# घर पर गमले में आसानी से उगाएं खुशबूदार लेमन ग्रास, सर्दियों में मिलेगी ताजी हर्बल ग्रीन टी

> बाजार के महंगे पैकेट खरीदने के बजाय घर के गमले में ही लेमन ग्रास का पौधा तैयार करके हर सुबह ताजी हर्बल ग्रीन टी का स्वाद लिया जा सकता है। सही आकार के गमले, धूप, खाद और पानी के संतुलित प्रबंधन से सर्दियों में यह पौधा बालकनी या छत पर बहुत तेजी से पनपता है।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-11-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/ghara-para-gamale-men-asani-se-ugaen-khushabudara-lemongrass-sardiyon-men-milegi-taji-harbala-green-tea-54673 · **Language:** Hindi
**Tags:** लेमन ग्रास, हर्बल टी, होम गार्डनिंग, ग्रीन टी, गमले में बागवानी, राघव देवस्थले, खरगोन

सुबह की चाय या कॉफी को छोड़कर हर्बल ग्रीन टी अपनाने वाले लोगों के लिए बाजार से पैकेटबंद उत्पाद खरीदना हमेशा जरूरी नहीं है। घर की बालकनी, खुली छत या आंगन में सामान्य गमले का इस्तेमाल करके भी इस खुशबूदार पौधे को बेहद सरलता से उगाया जा सकता है। इसके लिए किसी बड़े खेत या फैले हुए बगीचे की बाध्यता नहीं होती, बल्कि थोड़ी सी जगह में भी यह पौधा लहलहा सकता है।

## सर्दियों में लेमन ग्रास लगाने का सही समय
बागवानी के शौकीनों के लिए शीत ऋतु में यह पौधा तैयार करना काफी मुफीद साबित होता है। खरगोन में लेमन ग्रास की खेती करने वाले किसान राघव देवस्थले के अनुसार इसकी पत्तियों से नींबू जैसी सौंधी महक निकलती है और इनका मुख्य उपयोग हर्बल पेय तैयार करने में किया जाता है। जो लोग दिन की शुरुआत ताजगी और प्राकृतिक स्वाद के साथ करना चाहते हैं, उनके लिए घर में लगा यह पौधा एक बेहतरीन जरिया बन जाता है। अपने ही घर में पौधा मौजूद रहने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि चाय बनाते समय जरूरत के मुताबिक तुरंत ताजी पत्तियां तोड़ी जा सकती हैं।

## गमले का चुनाव और मिट्टी तैयार करने की विधि
इस पौधे को पनपने के लिए बुनियादी स्तर पर सही आकार के गमले की दरकार होती है। रोपाई के लिए कम से कम 10 से 12 इंच गहराई और चौड़ाई वाला पात्र चुनना सबसे उपयुक्त रहता है। इसके साथ ही गमले के निचले हिस्से में अतिरिक्त जल की निकासी के लिए छेद होना बेहद जरूरी है ताकि जड़ें सड़ने से बची रहें।

मिट्टी का मिश्रण तैयार करते समय साधारण बगीचे की मिट्टी में वर्मी कंपोस्ट या पूरी तरह सड़ी हुई पुरानी गोबर की खाद का मिश्रण करना चाहिए। खाद युक्त यह उपजाऊ मिट्टी पौधे की जड़ों को भीतर तक फैलने के लिए पर्याप्त जगह मुहैया कराती है और उन्हें निरंतर पोषण भी देती है।

## पौधा रोपने का सही तरीका
लेमन ग्रास को बीज के माध्यम से उगाने की अपेक्षा जड़ों वाले तने या नर्सरी से खरीदे गए छोटे पौधे से लगाना कहीं अधिक सरल और सुरक्षित रहता है। नर्सरी से स्वस्थ पौधा लाकर गमले में बिठाते वक्त इस बात की सावधानी बरतें कि जड़ें मिट्टी में अच्छी तरह दब जाएं, लेकिन तने को अत्यधिक गहराई में न धंसाया जाए। पौधे को मिट्टी में स्थापित करने के बाद ऊपर से हल्का पानी छिड़कना चाहिए। कुछ ही दिनों के भीतर इसमें से नई और चमकदार पत्तियां फूटने लगती हैं।

