जवाहर कला केंद्र में सजा 'हुनर एक्सपो', बिना GST के मिल रहे 100 से ज्यादा हस्तशिल्प स्टॉल जयपुर के जवाहर कला केंद्र में रक्षाबंधन के अवसर पर हुनर एक्सपो का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ देश भर के दस्तकारों से 100 से ज्यादा स्टॉल्स पर बिना किसी अतिरिक्त जीएसटी शुल्क के किफायती हस्तनिर्मित सामान खरीदा जा सकता है। राजस्थान की राजधानी जयपुर के बाजारों में आगामी रक्षाबंधन पर्व को लेकर जबरदस्त उत्साह और चहल-पहल देखी जा रही है। शहर के प्रमुख बाजार त्यौहार की खरीदारी के लिए गुलजार हैं, और इसी कड़ी में जयपुर के विख्यात सांस्कृतिक केंद्र जवाहर कला केंद्र (JKK) में आयोजित विशाल 'हुनर एक्सपो' लोगों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। देश के विभिन्न राज्यों की लोक कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक कारीगरी का यह अनूठा संगम रक्षाबंधन की शॉपिंग करने वालों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। 100 से अधिक स्टॉल्स और बिना GST के सीधी बिक्री जवाहर कला केंद्र में चल रहे इस हुनर एक्सपो की सबसे बड़ी खासियत इसका एक ही छत के नीचे देश भर के कारीगरों को एकजुट करना है। मेले में भारत के अलग-अलग कोनों से आए बुनकर, शिल्पकार, दस्तकार और लघु उद्योगों से जुड़े कारीगर शामिल हुए हैं। एक्सपो में 100 से भी अधिक सजावटी और उपयोगी स्टॉल्स लगाई गई हैं, जहाँ ग्राहकों को बिचौलियों के बिना सीधे दस्तकारों से सामान खरीदने का अवसर मिल रहा है। इससे सामान की कीमतें आम बाजारों की तुलना में काफी सस्ती हैं। सबसे राहत की बात यह है कि इस मेले में बेचे जा रहे सभी हस्तनिर्मित उत्पादों पर ग्राहकों से कोई अतिरिक्त जीएसटी (GST) शुल्क नहीं लिया जा रहा है, जिससे त्यौहारों के मौसम में खरीदारी करने वालों को सीधी बचत हो रही है। महिलाओं के लिए साड़ियों, परिधानों और श्रृंगार का विशाल संग्रह रक्षाबंधन के अवसर को ध्यान में रखते हुए एक्सपो को खास तौर पर महिलाओं की पसंद के अनुरूप तैयार किया गया है। मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों के मशहूर पारंपरिक परिधानों की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध कराई गई है। यहाँ कर्नाटक की सिल्क कॉटन साड़ियां, बनारस के प्रसिद्ध सूट और साड़ियां, जयपुर की मशहूर ब्लॉक प्रिंट साड़ियां, बंगाल का कलात्मक कलमकारी व कांथा वर्क, दक्षिण भारत की कांजीवरम साड़ियां, कलकत्ता बुटिक कलेक्शन और कश्मीर के खूबसूरत व गर्म शॉल की स्टॉल्स सजी हैं। कपड़ों के साथ-साथ महिलाओं के सौंदर्य और श्रृंगार से जुड़े उत्पादों के भी कई विकल्प यहाँ मौजूद हैं। विभिन्न राज्यों के प्रसिद्ध हस्तशिल्प, सजावटी सामान और व्यंजन मेले में सिर्फ पहनावे ही नहीं, बल्कि घर की सजावट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं का भी समृद्ध संग्रह है। यहाँ मिर्जापुर और भदोही के प्रसिद्ध कालीन, भागलपुर का सिल्क, खुर्जा की सिरेमिक क्रॉकरी और सहारनपुर का नक्काशीदार लकड़ी का फर्नीचर बेहद किफायती दामों पर मिल रहा है। खान-पान के शौकीनों के लिए इंदौर की मशहूर नमकीन, बीकानेर के स्वादिष्ट अचार, पापड़ और घर पर तैयार मेवों (ड्राई फ्रूट्स) की स्टॉल्स लगाई गई हैं। इसके अलावा, जयपुर के स्थानीय दस्तकारों द्वारा तैयार की गई विश्वप्रसिद्ध ब्लू पॉटरी और पारंपरिक राजस्थानी मोजड़ियां भी ग्राहकों को बहुत पसंद आ रही हैं। 