घर पर ऐसे करें वॉशिंग मशीन की डीप क्लीनिंग, ड्रम और रबर सील की गंदगी होगी पूरी तरह साफ वॉशिंग मशीन के ड्रम, फिल्टर और रबर गैस्केट में जमा होने वाली गंदगी को सफेद सिरके और बेकिंग सोडा की मदद से आसानी से साफ किया जा सकता है। सही समय पर देखभाल करने से मशीन सालों तक बिना रुकावट काम करती है। कपड़े धोने के लिए हर रोज इस्तेमाल होने वाली वॉशिंग मशीन की अंदरूनी सफाई पर अक्सर लोग ध्यान नहीं देते हैं। ज्यादातर घरों में मशीन की सफाई की सुध तभी ली जाती है, जब उसमें अचानक कोई तकनीकी खराबी आ जाए या फिर कपड़े ठीक से साफ होना बंद हो जाएं। लगातार चलने की वजह से वॉशिंग मशीन के अंदरूनी हिस्सों में डिटर्जेंट की मैल, झाग के अवशेष और गंदगी धीरे-धीरे जमने लगती है। सही समय पर देखभाल न की जाए तो यह मशीन की कार्यक्षमता को बेहद धीमा कर देती है और धुले हुए कपड़ों में से भी दुर्गंध आने लगती है। मशीन के किस हिस्से में जमती है सबसे ज्यादा गंदगी वॉशिंग मशीन के डिजाइन के हिसाब से उसमें अलग-अलग तरह की समस्याएं देखने को मिलती हैं। फ्रंट-लोड मॉडलों में सबसे ज्यादा परेशानी दरवाजे के चारों ओर लगी रबर गैस्केट में आती है, जहां हर धुलाई के बाद पानी की नमी टिक जाती है। समय रहते न पोंछने पर इसी हिस्से में फफूंदी पनपने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। वहीं दूसरी तरफ, टॉप-लोड मशीनों के ड्रम और तलहटी में डिटर्जेंट का चिपचिपा मैल और कपड़ों से निकला कचरा जमा हो जाता है। इसके लिए हर बार बाहर से महंगे मैकेनिक बुलाने की बिल्कुल जरूरत नहीं होती, बल्कि घरेलू चीजों से भी इसकी पूरी सफाई की जा सकती है। सफाई शुरू करने से पहले जरूरी सुरक्षा सावधानियां वॉशिंग मशीन की अंदरूनी सफाई का काम हाथ में लेने से पहले सुरक्षा से जुड़े बुनियादी नियमों का पालन करना अनिवार्य है। सबसे पहले उपकरण के मुख्य पावर प्लग को सॉकेट से बाहर निकालें ताकि किसी भी प्रकार के बिजली के झटके का अंदेशा न रहे। इसके साथ ही पानी के इनलेट पाइप के नल को भी पूरी तरह से बंद कर दें। सफाई के लिए जरूरी सामग्री के रूप में सफेद सिरका, बेकिंग सोडा, हल्का लिक्विड डिटर्जेंट और एक साफ मुलायम कपड़ा पहले से अपने पास रख लें। ड्रम से मैल और बदबू हटाने का आसान तरीका ड्रम की सफाई के लिए मशीन के अंदर कोई भी कपड़ा न छोड़ें और उसे बिल्कुल खाली रखें। इसके बाद वॉश साइकल को गर्म पानी वाले मोड पर सेट करें और उसमें तय मात्रा में सफेद सिरका डाल दें। गर्म पानी के साथ सिरके का चक्र चलने से ड्रम की दीवारों पर जमी पुरानी चिकनाई कटने लगती है और मशीन के भीतर से आने वाली सीलन भरी बदबू खत्म हो जाती है। सिरके का चक्र पूरा हो जाने के बाद ड्रम में थोड़ा सा बेकिंग सोडा डालकर मशीन को दोबारा एक बार चलाएं, जिससे दीवारों पर चिपके जिद्दी अवशेष भी गलकर बाहर निकल जाते हैं। डिटर्जेंट ट्रे और रबर गैस्केट को चमकाने के टिप्स कपड़े धोते वक्त सर्फ और फैब्रिक सॉफ्टनर डालने वाली ट्रे में अक्सर गीला और चिपचिपा घोल जमकर सख्त हो जाता है। इस ट्रे को खांचे से बाहर निकालें और कुछ देर के लिए गुनगुने पानी के टब में भिगोकर छोड़ दें। जब जमाव नरम पड़ जाए, तब एक नरम ब्रश की मदद से रगड़कर इसे पूरी तरह चमका लें। फ्रंट-लोड मशीन की रबर सील में लगी फफूंदी को सिरके में भीगे कपड़े से अच्छी तरह रगड़कर साफ करें। इसके अलावा हर बार कपड़े धोने के बाद इस रबर गैस्केट को सूखे कपड़े से पोंछना अपनी आदत में शामिल करें। ड्रेन फिल्टर की नियमित सफाई है बेहद जरूरी वॉशिंग मशीन के निचले हिस्से में मौजूद ड्रेन फिल्टर कपड़ों से निकले धागे, गिरे हुए बाल, जेब में छूटे सिक्के और अन्य