# चेहरा हो जाता है चिपचिपा? जानिए ऑयली स्किन के लिए सुबह से रात तक का सही स्किन केयर रूटीन

> अगर आपकी त्वचा भी बार-बार ऑयली हो जाती है, तो रामपुर के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल से जानिए सुबह से रात तक की सही देखभाल के तरीके।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-10-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/is-your-face-constantly-sticky-complete-skincare-routine-for-oily-skin-from-morning-to-night-50397 · **Language:** Hindi
**Tags:** ऑयली स्किन, स्किन केयर, चेहरे की देखभाल, मुंहासे, डॉ मोहम्मद इकबाल

रामपुर में रहने वाले कई लोगों की यह आम शिकायत होती है कि चेहरा धोने के थोड़ी देर बाद ही वह फिर से तेलीय नजर आने लगता है। माथे और नाक पर चमकता हुआ तेल या लगातार निकलते रहने वाले मुंहासे इस बात का संकेत होते हैं कि आपकी त्वचा ऑयली श्रेणी में आती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए तमाम लोग दिन में कई-कई बार चेहरा धोने लगते हैं या फिर तरह-तरह के सौंदर्य उत्पादों का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। हालांकि, इस तरह की आदतें त्वचा के लिए हमेशा फायदेमंद साबित नहीं होती हैं। ऑयली स्किन की सही देखभाल के लिए यह बेहद जरूरी है कि आप अपनी त्वचा की प्रकृति के अनुकूल उत्पादों का चयन करें और एक आसान सी दिनचर्या का नियमित पालन करें। आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल का कहना है कि तैलीय त्वचा वाले लोगों को कुछ खास बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए ताकि त्वचा को नुकसान न पहुंचे।

## चेहरा धोने के सही तरीके और माइल्ड फेसवॉश का चुनाव
तैलीय त्वचा वाले लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती चेहरे पर जमा होने वाला अतिरिक्त तेल होता है। इस अतिरिक्त तेल से छुटकारा पाने के चक्कर में कई लोग दिन में बार-बार साबुन या कड़े फेसवॉश का इस्तेमाल करने लगते हैं। कुछ लोग ऐसे उत्पादों का चुनाव कर लेते हैं जिनके प्रयोग के बाद चेहरा एकदम खिंचा-खिंचा और रूखा महसूस होने लगता है। लेकिन त्वचा को साफ-सुथरा रखने का कतई यह मतलब नहीं है कि उसकी प्राकृतिक नमी को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाए। डॉ. मोहम्मद इकबाल के अनुसार, ऑयली स्किन वाले जातकों को हमेशा एक ऐसे माइल्ड फेसवॉश का चुनाव करना चाहिए जो चेहरे की सतह पर जमी गंदगी और तेल को प्रभावी ढंग से साफ कर दे, लेकिन त्वचा को अत्यधिक रूखा न बनाए। यदि किसी की त्वचा संवेदनशील है या उस पर बार-अप मुंहासे निकलते हैं, तो उत्पाद खरीदते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। सुबह उठने के बाद और रात को सोने से पहले चेहरे को साफ करना एक बेहतरीन और सरल दिनचर्या हो सकती है।

## ब्लैकहेड्स और मुंहासों के लिए सैलिसिलिक एसिड का उपयोग
ऑयली स्किन की देखभाल की प्रक्रिया में सीरम भी एक मददगार भूमिका निभा सकता है। विशेष रूप से जिन लोगों को ब्लैकहेड्स, बंद पोर्स और बार-बार होने वाले मुंहासों की समस्या परेशान करती है, वे सैलिसिलिक एसिड युक्त सीरम के इस्तेमाल के बारे में विचार कर सकते हैं। यह घटक त्वचा के रोमछिद्रों यानी पोर्स के भीतर जमा तेल और अशुद्धियों को बाहर निकालने में काफी सहायता करता है। हालांकि, इसका प्रयोग अपनी त्वचा की सहनशीलता को देखते हुए करना अनिवार्य है। शुरुआती दौर में इसे बहुत कम मात्रा में और कम बार लगाएं ताकि यह जांचा जा सके कि त्वचा पर किसी प्रकार की जलन या रूखापन तो पैदा नहीं हो रहा है। एक साथ कई सारे एक्टिव इंग्रीडिएंट्स वाले प्रोडक्ट्स को चेहरे पर लगाने से हमेशा बचना चाहिए। यदि चेहरे पर पहले से ही काफी ज्यादा जलन या सूजन की शिकायत है, तो अपनी तरफ से कोई भी नया प्रयोग करने के बजाय किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।

## तैलीय त्वचा पर मॉइस्चराइजर की अनिवार्यता
अक्सर लोगों के मन में यह गलतफहमी होती है कि जब चेहरे पर पहले से ही प्राकृतिक तेल मौजूद रहता है, तो ऊपर से मॉइस्चराइजर लगाने की क्या आवश्यकता है। इसी धारणा के चलते वे इसे अपनी दैनिक दिनचर्या से पूरी तरह बाहर कर देते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि ऑयली स्किन को भी पर्याप्त नमी की जरूरत होती है। एक सही मॉइस्चराइजर त्वचा को भीतर से हाइड्रेट रखने में अहम भूमिका निभाता है। डॉ. इकबाल के मुताबिक, तैलीय त्वचा वाले लोग नियासिनामाइड और जिंक जैसे तत्वों से युक्त उत्पादों को चुन सकते हैं। नियासिनामाइड त्वचा की सेहत सुधारने और तेल के स्राव को संतुलित बनाए रखने में काफी मददगार साबित हो सकता है। इसके अलावा, हमेशा एक हल्के और नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर का चयन करना ही सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है, यानी ऐसा उत्पाद जिससे चेहरे के पोर्स बंद होने का खतरा न के बराबर हो।

