# हैदराबाद के ये 5 रेट्रो कैफे करा रहे हैं 80 और 90 के दशक की सैर, जानिए क्या है इनमें खास

> डिजिटल दौर की आपाधापी के बीच हैदराबाद का युवा वर्ग 80 और 90 के दशक की पुरानी यादों में सुकून तलाश रहा है। शहर के 5 चुनिंदा थीम बेस्ड विंटेज कैफे और लाउंज रेट्रो वाइब्स, पुराने संगीत और एंटीक डेकोर के साथ बीते जमाने को फिर से जीवंत कर रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-09-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/hyderabad-ke-ye-5-retro-kaiphe-kara-rahe-hain-80-aura-90-ke-dashaka-ki-saira-janie-kya-hai-inamen-khasa-31876 · **Language:** Hindi
**Tags:** हैदराबाद, विंटेज कैफे, रेट्रो कैफे, 90s नॉस्टैल्जिया, गाचीबोवली, जुबली हिल्स, लाइफस्टाइल

स्मार्टफोन की घंटी और सोशल मीडिया की भागदौड़ से भरी आधुनिक ज़िंदगी के बीच हैदराबाद के युवाओं में एक नया और अनोखा बदलाव देखने को मिल रहा है। शहर की युवा पीढ़ी अब चकाचौंध से भरी आधुनिक जीवनशैली से ब्रेक लेकर 80 और 90 के दशक की सादगी और सुकून भरे पलों की तरफ रुख कर रही है। हैदराबाद में बने कई खास थीम वाले कैफे इस विंटेज और रेट्रो माहौल को फिर से जीवंत कर रहे हैं। पुरानी कैसेट्स, कॉमिक्स, एंटीक घड़ियों और बीते जमाने के सदाबहार गानों से सजे ये कैफे लोगों को उनके बचपन और 90 के दशक के सुनहरे पलों की सैर करा रहे हैं।

## मज़ूरी कैफे: विंटेज सामान और पुरानी यादों का अनूठा संगम
मज़ूरी कैफे का पूरा इंटीरियर 80 और 90 के दशक के माहौल को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यहाँ की दीवारों और टेबल पर पुराना नक्काशीदार लकड़ी का काम, रेट्रो लालटेन, चेक पैटर्न वाले टेबलक्लॉथ और पुराने ज़माने की दीवार घड़ियाँ लगाई गई हैं। कैफे की दीवारों पर बीते दौर के चर्चित विज्ञापनों के पोस्टर सजाए गए हैं। इसके अलावा यहाँ आने वाले मेहमानों के देखने के लिए पुरानी ऑडियो कैसेट्स, पुरानी मैगज़ीन, कॉमिक्स और एक क्लासिक CRT टेलीविज़न भी डिस्प्ले में सजाकर रखा गया है।

## गाचीबोवली का सेंट्रल पर्क: 90s के न्यूयॉर्क कैफे कल्चर का अनुभव
गाचीबोवली और कोंडापुर इलाके में स्थित सेंट्रल पर्क कैफे 90 के दशक के मशहूर अमेरिकी टीवी शो फ्रेंड्स की थीम पर बनाया गया है। यह कैफे युवाओं का पसंदीदा ठिकाना बन चुका है। यहाँ शो में दिखाया गया आइकॉनिक नारंगी सोफा, जगमगाती नियॉन लाइट्स और 90 के दशक का न्यूयॉर्क कैफे कल्चर देखने को मिलता है। लोग यहाँ बैठकर चाय और कॉफी की चुस्कियों के साथ पुरानी यादों को ताजा करते हैं।

## द होल इन द वॉल कैफे: 80s के रॉक म्यूजिक और क्लासिक ब्रेकफास्ट का मज़ा
जुबली हिल्स में स्थित द होल इन द वॉल कैफे उन लोगों के लिए बेहतरीन जगह है जिन्हें 80 के दशक का रॉक और पॉप संगीत पसंद है। ईंटों की देहाती दीवारें, पुराने कैसेट प्लेयर्स, विनाइल रिकॉर्ड्स और क्लासिक इंग्लिश ब्रेकफास्ट इस कैफे की मुख्य पहचान हैं। यहाँ आने वाले लोग पुराने गानों की धुन पर अपने पसंदीदा व्यंजनों का आनंद लेते हैं।

## ऑटम लीफ कैफे: जुबली हिल्स का शांत और सादगी भरा विंटेज बंगला
जुबली हिल्स के ही एक पुराने विंटेज बंगले में बना ऑटम लीफ कैफे 80 के दशक के शांत और सरल वातावरण का अहसास कराता है। सागवान की पुरानी कुर्सियाँ, पीतल के पारंपरिक सजावटी सामान, पेंडुलम वाली घड़ियाँ और एक खुला हरा-भरा आंगन इस कैफे को बेहद खास बनाते हैं। शहर के शोर-शराबे से दूर यहाँ आने वाले लोगों को अद्भुत शांति और सुकून मिलता है।

