# घर की बालकनी में उगाएं पौष्टिक चने का साग, जानिए गमले और बिना मिट्टी के तैयार करने के तीन तरीके

> सर्दियों में सेहत के लिए बेहद फायदेमंद चने के साग को गमले या हाइड्रोपोनिक तरीके से घर पर आसानी से उगाया जा सकता है, जो 10 से 25 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाता है।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-10-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/ghara-ki-balakani-men-ugaen-paushtika-chane-ka-saga-janie-gamale-aura-bina-mitti-ke-taiyara-karane-ke-tina-tarike-48389 · **Language:** Hindi
**Tags:** चने का साग, किचन गार्डनिंग, होम गार्डनिंग, गमले में खेती, हाइड्रोपोनिक्स, सर्दियों की सब्जियां, सेहतमंद खानपान

सर्दियों के मौसम का खानपान ताजी और हरी पत्तेदार सब्जियों के बिना अधूरा माना जाता है। इस ऋतु में मूली, हरी मिर्च, साग और आलू-मेथी के पराठों का स्वाद हर घर की थाली की रौनक बढ़ा देता है। खासकर मक्का और बाजरे की रोटी के साथ गर्मागर्म चने का साग सेहत और स्वाद दोनों का बेहतरीन संगम है। चने का साग न केवल खाने में स्वादिष्ट होता है, बल्कि यह शरीर को कई गंभीर बीमारियों से बचाने और पोषण देने में भी बहुत असरदार है। यदि आप बाजार की रासायनिक खाद वाली सब्जियों से बचना चाहते हैं, तो इसे अपने घर की छत या बालकनी में बेहद सरलता से उगा सकते हैं।

## चने के साग के स्वास्थ्य लाभ
चने की हरी पत्तियां पोषक तत्वों का खजाना मानी जाती हैं। इनका नियमित सेवन आंखों की रोशनी बढ़ाने में काफी मददगार साबित होता है। इसके अलावा, मांसपेशियों की मजबूती बनाए रखने के लिए भी यह साग बहुत फायदेमंद है। जो लोग अपना वजन नियंत्रित करना चाहते हैं, उनके लिए चने का साग एक बेहतरीन आहार विकल्प है क्योंकि यह वजन घटाने में मदद करता है। हड्डियों के घनत्व को बेहतर कर उन्हें मजबूत बनाना भी इसके प्रमुख गुणों में शामिल है। इसमें मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और अन्य जरूरी पोषक तत्व त्वचा की खोई हुई चमक वापस लाते हैं और उसे स्वस्थ बनाए रखते हैं।

## गमले का चुनाव और मिट्टी तैयार करने का तरीका
चने का साग उगाने के लिए आपको बहुत बड़े खेत की आवश्यकता नहीं है। इसे घर पर उगाने के लिए 24 इंच का ग्रो बैग, सीमेंट की खाली बोरी या कोई पुराना ड्रम इस्तेमाल किया जा सकता है। सही मिट्टी तैयार करना इस प्रक्रिया का सबसे अहम चरण है। इसके लिए 50 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी लें और उसमें 50 प्रतिशत अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या केंचुआ खाद यानी वर्मी कंपोस्ट मिलाएं। पौधों को पोषण देने और कीड़ों से बचाने के लिए इस मिश्रण में थोड़ा सा चूना पाउडर, सरसों की खली और नीम की खली अच्छी तरह मिला लें।

## सीधी बुवाई से साग तैयार करने की विधि
मिट्टी तैयार होने के बाद आप सूखे या पहले से पानी में भिगोए हुए स्वस्थ चने के दानों का चयन करें। चूंकि यह फसल केवल हरी पत्तियों यानी साग के लिए लगाई जा रही है, इसलिए ग्रो बैग में ज्यादा से ज्यादा बीज घने रूप में छिड़कें। बीजों को बिखेरने के बाद उनके ऊपर मिट्टी की एक बेहद हल्की परत बिछा दें ताकि बीज ढक जाएं। इसके तुरंत बाद किसी वॉटरिंग कैन की मदद से हल्का पानी दें। गमले को ऐसी जगह रखें जहां अच्छी धूप आती हो। बीज 4 से 5 दिनों में अंकुरित होने लगते हैं। ध्यान रखें कि पानी तभी दें जब गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी नजर आए। लगभग 20 से 25 दिनों में चने का साग कटाई के लिए पूरी तरह तैयार हो जाता है।

