घर पर टहनी और पत्ती की कटिंग से उगाएं पांच बेहतरीन पौधे, बागवानी का खर्च घटेगा घर के बगीचे को हरा-भरा करने के लिए हर बार नए गमले या पौधे खरीदने की आवश्यकता नहीं है, साधारण कटिंग से ही कई खूबसूरत किस्में तैयार हो जाती हैं। घरेलू बगीचे या बालकनी को सजाने के लिए बार-बार नर्सरी जाकर नए पौधे खरीदने पर पैसे खर्च करने की मजबूरी नहीं है। बागवानी के शौकीन अपने मौजूदा पौधों की टहनियों या पत्तियों से ही कई नए पौधे तैयार कर सकते हैं। वानस्पतिक प्रसार की यह प्रक्रिया न केवल बेहद आसान है, बल्कि उचित मिट्टी, पर्याप्त नमी और संतुलित धूप की मदद से ये कटिंग बहुत कम समय में नई जड़ें पकड़ लेती हैं और तेजी से बढ़ने लगती हैं। कैक्टस की कटिंग लगाने का सही तरीका न्यूनतम देखभाल चाहने वाले पौधों में कैक्टस सबसे ऊपर आता है। कैक्टस की कई प्रजातियों को कटिंग के माध्यम से सरलता से उगाया जा सकता है। इसके लिए कैक्टस के किसी स्वस्थ हिस्से या शाखा को काटकर अलग किया जाता है। लगाने से पहले उस कटे हुए हिस्से को कुछ समय के लिए सूखने देना जरूरी होता है, ताकि घाव भर जाए और सड़न न लगे। इसके बाद इसे रेतीली या उपयुक्त मिट्टी में दबा दिया जाता है। कैक्टस को बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है, जिससे व्यस्त दिनचर्या वाले लोगों के गार्डन के लिए यह सबसे टिकाऊ और सुंदर विकल्प साबित होता है। पान की बेल से नया पौधा कैसे तैयार करें पान का पौधा अपनी सुंदर हरी पत्तियों और सांस्कृतिक महत्व के लिए घरों में खूब लगाया जाता है। इसे बेल की कटिंग से तैयार करना काफी आसान होता है। पान की बेल की एक स्वस्थ शाखा काटकर नमी वाली उपजाऊ मिट्टी में रोप दी जाए, तो उसमें से बहुत जल्द नई जड़ें फूटने लगती हैं। इस पौधे को कभी भी सीधी और झुलसाने वाली तेज धूप में नहीं रखना चाहिए, बल्कि छनकर आने वाली हल्की रोशनी वाली जगह इसके लिए सबसे अनुकूल होती है। यदि मिट्टी में नियमित नमी बनी रहे और बेल को चढ़ने के लिए कोई सहारा मिल जाए, तो यह तेजी से चारों तरफ फैलने लगती है। मनी प्लांट: पानी और मिट्टी दोनों में आसान प्रसार घरों में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले इनडोर पौधों में मनी प्लांट प्रमुख स्थान रखता है। कटिंग के जरिए इसका नया पौधा तैयार करने की विधि सबसे सरल मानी जाती है। इसके लिए पौधे के तने का ऐसा हिस्सा काटा जाता है जहां नोड यानी गांठ मौजूद हो। इस गांठ वाले हिस्से को सीधे कांच की बोतल के पानी में या फिर गमले की मिट्टी में लगाया जा सकता है। कुछ ही दिनों के भीतर गांठ वाले स्थान से सफेद जड़ें निकलने लगती हैं और ऊपर की तरफ नई हरी पत्तियां विकसित होने लगती हैं। गुड़हल और हड़जूरी को टहनी से उगाने के नियम रंग-बिरंगे फूलों वाला गुड़हल भी टहनी की कटिंग से बहुत शानदार तरीके से पनपता है। गुड़हल की एक स्वस्थ और मजबूत शाखा की कटिंग अनुकूल मौसम में मिट्टी में रोपने पर आसानी से जड़ पकड़ लेती है। इस पौधे को अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी और भरपूर धूप की जरूरत होती है। ठीक इसी तरह हड़जूरी का पौधा भी कटिंग से घर पर ही उगाया जा सकता है। हड़जूरी की एक स्वस्थ टहनी को काटकर मिट्टी में गाड़ देने पर कुछ समय बाद उसमें जड़ें फूटने लगती हैं। जैसे-जैसे जड़ें मजबूत होती हैं, तने से नई कोमल कोंपलें फूटती हैं और किसी सहारे के साथ इसकी बेल तेजी से ऊपर चढ़ने लगती है। इन पांच पौधों को कटिंग से तैयार करके घर में बिना अतिरिक्त