इडली और डोसा बैटर में डालें डंठल वाली हरी मिर्च, शेफ पंकज भदौरिया ने बताया तेज फर्मेंटेशन का आसान नुस्खा सर्दियों में इडली और डोसे का मिश्रण फर्मेंट न होने की समस्या से निपटने के लिए शेफ पंकज भदौरिया ने डंठल वाली हरी मिर्च डालने का असरदार घरेलू तरीका साझा किया है। दक्षिण भारतीय खानपान की पहचान रही इडली और डोसा अब देशभर के घरों में नाश्ते का एक नियमित हिस्सा बन चुके हैं। बेहतरीन स्वाद, स्पंजी बनावट और सही कुरकुरापन पाने के लिए सबसे अहम पड़ाव बैटर का सटीक फर्मेंटेशन होता है। यदि बैटर में खमीर अच्छी तरह न उठे, तो इडली सख्त रह जाती है और डोसा तवे पर चिपकने के साथ क्रिस्पी नहीं बन पाता। अक्सर ठंड के दिनों में कम तापमान की वजह से फर्मेंटेशन प्रक्रिया बेहद धीमी पड़ जाती है। ऐसे मौसम में लोग बर्तन को कंबल में लपेटने या गर्म कोनों में रखने जैसे कई जतन करते हैं। इस परेशानी को सुलझाने के लिए शेफ पंकज भदौरिया ने एक बेहद सरल रसोई नुस्खा साझा किया है, जिसमें बिना किसी बाहरी या महंगे तत्व के केवल एक डंठल वाली हरी मिर्च की मदद ली जाती है। डंठल वाली हरी मिर्च से फर्मेंटेशन में कैसे मिलती है मदद जब इडली या डोसे के घोल में खमीर उठने में असामान्य रूप से अधिक समय लग रहा हो, तो उसमें साबुत हरी मिर्च डंठल समेत डालना फायदेमंद साबित होता है। आमतौर पर भोजन में तीखापन और जायका लाने के लिए इस्तेमाल होने वाली हरी मिर्च का डंठल इस प्रक्रिया में खास भूमिका निभाता है। हरी मिर्च के डंठल की बाहरी सतह पर प्राकृतिक रूप से लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं। यह लाभकारी बैक्टीरिया मिश्रण के भीतर खमीरीकरण को रफ्तार देने में सहायक माने जाते हैं। इसी कारण से बैटर में डंठल वाली हरी मिर्च डालने पर फर्मेंटेशन की गति तेज हो जाती है और ठंड के मौसम में भी मिश्रण ठीक से तैयार हो पाता है। नुस्खे को आजमाने का सही तरीका इस आसान उपाय को अपनाने के लिए सबसे पहले दाल और चावल से इडली या डोसे का बैटर सामान्य प्रक्रिया से पीसकर तैयार कर लें। इसके बाद एक साफ हरी मिर्च लें, जिसका डंठल पूरी तरह सुरक्षित हो, और उसे सीधे बैटर के बीच में डाल दें। मिर्च डालने के तुरंत बाद बर्तन को किसी ढक्कन से अच्छी तरह ढककर रसोई के अपेक्षाकृत गर्म स्थान पर रख दें। इस दौरान बैटर को बार-बार हिलाने, चमचे से चलाने या ढक्कन खोलकर देखने से बचना आवश्यक है ताकि अंदर का तापमान स्थिर बना रहे। जब तय समय बाद बैटर में पर्याप्त खमीर उठ जाए और वह फूल जाए, तो पकाने से ठीक पहले उस हरी मिर्च को बाहर निकाल लें। इसके बाद इस बैटर से जालीदार व मुलायम इडली अथवा मनचाहा कुरकुरा डोसा तैयार किया जा सकता है। इसका आप पर असर सर्दियों के दिनों में इडली और डोसे का खमीर न उठने की घरेलू परेशानी इस आसान तरीके से बिना किसी खर्च के हल हो जाती है। • नाश्ता पकाने वालों के लिए: बैटर को फर्मेंट करने में लगने वाला अतिरिक्त समय कम हो जाता है। आप सुबह के समय बिना किसी देरी के स्पंजी इडली और कुरकुरा डोसा बना सकते हैं। • रसोई के बजट पर असर: इस उपाय के लिए बाजार से कोई केमिकल या महंगी सामग्री खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। घर में मौजूद साधारण हरी मिर्च की मदद से ही काम हो जाता है। • मौसम के प्रभाव से बचाव: गिरते तापमान में भी बैटर के खराब होने या खट्टा न होने का जोखिम घट जाता है। डंठल में मौजूद लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया ठंड में भी खमीर उठाने की गति बनाए रखते हैं। • उपयोग में सावधानी: पकाने से पहले मिर्च को बैटर से अलग करना जरूरी होता है। ऐसा करने से बैटर में मिर्च का तीखापन नहीं घुलता और मूल स्वाद बना रहता है। ऐसा क्यों हुआ सर्दियों में कम तापमान के कारण फर्मेंटेशन धीमा पड़ जाता है, जिसे हरी मिर्च के डंठल में मौजूद कुदरती तत्व सक्रिय कर देते हैं। • तापमान की गिरावट: ठंड के मौसम में सामान्य कमरे का तापमान कम हो जाता है। इसके चलते बैटर में प्राकृतिक रूप से मौजूद सूक्ष्मजीव सुस्त पड़ जाते हैं और खमीर उठने में घंटों का अतिरिक्त समय लग जाता है। • डंठल पर बैक्टीरिया की मौजूदगी: हरी मिर्च के डंठल पर कुदरती तौर पर लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया पाए जाते हैं। यही बैक्टीरिया मिश्रण के संपर्क में आते ही फर्मेंटेशन की जैविक प्रक्रिया को तेज करने में मदद करते हैं। • स्थिर गर्माहट की जरूरत: बैटर को ढककर गर्म कोने में रखने से बैक्टीरिया को अनुकूल माहौल मिलता है। बिना हिलाए डुलाए रखने से प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो जाती है। सवाल-जवाब 1. इडली और डोसा बैटर में हरी मिर्च क्यों डाली जाती है? हरी मिर्च के डंठल पर प्राकृतिक रूप से लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं, जो बैटर में तेजी से खमीर उठाने में मदद करते हैं। 2. क्या मिर्च डालने के लिए उसका डंठल होना जरूरी है? हां, इस नुस्खे के लिए डंठल होना अनिवार्य है क्योंकि फर्मेंटेशन को बढ़ावा देने वाले बैक्टीरिया मुख्य रूप से डंठल पर ही पाए जाते हैं। 3. सर्दियों में बैटर को फर्मेंट होने के लिए कहां रखना चाहिए? बैटर को अच्छी तरह ढककर रसोई के किसी गर्म स्थान पर रखना चाहिए और उसे बार-बार छूने या हिलाने से बचना चाहिए। 4. क्या हरी मिर्च से इडली या डोसा तीखा हो जाता है? नहीं, साबुत मिर्च को बिना काटे डाला जाता है और फर्मेंटेशन के बाद बाहर निकाल लिया जाता है, इसलिए बैटर तीखा नहीं होता। https://trendkia.com/lifestyle/idali-aura-dosa-baitara-men-dalen-dnthala-vali-hari-mircha-chef-pankaj-bhadouria-ne-bataya-teja-pharmenteshana-ka-asana-nuskha-44919 TrendKia — Har trend, sabse pehle.