सकता है। • रख-रखाव के नियम: बेसमेंट में केवल वही सामान रखें जो पूरी तरह वॉटरप्रूफ डिब्बों में सुरक्षित हों। नियमित वेंटिलेशन और साफ-सफाई का ध्यान रखकर भारी नुकसान से बचा जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ बेसमेंट में सामान जल्दी खराब होने का मुख्य कारण जमीन के नीचे का विशिष्ट वातावरण और वेंटिलेशन का गंभीर अभाव है। • सीलन और नमी का संचय: जमीन से सटा होने के कारण बेसमेंट में प्राकृतिक आर्द्रता बहुत ज्यादा रहती है। ताजी हवा की आवाजाही न होने से गर्म और बासी हवा बाहर नहीं निकल पाती, जिससे नमी की परत जम जाती है। • फंगस और कीटों का पनपना: लगातार बने रहने वाले नम और अंधेरे वातावरण में फंगल बैक्टीरिया तेजी से अपनी संख्या बढ़ाते हैं। इसके चलते कपड़े और खाने-पीने की वस्तुएं सड़न का शिकार हो जाती हैं। • दीमक और तापमान का असर: तापमान में बार-बार बदलाव और लगातार सीलन लकड़ी के रेशों को मुलायम कर देती है। यही स्थिति दीमक को आकर्षित करती है, जो लकड़ी को भीतर से खोखला कर देती है। • रासायनिक प्रक्रिया में बिगाड़: अत्यधिक नमी बैटरी के संवेदनशील घटकों पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। नमी के कारण टर्मिनल्स में जंग लगती है और रासायनिक लीकेज की संभावना बढ़ जाती है। सवाल-जवाब 1. तहखाने में वेंटिलेशन की कमी से क्या नुकसान होता है? वेंटिलेशन की कमी से अंदर की नम और गर्म हवा बाहर नहीं जा पाती, जिससे फंगस पनपती है और सामान खराब होने लगता है। 2. क्या बेसमेंट में अतिरिक्त खाना और राशन रखा जा सकता है? नहीं, वहां मौजूद सीलन और खराब हवा से खाद्य पदार्थों में तेजी से फंगस और बैक्टीरिया लग जाते हैं, जिससे वे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो जाते हैं। 3. बेसमेंट में रखे कपड़ों में फंगस क्यों लगती है? लंबे समय तक सीलन भरे माहौल में बंद रहने के कारण कपड़ों के रेशों में फंगस लग जाती है और वे बदबूदार होकर नष्ट हो जाते हैं। 4. तहखाने में लकड़ी का फर्नीचर रखने से क्या खतरा है? नमी सोखने से लकड़ी कमजोर हो जाती है और नम-अंधेरी जगह में दीमक लगकर पूरे फर्नीचर को खोखला कर देती है। 5. बेसमेंट में बैटरी रखने से क्या खराबी आ सकती है? अधिक नमी की वजह से बैटरी की परफॉर्मेंस गिर जाती है और खतरनाक रासायनिक रिसाव का जोखिम बढ़ जाता है। https://trendkia.com/lifestyle/ghara-ke-tahakhane-men-gaira-jaruri-samana-rakhane-se-pahale-jana-len-ye-jaruri-baten-varana-hoga-bhari-nukasana-44949 TrendKia — Har trend, sabse pehle.