## धूप और कड़ाके की ठंड से हिफाजत
पौधे के समुचित विकास और पत्तियों के फैलाव के लिए पर्याप्त धूप मिलना बेहद अनिवार्य है। इसे ऐसे खुले स्थान पर रखना चाहिए जहां हर रोज कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप आती हो। इस लिहाज से घर की बालकनी या छत का कोना सबसे बेहतर साबित होता है।

हालांकि शीत लहर और अत्यधिक पाले के दिनों में पौधे को थोड़ा संभालना पड़ता है। अत्यधिक ठंडा तापमान और पाला इसकी वृद्धि को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए पारा काफी नीचे लुढ़कने पर गमले को ऐसी सुरक्षित जगह पर खिसका लेना चाहिए जहां कड़ाके की ठंडी हवा सीधे न लगे और पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी भी मिलती रहे।

## सिंचाई और पोषण की नियमित देखभाल
लेमन ग्रास की देखभाल में पानी की संतुलित मात्रा तय करना सबसे निर्णायक पहलू माना जाता है। मिट्टी की ऊपरी सतह में हल्की नमी हमेशा बनी रहनी चाहिए, परंतु गमले के भीतर कीचड़ या पानी का जमाव बिल्कुल नहीं होना चाहिए। गर्मियों के मुकाबले सर्दियों में पौधे को पानी की जरूरत काफी कम पड़ती है। इसी वजह से बिना सोचे-समझे रोजाना पानी डालने के स्थान पर पहले अंगुलियों से मिट्टी की ऊपरी सतह छूकर देखनी चाहिए। जब मिट्टी सूखी महसूस हो, तभी इसमें नया पानी डालें।

गमले को हरा-भरा और घना बनाए रखने के लिए समय-समय पर निचली सूखी या पीली पड़ चुकी पत्तियों की छंटाई करते रहना चाहिए। पौधे को निरंतर पोषण देने के लिए महीने में एक बार थोड़ी सी मात्रा में वर्मी कंपोस्ट या जैविक खाद डालना फायदेमंद रहता है। अगर पत्तियां बहुत लंबी और घनी होकर झुकने लगें, तो उनकी हल्की कटाई भी की जा सकती है ताकि नई शाखाएं तेजी से निकल सकें।

## ताजी पत्तियों से हर्बल ग्रीन टी तैयार करना
पौधे से पत्तियां तोड़ने से पहले उसके पूर्ण रूप से विकसित और मजबूत होने की प्रतीक्षा करनी चाहिए। जब पौधा अच्छी तरह बढ़ जाए, तब आवश्यकता के अनुसार केवल बाहरी पत्तियों को आधार के पास से काटा जा सकता है।

चाय बनाने के लिए तोड़ी गई ताजी पत्तियों को पहले साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और फिर चाकू से छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इन कटी हुई पत्तियों को उबलते हुए गर्म पानी में कुछ मिनट के लिए डालकर छोड़ दें ताकि उनका अर्क और नींबू जैसी खुशबू पानी में पूरी तरह घुल जाए। इसके बाद छलनी से पानी को छानकर कप में निकाल लें। पेय का स्वाद अधिक मनभावन बनाने के लिए इसमें इच्छा अनुसार शहद या नींबू की कुछ बूंदें भी मिलाई जा सकती हैं।

## इसका आप पर असर
घर पर लेमन ग्रास उगाने से बाजार के महंगे टी-बैग्स पर होने वाला खर्च बचता है और हर दिन बिना किसी रसायन के शुद्ध हर्बल पेय प्राप्त होता है।