## अंकुरित दानों से तेजी से साग उगाने का तरीका
यदि आप और जल्दी पैदावार चाहते हैं, तो एक अन्य घरेलू तरीका भी अपना सकते हैं। इसके लिए चने को लगभग 12 घंटे तक साफ पानी में भिगोकर रखें। इसके बाद पानी छानकर बीजों को एक गीले सूती कपड़े में बांधकर 12 से 15 घंटे के लिए छोड़ दें। जब दानों में अच्छे अंकुर निकल आएं, तब उन्हें तैयार गमले की मिट्टी पर समान रूप से फैला दें। अब इन बीजों को किसी पुराने अखबार या सूती कपड़े से ढक दें। इस विधि से साग बहुत तेजी से बढ़ता है और महज 10 दिनों में ही पहली तुड़ाई शुरू की जा सकती है, जबकि 15 दिनों में पूरा साग भरपूर तैयार मिलता है।

## बिना मिट्टी की हाइड्रोपोनिक विधि
चने का साग उगाने के लिए बिना मिट्टी वाली हाइड्रोपोनिक तकनीक का भी उपयोग किया जा सकता है, जो थाईलैंड में काफी प्रचलित है। इसके तहत चने को पूरी रात पानी में भिगोएं। इसके बाद एक जालीदार टोकरी में टिश्यू पेपर बिछाकर भीगे हुए चने उस पर फैला दें। अब एक बाल्टी में पानी भरें और उस टोकरी को बाल्टी के ऊपर इस तरह टिकाएं कि चने पानी में पूरी तरह न डूबें बल्कि नमी मिलती रहे। महज 24 घंटे के भीतर चने अंकुरित हो जाते हैं और सिर्फ 10 दिनों के अंदर आपको ताजी पत्तियों की फसल काटने को मिल जाती है।

## इसका आप पर असर
घर पर चने का साग उगाने की यह विधि ताजी और कीटनाशक मुक्त हरी सब्जी पाने का एक बेहद सस्ता और आसान विकल्प देती है।

- **दैनिक खानपान पर प्रभाव:** घर पर उगाई गई ताजी पत्तियों से आपको बिना रासायनिक दवाओं के पौष्टिक साग मिलेगा। इसे नियमित आहार में शामिल कर आंखों, हड्डियों और त्वचा की सेहत बेहतर की जा सकती है।
- **घरेलू बजट में बचत:** बाजार से बार-बार महंगी हरी सब्जियां खरीदने का खर्च बचता है। मात्र कुछ मुट्ठी चने और घर में पड़ी पुरानी बोरियों का इस्तेमाल करके हफ्ते भर का साग तैयार किया जा सकता है।
- **शहरी निवासियों के लिए सुविधा:** फ्लैट या छोटे मकानों में रहने वाले लोग बालकनी में यह साग उगा सकते हैं। बिना मिट्टी की हाइड्रोपोनिक विधि से गंदगी भी नहीं होती और 10 दिनों में साग मिल जाता है।
- **समय और रखरखाव:** इस पौधे को बहुत ज्यादा देखभाल या महंगे उपकरणों की जरूरत नहीं होती। केवल धूप और हल्की सिंचाई का ध्यान रखकर 10 से 25 दिन में बार-बार ताजी पत्तियां तोड़ी जा सकती हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. चने का साग खाने से सेहत को कौन-कौन से प्रमुख लाभ मिलते हैं?
चने का साग आंखों की रोशनी बढ़ाने, मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत करने तथा वजन घटाने में मदद करता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट त्वचा में प्राकृतिक चमक भी लाते हैं।

### 2. गमले में चने का साग उगाने के लिए मिट्टी का मिश्रण कैसे बनाएं?
इसके लिए 50 प्रतिशत बगीचे की मिट्टी और 50 प्रतिशत गोबर खाद या वर्मी कंपोस्ट मिलाएं। पोषण और सुरक्षा के लिए इसमें थोड़ा चूना पाउडर, सरसों की खली और नीम की खली भी मिला सकते हैं।

### 3. साग के लिए चने के बीज बोने के बाद कितने दिनों में अंकुरण होता है?
गमले की मिट्टी में बोने पर बीज 4 से 5 दिनों में अंकुरित होते हैं, जबकि पहले से भिगोकर सूती कपड़े में रखने पर वे 12 से 15 घंटों में अंकुरित हो जाते हैं।

### 4. मिट्टी में बोने पर चने का साग कितने दिन में तोड़ने लायक हो जाता है?
सीधी बुवाई करने पर साग 20 से 25 दिनों में कटाई के लिए तैयार होता है, जबकि पहले से अंकुरित बीजों से 10 से 15 दिनों में साग तोड़ा जा सकता है।

### 5. बिना मिट्टी के हाइड्रोपोनिक विधि से चने का साग कैसे उगाया जाता है?
भीगे हुए चनों को टिश्यू पेपर बिछी जालीदार बास्केट में रखें और उसे पानी से भरी बाल्टी पर इस तरह टिकाएं कि चने डूबे नहीं। इसमें 10 दिन में साग तैयार हो जाता है।

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