## सिकंदराबाद का रेट्रो क्लब कल्चर: हेरिटेज इलाके की पुरानी यादें
सिकंदराबाद के ऐतिहासिक हेरिटेज इलाके में स्थित रेट्रो लाउंज और कैफे 80 के दशक के क्लासिक क्लब कल्चर को आज भी सहेजे हुए हैं। यहाँ की ब्लैक एंड व्हाइट फ्लोरिंग, दीवारों पर लगी पुरानी तस्वीरें और पारंपरिक स्नैक्स यहाँ आने वाले मेहमानों को बीते ज़माने के क्लब लाइफ की याद दिलाते हैं।

## इसका आप पर असर
हैदराबाद में रेट्रो और विंटेज कैफे का बढ़ता चलन यह दर्शाता है कि लोग आधुनिक डिजिटल तनाव से दूर मानसिक सुकून की तलाश कर रहे हैं।

- **भारत भर में:** डिजिटल जीवनशैली और स्क्रीन टाइम की अधिकता के कारण देश भर के युवाओं में ऑफलाइन और नॉस्टैल्जिक स्पेस की मांग तेजी से बढ़ रही है।
- **हैदराबाद में:** गाचीबोवली, जुबली हिल्स और सिकंदराबाद में रहने वाले लोग सप्ताहांत में इन थीम बेस्ड कैफे में समय बिताकर 80 और 90 के दशक का अनुभव ले सकते हैं।
- **कैफे संस्कृति पर असर:** पारंपरिक और रेट्रो इंटीरियर वाले कैफे अब सिर्फ खाने-पीने की जगह नहीं बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक अनुभव देने वाले प्रमुख स्थान बनते जा रहे हैं।
- **पर्यटन और स्थानीय व्यापार:** हेरिटेज और थीम बेस्ड कैफे की लोकप्रियता से स्थानीय पर्यटन और विंटेज डेकोर बिजनेस को बढ़ावा मिल रहा है।

## ऐसा क्यों हुआ
हैदराबाद के युवाओं के बीच 80 और 90 के दशक की थीम वाले कैफे की लोकप्रियता बढ़ने के पीछे मुख्य रूप से डिजिटल थकान और पुरानी यादों के प्रति आकर्षण काम कर रहा है।

- **डिजिटल डिटॉक्स की जरूरत:** लगातार स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल के बाद युवा ऐसे स्थानों की तलाश कर रहे हैं जहाँ वे स्क्रीन से दूर सुकून के पल बिता सकें।
- **90s पॉप कल्चर का प्रभाव:** फ्रेंड्स जैसे कल्ट टीवी शो, पुरानी कॉमिक्स और रेट्रो म्यूजिक का आकर्षण नई पीढ़ी को बीते दौर की तरफ खींच रहा है।
- **अनोखा इंटीरियर और माहौल:** विंटेज फर्नीचर, पीतल के सजावटी सामान, कैसेट्स और ब्लैक एंड व्हाइट फ्लोरिंग लोगों को एक अलग और शांत माहौल प्रदान करते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. हैदराबाद में रेट्रो और विंटेज कैफे की खासियत क्या है?
ये कैफे 80 और 90 के दशक के फर्नीचर, पुराने विज्ञापन पोस्टरों, विनाइल रिकॉर्ड्स और क्लासिक गानों के साथ बीते ज़माने का माहौल प्रदान करते हैं।

### 2. फ्रेंड्स टीवी शो की थीम पर बना कैफे कहाँ स्थित है?
फ्रेंड्स टीवी शो पर आधारित सेंट्रल पर्क कैफे गाचीबोवली और कोंडापुर इलाके में स्थित है।

### 3. 80s के रॉक और पॉप म्यूजिक के लिए कौन सा कैफे मशहूर है?
जुबली हिल्स में स्थित द होल इन द वॉल कैफे अपने 80s रॉक म्यूजिक, विनाइल रिकॉर्ड्स और इंग्लिश ब्रेकफास्ट के लिए प्रसिद्ध है।

### 4. शांत और पुराने बंगले वाले माहौल के लिए किस कैफे में जाना चाहिए?
जुबली हिल्स का ऑटम लीफ कैफे एक विंटेज बंगले में बना है जहाँ सागवान की कुर्सियाँ और खुला आंगन शांत माहौल प्रदान करते हैं।

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