छोटे कंकड़-पत्थरों को ड्रेन पंप में जाने से रोकता है। लंबे समय तक इस फिल्टर को न खोलने पर गंदे पानी की निकासी रुक जाती है। इसलिए हर कुछ महीनों के अंतराल पर ड्रेन फिल्टर का ढक्कन खोलकर उसमें फंसी तमाम चीजों और कीचड़ को बाहर निकालना चाहिए और नल के साफ पानी से धोकर वापस लगाना चाहिए। इसका आप पर असर वॉशिंग मशीन की नियमित और सही सफाई से कपड़ों की धुलाई बेहतर होती है और मशीन की मरम्मत पर होने वाला बेवजह का खर्च बचता है। • मशीन की लाइफ: ड्रम और फिल्टर की समय पर सफाई से मोटर और ड्रेन पंप पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता है। इससे उपकरण बिना किसी बड़ी तकनीकी खराबी के सालों-साल बेहतर परफॉर्मेंस देता है। • पैसों की बचत: सिरके और बेकिंग सोडा जैसे घरेलू उपायों से मशीन साफ करने पर बाहर से महंगे सर्विस मैकेनिक बुलाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे सर्विसिंग और पुर्जों के बदले जाने पर होने वाला हजारों रुपये का खर्च बचता है। • कपड़ों की स्वच्छता: रबर गैस्केट से फफूंदी और ड्रम से डिटर्जेंट का मैल हटने से कपड़े पूरी तरह साफ धुलते हैं। इससे कपड़ों में सीलन और दुर्गंध की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाती है। • ड्रेनेज सुरक्षा: हर कुछ महीनों में ड्रेन फिल्टर साफ रखने से पानी निकासी में कोई रुकावट नहीं आती। इससे मशीन के अंदर गंदे पानी के ठहराव और ड्रेन पाइप जाम होने की परेशानी नहीं होती। ऐसा क्यों हुआ वॉशिंग मशीन में गंदगी और बदबू का जमाव रोजमर्रा की धुलाई प्रक्रिया और अंदरूनी नमी के कारण धीरे-धीरे तैयार होता है। उचित रखरखाव न मिलने पर यह समस्या उपकरण के काम करने के तरीके को प्रभावित करती है। • डिटर्जेंट और पानी का जमाव: अत्यधिक सर्फ या फैब्रिक कंडीशनर का इस्तेमाल करने से ड्रम और ट्रे में चिपचिपा झाग जमा हो जाता है। यह झाग सूखने के बाद सख्त पपड़ी बन जाता है जो पानी के बहाव को बाधित करता है। • नमी से फफूंदी का पनपना: फ्रंट-लोड दरवाजों की रबर गैस्केट में धुलाई के बाद पानी की बूंदें फंसी रह जाती हैं। बंद दरवाजे और हवा के अभाव के कारण यह नम वातावरण फफूंदी और बदबू का मुख्य कारण बन जाता है। • फिल्टर में मलबे का रुकना: कपड़ों की जेब में छूटे सिक्के, बालों के गुच्छे और टूटे धागे ड्रेन चक्र के दौरान फिल्टर में जाकर अटक जाते हैं। समय पर फिल्टर साफ न करने से यह रुकावट पानी की सामान्य निकासी को पूरी तरह रोक देती है। सवाल-जवाब 1. वॉशिंग मशीन की अंदरूनी सफाई कितने समय में करनी चाहिए? मशीन के ड्रम और हिस्सों की नियमित देखभाल हर कुछ महीनों में घरेलू नुस्खों से जरूर करनी चाहिए। 2. ड्रम साफ करने के लिए किन घरेलू चीजों का इस्तेमाल किया जा सकता है? ड्रम की चिकनाई और दुर्गंध हटाने के लिए गर्म पानी वाले वॉश साइकल में सफेद सिरका और बेकिंग सोडा का उपयोग किया जाता है। 3. फ्रंट-लोड मशीन की रबर सील में फफूंदी क्यों लगती है? धुलाई के बाद रबर गैस्केट के आसपास पानी की नमी फंसी रह जाती है, जिससे वहां फफूंदी पनपने लगती है। 4. डिटर्जेंट ट्रे को साफ करने का सही तरीका क्या है? ट्रे को बाहर निकालकर गुनगुने पानी में कुछ देर भिगोएं और फिर नरम ब्रश से रगड़कर साफ करें। 5. ड्रेन फिल्टर में कौन सी चीजें फंसती हैं? ड्रेन फिल्टर में कपड़ों से निकले धागे, बाल, सिक्के और अन्य छोटी चीजें फंस जाती हैं। https://trendkia.com/lifestyle/ghara-para-aise-karen-washing-machine-ki-dipa-klininga-drama-aura-rabara-sila-ki-gndagi-hogi-puri-taraha-sapha-35641 TrendKia — Har trend, 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