खर्च के हरियाली बढ़ाई जा सकती है। इसका आप पर असर घर पर पौधों की टहनी से नए पौधे तैयार करने से बागवानी का शौक रखने वाले लोगों के पैसे बचते हैं और घर में हरियाली बढ़ाना बेहद आसान हो जाता है। • बजट में बचत: नर्सरी से महंगे गमले और पौधे बार-बार खरीदने का खर्च पूरी तरह समाप्त हो जाता है। आप अपने मौजूदा पौधों या पड़ोसियों से कटिंग लेकर बिना किसी लागत के नया बगीचा तैयार कर सकते हैं। • आसान रखरखाव: कैक्टस और मनी प्लांट जैसे पौधे बहुत कम पानी और साधारण देखभाल में भी आसानी से पनप जाते हैं। व्यस्त कामकाजी लोग भी घर में बिना अतिरिक्त समय दिए हरियाली बनाए रख सकते हैं। • घर की सजावट: पान और हड़जूरी जैसी बेलों को बालकनी की ग्रिल या दीवारों पर चढ़ाकर प्राकृतिक सजावट की जा सकती है। इससे घर के भीतर शुद्ध हवा और शांत हरा-भरा वातावरण तैयार होता है। • शुरुआती बागवानों के लिए सुलभ: इन पांचों पौधों की कटिंग लगाने में किसी जटिल तकनीकी ज्ञान या महंगे उपकरणों की जरूरत नहीं होती है। साधारण उपजाऊ मिट्टी और पानी की मदद से कोई भी इन्हें सफलतापूर्वक उगा सकता है। ऐसा क्यों हुआ पौधों में वानस्पतिक प्रसार की प्राकृतिक क्षमता मौजूद होती है, जिसके चलते टहनी या पत्ती की कटिंग लगाने पर वे बीज के बिना भी नई जड़ें बना लेते हैं। • नोड्स में सक्रिय कोशिकाएं: मनी प्लांट और पान जैसी बेलों के तनों पर मौजूद गांठों यानी नोड्स में नई जड़ें विकसित करने की प्राकृतिक क्षमता होती है। जब इन हिस्सों को नमी वाली मिट्टी या पानी मिलता है, तो जड़ें तुरंत बाहर फूट पड़ती हैं। • मौसम और नमी का तालमेल: सही मिट्टी और संतुलित रोशनी पौधों की कटिंग को सूखने से बचाती है। कटिंग को सड़न से बचाने के लिए कैक्टस जैसी प्रजातियों के कटे हुए सिरे को पहले सुखाया जाता है, जिससे जड़ बनने की प्रक्रिया सुरक्षित हो जाती है। • सरल और भरोसेमंद तरीका: बीजों से पौधा उगाने में लंबा वक्त लगता है और कई बार बीज अंकुरित नहीं होते। टहनी की कटिंग से नया पौधा तैयार करना अपेक्षाकृत काफी तेज और सफल परिणाम देने वाला साबित होता है। सवाल-जवाब 1. कटिंग लगाने के लिए कौन से पांच पौधे सबसे आसान हैं? कैक्टस, पान का पौधा, मनी प्लांट, गुड़हल और हड़जूरी को टहनी या शाखा की कटिंग से बहुत आसानी से उगाया जा सकता है। 2. कैक्टस की कटिंग को तुरंत मिट्टी में क्यों नहीं लगाना चाहिए? कैक्टस की कटी हुई शाखा को सड़न से बचाने के लिए पहले कुछ समय सूखने देना चाहिए, ताकि उसका घाव भर जाए। 3. पान के पौधे को किस तरह के वातावरण में रखना चाहिए? पान के पौधे को तेज और सीधी धूप से बचाकर हल्की रोशनी और नियमित नमी वाली जगह पर रखना सबसे बेहतर होता है। 4. मनी प्लांट की कटिंग लेते समय किस बात का ध्यान रखना जरूरी है? मनी प्लांट के तने पर गांठ यानी नोड का होना आवश्यक है, क्योंकि नई जड़ें इसी गांठ से निकलती हैं। 5. गुड़हल के पौधे को कैसी मिट्टी और रोशनी पसंद होती है? गुड़हल अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी और पर्याप्त रोशनी में सबसे तेजी से जड़ें पकड़ता है और बढ़ता है। 6. हड़जूरी का पौधा कटिंग से कैसे विकसित होता है? हड़जूरी की स्वस्थ टहनी को मिट्टी में गाड़ने पर जड़ें फूटती हैं और फिर सहारे के साथ इसकी बेल तेजी से फैलती है। https://trendkia.com/lifestyle/ghara-para-tahani-aura-patti-ki-katinga-se-ugaen-pancha-behatarina-paudhe-bagavani-ka-kharcha-ghatega-40276 TrendKia — Har trend, sabse pehle.