14 सितंबर तक चलेगा एक्सपो, समय और पार्किंग सुविधाएं जवाहर कला केंद्र परिसर में आयोजित यह हुनर एक्सपो 14 सितंबर तक जारी रहेगा। मेले का समय रोजाना सुबह 11:00 बजे से लेकर रात 10:00 बजे तक तय किया गया है। आयोजकों का कहना है कि दोपहर की तुलना में शाम के समय और रविवार की छुट्टी के दिन मेले में सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ रही है। आगंतुकों की सुविधा के लिए जवाहर कला केंद्र में विशाल पार्किंग व्यवस्था और पीने के पानी सहित सभी बुनियादी इंतज़ाम किए गए हैं। आम नागरिकों और पर्यटकों के लिए इस फेयर में प्रवेश पूरी तरह से निशुल्क रखा गया है। इसका आप पर असर यह एक्सपो त्यौहारों की खरीदारी करने वाले ग्राहकों और स्थानीय कारीगरों दोनों के लिए एक बेहतरीन अवसर लेकर आया है। • भारत में: देश भर के विभिन्न राज्यों से आए 100 से अधिक शिल्पकारों और लघु उद्यमियों को अपनी कला बेचने और सीधी कमाई करने का मंच मिला है। • जयपुर में: रक्षाबंधन की खरीदारी करने वाले खरीदारों को बिना किसी अतिरिक्त जीएसटी शुल्क के किफायती दामों पर प्रामाणिक हस्तनिर्मित उत्पाद मिल रहे हैं। • खरीदारी की सुविधा: एक ही परिसर में कपड़े, गृह सज्जा का सामान और क्षेत्रीय व्यंजन मिलने से समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है। • निशुल्क प्रवेश: बिना किसी एंट्री फीस के लोग परिवार सहित जवाहर कला केंद्र में खरीदारी और मनोरंजन का आनंद ले सकते हैं। सवाल-जवाब 1. जयपुर में हुनर एक्सपो का आयोजन कहाँ हो रहा है? यह मेला जयपुर के प्रसिद्ध सांस्कृतिक केंद्र जवाहर कला केंद्र (JKK) में आयोजित किया गया है। 2. हुनर एक्सपो में प्रवेश शुल्क कितना है? मेले में आम जनता और पर्यटकों के लिए प्रवेश पूरी तरह से निशुल्क रखा गया है। 3. यह मेला कब तक चलेगा और इसकी टाइमिंग क्या है? यह एक्सपो 14 सितंबर तक प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से रात 10:00 बजे तक खुला रहेगा। 4. क्या एक्सपो के उत्पादों पर जीएसटी शुल्क लिया जा रहा है? नहीं, एक्सपो में मिलने वाले सभी हस्तनिर्मित सामान बिना किसी अतिरिक्त जीएसटी शुल्क के बेचे जा रहे हैं। 5. एक्सपो में किस तरह के सामान उपलब्ध हैं? यहाँ पारंपरिक साड़ियां, सूट, कालीन, नक्काशीदार लकड़ी के फर्नीचर, क्रॉकरी, ब्लू पॉटरी और विभिन्न राज्यों के मशहूर खाद्य पदार्थ उपलब्ध हैं। https://trendkia.com/lifestyle/jawahar-kala-kendra-men-saja-hunar-expo-bina-gst-ke-mila-rahe-100-se-jyada-hastashilpa-stola-22915 TrendKia — Har trend, sabse pehle.