## चिपचिपाहट के डर के बिना सनस्क्रीन का इस्तेमाल
कुछ लोगों का ऐसा मानना होता है कि धूप से बचाव के लिए सनस्क्रीन लगाने से उनका चेहरा और अधिक चिपचिपा हो जाएगा, इसलिए वे इससे दूरी बना लेते हैं। परंतु, तेज धूप में बाहर निकलते वक्त ऑयली स्किन वाले लोगों को भी सनस्क्रीन का उपयोग जरूर करना चाहिए। बस इसके चयन के समय इसके टेक्सचर पर थोड़ा ध्यान देना जरूरी होता है। जैल या हल्के वॉटर बेस्ड टेक्सचर वाली सनस्क्रीन बहुत से लोगों को लगाने में काफी आरामदायक महसूस होती है। हमेशा ऐसी सनस्क्रीन चुनें जो ब्रॉड स्पेक्ट्रम हो और जिसका एसपीएफ कम से कम 30 अवश्य हो। यदि आप लंबे समय तक बाहर रहते हैं, तो जरूरत के हिसाब से इसे चेहरे पर दोबारा लगाते रहें। ऐसा करने से त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद मिलती है.

## ऑयली स्किन की देखभाल में भूलकर भी न करें ये गलतियां
चेहरे को बार-बार अपने हाथों से छूना, मुंहासों को जोर-जोर से दबाना, त्वचा पर बहुत तेज गति से स्क्रब करना और हर कुछ दिनों में अपने स्किन केयर प्रोडक्ट्स को बदलते रहना ऐसी आम गलतियां हैं जो आपकी परेशानी को और अधिक बढ़ा सकती हैं। इसी तरह, बार-बार चेहरा धोने से भी त्वचा की प्राकृतिक सेहत बिगड़ सकती है और उसमें रूखापन व जलन पैदा हो सकती है। ऑयली स्किन की सही देखभाल करने के लिए बाजार से बहुत महंगे सामान खरीदना कतई जरूरी नहीं है। एक सही फेसवॉश, हल्का मॉइस्चराइजर, जरूरत के अनुसार उपयुक्त सीरम और सनस्क्रीन के जरिए एक बेहद आसान रूटीन तैयार किया जा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपनी त्वचा की वास्तविक जरूरत को समझें और एक साथ कई सारे उत्पादों का इस्तेमाल करने के बजाय धीरे-धीरे सही विकल्पों को अपनाएं।

## इसका आप पर असर
ऑयली स्किन की सही देखभाल अपनाने से बार-बार होने वाले मुंहासों और चिपचिपाहट से राहत मिलती है और त्वचा स्वस्थ रहती है।

- **भारत में:** सही प्रोडक्ट्स चुनने से लोगों को महंगे स्किन केयर उत्पादों पर होने वाले बेमतलब के खर्च से मुक्ति मिलती है। यह रूटीन पूरे देश के गर्म और उमस भरे मौसम में त्वचा को सुरक्षित रखता है।
- **रामपुर में:** स्थानीय लोग और युवा अपनी त्वचा के अनुसार डॉक्टर इकबाल की इन सलाह को अपनाकर गर्मियों और उमस में होने वाली त्वचा संबंधी समस्याओं से बच सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
त्वचा की ग्रंथियों द्वारा अतिरिक्त तेल का उत्पादन होने और गलत उत्पादों के इस्तेमाल से ऑयली स्किन की समस्या बढ़ जाती है।

- **अतिरिक्त सीबम:** त्वचा की वसामय ग्रंथियां जब जरूरत से ज्यादा सीबम का उत्पादन करती हैं, तब माथे और नाक पर तेल चमकने लगता है और पोर्स बंद हो जाते हैं।
- **गलत फेसवॉश:** बहुत कड़े साबुन या फेसवॉश का इस्तेमाल करने से त्वचा की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है, जिससे ग्रंथियां और अधिक तेल बनाने लगती हैं।
- **मॉइस्चराइजर छोड़ना:** मॉइस्चराइजर न लगाने से त्वचा डिहाइड्रेट हो जाती है और सुरक्षा के लिए और अधिक तेल पैदा करने लगती है।
- **गलत आदतें:** चेहरे को बार-बार छूना और मुंहासों को दबाना त्वचा में संक्रमण और सूजन को बढ़ावा देता है।

## सवाल-जवाब

### 1. ऑयली स्किन के लिए दिन में कितनी बार चेहरा धोना चाहिए?
ऑयली स्किन के लिए सुबह उठने के बाद और रात को सोने से पहले चेहरा साफ करना एक सही और आसान रूटीन है।

### 2. क्या ऑयली स्किन पर मॉइस्चराइजर लगाना जरूरी है?
हाँ, ऑयली स्किन को भी नमी की जरूरत होती है और सही मॉइस्चराइजर त्वचा को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।

### 3. ब्लैकहेड्स और मुंहासों के लिए कौन सा सीरम मददगार है?
सैलिसिलिक एसिड वाले सीरम पोर्स में जमा तेल और गंदगी को साफ करने में मदद कर सकते हैं।

### 4. ऑयली स्किन वालों को कैसी सनस्क्रीन चुननी चाहिए?
जेल या हल्के वॉटर बेस्ड टेक्सचर वाली ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन चुननी चाहिए जिसका एसपीएफ कम से कम 30 हो।

### 5. यह सलाह किसने दी है?
यह सलाह रामपुर के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल ने दी है।

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