- **दैनिक खर्च में बचत:** बाजार से पैकेटबंद हर्बल चाय और ग्रीन टी खरीदने की आवश्यकता पूरी तरह खत्म हो जाती है। एक बार गमले में लगाया गया पौधा सालों-साल बिना किसी बड़े खर्च के ताजी पत्तियां देता रहता है।
- **शहरी घरों के लिए उपयुक्त:** बालकनी या छत पर 10 से 12 इंच का एक गमला रखकर सीमित जगह वाले फ्लैट्स में भी इसे उगाया जा सकता है। इसके लिए किसी बड़े बगीचे या विशेष कृषि उपकरण की जरूरत नहीं पड़ती है।
- **शुद्धता और ताजगी:** चाय बनाने के लिए तुरंत पौधे से तोड़ी गई ताजी पत्तियों में प्राकृतिक रस और नींबू जैसी सुगंध बरकरार रहती है। इसमें किसी भी तरह के प्रिजर्वेटिव या मिलावट का कोई जोखिम नहीं रहता है।
- **देखभाल में आसानी:** अत्यधिक व्यस्त दिनचर्या वाले लोग भी इसे आसानी से संभाल सकते हैं क्योंकि सर्दियों में इसे रोज पानी देने की जरूरत नहीं होती। महीने में केवल एक बार थोड़ी जैविक खाद डालने से पौधा स्वस्थ बना रहता है।

## ऐसा क्यों हुआ
स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते लोग कैफीन युक्त पेय के स्थान पर घर में उगाई जाने वाली हर्बल ग्रीन टी को प्राथमिकता दे रहे हैं। सही गमले और धूप के संतुलन से सर्दियों में इस पौधे की खेती घरेलू स्तर पर बेहद आसान हो जाती है।

- **नींबू जैसी सुगंध और हर्बल गुण:** पौधे की पत्तियों में प्राकृतिक रूप से सिट्रस खुशबू मौजूद होती है जो पेय को ताजगी भरा स्वाद देती है। इसी वजह से पारंपरिक चाय के विकल्प के रूप में लोग इसे घरों में लगाना पसंद कर रहे हैं।
- **गमले के अनुकूल जड़ों का फैलाव:** लेमन ग्रास की जड़ें 10 से 12 इंच के गमले में आसानी से समा जाती हैं और वर्मी कंपोस्ट से भरपूर पोषण पाकर तेजी से नई टहनियां बनाती हैं। इससे फ्लैट और छोटे मकानों में पौधे को उगाना व्यवहार्य बन गया है।
- **सर्दियों में धूप का महत्व:** यह पौधा रोजाना 5 से 6 घंटे की धूप में सबसे अच्छा पनपता है, जो सर्दियों की खिली धूप में आसानी से मिल जाती है। हालांकि तीव्र पाले और शीतलहर से बचाने के लिए गमले को खिसकाने की सुविधा भी गमले की बागवानी को सफल बनाती है।

## सवाल-जवाब

### 1. लेमन ग्रास लगाने के लिए गमले का आकार कितना होना चाहिए?
लेमन ग्रास के लिए कम से कम 10 से 12 इंच गहरा और चौड़ा गमला चुनना चाहिए, जिसमें नीचे पानी निकासी के लिए छेद हो।

### 2. लेमन ग्रास के गमले के लिए मिट्टी कैसे तैयार करें?
सामान्य मिट्टी में वर्मी कंपोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाकर उपजाऊ मिट्टी तैयार की जाती है।

### 3. लेमन ग्रास को रोजाना कितनी धूप मिलनी चाहिए?
अच्छी बढ़त के लिए पौधे को रोजाना 5 से 6 घंटे सीधी धूप वाली जगह पर रखना आवश्यक है।

### 4. सर्दियों में लेमन ग्रास को पानी कब और कितना देना चाहिए?
सर्दियों में रोजाना पानी डालने के बजाय मिट्टी की ऊपरी परत छूकर देखें और जब वह सूखी लगे तभी पानी दें।

### 5. लेमन ग्रास की पत्तियों से ग्रीन टी कैसे बनाई जाती है?
ताजी पत्तियों को धोकर छोटे टुकड़ों में काटें, फिर उन्हें गर्म पानी में कुछ मिनट डालकर रखें और छानकर पिएं।

### 6. क्या लेमन ग्रास को बीज के बिना भी उगाया जा सकता है?
हां, इसे बीज के बजाय नर्सरी से छोटा पौधा लाकर या जड़ों वाले तने से आसानी से गमले में लगाया जा सकता है।

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